Wednesday, 25 February 2026

राज्य में प्रत्येक नागरिक को 5 किलोमीटर के दायरे में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास

 राज्य में प्रत्येक नागरिक को 5 किलोमीटर के दायरे में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक को उसके निवास स्थान से 5 किलोमीटर के भीतर सभी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हों। उन्होंने निजी और धर्मादाय अस्पतालों से इस दिशा में सहयोग करने की अपेक्षा व्यक्त की।

उन्होंने बताया कि महात्मा फुले जनआरोग्य योजना के माध्यम से राज्य सरकार 2,400 से अधिक बीमारियों के लिए पाँच लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि हिंदुजा जैसे संस्थान राज्य सरकार को स्वास्थ्य सेवाएँ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में सहयोग करेंगे।


प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने से चिकित्सा क्षेत्र पर दबाव कम होगा

 प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने से चिकित्सा क्षेत्र पर दबाव कम होगा

– राज्यपाल आचार्य देवव्रत

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि सरकार ने प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने की नीति अपनाई है और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने से चिकित्सा क्षेत्र पर दबाव कम हो सकता है। रोगों की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों को गंभीरता से कार्य करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैक्सीन विकसित कर सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना से अनेक देशों को उपलब्ध कराई। गरीब और वंचित वर्गों की सेवा करना भारतीय संस्कृति का मूल तत्व है और उसी भावना से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होना चाहिए।

उन्होंने हिंदुजा अस्पताल समूह द्वारा पिछले 75 वर्षों से मानवतावादी दृष्टिकोण से उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करने की सराहना की। देश-विदेश के मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार देकर संस्था ने भारत की प्रतिष्ठा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाई है। ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के जरूरतमंद मरीजों की सेवा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए एंबुलेंस सेवा और ट्रॉमा केयर सेंटरों के विस्तार पर विशेष बल

 उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए एंबुलेंस सेवा और ट्रॉमा केयर सेंटरों के विस्तार पर विशेष बल दिया है। साथ हीआमजन में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी अत्यंत आवश्यक हैक्योंकि समय पर उपचार मिलने से अनेक जीवन बचाए जा सकते हैं। यद्यपि देश में अनेक आवश्यक दवाओं का उत्पादन हो रहा हैफिर भी कुछ चिकित्सा उपकरणों और दवाओं का आयात करना पड़ता है। उन्होंने इन्हें देश में ही निर्मित करने के प्रयास तेज करने का आह्वान किया।

कोविड के बाद मानसिक स्वास्थ्य का महत्व और अधिक स्पष्ट हुआ है। अकेलापन और अवसाद जैसी समस्याएँ व्यक्तिगतपारिवारिक और व्यावसायिक जीवन को प्रभावित करती हैं। इसलिए मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुदृढ़ बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा में स्नातकोत्तर सीटों की संख्या बढ़ाई गई है तथा विभिन्न राज्यों में ऑल इंडिया इन्टिस्ट्यूट ऑफ मेडिकल सायन्स (एम्स) संस्थान स्थापित किए गए हैंजिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। हिंदुजा अस्पताल समूह द्वारा शुरू किए गए वर्षभर चलने वाले इस अभियान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवा पहुँचाना अत्यंत सराहनीय कार्य है।

जरूरतमंदो तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना ही सच्ची देशसेवा

 जरूरतमंदो तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना ही सच्ची देशसेवा

– राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

 

मुंबई, 24 फरवरी: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि देश के गरीब और जरूरतमंद लोगों तक सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना हमारा प्रमुख लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार निरंतर कार्यरत है तथा इस क्षेत्र में नवाचार और अनुसंधान को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रत्येक भारतीय तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना ही सच्चे अर्थों में देशसेवा है।

लोक भवन के दरबार हॉल में पी. डी. हिंदुजा अस्पताल की राष्ट्रव्यापी मुहिम जीवन बचाना और स्वस्थ भारत का निर्माण करना के उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्घाटन राष्ट्रपति मुर्मू ने ऑनलाईन माध्यम से किया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि देश में औषधि निर्माण और स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। आयुष्यमान भारत के अंतर्गत एक लाख से अधिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र कार्यरत हैं। मिशन इंद्रधनुष्य जैसे अभियानों के माध्यम से टीकाकरण को गति मिली है। 12 करोड़ से अधिक परिवारों को आयुष्मान भारत कार्ड प्रदान किए गए हैंजिससे लाखों नागरिकों को उपचार का लाभ मिला है।

 

राज्यात 5 किलोमीटरच्या अंतरावर आरोग्य सुविधा देण्यासाठी शासनाचे सातत्यपूर्ण प्रयत्न

 राज्यात 5 किलोमीटरच्या अंतरावर आरोग्य सुविधा देण्यासाठी शासनाचे सातत्यपूर्ण प्रयत्न

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 

          राज्यात प्रत्येक नागरिकाला तो राहत असलेल्या ठिकाणापासून ५ किलोमीटरच्या अंतरावर सर्व प्रकारच्या आरोग्य सुविधा देण्यासाठी शासन सातत्यपूर्ण प्रयत्न करीत आहे. या आरोग्य सुविधा सुलभ व सहजरित्या उपलब्ध होण्यासाठी खासगी क्षेत्रातील आणि धर्मदाय संस्थांच्यावतीने चालवण्यात येणारी रुग्णालये यांनी योगदान द्यावे,  अशी अपेक्षा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी यावेळी व्यक्त केली.

                                                                                        

कॅन्सर, हृदयविकार, किडनीशी संबंधित आजारांच्या मुळावर उपचार होणे अत्यावश्यक

 हिंदुजा रुग्णालय समूहाच्या वतीने  गेल्या 75 वर्षांत मानवतावादी दृष्टिकोनातून उत्कृष्ट वैद्यकीय सेवा देण्याचा प्रयत्न केला आहेअसे गौरवोद्गार त्यांनी काढले. देश-विदेशातील रुग्णांना दर्जेदार उपचार देऊन या संस्थेने भारताची प्रतिष्ठा आंतरराष्ट्रीय स्तरावर उंचावली आहेअसे त्यांनी सांगितले.ग्रामीण व दुर्गम भागातील वंचित आणि गरजू रुग्णांना सेवा देण्याचे कार्य विशेष महत्त्वाचे ठरणार असल्याचे त्यांनी अधोरेखित केले.

 

कॅन्सरहृदयविकारकिडनीशी संबंधित आजारांच्या मुळावर उपचार होणे अत्यावश्यक असूनदिनचर्याआहार पद्धती यांचा आरोग्यावर होणारा परिणाम याबाबत वैद्यकीय तज्ज्ञांनी सखोल विचार करणे गरजेचे असल्याचे राज्यपाल आचार्य देवव्रत सांगितले.

नैसर्गिक जीवनपद्धतीचा अवलंब केल्यास वैद्यकीय क्षेत्रावरील ताण कमी

 नैसर्गिक जीवनपद्धतीचा अवलंब केल्यास वैद्यकीय क्षेत्रावरील ताण कमी

– राज्यपाल आचार्य देवव्रत

            नैसर्गिक शेतीला प्रोत्साहन देण्याचे धोरण सरकारने स्वीकारले असूननैसर्गिक जीवनपद्धतीचा अवलंब केल्यास वैद्यकीय क्षेत्रावरील ताण कमी होऊ शकतो. मानवनिसर्ग आणि धरती वाचवण्यासाठी  आजारांचे वाढते प्रमाण रोखण्याच्या दृष्टीने वैद्यकीय तज्ञांनी  कार्य करण्याची गरज असल्याचे राज्यपाल आचार्य देवव्रत यांनी सांगितले.

 

कोविड-१९ काळात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांच्या नेतृत्वाखाली देशाने लसीचा शोध लावून सर्वे भवन्तु सुखिनः’ या तत्वानुसार जगातील अनेक देशांना लस उपलब्ध करून दिली. गरीब व वंचित घटकांसाठी कार्य करणे हा भारतीय संस्कृतीचा महत्त्वाचा पैलू असूनत्याच भावनेतून आरोग्य क्षेत्रात सेवा कार्य अधिक व्यापक व्हावेअसे  आवाहन राज्यपाल देवव्रत यांनी केले.

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