लंदन में ‘वैश्विक मराठी केंद्र’, 100 बोलियों के कोश
- उदय सामंत
मराठी भाषा और संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन तथा वैश्विक स्तर पर विस्तार के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और मराठी के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक महत्वाकांक्षी उपक्रम हाथ में लिए गए हैं। पुणे स्थित डेक्कन यूनिवर्सिटी में मराठी भाषा के लिए ‘उत्कृष्टता केंद्र’, लंदन में छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम से ‘वैश्विक मराठी केंद्र’, राज्य की विभिन्न बोलियों के 100 कोश तथा नौ स्थानों पर ‘मराठी कौशल विकास केंद्र’ स्थापित करने का कार्य शुरू है, यह जानकारी उद्योग एवं मराठी भाषा मंत्री उदय सामंत ने दी।
विदेशों में रहने वाले मराठी भाषियों के साथ संवाद बढ़ाने के लिए विभिन्न उपक्रम चलाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 75 देशों में ‘नमो संवाद’ कार्यक्रम शुरू किया गया है तथा विदेशों में रहने वाले मराठी भाषियों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जा रही है, सामंत ने बताया। अंतरराष्ट्रीय मराठी मंचों की संख्या वर्तमान में 52 हो गई है और इसे शीघ्र ही 75 तक पहुंचाने का लक्ष्य है, उन्होंने कहा। इसके माध्यम से दुनिया भर के मराठी भाषियों के बीच संवाद का नेटवर्क और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। साहित्यकारों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा ‘साहित्य संग्रहालय’ और अत्याधुनिक ‘मराठी भाषा भवन’ स्थापित करने का कार्य तेजी से शुरू है, सामंत ने कहा। मराठी साहित्य की विरासत को संरक्षित करना, साहित्यकारों के योगदान का दस्तावेजीकरण करना और नागरिकों को मराठी साहित्य एवं संस्कृति से जोड़ने वाले आधुनिक केंद्रों का निर्माण करना इन उपक्रमों का उद्देश्य है। ऐरोली स्थित उपकेंद्र तथा ‘पुस्तकों का गांव’ और ‘कविता का गांव’ जैसे उपक्रम भी प्रभावी रूप से संचालित किए जा रहे हैं, उन्होंने बताया।
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