Monday, 4 August 2025

महा स्माइल्स’ अभियान से विदर्भ के मासूम चेहरों पर फिर खिलेगी मुस्कान

 प्रास्ताविक भाषण कंचनताई गडकरी ने किया और संचालन डॉ. ऋचा सुगंध ने किया।

‘महा स्माइल्स’ अभियान से विदर्भ के मासूम चेहरों पर फिर खिलेगी मुस्कान

– मुख्यमंत्री के संवेदनशील पहल से यह संभव

मुंबई, दिनांक 27 : बच्चों के चेहरे पर जन्म से होने वाले विकार जैसे फटे होंठ (क्लेफ्ट) और तालु (पैलेट) की सर्जरी व जनजागरण के माध्यम से मासूम चेहरों पर मुस्कान लौटाने का कार्य ‘महा स्माइल्स’ अभियान और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संवेदनशील पहल के कारण संभव हो पाया है। मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस का यह एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है, और इसी उद्देश्य से उन्होंने विदर्भ के ऐसे बच्चों के इलाज व जागरूकता अभियान के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं से सहयोग की अपील की थी।

मुख्यमंत्री फडणवीस की इस अपील पर 'स्माइल ट्रेन इंडिया' नामक अंतरराष्ट्रीय स्वयंसेवी संस्था और बजाज फिनसर्व की शेफाली बजाज ने सकारात्मक प्रतिसाद दिया। इसके चलते यह सपना अब मिशन मोड में साकार होता दिखाई दे रहा है।

डायग्नोस्टिक सेंटर व्यापार नहीं, सेवा का माध्यम है –

 डायग्नोस्टिक सेंटर व्यापार नहीं, सेवा का माध्यम है – केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि समाज के वंचितों और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति की सेवा करने का अंत्योदय का विचार पं. दीनदयाल उपाध्याय ने दिया था। उसी मार्ग पर मैं लगातार कार्य कर रहा हूं। राष्ट्र निर्माण, समाजसेवा और जनसेवा – यही राजनीति का सच्चा अर्थ है। अपने कार्यों के माध्यम से गरीबों का जीवन कैसे बदल सकता है, इस पर मैं विचार करता हूं। इसी प्रेरणा से और अनेक लोगों के सहयोग से स्व. भानुताई गडकरी मेमोरियल डायग्नोस्टिक सेंटर की स्थापना संभव हो पाई। जिस मां ने जन्म दिया, उसके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का यह अवसर मुझे मिला – इसका संतोष मुझे है। यह केंद्र व्यापार का नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है – यह बात भी उन्होंने विशेष रूप से कही।

सिकल सेल, थैलेसीमिया और एनीमिया के उपचार के लिए नई योजना बनाई जाएगी स्व. भानुताई गडकरी मेमोरियल डायग्नोस्टिक सेंटर का उद्घाटन

 सिकल सेल, थैलेसीमिया और एनीमिया के उपचार के लिए नई योजना बनाई जाएगी

स्व. भानुताई गडकरी मेमोरियल डायग्नोस्टिक सेंटर का उद्घाटन

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की उपस्थिति

 

नागपुर, 27 जुलाई – प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से हर तीन किलोमीटर पर स्वास्थ्य सेवाओं का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। अगले चार वर्षों में महाराष्ट्र में देश की सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित की जाएगी। इस दिशा में स्वयंसेवी संस्थाओं और नागरिकों की सहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। आगामी समय में सिकल सेल, थैलेसीमिया और एनीमिया जैसे गंभीर और महंगे इलाजों के लिए एक नई योजना बनाई जाएगी। यह जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज यहां दी।

लष्करीबाग स्थित कमाल चौक पर स्व. भानुताई गडकरी ग्रामीण विकास संस्था द्वारा संचालित स्व. भानुताई गडकरी मेमोरियल डायग्नोस्टिक सेंटर का उद्घाटन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी अध्यक्षता में, राज्य के राजस्व मंत्री एवं जिल्हा पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, संस्था की अध्यक्ष कंचनताई गडकरी विशेष रूप से उपस्थित थीं।

विधानसभा सदस्य संदीप जोशी, प्रवीण दटके, आशीष देशमुख, बेंगलुरु स्थित महाबोधि सोसाइटी के महासचिव पूज्य भंते आनंद थेरा, नागपुर स्थित रामकृष्ण मठ के अध्यक्ष राघवेंद्र स्वामी, पूर्व मंत्री अॅड. सुलेखा कुंभारे, राजेश लोया, विशाखापट्टनम स्थित AMTZ के प्रबंध निदेशक डॉ. जितेंद्र शर्मा, पूर्व महापौर दयाशंकर तिवारी, पूर्व सांसद डॉ. विकास महात्मे, पूर्व विधायक गिरीश व्यास और टेकचंद सावरकर समेत अनेक मान्यवर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सेवा के साथ संवेदनशीलता भी उतनी ही जरूरी है। नितिनजी के पास सेवा और संवेदना दोनों ही गुण हैं। इसलिए उन्होंने अपनी माता के नाम से डायग्नोस्टिक सेंटर शुरू कर गरीबों की सेवा का संकल्प लिया और उसे साकार भी किया। यह केंद्र स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा, ऐसा विश्वास मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने इस अवसर पर व्यक्त किया।

महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महामेट्रो) ने नागपुर शहर और महानगर क्षेत्र के लिए नई समग्र गतिशीलता योजना

 महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महामेट्रो) ने नागपुर शहर और महानगर क्षेत्र के लिए नई समग्र गतिशीलता योजना (CMP) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है। यह योजना केंद्र सरकार के गृह व नगरविकास मंत्रालय (MoHUA) द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार बनाई जा रही है। CMP एक दीर्घकालीन रणनीतिक दस्तावेज है जो नगरीय और माल परिवहन व्यवस्था को दिशा देता है और एकीकृत, समावेशी व सतत शहरी परिवहन प्रणाली के लिए आवश्यक निवेश को मार्गदर्शन प्रदान करता है।

नागपुर शहर के लिए पहली ऐसी योजना 2013 में नागपुर सुधार प्रन्यास (NIT) द्वारा तैयार की गई थी। इसके बाद जुलाई 2018 में महामेट्रो द्वारा नया सर्वेक्षण कर उसमें सुधार किया गया था। शहर के बढ़ते विस्तार को ध्यान में रखते हुए नई आवश्यकताओं और व्यापक जनसुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विभागीय आयुक्त नागपुर की अध्यक्षता में परामर्श बैठकें आयोजित की गई थीं। इन बैठकों में प्राप्त सुझावों के आधार पर यह नया समग्र गतिशीलता आराखड़ा तैयार किया गया है। इस योजना पर आज जनप्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई।

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कोविड के बाद नागपुर महानगर का विस्तार तेज़ी से हुआ है। वाहनों की संख्या में भारी बढ़ोत्तरी हो रही

 कोविड के बाद नागपुर महानगर का विस्तार तेज़ी से हुआ है। वाहनों की संख्या में भारी बढ़ोत्तरी हो रही है। हर दिन सैकड़ों वाहन पंजीकृत हो रहे हैं। सड़कों की संख्या कम और वाहनों की संख्या अधिक होने से समस्याएं बढ़ रही हैं। हर दिशा में नए शहरी क्षेत्र बन रहे हैं। MIHAN क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रमिक आ रहे हैं, जिससे सार्वजनिक परिवहन पर दबाव बढ़ा है। इस कारण नई योजना के अंतर्गत कार्यों को तेजी से पूरा किया जाना आवश्यक है, ऐसा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा।


नागपुर महानगर के विकास के साथ-साथ ऊर्जा निर्माण के दो बड़े प्रोजेक्ट और कुछ खदानें – कोराडी, कामठी, कन्हान और खापरखेडा में स्थित हैं। इन क्षेत्रों में भी नागरिकों की संख्या में वृद्धि के कारण सड़क व्यवस्था अपर्याप्त हो गई है। राजस्व मंत्री और पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने निर्देश दिए कि सड़कों का चौड़ीकरण, नए मेट्रो स्टेशनों से रहवासी क्षेत्रों तक सड़क निर्माण, और औद्योगिक इकाइयों तक सशक्त परिवहन कनेक्टिविटी को इस योजना में शामिल किया जाए।


भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नागरिकों को अधिकतम सुविधाएं प्रदान करने हेतु मोरा भवन और गणेशपेठ बस स्टैंड के विकास के साथ-साथ परसोडी, खैरी, वाडी, कापसी, कामठी जैसे स्थानों पर सार्वजनिक बस हब विकसित करने और मेट्रो से वंचित क्षेत्रों में पूर्ण बस सेवा उपलब्ध कराने पर जोर देने के निर्देश बैठक में दिए गए।

नागपुर महानगर के बढ़ते विस्तार को आकार देने के लिए तीन चरणों में गतिशीलता योजना को साकार करेंगे"

 नागपुर महानगर के बढ़ते विस्तार को आकार देने के लिए तीन चरणों में

गतिशीलता योजना को साकार करेंगे"

– मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 

·         परिवहन प्रणाली को मजबूत करने वाली इस योजना पर जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ जनता से भी सुझाव देने का आग्रह

·         नागपुरवासियों के लिए सशक्त और सरल परिवहन व्यवस्था उपलब्ध होगी

·         करीब ₹25,567 करोड़ की प्रारूप योजना तैयार

 

नागपुर, 27 जुलाई:  नागपुर के बढ़ते विस्तार को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन को सरल और सभी हिस्सों को जोड़ने वाली बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए – इस दिशा में राज्य सरकार प्रयासरत है। वर्तमान में शहर में सड़कों की व्यवस्था अच्छी है, फिर भी यह अपर्याप्त साबित हो रही है क्योंकि वाहनों की संख्या काफी बढ़ गई है।

पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित फुटपाथ, सभी क्षेत्रों को जोड़ने वाली नई सड़कों का निर्माण, जाम ग्रस्त चौराहों का चौड़ीकरण, बस स्टॉप का निर्माण, सार्वजनिक बस रूटों का नियोजन, मेट्रो स्टेशनों से बसों की कनेक्टिविटी – इन सभी मूलभूत विकास कार्यों को लेकर एक समग्र गतिशीलता योजना (Comprehensive Mobility Plan) तैयार की गई है। इस लगभग ₹25,567 करोड़ की प्रारूप योजना को अधिक जनोन्मुखी और सक्षम बनाने हेतु जनता से भी राय जानने के निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए हैं।

इस समग्र गतिशीलता योजना को लेकर आज मेट्रो भवन में मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे, वित्त व नियोजन राज्य मंत्री ॲड. आशिष जयस्वाल, सांसद श्यामकुमार बर्वे, विधायक कृष्णा खोपडे, प्रवीण दटके, समीर मेघे, चरणसिंह ठाकुर, संजय मेश्राम, विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी, पुलिस आयुक्त डॉ. रविंद्र कुमार सिंगल, महा-मेट्रो के प्रबंध निदेशक श्रवण हर्डीकर, नागपुर सुधार प्रन्यास के अध्यक्ष संजय मीणा, जिलाधिकारी डॉ. विपीन इटनकर, जिला परिषद के CEO विनायक महामुनी, महामेट्रो के निदेशक अनिल कुमार कोकाटे, राजीव त्यागी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

महा स्माईल्स’ मोहिमेमुळे विदर्भातील निष्पाप चेहऱ्यांवर फुलणार हसू,बालकांच्या चेहऱ्यावरील दुभंगलेले ओठ (क्लेफ्ट) व फाटलेल्या टाळू (पॅलेट) या जन्मजात

 महा स्माईल्स’ मोहिमेमुळे विदर्भातील निष्पाप चेहऱ्यांवर फुलणार हसू

- मुख्यमंत्री यांच्या संवेदनशील पुढाकाराने हे शक्य

 

मुंबई, दि. 27 : बालकांच्या चेहऱ्यावरील दुभंगलेले ओठ (क्लेफ्ट) व फाटलेल्या टाळू (पॅलेट) या जन्मजात विकारावर उपचार आणि जनजागृती करून या बालकांच्या निरागस चेहऱ्यावर हसू फुलविण्याचे काम महा स्माईल्स मोहीमेमुळे आणि मुख्यमंत्री  देवेंद्र फडणवीस यांच्या सवंदेनशील पुढाकारातून हे शक्य होणार आहे. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांचे हे ध्येय असून यासाठी त्यांनी विदर्भातील अशा बालकांवर उपचार आणि जनजागृतीची गरज ओळखत स्वयंसेवी संस्थांना आवाहन केले.

मुख्यमंत्री श्री.फडणवीस यांच्या आवाहनाला ‘स्माईल ट्रेन इंडिया’ ही स्वयंसेवी संस्था आणि बजाज फिनसर्वच्या शेफाली बजाज यांनी सकारात्मक प्रतिसाद दिला. त्यामुळे मुख्यमंत्र्यांचे हे स्वप्न आता मिशन मोडवर साकार होतांना दिसत आहे. 

‘स्माईल ट्रेन इंडिया’ ही आंतरराष्ट्रीय स्वयंसेवी संस्था आणि बजाज फिनसर्व यांच्या सामाजिक उत्तरदायित्वातून आता ही मोहीम पूर्णपणे मोफत राबविली जाणार आहे. ‘महा स्माईल्स क्लेफ्ट जनजागृती आणि उपचार मोहीम’ ही केवळ वैद्यकीय मोहीम नसून, हजारो बालकांना नवजीवन देणारी एक आशावादी चळवळ ठरणार आहे.

            या आगळ्यावेगळ्या मोहिमेचा शुभारंभ नागपूर येथे 31 जुलै 2025 रोजी सकाळी 11 ते दुपारी 12.30 या वेळेत स्वामी विवेकांनद मेडिकल मिशन हॉस्पिटल, खापरी, येथून होणार आहे.

या पहिल्यावहिल्या उपक्रमाअंतर्गत पुढील 90 दिवसांत तीन विशेष मोबाईल व्हॅन विदर्भातील संपूर्ण 11 जिल्ह्यात फिरून लोकांमध्ये क्लेफ्ट विकाराविषयी माहिती देणार आहेत. यामध्ये लवकर निदान, उपचाराची शिफारस आणि गरजू बालकांसाठी मोफत शस्त्रक्रियांची नोंदणी असे विविध उपक्रम राबवले जाणार आहेत. या बालकांवर नागपूर, गोंदिया, अकोला, वर्धा येथील रूग्णालयात शस्त्रक्रिया केल्या जाणार आहेत. 

क्लेफ्ट विकार हा जन्मजात असून यात ओठ आणि टाळू हे दुभंगलेले असतात. जवळपास 700 मुलांपैकी एका मुलांमध्ये हा विकार दिसून येतो. यावर शस्त्रक्रिया करूनच हा विकास दूर करता येते. वेळीच उपचार केले नाहीत तर कान बधिर होणे, बोलण्यात अडथळा येणे अशा वेगवेगळ्या व्यंगासोबत सामाजिक एकटेपणा येऊ शकतो. तथापि या विकारावर उपचार असून 6-7 शस्त्रक्रियेनंतर यावर पूर्णपणे मात करता येते. या सर्व शस्त्रक्रिया खर्चिक असल्याने आर्थिक दुर्बल कुटुंबातील व्यक्तींना ते परवडणारे नाही. म्हणूनच संवेदशील मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस यांनी क्लेफ्ट वरील उपचार संपूर्ण मोफत व्हावे, यासाठी या विशेष मोहिमेचे आयोजन केले आहे.

क्लेफ्ट विकार असलेल्या बालकांना वेळेवर उपचार मिळाल्यास त्यांचे जीवन पूर्णतः सामान्य होऊ शकते. यासाठी केवळ उपचारच नव्हे, तर जागरूकता ही देखील तितकीच गरजेची आहे. त्यामुळे ‘महा स्माईल्स’ ही मोहीम विदर्भातील बालकांसाठी आरोग्यदूत ठरणारी आहे. या मोहिमेमुळे ग्रामीण आणि आदिवासी भागातील हजारो कुटुंबांना एक नवीन आशेचा किरण दिसणार आहे. अपूर्ण माहितीमुळे दुर्लक्षित राहिलेल्या समस्येवर आता तज्ज्ञांच्या मदतीने प्रभावी उपचार मिळणार आहे. 

स्माईल ट्रेन आणि बजाज फिनसर्व यांच्या सहकार्याने महाराष्ट्राच्या 11 जिल्ह्यातील मुलांमध्ये जन्मजात आलेले दुभंगलेले ओठ आणि टाळू विकार दूर होऊन त्यांच्या जीवनात आशेचा किरण निर्माण होणार आहे, असा विश्वास मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस यांनी व्यक्त केला आहे.

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