Saturday, 10 January 2026

गड–किलों की तरह राज्य संरक्षित स्मारक परिसरों में अतिक्रमण रोकने हेतु समिति का गठन

 गडकिलों की तरह राज्य संरक्षित स्मारक परिसरों में अतिक्रमण रोकने हेतु समिति का गठन

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में गडकिलों की तर्ज पर राज्य संरक्षित स्मारकों के स्थलों पर अतिक्रमण रोकने के लिए सांस्कृतिक कार्य मंत्री की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय लिया गया।

 

इस निर्णय के अनुसार सांस्कृतिक कार्य विभाग के 20 जनवरी 2025 के पूर्ववर्ती शासन निर्णय में गडकिलों पर अतिक्रमण हटाने संबंधी प्रावधानों का दायरा बढ़ाया गया है तथा अब इसमें राज्य संरक्षित स्मारकों को भी शामिल किया गया है।

राज्य के सभी गडकिलों तथा राज्य संरक्षित स्मारकों पर हुए अतिक्रमण हटाने और भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए राज्य स्तरीय समिति के गठन को मंत्रिमंडल ने स्वीकृति दी है। इस समिति के अध्यक्ष सांस्कृतिक कार्य मंत्री होंगे। समिति में राजस्व मंत्रीग्रामीण विकास मंत्रीपर्यटन मंत्रीसार्वजनिक बांधकाम मंत्रीवन मंत्रीबंदरगाह एवं विकास मंत्री तथा संबंधित विभागों के सचिवप्रधान सचिव या अपर मुख्य सचिव सदस्य होंगे।

राज्य स्तरीय समिति में चार आमंत्रित सदस्यों को शामिल करने तथा प्रत्येक जिले में गठित की जाने वाली जिला स्तरीय समिति में चार अशासकीय सदस्यों को शामिल करने की भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। ये अशासकीय सदस्य गडकिलों और राज्य संरक्षित स्मारकों के अध्येता हों अथवा संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में कार्यरत व्यक्तिसंस्था या स्वयंसेवी संगठन होंऐसी शर्त निर्धारित की गई है।

जिले के गडकिलों और राज्य संरक्षित स्मारकों पर अतिक्रमण रोकने तथा उन्हें हटाने की कार्रवाई संबंधित भूमि के स्वामित्व वाले विभाग के समन्वय से संबंधित जिलाधिकारी द्वारा की जाएगी। इसके लिए होने वाला व्यय जिला नियोजन एवं विकास निधि से किया जा सकेगा।

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Committee to Prevent Encroachments at State-Protected Monuments, Similar to Forts

 

Committee to Prevent Encroachments at State-Protected Monuments, Similar to Forts

The Cabinet meeting, chaired by Chief Minister Devendra Fadnavis, approved the decision to constitute a committee under the chairmanship of the Minister for Cultural Affairs to prevent encroachments at state-protected monuments, on the lines of measures taken for forts.

As per this decision, the scope of provisions in the earlier Government Resolution of the Department of Cultural Affairs dated January 20, 2025, relating to removal of encroachments on forts, has been expanded to include state-protected monuments as well.

The Cabinet has approved the formation of a State-level Committee to remove existing encroachments on all forts and state-protected monuments in the state and to prevent future encroachments. The Minister for Cultural Affairs will be the Chairperson of the committee. Members will include the Ministers for Revenue, Rural Development, Tourism, Public Works, Forests, Ports and Development, along with the Secretaries, Principal Secretaries, or Additional Chief Secretaries of the concerned departments.

The Cabinet has also approved the inclusion of four invitee members in the State-level Committee, and four non-government members in each District-level Committee to be constituted. These non-government members must be experts on forts and state-protected monuments, or individuals, institutions, or voluntary organizations actively working in the field of conservation and preservation.

At the district level, action to prevent and remove encroachments on forts and state-protected monuments will be undertaken by the concerned District Collectors, in coordination with the departments owning the respective lands. Expenditure for this purpose may be met from the District Planning and Development Fund.

Rural Development Department) Decision of the Election Decision Officer on Nomination Forms in Zilla Parishad and Panchayat Samiti Elections to Be Final Ordinance to Amend the Election Act, 1961 The Cabinet meeting, chaired by Chief Minister Devendra Fadnavis, approved an amendment to Section 14(2) of the Maharashtra Zilla Parishads and Panchayat Samitis Act, 1961. This decision is important to ensure that elections to Zilla Parishads and Panchayat Samitis in the state are conducted on time and in a time-bound manner. Under sub-section (2) of Section 14 of the Act, an appeal could earlier be filed before the District Court against the decision of the Election Officer accepting or rejecting a nomination form. However, as a large number of such appeals remained pending in various District Courts for different durations, it became difficult to conduct elections within the prescribed timeframe. In view of this, the State Election Commission had submitted a proposal to the government to delete this provision. Accordingly, provisions have now been included empowering the State Government to frame rules regarding such elections, and stipulating that the decision of the Election Decision Officer regarding acceptance or rejection of nomination forms shall be final. The Cabinet has therefore approved the promulgation of the Maharashtra Zilla Parishads and Panchayat Samitis (Amendment) Ordinance, 202

 Chief Minister’s Secretariat (Public Relations Cell)

Wednesday, December 17, 2025

Cabinet Decisions

(Total – 2)

 (Rural Development Department)

Decision of the Election Decision Officer on Nomination Forms in Zilla Parishad and Panchayat Samiti Elections to Be Final

Ordinance to Amend the Election Act, 1961

The Cabinet meeting, chaired by Chief Minister Devendra Fadnavis, approved an amendment to Section 14(2) of the Maharashtra Zilla Parishads and Panchayat Samitis Act, 1961.

This decision is important to ensure that elections to Zilla Parishads and Panchayat Samitis in the state are conducted on time and in a time-bound manner. Under sub-section (2) of Section 14 of the Act, an appeal could earlier be filed before the District Court against the decision of the Election Officer accepting or rejecting a nomination form. However, as a large number of such appeals remained pending in various District Courts for different durations, it became difficult to conduct elections within the prescribed timeframe.

In view of this, the State Election Commission had submitted a proposal to the government to delete this provision. Accordingly, provisions have now been included empowering the State Government to frame rules regarding such elections, and stipulating that the decision of the Election Decision Officer regarding acceptance or rejection of nomination forms shall be final.

The Cabinet has therefore approved the promulgation of the Maharashtra Zilla Parishads and Panchayat Samitis (Amendment) Ordinance, 202

बाबासाहेब के समानता के संदेश और शिक्षा के महत्व को विश्वभर के युवाओं तक

 मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बाबासाहेब के समानता के संदेश और शिक्षा के महत्व को विश्वभर के युवाओं तक पहुचाने का यह राज्य और केंद्र सरकार का संयुक्त प्रयास है। उन्होंने यह भी कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े देश के 12 किलेजिसमें 11 किले महाराष्ट्र में और एक तमिलनाडु में हैका यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल होना राज्य के लिए अत्यंत गौरव की बात है। इस नामांकन का समारोह छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर शिवनेरी किले में भव्य रूप से आयोजित करने का शासन का मानस है।

राज्य सरकार छत्रपति शिवाजी महाराज की समृद्ध विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। शिवनेरी में उनकी जयंती पर भव्य आयोजन के माध्यम से उनका इतिहास आने वाली पीढ़ियों तक पहुचाया जाएगा। छत्रपति शिवाजी महाराज की राजमुद्रा अर्थात लोककल्याण के लिए ही राज्यइस विचार के साथ सुशासन के संदेश को जोड़ने का प्रयास किया जाना चाहिए। साथ हीदीपावली को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में शामिल करते समय केवल दिखावे के बजाय उसके पीछे निहित मूल्यों पर ध्यान देकर सुशासन की अवधारणा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

किलों और विरासत आधारित विकास से 50 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे और लगभग एक हजार करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। इस संबंध में सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर इस अवसर पर चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री कार्यालय की अपर मुख्य सचिव अश्विनी भिड़ेसांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव किरण कुलकर्णी तथा राज्य पुरातत्त्व विभाग के निदेशक डॉ. तेजस गारगे इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों तथा सांस्कृतिक और पुरातत्त्व विभाग के अधिकारियों के साथ भी राजदूत शर्मा ने चर्चा की। राजदूत शर्मा चैत्यभूमि जाकर भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे।

 

यूनेस्को मुख्यालय में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित होना गौरव की बात

 यूनेस्को मुख्यालय में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की

प्रतिमा स्थापित होना गौरव की बात

-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

• यूनेस्को में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर प्रतिमा अनावरण को लेकर राजदूत विशाल शर्मा ने मुख्यमंत्री फडणवीस से भेंट की

 

मुंबई, 17 दिसंबर:भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा का यूनेस्को के मुख्यालय में स्थापित होना गौरवपूर्णऐतिहासिक और वैश्विक स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण घटना हैऐसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा। उन्होंने आगे कहा भारतीय संविधान के शिल्पकारसामाजिक न्यायसमानताबंधुता और मानवाधिकारों के वैश्विक प्रवक्ता के रूप में डॉ. आंबेडकर की पहचान है। शिक्षा ही सफलता की ओर ले जाने वाला साधन हैबाबासाहेब के इस संदेश को विश्वभरमें पहुचाने के उद्देश्य से भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा यूनेस्को को भेंट स्वरूप प्रदान की गई है।

यूनेस्कोपेरिस में भारत के राजदूत एवं स्थायी प्रतिनिधि विशाल वी. शर्मा ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा यूनेस्को को भेंट किए जाने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मंत्रालय में शिष्टाचार भेंट कर आभार व्यक्त किया। शर्मा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के मंच पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित होना भारत की 80 वर्षों की सदस्यता के इतिहास में पहली बार हुआ है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल से यूनेस्को में बाबासाहेब की प्रतिमा का अनावरण होना अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस उल्लेखनीय कार्य के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को बधाई दी।

केंद्र सरकार की ओर से संविधान दिवस के अवसर पर 26 नवंबर 2025 को यूनेस्को में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण राजदूत शर्मा द्वारा किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में यूनेस्को के महानिदेशक, 50 से अधिक देशों के राजदूत तथा यूनेस्को सचिवालय के सदस्य उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के संदेश पढ़कर सुनाए गएजबकि मुख्यमंत्री फडणवीस ने वीडियो संदेश के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बाबासाहेब के समानता के संदेश और शिक्षा के महत्व को विश्वभर के युवाओं तक पहुचाने का यह राज्य और केंद्र सरकार का संयुक्त प्रयास है। उन्होंने यह भी कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े देश के 12 किलेजिसमें 11 किले महाराष्ट्र में और एक तमिलनाडु में हैका यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल होना राज्य के लिए अत्यंत गौरव की बात है। इस नामांकन का समारोह छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर शिवनेरी किले में भव्य रूप से आयोजित करने का शासन का मानस है।

भारत आणि रशिया यांच्यात दीर्घकाळापासून दृढ आर्थिक व व्यापारी भागीदारी आहे.

 इरिना मलाहोवा म्हणाल्याभारत आणि रशिया यांच्यात दीर्घकाळापासून दृढ आर्थिक व व्यापारी भागीदारी आहे. ही भागीदारी अधिक मजबूत करणे आणि रशियन उद्योगांना भारतीय बाजारपेठेत प्रवेश सुलभ करून देणे तसेच निर्यात प्रोत्साहन व व्यवसाय संधी देणे हा परिषदेचा मुख्य उद्देश असून रशिया आणि भारत यांच्यात फलदायी द्विपक्षीय संबंध निर्माण होतील. त्यांनी यावेळी रशियातील व्यापार व निर्यात संधींबाबत सविस्तर मार्गदर्शन केले.

            या परिषदेमुळे भारतरशिया व्यापार संबंध अधिक मजबूत होतील तसेच भारतीय उद्योगांना आंतरराष्ट्रीय बाजारपेठेत नव्या संधी उपलब्ध होतीलअसा विश्वास आयोजकांनी व्यक्त केला. परिषदेदरम्यान दोन्ही देशांतील उद्योजकांनी विविध क्षेत्रांतील धोरणेसंधीआव्हाने आणि भविष्यातील सहकार्याबाबत सखोल चर्चा करत परस्पर संवाद साधला.

            या परिषदेत भारतातील अन्न व पेय (एफ अँड बी), आतिथ्य (हॉस्पिटॅलिटी)किरकोळ (रिटेल)कोल्ड-चेन आणि लॉजिस्टिक्स क्षेत्रातील व्यावसायिकांनी मोठ्या संख्येने सहभाग नोंदवला. उभय देशांतील विविध क्षेत्रांतील उद्योग प्रतिनिधींमध्ये सखोल चर्चा झाली. या परिषदेत १५० हून अधिक उद्योजक सहभागी झाले होते. रशियन शिष्टमंडळासाठी संरचित बी टू बी बैठका आयोजित करण्यात आल्या. यावेळी प्रिया पानसरे यांनी आभार मानले.

भारत-रशिया व्यापार सहकार्याला चालना देणारी उद्योजकांची राऊंडटेबल चर्चा संपन्न

 भारत-रशिया व्यापार सहकार्याला चालना देणारी उद्योजकांची राऊंडटेबल चर्चा संपन्न

            मुंबईदि.१७ :- वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबई आणि ऑल इंडिया असोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज (एआयएआययांच्या संयुक्त विद्यमाने वर्ल्ड ट्रेड सेंटरमुंबई येथे रशियातील व्यावसायिक प्रतिनिधी मंडळासोबत संवादात्मक बैठक (इंटरॲक्टिव्ह राऊंडटेबल मीटिंग) आयोजित करण्यात आली. या परिषदेमुळे भारतीय उद्योगांना रशियन कंपन्यांशी थेट संवाद साधण्याचीसहकार्याच्या संधी शोधण्याची आणि दीर्घकालीन व्यापार भागीदारी निर्माण करण्याची महत्त्वपूर्ण संधी मिळाली.

 या परिषदेस वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबईचे अध्यक्ष तथा ऑल इंडिया असोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीजचे अध्यक्ष डॉ. विजय कलंत्रीरशियातील दक्षिण निर्यात सहाय्यता केंद्राच्या प्रतिनिधी इरिना मलाहोवावर्ल्ड ट्रेड सेंटरच्या ट्रेड प्रमोशन आणि डेव्हलपमेंट संचालक प्रिया पानसरे तसेच उद्योग प्रतिनिधी उपस्थित होते.

 डॉ. विजय कलंत्री म्हणाले कीरशियाचे अध्यक्ष व्लादिमीर पुतिन यांच्या भारत दौऱ्यानंतर उभय देशांतील व्यापार संबंधांना नवे बळ मिळाले आहे. त्याच पार्श्वभूमीवर आयोजित करण्यात आलेल्या या परिषदेला रशियन व्यापार प्रतिनिधींकडून सकारात्मक आणि उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिळाला आहे. भारतात विशेषतः महाराष्ट्रात व्यापाराच्या मोठ्या संधी उपलब्ध आहेत. भारतीय भांडवली बाजारातील रशियन गुंतवणूकअणू व संरक्षण क्षेत्रातील अत्यावश्यक तंत्रज्ञानाची देवाणघेवाण आणि संयुक्त उपक्रम यांमुळे २०२७ पर्यंत द्विपक्षीय व्यापार १०० अब्ज अमेरिकन डॉलर्सपर्यंत पोहोचेलअसा विश्वास त्यांनी यावेळी व्यक्त केला.

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