Friday, 6 March 2026

१०मार्च पर्यंत मुदतवाढनंतर कोणत्याही परिस्थितीत ऑनलाईन अथवा ऑफलाईन पद्धतीने आवेदनपत्र भरता येणार

 शिष्यवृत्ती परीक्षेकरिता नोंदणी आणि आवेदनपत्र भरण्यासाठी

 १०मार्च पर्यंत मुदतवाढ

 

मुंबईदि.  - महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषदेमार्फत प्राथमिक शिष्यवृत्ती परीक्षा (इ.4 थी) व उच्च प्राथमिक शिष्यवृत्ती परीक्षा (इ.7 वी) 26 एप्रिल, 2026 रोजी महाराष्ट्र राज्यातील सर्व जिल्ह्यांमध्ये एकाच दिवशी आयोजित करण्यात आली आहे. या परीक्षेकरिता शाळा नोंदणी व विद्यार्थी ऑनलाईन आवेदनपत्र भरण्याकरिता नियमित शुल्कासह 6 मार्च, 2026 पर्यंत अंतिम मुदतवाढ देण्यात येत असल्याचे परीक्षा परिषदेचे अध्यक्ष डॉ.नंदकुमार बेडसे यांनी कळविले आहे.

या परीक्षेकरिता शाळा नोंदणी व विद्यार्थी ऑनलाईन आवेदनपत्र भरण्याकरीता  30 डिसेंबर 2025 ते 28 फेब्रुवारी 2026 या कालावधीत मुदत देण्यात आलेली होती. तथापि शाळा नोंदणी व विद्यार्थी आवेदनपत्र / शुल्क भरणा करण्याकरीता वाढीव मुदत मिळण्यासाठी परीक्षा परिषदेस अनेक शाळांकडून विनंती प्राप्त झाली आहे. या अनुषंगाने अंतिम मुदतवाढ देण्यात येत आहे. विलंब शुल्कासह  मार्च आणि अतिविलंब शुल्कासह १० मार्च पर्यंत ही मुदत असेल.

       सदर परीक्षेकरिता ज्या शाळांनी अद्याप ऑनलाईन आवेदनपत्र भरले नसतील त्यांनी दिलेल्या मुदतीत सदर प्रक्रिया पूर्ण करावी. १० मार्च २०२६ नंतर कोणत्याही परिस्थितीत ऑनलाईन अथवा ऑफलाईन पद्धतीने आवेदनपत्र भरता येणार नाहीत याची सर्वांनी गांभीर्याने नोंद घ्यावीअसे आवाहन परीक्षा परिषदेमार्फत करण्यात आले आहे.

हनुमान गढी परिसर विकास

 असा आहे विकास आराखडा

 

हनुमान गढी परिसर विकास करताना 17 हजार 671 चौरस मीटर क्षेत्रावर विविध विकासकामांचे बांधकाम करण्यात येणार आहे. याठिकाणी अयोध्येतील राम मंदिर यज्ञ मंडपाच्या प्रतिकृतीवर आधारित यज्ञ मंडपॲम्फीथिएटरयज्ञशाळाफूड मॉलक्राफ्ट सेंटर ,आखाडामहाप्रसाद हॉलबहुउद्देशीय सभागृहप्रशासकीय इमारतहनुमान गॅलरीदिव्यांग स्नेही रस्तापावसाच्या पाण्याचे पुनर्भरणाची व्यवस्था राहणार आहे. तसेच संपूर्ण परिसरात संरक्षण भिंतअंतर्गत रस्तेमुख्य प्रवेशद्वारहनुमान मूर्तीवर लेझर शो ची व्यवस्था करण्यात येणार आहे.

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निलेश तायडे/विसंअ


विकास योजना की प्रमुख बातें

 अमोल येडगेजिलाधिकारी कोल्हापूर जिल्हा ने विकास आराखड़े पर प्रस्तुति दी।

विकास योजना की प्रमुख बातें

पन्हाला तालुका में स्थित श्रीक्षेत्र ज्योतिबा मंदिर और उसके परिसर के विकास आराखड़े में निम्नलिखित कार्य शामिल हैं :

ज्योतिबा पहाड़ी पर स्थित पुरानी पगडंडियों की मरम्मत और उनका चौड़ीकरण।

विभिन्न परियोजनाओं से प्रभावित पेड़ों का पगडंडियों के किनारे पुनरोपण।

सीसीटीवी नियंत्रण कक्षविद्युत नियंत्रण कक्षपुलिस कक्ष और देवस्थान प्रबंधन कार्यालय की स्थापना।

यमाईदेवी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए सुविधा केंद्र का निर्माण।

मंदिर के दक्षिण द्वार प्रवेश मार्ग की मरम्मत।

ऐतिहासिक शाहूकालीन हुजूरवाड़ा इमारत का संरक्षण।

कुशीरे से गायमुख लेक तक पार्किंग सहित पैदल मार्ग का विकास।

5 मेगावाट क्षमता का विद्युत उपकेंद्र और सौर ऊर्जा परियोजना।

श्रद्धालुओं के लिए आवास व्यवस्था।

प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा कक्ष और अन्नछत्र।

वाडी रत्नागिरी गांव में निवासियों और श्रद्धालुओं के लिए स्थायी जलापूर्ति व्यवस्था।

इस विकास योजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और साथ ही ज्योतिबा पहाड़ी क्षेत्र के पर्यावरणीय महत्व को सुरक्षित रखना 

ज्योतिबा पहाड़ी क्षेत्र के विकास के दौरान बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया

 मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ज्योतिबा पहाड़ी क्षेत्र के विकास के दौरान बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाए और पहले लगाए गए पेड़ों के जीवित रहने का प्रतिशत बढ़ाया जाए। पहाड़ी क्षेत्र में ठोस कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाया जाए। मंदिर परिसर में कई श्रद्धालु अन्नदान करते हैंइसके लिए एक सुसज्जित अन्नछत्रालय विकसित किया जाएजिसमें अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को समायोजित करने की क्षमता हो।

उन्होंने आगे कहा कि पहाड़ी क्षेत्र के पर्यावरणीय महत्व को ध्यान में रखते हुए यहां की बस्तियों में उचित सीवेज और अपशिष्ट जल प्रबंधन किया जाए। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए स्वच्छता के लिए सख्त योजना बनाई जाए। पहाड़ी क्षेत्र में स्थित वन भूमि का नियमानुसार हस्तांतरण कर मंदिर परिसर का विकास किया जाए।

अमोल येडगेजिलाधिकारी कोल्हापूर जिल्हा ने विकास आराखड़े पर प्रस्तुति दी।

मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र के विकास के लिए

 मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र के विकास के लिए कुल 250 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई हैजिसमें से 80 करोड़ रुपये के कार्य पहले ही शुरू हो चुके हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में विधान भवन में आयोजित शिखर समिति की बैठक में 170 करोड़ रुपये के संशोधित विकास कार्यों को मंजूरी दी गई।


मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ज्योतिबा पहाड़ी क्षेत्र के विकास के दौरान बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाए और पहले लगाए गए पेड़ों के जीवित रहने का प्रतिशत बढ़ाया जाए। पहाड़ी क्षेत्र में ठोस कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाया जाए। मंदिर परिसर में कई श्रद्धालु अन्नदान करते हैंइसके लिए एक सुसज्जित अन्नछत्रालय विकसित किया जाएजिसमें अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को समायोजित करने की क्षमता हो।

पर्यावरणीय दृष्टिकोण से श्रीक्षेत्र ज्योतिबा मंदिर परिसर का विकास किया जाए

 पर्यावरणीय दृष्टिकोण से श्रीक्षेत्र ज्योतिबा मंदिर परिसर का विकास किया जाए

– मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

• श्रीक्षेत्र ज्योतिबा मंदिर और परिसर के 170 करोड़ रुपये के संशोधित विकास आराखड़े को मंजूरी

• श्रीक्षेत्र ज्योतिबा मंदिर एवं परिसर विकास आराखड़ा शिखर समिति की बैठक

 

मुंबई, 5 मार्च : श्रीक्षेत्र ज्योतिबा मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र का विकास पर्यावरणीय दृष्टिकोण से किया जाए। कोल्हापूर जिले स्थित इस मंदिर में राज्य ही नहीं बल्कि देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। यह पूरा पहाड़ी क्षेत्र पर्यावरण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैइसलिए विकास कार्य करते समय पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए ऐसे निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए ।

मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र के विकास के लिए कुल 250 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई हैजिसमें से 80 करोड़ रुपये के कार्य पहले ही शुरू हो चुके हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में विधान भवन में आयोजित शिखर समिति की बैठक में 170 करोड़ रुपये के संशोधित विकास कार्यों को मंजूरी दी गई।

पालघर जिल्ह्यातील एस.टी. सेवेची सद्यस्थिती

 पालघर जिल्ह्यातील एस.टी. सेवेची सद्यस्थितीरिक्त पदे तसेच बस उपलब्धतेचा सविस्तर आढावा घेण्यात यावेळी आला. कर्मचाऱ्यांच्या पदोन्नतीसाठी परीक्षा प्रक्रिया प्राधान्याने पार पाडण्याचे स्पष्ट निर्देशही परिवहन मंत्री सरनाईक यांनी यावेळी दिले.

 

पालघर जिल्ह्यात आठ एस.टी. आगारेएक विभागीय कार्यशाळा आणि एक विभागीय कार्यालय असून पालघर एस टी. विभागात पर्यवेक्षीय पदांच्या पदोन्नती  संदर्भात परीक्षेची प्रक्रिया सुरू करण्यात आली असल्याचे यावेळी सांगण्यात आले.

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