राज्यपाल ने राज्य विश्वविद्यालयों के खेल विभागाध्यक्षों से संवाद किया;
· खेल-अनुकूल वातावरण निर्माण का आह्वान
मुंबई, दि. २१ : महाराष्ट्र के राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति जिष्णु देव वर्मा ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के खेल विभागाध्यक्षों एवं खेल निदेशकों से संवाद किया।
बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज के समय में खेल अत्यंत प्रतिस्पर्धी और पेशेवर हो चुके हैं। इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने विश्वविद्यालयों से खेल-अनुकूल वातावरण तैयार करने तथा ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को विकसित करने का आह्वान किया जो राष्ट्र का गौरव बढ़ा सकें।
राज्यपाल ने कहा कि खेल एक सशक्त और सक्षम राष्ट्र निर्माण का अनिवार्य घटक हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वास्तविक शिक्षा केवल कक्षा की चार दीवारों तक सीमित नहीं है। खेलों में भागीदारी से विद्यार्थियों में टीम भावना, खेलभावना, संवाद कौशल, सहनशीलता और परिश्रम की क्षमता विकसित होती है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में खेल विकास की अपार संभावनाए हैं और यहा से अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी उभरे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालयों से ग्रामीण एवं आदिवासी युवाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि विकसित भारत के निर्माण में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर व्यापक खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर शिवाजी विश्वविद्यालय के खेल निदेशक डॉ. शरद बंसोडे तथा मुंबई विश्वविद्यालय के खेल विभाग निदेशक डॉ. मनोज रेड्डी ने अपने प्रस्तुतीकरण दिए।
No comments:
Post a Comment