महालक्ष्मी सरस महिलाओं के लिए एक बड़ा बाजार ब्रां– मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis· महालक्ष्मी सरस में 10 करोड़ रुपये की बिक्री· 1 करोड़ “लखपति दीदी” बनाने का लक्ष्य
· राज्य के 36 जिलों में उमेद मॉल
नागपुर, 22 मार्च: महालक्ष्मी सरस प्रदर्शनी केवल बिक्री का स्थान नहीं है, बल्कि यह महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए एक प्रभावी बाजार के रूप में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य के 36 जिलों में उमेद मॉल स्थापित किए जा रहे हैं।
इस प्रदर्शनी को नागरिकों का बढ़ता हुआ प्रतिसाद मिल रहा है और महालक्ष्मी सरस एक मजबूत ब्रांड के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लगभग 100 करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री तथा नागपुर के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे, ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे, वित्त एवं नियोजन राज्यमंत्री आशिष जयस्वाल तथा विधायक कृपाल तुमाने, कृष्णा खोपड़े और चरणसिंह ठाकुर उपस्थित थे।
महालक्ष्मी सरस 2026 में लगभग 404 स्टॉल लगाए गए हैं और अब तक करीब 10 करोड़ रुपये की बिक्री हो चुकी है। इस बिक्री को आगे और बढ़ाने के लिए सरकार प्रयासरत रहेगी।
राज्य में तीन स्थानों पर यह प्रदर्शनी आयोजित की जाती है और इसके माध्यम से लगभग 100 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इससे महिलाओं के उद्योगों को बड़ी प्रोत्साहन मिल रही है और सरकार उन्हें आगे और अवसर प्रदान करेगी। ग्राम विकास विभाग के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे महिलाएं अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही हैं।
“लखपति दीदी” अभियान के तहत 1 करोड़ महिलाओं को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 13 जिलों में उमेद मॉल बनाए जाएंगे और धीरे-धीरे सभी 36 जिलों में विस्तार किया जाएगा, यह जानकारी मंत्री जयकुमार गोरे ने दी। उन्होंने नागपुर में आयोजित प्रदर्शनी की सराहना करते हुए आयोजकों को 100 में से 100 अंक दिए और कहा कि महिलाओं के लिए यह बाजार हर साल उपलब्ध कराया जाएगा।
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