मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बाबासाहेब के समानता के संदेश और शिक्षा के महत्व को विश्वभर के युवाओं तक पहुचाने का यह राज्य और केंद्र सरकार का संयुक्त प्रयास है। उन्होंने यह भी कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े देश के 12 किले—जिसमें 11 किले महाराष्ट्र में और एक तमिलनाडु में है—का यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल होना राज्य के लिए अत्यंत गौरव की बात है। इस नामांकन का समारोह छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर शिवनेरी किले में भव्य रूप से आयोजित करने का शासन का मानस है।
राज्य सरकार छत्रपति शिवाजी महाराज की समृद्ध विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। शिवनेरी में उनकी जयंती पर भव्य आयोजन के माध्यम से उनका इतिहास आने वाली पीढ़ियों तक पहुचाया जाएगा। छत्रपति शिवाजी महाराज की राजमुद्रा अर्थात “लोककल्याण के लिए ही राज्य”—इस विचार के साथ सुशासन के संदेश को जोड़ने का प्रयास किया जाना चाहिए। साथ ही, दीपावली को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में शामिल करते समय केवल दिखावे के बजाय उसके पीछे निहित मूल्यों पर ध्यान देकर सुशासन की अवधारणा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
किलों और विरासत आधारित विकास से 50 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे और लगभग एक हजार करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। इस संबंध में सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर इस अवसर पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री कार्यालय की अपर मुख्य सचिव अश्विनी भिड़े, सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव किरण कुलकर्णी तथा राज्य पुरातत्त्व विभाग के निदेशक डॉ. तेजस गारगे इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों तथा सांस्कृतिक और पुरातत्त्व विभाग के अधिकारियों के साथ भी राजदूत शर्मा ने चर्चा की। राजदूत शर्मा चैत्यभूमि जाकर भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे।
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