सोशल मीडिया पर असत्य और अर्धसत्य की बाढ़; पत्रकार ‘सत्य’ को जनता तक पहुँचाएँ
- राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा
छत्तीसगढ़ और बिहार के पत्रकारों ने राज्यपाल से भेंट की
आज टेलीविजन, डिजिटल और सोशल मीडिया के दौर में भी समाचार पत्रों की विश्वसनीयता बनी हुई है। रेडियो के आने के बाद टेलीविजन को आने में काफी समय लगा, लेकिन हाल के वर्षों में नए-नए माध्यम तेजी से सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर आज असत्य और अर्धसत्य सूचनाओं की बाढ़ है। पत्रकारों को इस बाढ़ के बीच से ‘सत्य’ को अलग कर उसे जनता तक पहुँचाने का कार्य करना चाहिए, यह आह्वान राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने किया।
भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय के माध्यम से महाराष्ट्र के दौरे पर आए छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तथा बिहार के पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा से लोक भवन, मुंबई में शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल बोल रहे थे।
इस अवसर पर पत्र सूचना कार्यालय की पश्चिम क्षेत्र की महानिदेशक स्मिता वत्स शर्मा, छत्तीसगढ़ और बिहार के विभिन्न मीडिया समूहों के पत्रकार एवं प्रतिनिधि तथा शासकीय अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। क्षेत्रीय एवं प्रत्यक्ष दौरे करने से पत्रकारों को किसी विषय को समग्रता से समझने में सहायता मिलती है। पत्रकार शासन और समाज के बीच सेतु का कार्य करते हैं। ‘स्तंभ’ सदैव सीधा और मजबूत होना चाहिए, यह कहते हुए राज्यपाल ने पत्रकारिता में सत्यनिष्ठा और विश्वसनीयता के महत्व पर बल दिया।
राज्यपाल ने पत्रकारों से आग्रह किया कि समाचारों के प्रसार के साथ-साथ उन्हें नशामुक्त भारत अभियान, टीबी मुक्त भारत अभियान जैसे जनहितकारी कार्यक्रमों के संबंध में जनजागरूकता फैलाने में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न योजनाएँ तैयार कर उनका क्रियान्वयन करती है। इन योजनाओं की जानकारी और उनके लाभों के संबंध में जनता में जागरूकता पैदा करने का महत्वपूर्ण कार्य पत्रकार कर सकते हैं।
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