Monday, 26 January 2026

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में 100 दिवसीय कार्यक्रम के प्रलंबित विषयों की समीक्षा महाराष्ट्र को प्रगति के शिखर पर ले जाने वाली योजनाओं को गति देने के निर्देश

 मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में 100 दिवसीय कार्यक्रम

के प्रलंबित विषयों की समीक्षा

महाराष्ट्र को प्रगति के शिखर पर ले जाने वाली योजनाओं को गति देने के निर्देश

– मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

मुंबईदि. 16 : जनहित की योजनाओं के लिए नवीन तकनीकों के उपयोग से नागरिकों को अधिक सरल और सहज सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु प्रत्येक विभाग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाए। महाराष्ट्र को प्रगति के शिखर पर पहुँचाने वाली योजनाओं को गति देने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के विस्तार में आईटीइलेक्ट्रॉनिक्स तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को शामिल किया जाएऐसे निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए।

वर्षा’ निवासस्थान पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में 100 दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत लंबित विषयों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अश्विनी भिड़ेसचिव श्रीकर परदेशी तथा संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिवप्रधान सचिव एवं सचिव उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि 100 दिवसीय लक्ष्यों की पूर्ति में आने वाली तकनीकीप्रशासनिक अथवा किसी भी प्रकार की अड़चनों का तत्काल समाधान किया जाए। सभी विभाग जनहित से जुड़े कार्यों को अधिक गति दें तथा गुणवत्तापूर्ण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण 

आपले गाव, आरोग्य संपन्न गाव’ योजना, पॉलिएटिव केयर, सिकल सेल रोग के उपचार, चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया

 आपले गाव, आरोग्य संपन्न गाव’ योजना, पॉलिएटिव केयर, सिकल सेल रोग के उपचार, चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया बैठक के दौरान आपले गावआरोग्य संपन्न गाव’ योजनापॉलिएटिव केयरसिकल सेल रोग के उपचारचिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया को सरल बनानेचिकित्सा अधिकारियों के मानधन में वृद्धि तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों को शीघ्र नियमित करने जैसी मांगें रखी गईं। इसके साथ ही आयुष निदेशकप्रशिक्षण निदेशक तथा नर्सिंग क्षेत्र में नए पद सृजित करने की आवश्यकता भी अधिकारियों द्वारा व्यक्त की गई।

इन सभी मुद्दों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने आश्वासन दिया कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिए सरकार की ओर से आवश्यक सभी सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधनबुनियादी ढांचा और तकनीक के समन्वय से दीर्घकालिक सुधारों पर सरकार का विशेष ध्यान रहेगा।

इस बैठक में सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के सचिव डॉ. निपुण विनायकसचिव ई. रविंद्रनचिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव धीरज कुमारमुख्यमंत्री के सचिव श्रीकर परदेशीस्वास्थ्य सेवा आयुक्त डॉ. कादंबरी बलकवडेस्वास्थ्य संचालक डॉ. नितिन अंबाडेकरसमग्र संस्था के प्रतिनिधि गौरव गोयल तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

आधुनिक तकनीक के उचित उपयोग से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में वृद्धि

 मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उचित उपयोग से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में वृद्धि होगीउपचार अधिक सटीक और समय पर मिल सकेगा तथा ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के नागरिकों तक स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रभावी रूप से पहुँचाई जा सकेंगी। आज के डिजिटल युग में स्वास्थ्य व्यवस्था का डिजिटलीकरण और एआई आधारित समाधान अत्यंत आवश्यक हैंयह उन्होंने स्पष्ट किया।

उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों की स्टार रेटिंगस्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा रिपोर्टस्वास्थ्य हेल्पलाइनस्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण तथा सेवा गुणवत्ता की नियमित समीक्षा जैसे उपक्रमों का उल्लेख किया। इन पहलों से नागरिकों का स्वास्थ्य सेवाओं पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगाऐसा मुख्यमंत्री ने कहा।

स्वास्थ्य सेवाओं में ‘एआई’ तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जाए

 स्वास्थ्य सेवाओं में एआई’ तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जाए

– मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

मुंबईदि. 16 : राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सशक्ततेज़ और जनोन्मुख बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई – Artificial Intelligence) तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जाएऐसे निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए।

 वर्षा’ शासकीय निवास पर आयोजित सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। बैठक में समग्र’ संस्था की ओर से सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। इस अवसर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उचित उपयोग से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में वृद्धि होगीउपचार अधिक सटीक और समय पर मिल सकेगा तथा ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के नागरिकों तक स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रभावी रूप से पहुँचाई जा सकेंगी। आज के डिजिटल युग में स्वास्थ्य व्यवस्था का डिजिटलीकरण और एआई आधारित समाधान अत्यंत आवश्यक हैंयह उन्होंने स्पष्ट किया।

कनेक्टिव्हिटीच्या दृष्टीने शिर्डी विमानतळाची क्षमता

 कनेक्टिव्हिटीच्या दृष्टीने शिर्डी विमानतळाची क्षमता वाढवून दररोज २० उड्डाणांचे नियोजन तसेच देशभरातील १३ प्रमुख शहरांशी थेट रेल्वे कनेक्टिव्हिटीचे नियोजन करण्यात आले आहे. याशिवाय प्रवाशांच्या सोयीसाठी नाशिककरिता २००तर छत्रपती संभाजीनगर व पुण्यासाठी प्रत्येकी ४० जादा बसेसचे नियोजन आहे. शनिशिंगणापूर येथेही स्वतंत्र पार्किंग व दर्शन रांगेचे नियोजन करण्यात आले आहे.

 

प्रशासनाच्या या सर्वंकष नियोजनाचे मुख्य सचिव श्री. अग्रवाल यांनी कौतुक करतसर्व विभागांनी समन्वयाने काम करून भाविकांना सोयी-सुविधा देण्याचे काम करावेअशा सूचनाही त्यांनी दिल्या.

 

भाविकांच्या मदतीसाठी व गर्दी नियोजनासाठी विशेष प्रशिक्षित 'क्राउड मार्शल्स

 आपत्कालीन परिस्थितीमध्ये रुग्णवाहिका व अग्निशामक दलाच्या गाड्या अवघ्या १५-२० मिनिटांत घटनास्थळी पोहोचण्यासाठी 'ग्रीन कॉरिडॉर'ची व्यवस्था करण्यात येणार आहे. तसेचगर्दीवर नियंत्रण मिळवण्यासाठी तंत्रज्ञानाचा वापर करत संवेदनशील ठिकाणांवर ड्रोन व सीसीटीव्हीद्वारे नजर ठेवली जाईल.

भाविकांच्या मदतीसाठी व गर्दी नियोजनासाठी विशेष प्रशिक्षित 'क्राउड मार्शल्स' (Crowd Marshals) तैनात करण्यात येणार आहेत. आरोग्य सुविधेच्या दृष्टीने श्री साईबाबा सुपर स्पेशालिटी हॉस्पिटल व परिसरातील इतर रुग्णालये सुसज्ज ठेवण्यात येणार असूनअग्निशमन दलासाठी नवीन मल्टीपर्पज वाहने व प्रशिक्षित मनुष्यबळ उपलब्ध करून दिले जाणार आहे.

भाविकांच्या सुरक्षिततेसाठी ‘शिर्डी कृती आराखड्या’ची प्रभावी अंमलबजावणी करा

 भाविकांच्या सुरक्षिततेसाठी शिर्डी कृती आराखड्याची

प्रभावी अंमलबजावणी करा

-मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल

 

सिंहस्थ कुंभमेळा नियोजन आढावा बैठकीत आराखड्याचे सादरीकरण

 

शिर्डीदि. १६ : नाशिक येथे २०२६-२७ मध्ये होणाऱ्या सिंहस्थ कुंभमेळ्याच्या पार्श्वभूमीवर शिर्डी येथे येणाऱ्या भाविकांची संभाव्य गर्दी लक्षात घेऊन जिल्हा प्रशासनाने तयार केलेला शिर्डी कृती आराखडा’ सर्वसमावेशक आहे. भाविकांची सुरक्षाआरोग्य व वाहतूक नियोजनाला सर्वोच्च प्राधान्य देऊन या आराखड्याची प्रभावी अंमलबजावणी करावीअसे निर्देश राज्याचे मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल यांनी आज येथे दिले.

सिंहस्थ कुंभमेळ्याच्या पूर्वतयारीचा आढावा घेण्यासाठी शिर्डी येथे आयोजित बैठकीत मुख्य सचिव श्री. अग्रवाल बोलत होते. 

बैठकीच्या सुरुवातीला जिल्हाधिकारी डॉ. आशिया यांनी सादरीकरणाद्वारे तयारीची सविस्तर माहिती सादर केली. नाशिक कुंभमेळ्यासाठी येणाऱ्या एकूण भाविकांपैकी सुमारे २० ते २५ टक्के भाविक शिर्डी व शनिशिंगणापूर येथे दर्शनासाठी येण्याची शक्यता गृहीत धरून प्रशासनाने सूक्ष्म नियोजन केले आहे. यामध्ये वाहतूकपार्किंगआरोग्य व आपत्ती व्यवस्थापनावर विशेष भर देण्यात आला आहे. कुंभमेळा कालावधीत शहरात होणारी वाहतूक कोंडी टाळण्यासाठी 'एकात्मिक वाहतूक आराखडातयार करण्यात आला आहे. त्यानुसार शहराबाहेर व मंदिरालगत सुमारे ९४ हेक्टर क्षेत्रावर ८ नवीन पार्किंग स्थळे निश्चित करण्यात आली असूनतेथे स्मार्ट पार्किंग व शटल बस सेवेचा समावेश असेल.

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