Saturday, 12 September 2026

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल से बच्चों के चेहरों पर खिलेगी मुस्कान दुभंगले हुए होंठ और तालू वाले बच्चों को मिलेंगे निःशुल्क समग्र उपचार राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान महाराष्ट्र, बजाज फाइनेंस और ‘स्माइल ट्रेन इंडिया’ के बीच तीन वर्ष का समझौता ज्ञापन

 मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल से बच्चों के चेहरों पर खिलेगी मुस्कान

दुभंगले हुए होंठ और तालू वाले बच्चों को मिलेंगे निःशुल्क समग्र उपचार

राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान महाराष्ट्र, बजाज फाइनेंस और स्माइल ट्रेन इंडियाके बीच तीन वर्ष का समझौता ज्ञापन

मुंबई, दिनांक 12 : प्रत्येक बच्चे के चेहरे पर मुस्कान खिले और उसका जीवन आनंदमय बने, इस उद्देश्य से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संकल्पना के तहत दुभंगले हुए होंठ और तालू (Cleft Lip and Palate) जैसे जन्मजात विकार से पीड़ित बच्चों को अब गुणवत्तापूर्ण और समग्र उपचार निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान महाराष्ट्र, बजाज फाइनेंस और स्माइल ट्रेन इंडियाके बीच इस संबंध में समझौता ज्ञापन किया गया है। यह समझौता तीन वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा।

जन्मजात रूप से दुभंगले हुए होंठ और तालू के कारण कई मासूम बच्चों के चेहरे की मुस्कान फीकी पड़ जाती है। अपने बच्चे के चेहरे पर एक बार फिर मुस्कान देखने के लिए माता-पिता की चिंता और उपचार के लिए अस्पतालों के चक्कर लगाने की स्थिति बेहद पीड़ादायक होती है। इसके अलावा, इस विकार के उपचार का खर्च अधिक होने के कारण यह प्रत्येक अभिभावक के लिए वहन करना संभव नहीं होता। इस स्थिति को समझते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाते हुए ऐसे अभिभावकों को बड़ी राहत प्रदान की है। राज्य का कोई भी बच्चा दुभंगले हुए होंठ और तालू के साथ उपचार से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए इस पहल के माध्यम से प्रयास किए जाएंगे।

इस समझौता ज्ञापन के तहत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत जांच के दौरान पाए गए बच्चों को जिला नोडल अधिकारियों के औपचारिक रेफरल पत्र के माध्यम से स्माइल ट्रेन इंडियाके मान्यता प्राप्त अस्पतालों में उपचार के लिए भेजा जाएगा। संबंधित जिलों को निर्धारित भागीदार अस्पतालों से जोड़ने के लिए दोनों संस्थाएं समन्वय के साथ कार्य करेंगी।

दुभंगले हुए होंठ और तालू के उपचार के संबंध में अधिक जानकारी के लिए 18001038301 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की अपील मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की है।

इस पहल के अंतर्गत बच्चों को सर्जरी, अस्पताल में भर्ती एवं ठहरने, दवाइयां, पोषण संबंधी सेवाएं, दंत चिकित्सा, वाक् चिकित्सा तथा आवश्यकता के अनुसार यात्रा की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। मरीजों के भोजन, आवास और यात्रा का खर्च भी स्माइल ट्रेन इंडियाद्वारा वहन किया जाएगा। सर्जरी से पहले की जांच तथा उपचार से संबंधित सर्जरी के बाद होने वाली जटिलताओं का खर्च भी संस्था द्वारा वहन किया जाएगा।

बच्चों की पहचान और उपचार की आवश्यकता सुनिश्चित करने के लिए स्माइल ट्रेनके भागीदार अस्पतालों, RBSK टीमों और जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्रों (DEIC) के समन्वय से जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे। दुभंगले हुए होंठ और तालू वाले बच्चों की पहचान करने के संबंध में सरकारी स्वास्थ्य कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा।

उपचार के लिए मरीजों को रेफर करने, उनका रिकॉर्ड रखने तथा जिला नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय के लिए प्रत्येक मान्यता प्राप्त अस्पताल का परियोजना निदेशक नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेगा। संबंधित जिले के जिला सर्जन सर्जरी से पहले अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर की सुविधाओं और एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे।

राज्य के इन 15 अस्पतालों में होंगे उपचार

इस समझौते के तहत राज्य के 15 मान्यता प्राप्त अस्पतालों में इस विकार के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी-

  1. आचार्य विनोबा भावे ग्रामीण अस्पताल, वर्धा
  2. आनंदऋषिजी हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर, अहिल्यानगर
  3. आस्था प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल, जलगांव
  4. बेंबडे हॉस्पिटल, छत्रपति संभाजीनगर
  5. एलीट कॉस्मो क्लिनिक एंड प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल, सोलापुर
  6. लहाने हॉस्पिटल, लातूर
  7. मीरा एनएक्स हॉस्पिटल, मुंबई
  8. एमआरआर चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल, ठाणे
  9. पूना हॉस्पिटल, पुणे
  10. सहयोग हॉस्पिटल, गोंदिया
  11. श्रीराम हॉस्पिटल, अकोला
  12. शुश्रूषा सिटिजन्स को-ऑपरेटिव्ह हॉस्पिटल, मुंबई
  13. स्वामी विवेकानंद मेडिकल मिशन हॉस्पिटल, नागपुर
  14. वेदांत हॉस्पिटल प्रा. लि., नाशिक
  15. वेस्टर्न इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेस (WINS), कोल्हापुर।

कार्यक्रम की प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए दोनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों की एक संयुक्त समिति गठित की जाएगी। साथ ही, स्वास्थ्य सेवा आयुक्त तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के निदेशक के माध्यम से इस परियोजना का नियमित तृतीय-पक्ष मूल्यांकन किया जाएगा।

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