उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए एंबुलेंस सेवा और ट्रॉमा केयर सेंटरों के विस्तार पर विशेष बल दिया है। साथ ही, आमजन में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि समय पर उपचार मिलने से अनेक जीवन बचाए जा सकते हैं। यद्यपि देश में अनेक आवश्यक दवाओं का उत्पादन हो रहा है, फिर भी कुछ चिकित्सा उपकरणों और दवाओं का आयात करना पड़ता है। उन्होंने इन्हें देश में ही निर्मित करने के प्रयास तेज करने का आह्वान किया।
कोविड के बाद मानसिक स्वास्थ्य का महत्व और अधिक स्पष्ट हुआ है। अकेलापन और अवसाद जैसी समस्याएँ व्यक्तिगत, पारिवारिक और व्यावसायिक जीवन को प्रभावित करती हैं। इसलिए मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुदृढ़ बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा में स्नातकोत्तर सीटों की संख्या बढ़ाई गई है तथा विभिन्न राज्यों में ऑल इंडिया इन्टिस्ट्यूट ऑफ मेडिकल सायन्स (एम्स) संस्थान स्थापित किए गए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। हिंदुजा अस्पताल समूह द्वारा शुरू किए गए वर्षभर चलने वाले इस अभियान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवा पहुँचाना अत्यंत सराहनीय कार्य है।
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