भोसला डिफेंस यूनिवर्सिटी को लेकर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ चर्चा
• अंतरराष्ट्रीय शोध और विशेषज्ञ मानव संसाधन निर्माण पर विशेष जोर
नागपुर, दि. 13 : रक्षा उत्पादन क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है। साथ ही तीन केंद्रीय डिफेंस कॉरिडोर बन रहे हैं। ऐसे में रक्षा उत्पादन क्षेत्र के लिए अत्याधुनिक तकनीक आधारित विशेषज्ञ और कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता को देखते हुए भोसला डिफेंस यूनिवर्सिटी का योगदान महत्वपूर्ण रहेगा। विश्वविद्यालय को भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम तैयार करना चाहिए, ऐसी सलाह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज यहाँ दी।
सेंट्रल हिंदू मिलिट्री एजुकेशन संस्थान की ओर से नागपुर में भोसला डिफेंस यूनिवर्सिटी शुरू हो रही है। रक्षा विषयक विश्वविद्यालय कैसा होना चाहिए तथा देश के रक्षा उत्पादन क्षेत्र में इसकी भूमिका क्या हो सकती है, इस संदर्भ में देश के नामचीन उद्योजकों, रक्षा उत्पादन क्षेत्र के विशेषज्ञों तथा भारतीय रक्षा दल के अधिकारियों के साथ एक दिवसीय चर्चा सत्र का आयोजन किया गया। इस चर्चा सत्र के समारोप अवसर पर मार्गदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस बोल रहे थे।
इस अवसर पर एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरिया, एयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी, जनरल मनोज पांडे, एयर मार्शल शिरीष देव, ले. जनरल डॉ. राजेंद्र निम्भोरकर, ले. जनरल डॉ. माधुरी कान्हेतकर, प्रा. अनिल सहस्त्रबुद्धे, बाबासाहेब एन. कल्याणी, सत्यनारायण नुवाल, डॉ. जयजीत भट्टाचार्य, नितिन गोखले, डॉ. विजय चौथाईवाले, एड. सुनील मनोहर, श्रीहरी देसाई, प्रा. मकरंद कुलकर्णी, महेश दाबक, आशिष कुलकर्णी, नारायण रामास्वामी, संस्थान के उपाध्यक्ष शैलेश जोगळेकर, राहुल दीक्षित आदि उपस्थित थे।
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