Sunday, 14 September 2025

यवतमाल में 335 करोड़ रु. के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन आदिवासियों के जीवन में अगले 3 वर्षों में होगा आमूल परिवर्तन

 यवतमाल में 335 करोड़ रु. के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पणभूमिपूजन

आदिवासियों के जीवन में अगले 3 वर्षों में होगा आमूल परिवर्तन

– मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

यवतमालदि. 13 : आदिवासी समाज को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण योजनाएँ शुरू की हैं और इसके लिए देश में 1 लाख करोड़ रुपये का निधि उपलब्ध कराया गया है। महाराष्ट्र में भी आदिवासी समाज के लिए घरसड़कबिजलीपानीछात्रावास और रोजगार जैसी सुविधाओं हेतु योजनाएँ लागू की जा रही हैं। अगले 3 वर्षों में आदिवासियों के जीवन में आमूल परिवर्तन होगाऐसा विश्वास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज यहाँ व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों यवतमाल में कुल 335 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पणभूमिपूजन तथा अनेक उपक्रमों का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मृदा एवं जलसंवर्धन मंत्री तथा जिले के पालकमंत्री संजय राठौड़राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुलेआदिवासी विकास मंत्री अशोक उईकेसांसद संजय देशमुखविधायक राजू टोडसामविधायक किसानराव वानखेडेसईताई डहाकेसंजय डेरकरश्याम कोडेआदिवासी विकास विभाग के सचिव विजय वाघमारेसंभागीय आयुक्त श्वेता सिंघलजिलाधिकारी विकास मीना आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस ने कहा कि आदिवासी समाज के लिए 54 हजार परिवारों को घरनल द्वारा पानीउपचार के लिए अस्पतालछात्रावास जैसी अनेक सुविधाएँ तेजी से पूरी करने का नियोजन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासी विकास के लिए जो योजनाएँ व उपक्रम शुरू किए हैंवैसी भरी-पूरी कामगिरी पहले कभी नहीं हुई। आदि कर्मयोगी योजना के अंतर्गत जिले के 366 गाँवों का चयन हुआ है। योजना से राज्य के 30 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगाजिससे स्थानीय नेतृत्व का विकास होगा।

शासन ने अनुकंपा तत्व पर सेवाप्रवेश के लंबित आवेदन निपटाने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम लिया है। इसके अंतर्गत 15 हजार युवाओं को अनुकंपा से नियुक्ति दी जाएगी। लगभग 35 मेगावॉट सौर ऊर्जा प्रकल्प कार्यान्वित होने से खेती को दिन में 12 घंटे बिजली मिल रही है। किसानों को दिन में 10 घंटे मुफ्त बिजली देने का भी नियोजन है। यवतमाल जिले के नागरिकों के लिए आवश्यक सुविधाओं हेतु धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। वर्षा से हुई खेतीघर व पशुधन की हानि की भरपाई भी शीघ्र दी जाएगीऐसा आश्वासन मुख्यमंत्री ने दिया।

डिफेंस यूनिवर्सिटी की शुरुआत हो रही है। इसमें रक्षा, उत्पादन और अनुसंधान से संबंधित पाठ्यक्रम शामिल होंगे

 भोसला एजुकेशन संस्थान के उपाध्यक्ष शैलेश जोगळेकर ने कहा कि लगभग 52 एकड़ परिसर में डिफेंस यूनिवर्सिटी की शुरुआत हो रही है। इसमें रक्षाउत्पादन और अनुसंधान से संबंधित पाठ्यक्रम शामिल होंगे। यहाँ सुसज्ज प्रयोगशालाएँ और टेस्टिंग फील्ड उपलब्ध होंगी और इसे देश के अग्रगण्य विश्वविद्यालयों में विकसित करने का लक्ष्य है।

 

कार्यक्रम की शुरुआत में एड. अविनाश भिड़े ने स्वागत किया तथा विश्वविद्यालय की स्थापना और भूमिका के संदर्भ में एयर मार्शल एस.बी. देव ने जानकारी दी। आभार उपाध्यक्ष शैलेश जोगळेकर ने व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष सूर्यरतन डागासदस्य दिलीप चव्हाणरतन पटेलसचिव राहुल दीक्षितकोषाध्यक्ष संजय जोशीकर्नल अमरेंद्र हरदाससारंग लखानीहेमंत देशपांडेमानशी गर्ग आदि उपस्थित थे।

भोसला डिफेंस यूनिवर्सिटी की स्थापना करते समय रक्षा उत्पादन के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों

 

भोसला डिफेंस यूनिवर्सिटी की स्थापना करते समय रक्षा उत्पादन के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों का मार्गदर्शन लिया जा रहा है। विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमअनुसंधान और विशेषज्ञ मानव संसाधन निर्माण के संदर्भ में अनेक सुझाव प्राप्त हुए। भारत के रक्षा उत्पादन और अनुसंधान क्षेत्र में विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगाऐसी अपेक्षा व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि रक्षा क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विविध पाठ्यक्रम शामिल किए जाएँ। वैश्विक स्तर पर रक्षा क्षेत्र में नई तकनीक की माँग तेजी से बढ़ रही है। इस क्षेत्र में उत्पादन की गुणवत्ता और प्रमाणीकरण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। आईआईटी मुंबई की तरह ही यह विश्वविद्यालय भी विश्वस्तरीय संस्थान बनेयही इसकी स्थापना का उद्देश्य हैऐसा उन्होंने कहा।

 

रक्षा क्षेत्र में उच्च तकनीक वाली संस्था के रूप में भोसला डिफेंस यूनिवर्सिटी का विकास करते समय भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर यहाँ नवोन्मेषी अनुसंधान होऐसी अपेक्षा व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह विश्वविद्यालय रक्षा उत्पादन उद्योगों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा।

भोसला डिफेंस यूनिवर्सिटी को लेकर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ चर्चा • अंतरराष्ट्रीय शोध और विशेषज्ञ मानव संसाधन निर्माण पर विशेष जोर

 भोसला डिफेंस यूनिवर्सिटी को लेकर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ चर्चा

        •       अंतरराष्ट्रीय शोध और विशेषज्ञ मानव संसाधन निर्माण पर विशेष जोर

 

नागपुरदि. 13 : रक्षा उत्पादन क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है। साथ ही तीन केंद्रीय डिफेंस कॉरिडोर बन रहे हैं। ऐसे में रक्षा उत्पादन क्षेत्र के लिए अत्याधुनिक तकनीक आधारित विशेषज्ञ और कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता को देखते हुए भोसला डिफेंस यूनिवर्सिटी का योगदान महत्वपूर्ण रहेगा। विश्वविद्यालय को भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम तैयार करना चाहिएऐसी सलाह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज यहाँ दी।

 

सेंट्रल हिंदू मिलिट्री एजुकेशन संस्थान की ओर से नागपुर में भोसला डिफेंस यूनिवर्सिटी शुरू हो रही है। रक्षा विषयक विश्वविद्यालय कैसा होना चाहिए तथा देश के रक्षा उत्पादन क्षेत्र में इसकी भूमिका क्या हो सकती हैइस संदर्भ में देश के नामचीन उद्योजकोंरक्षा उत्पादन क्षेत्र के विशेषज्ञों तथा भारतीय रक्षा दल के अधिकारियों के साथ एक दिवसीय चर्चा सत्र का आयोजन किया गया। इस चर्चा सत्र के समारोप अवसर पर मार्गदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस बोल रहे थे।

 

इस अवसर पर एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरियाएयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरीजनरल मनोज पांडेएयर मार्शल शिरीष देवले. जनरल डॉ. राजेंद्र निम्भोरकरले. जनरल डॉ. माधुरी कान्हेतकरप्रा. अनिल सहस्त्रबुद्धेबाबासाहेब एन. कल्याणीसत्यनारायण नुवालडॉ. जयजीत भट्टाचार्यनितिन गोखलेडॉ. विजय चौथाईवालेएड. सुनील मनोहरश्रीहरी देसाईप्रा. मकरंद कुलकर्णीमहेश दाबकआशिष कुलकर्णीनारायण रामास्वामीसंस्थान के उपाध्यक्ष शैलेश जोगळेकरराहुल दीक्षित आदि उपस्थित थे।

नागरिकांनी आयुष्मान भारत आणि महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजनेचा लाभ घ्यावा

 नागरिकांनी आयुष्मान भारत आणि महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजनेचा लाभ घ्यावा

-राज्य आरोग्य हमी सोसायटीचे आवाहन

 

मुंबईदि. 13 : महाराष्ट्रात आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ आणि महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना’ एकत्रित राबविण्यात येत असून राज्यातील सर्व नागरिकांना या योजनेचा लाभ मिळणार आहे.

एकत्रित योजनेअंतर्गत प्रति कुटुंब प्रति वर्ष 5 लाख रुपयांच्या मर्यादेत 1356 उपचार पद्धतींवर शासकीय तसेच खासगी अंगीकृत रुग्णालयांमध्ये विनामूल्य उपचार मिळणार आहेत. पिवळेकेशरीअंत्योदय,अन्नपूर्णा योजना किंवा पांढरे रेशनकार्ड धारक कुटुंब तसेच सर्व शासकीय व निमशासकीय अधिकारी-कर्मचारी आणि त्यांचे कुटुंबिय या योजनेत समाविष्ट आहेत. विशेष म्हणजे या योजनेसाठी उत्पन्नाची कोणतीही अट नाही.

सर्व लाभार्थ्यांचे आयुष्मान कार्ड राज्यातील आशा कर्मचारीआपले सरकार सेवा केंद्रातील कर्मचारी तसेच स्वस्त धान्य दुकान चालक यांच्या मार्फत तयार केले जात आहेत. लाभार्थी स्वतःही आयुष्मान ॲप किंवा https://beneficiary.nha.gov.in/ या संकेतस्थळावरील बेनिफिशरी पर्यायाद्वारे आपले कार्ड तयार करू शकतात. कार्ड निर्मितीसाठी अद्ययावत शिधापत्रिकाआधार क्रमांक आणि आधारशी जोडलेला मोबाईल क्रमांक आवश्यक आहेअसे राज्य आरोग्य हमी सोसायटीचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी आण्णासाहेब चव्हाण यांनी कळविले आहे.

राज्यातील अनुसूचित जातींच्या आरक्षणात उपवर्गीकरणाचा प्रारुप आराखडा

 अनुसूचित जाती आरक्षण उपवर्गीकरण समितीस  14 मार्च 2026 पर्यंत मुदतवाढ

-         सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट

 

मुंबईदि. 13 : राज्यातील अनुसूचित जातींच्या आरक्षणात उपवर्गीकरणाचा प्रारुप आराखडा तयार करण्यासाठी पाटणा उच्च न्यायालयाचे निवृत्त न्यायमूर्ती अनंत मनोहर बदर यांच्या अध्यक्षतेखाली गठीत करण्यात आलेल्या एक सदस्यीय समितीच्या कालावधीस 14 मार्च 2026 पर्यंत मुदतवाढ देण्यात आल्याची माहिती सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट यांनी दिली.

   

मंत्री शिरसाट म्हणालेया समितीचा कालावधी 14 सप्टेंबर 2025 रोजी संपुष्टात येत असल्यानेया समितीस प्रारुप आराखडा तयार करण्यासाठी 14 मार्च 2026 पर्यंत मुदतवाढ दिली आहे. समितीची कार्यकक्षा सामाजिक न्याय व विशेष सहाय्य विभागाच्या 15 ऑक्टोबर 2024 रोजीच्या शासन निर्णयान्वये निश्चित करण्यात आली आहे. या समितीस अनुसूचित जातींच्या सर्व घटकांचा सखोल अभ्यास करणेतथ्यांची छाननी करणेउपवर्गीकरणाची आवश्यकता सिध्द करणे आणि त्यानुसार प्रारुप आराखडा शासनास सादर करण्याचे कार्य सोपविण्यात आले आहे. 

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियानाअंतर्गत

 धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियानाअंतर्गत अनुसूचित जमातीच्या सर्वांगीण विकासासाठी १७ विभागांच्या २५ योजना-उपक्रमांवर लक्ष केंद्रित करण्यात आले आहे. त्याला जोडून आदि कर्मयोगी अभियान हे विकेंद्रित आदिवासी नेतृत्व व आदर्श प्रशासन निर्माण करण्यासाठीची चळवळ आहे. जिल्ह्यातील ३६६ गावांचा त्यात समावेश असून, आदिवासी बांधवांना त्याचा लाभ होईल. प्रधानमंत्री किसान सन्मान व नमो शेतकरी महासन्मान निधी योजना जिल्ह्यात प्रभावीपणे राबविण्यात येत असून 2 लाख 94 हजार शेतकऱ्यांना योजनेचा लाभ दिला जात आहे.

                  जिल्ह्यात अनुकंपा तत्वावर २७ उमेदवारांना सेवेत घेण्यात आले. त्यातील ४ उमेदवारांना मुख्यमंत्र्यांच्या हस्ते प्रतिनिधिक स्वरूपात प्रमाणपत्र वाटप करण्यात आले.विविध विभागांतर्फे योजनांची माहिती देणारे कक्षही उभारण्यात आले. कार्यक्रमाला मोठ्या संख्येने जनसमुदाय उपस्थित होता.


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