Friday, 12 September 2025

Opens New Doors of Cooperation in Multiple Sectors

 Maharashtra–Iowa (USA) Partnership


Opens New Doors of Cooperation in Multiple Sectors


- CM Devendra Fadnavis


 


Mumbai, Sept 12: Maharashtra has signed a historic Memorandum of Understanding (MoU) with the U.S. state of Iowa, paving the way for collaboration in agriculture, biotechnology, financial services, infrastructure, renewable energy, and technology. Chief Minister Devendra Fadnavis announced that this partnership will create new opportunities for innovation and exchange between the two states.


Key Areas of Cooperation:


Growth in investment and economic exchanges

Collaboration in agriculture, food processing, healthcare, tourism, sports, and renewable energy

Academic and research linkages between universities and institutions

The MoU was signed in the presence of Maharashtra CM Devendra Fadnavis and Iowa Governor Kim Reynolds at the Taj Palace Hotel, Mumbai. The event was also attended by Chief Secretary Rajesh Kumar, Additional Chief Secretary for Higher and Technical Education Venugopal Reddy, Principal Secretary to the CM Ashwini Bhide, Nanaji Krishi Sanjivani Project Director Parimal Singh, Investment Advisor to the CM Kaustubh Dhavse, and from Iowa, Agriculture Secretary Mike Naig, Development Authority Director Debi Durham, along with other dignitaries.


Speaking at the press conference, CM Fadnavis said, “Iowa is a leading state in agricultural production and agri-technology. This partnership offers Maharashtra a tremendous opportunity in agriculture, technology, and industry. Advanced technologies in AI-driven farming, digitization, healthcare, vocational training, biotechnology, renewable energy, and infrastructure will be introduced to Maharashtra through joint initiatives with Iowa universities and institutions.”


The CM further noted that India’s remarkable progress in renewable energy will gain new momentum through this cooperation. He added, “Maharashtra has previously signed sister-state agreements with Japan and Germany, which boosted trade, industry, and cultural exchanges. This is the first such agreement with a U.S. state, and it will strengthen India–U.S. relations.” Both sides have agreed on regular delegation visits to enhance collaboration.

दीर्घकालीन साझेदारी का आश्वासन – राज्यपाल किम रेनॉल्ड्स

 दीर्घकालीन साझेदारी का आश्वासन – राज्यपाल किम रेनॉल्ड्स

आयोवा की राज्यपाल किम रेनॉल्ड्स ने कहाभारत के सबसे गतिशील राज्यों में से एक महाराष्ट्र के साथ भागीदारी करना हमारे लिए गर्व की बात है। यह समझौता नवाचार को बढ़ावा देने वालाआर्थिक समृद्धि लाने वाला और वैश्विक सहयोग को प्रोत्साहित करने वाला रणनीतिक निर्णय है। दोनों राज्य औद्योगिकशैक्षणिक और कृषि क्षेत्रों में नए प्रोजेक्ट शुरू करेंगे। प्रतिवर्ष दोनों राज्यों के प्रतिनिधिमंडल परस्पर यात्रा कर इस सहयोग को और गहरा करेंगे।

 

 

इस करार से होने वाले लाभ :

 

·         कृषि तकनीक का उपयोग – आयोवा की आधुनिक कृषि तकनीकमशीनरी और अनुसंधान महाराष्ट्र की उत्पादकता बढ़ाएँगे।

·         खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का विकास – किसानों की फसल की पैदावार को बेहतर मूल्य मिलेगानिर्यात अवसर बढ़ेंगे।

·         डिजिटलीकरण और तकनीक में सहयोग – स्मार्ट गवर्नेंसई-सेवाओं और आधुनिक स्मार्ट खेती के नए उपाय लागू होंगे।

·         स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार – आयोवा की स्वास्थ्य प्रणाली और प्रशिक्षण से ग्रामीण व शहरी स्वास्थ्य सेवाएँ मजबूत होंगी।

·         कौशल विकास और रोजगार – व्यावसायिक प्रशिक्षण और औद्योगिक सहयोग से नई नौकरियों का सृजन होगा।

·         नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण – स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं से प्रदूषण घटेगा और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।

·         पर्यटन और खेल विकास – सांस्कृतिक आदान-प्रदानपर्यटन व्यवसाय और खेल प्रतिस्पर्धाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।

·         आर्थिक निवेश और औद्योगिक वृद्धि – अमेरिका व भारत की कंपनियों के बीच प्रत्यक्ष निवेश और व्यापार में वृद्धि होगी।

·         शिक्षा और अनुसंधान सहयोग – विश्वविद्यालयों के संयुक्त प्रोजेक्ट छात्रों को वैश्विक अनुभव दिलाएँगे।

·         अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा – महाराष्ट्र की पहचान एक अग्रणी औद्योगिक और तकनीकी भागीदार के रूप में वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगी।

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आयोवा उत्पादन और कृषि-तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी है

 पत्रकार परिषद में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहाआयोवा उत्पादन और कृषि-तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी है। उनके साथ यह समझौता महाराष्ट्र की कृषितकनीक और उद्योग के लिए एक बड़ा अवसर है। आयोवा विश्वविद्यालय और कृषि विश्वविद्यालयों के संयुक्त सहयोग से अत्याधुनिक तकनीक महाराष्ट्र तक लाई जाएगी। नवीकरणीय ऊर्जा में भारत ने जो प्रगति की हैइस करार से उसमें और तेजी आएगी।

 

उन्होंने कहामहाराष्ट्र ने इससे पहले जापान और जर्मनी के साथ सिस्टर-स्टेट’ करार कर व्यापारउद्योग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को गति दी है। किसी अमेरिकी राज्य के साथ यह पहला करार है और यह भारतअमेरिका संबंधों को और मजबूत करेगा। आयोवा की राज्यपाल किम रेनॉल्ड्स ने दीर्घकालिक साझेदारी की इच्छा जताई है। इसके तहत हर साल आयोवा और महाराष्ट्र के प्रतिनिधिमंडल परस्पर यात्राएँ करेंगे और विभिन्न क्षेत्रों के ज्ञान का आदान-प्रदान कर विकास को गति देंगे।

 

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि यह करार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक सहयोग और राज्यों की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी’ की दृष्टि के अनुरूप है। इससे राज्य के किसानोंविद्यार्थियोंउद्यमियों और शोधकर्ताओं के लिए नए अवसर खुलेंगे और महाराष्ट्र की प्रगति को नई ऊर्जा मिलेगी।

 

महाराष्ट्र–आयोवा (अमेरिका) भागीदारी से अनेक क्षेत्रों में सहयोग के नए द्वार खुलेंगे

 महाराष्ट्रआयोवा (अमेरिका) भागीदारी से

अनेक क्षेत्रों में सहयोग के नए द्वार खुलेंगे

- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 

मुंबई१२ सितम्बर: महाराष्ट्र ने अमेरिका के कृषिप्रधान राज्य आयोवा के साथ ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस करार से कृषिजैव-प्रौद्योगिकीवित्तीय सेवाएँपायाभूत संरचनानवीकरणीय ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस साझेदारी से दोनों राज्यों के बीच नवाचार और आपसी आदान-प्रदान को नई दिशा मिलेगी।

 

सहयोग के प्रमुख क्षेत्र:

निवेश और आर्थिक आदान-प्रदान में वृद्धि

कृषिखाद्य प्रसंस्करणस्वास्थ्यपर्यटनखेल और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग

विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के बीच शैक्षणिक और अनुसंधान संबंध

 

मुंबई के ताज पैलेस होटल में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और आयोवा की राज्यपाल किम रेनॉल्ड्स की उपस्थिति में यह समझौता हुआ। इस अवसर पर मुख्य सचिव राजेश कुमारउच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव वेणुगोपाल रेड्डीमुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अश्विनी भिड़ेनानाजी कृषि संजीवनी परियोजना के निदेशक परिमल सिंहमुख्यमंत्री के निवेश सलाहकार कौस्तुभ धवसेतथा आयोवा के कृषि सचिव माइक नैगविकास प्राधिकरण निदेशक डेबी डरहम सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

मोबाईल व्हॅनमुळे विविध गुन्ह्यांमध्ये गुन्हा घडलेल्या ठिकाणी १५५५ पुरावे गोळा करण्यात आले

 पूर्वी मानवी निरीक्षणावर (Eye Witness) अवलंबित्व असलेल्या प्रत्यक्षदर्शींच्या जबाबांवर आणि प्राथमिक साक्षींवर मोठा भर दिला जात असे. तसेच कमी प्रमाणात डीएनए विश्लेषण व मर्यादित स्वरूपामुळे गुन्ह्याचा तपास जलद गतीने होत नव्हता. मात्र मोबाईल फॉरेन्स‍िक व्हॅनसारख्या प्रगत तंत्रज्ञानाच्या उपयोगाने गुन्हेगारांचा मागोवा घेण्यासाठी जैव-रासायनिकरासायनिकजैविकभौतिक आणि डिजिटल पुरावे गोळा करणे शक्य होत आहे.

या मोबाईल व्हॅन्समुळे गुन्ह्याच्या ठिकाणी पुरावे गोळा करण्याचे काम जलदगतीने पूर्ण होत आहे. न्यायसहायक वैज्ञानिक प्रयोगशाळा संचालनालयाच्या मुंबई मुख्यालयाअंतर्गत मोबाईल व्हॅनमुळे विविध गुन्ह्यांमध्ये गुन्हा घडलेल्या ठिकाणी १५५५ पुरावे गोळा करण्यात आले आहे. अमरावती कार्यालयाअंतर्गत ११२छ. संभाजीनगर कार्यालय अंतर्गत ७१कोल्हापूर कार्यालय अंतर्गत ३२नागपूर प्रादेशिक कार्यालय अंतर्गत ७८१नांदेड अंतर्गत २९नाशिक कार्यालय अंतर्गत ८१७पुणे अंतर्गत ३५ पुरावे गोळा करण्यात आल्याची नोंद घेण्यात आली आहे. अशाप्रकारे राज्यात आतापर्यंत एकूण ३४३२ पुरावे गोळा करून गुन्हा उकल करण्यासाठी मदत मिळाली आहे.

अद्ययावत तंत्रज्ञानाने सुसज्ज असलेल्या फॉरेन्सिक व्हॅनने गोळा केलेल्या पुराव्यांमध्ये पारदर्शकता येवून गुन्हा सिद्धतेच्या कामाला वेग प्राप्त झाला आहे. सदर प्रकल्प महासंचालक (न्यायिक व तांत्रिक) संजय कुमार वर्मा यांच्या मार्गदर्शनाखाली आणि डॉ.विजय ठाकरेसंचालकन्यायसहायक वैज्ञानिक  प्रयोगशाळा संचालनालय  यांच्या पुढाकाराने यशस्वीरित्या राबविण्यात येत आहे.

राज्यात ५९ मोबाईल फॉरेन्सिक लॅब कार्यान्वीत; गुन्हे सिद्धतेला वेग

 राज्यात ५९ मोबाईल फॉरेन्सिक लॅब कार्यान्वीतगुन्हे सिद्धतेला वेग

 

मुंबईदि. १२ : सध्या पोलिसांसमोर नवनवीन गुन्ह्यांचे आव्हान उभे ठाकले आहे. दिवसागणिक गुन्ह्याचे स्वरूप बदलत आहे. गुन्हेगारांकडून गुन्ह्यासाठी होत असलेल्या नवीन संकल्पनांचा उपयोग गुन्ह्याची उकल करताना अडचणीचे ठरत आहे. बदलत्या गुन्हेगारीनुसार तपासाकरिता असलेल्या यंत्रणेतही बदल होणे आवश्यक होते. त्यानुसार जलद गतीने तपास पूर्ण होण्यासाठी मोबाईल फॉरेन्स‍िक व्हॅन’ (न्यायसहायक वैज्ञानिक प्रयोगशाळा) ची सुविधा राज्यात उपलब्ध करून देण्यात येत आहे. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्या हस्ते २७ जानेवारी २०२५ रोजी महाराष्ट्रात २१ मोबाईल फॉरेन्स‍िक व्हॅनचा शुभारंभ करण्यात आला आणि महाराष्ट्र देशातील मोबाईल फॉरेन्स‍िक व्हॅन सुरू करणारे पहिले राज्‍य ठरले. या लॅबचा विस्तार वाढवून २१ वरून ५९ मोबाईल फॉरेन्सिक लॅब सुरू करण्यात आल्या आहेत.  

            राज्यात मुंबई शहरातील पूर्व विभागात (चेंबूर)पश्चिम विभागात वांद्रेउत्तर विभागात कांदिवलीमध्य विभाग भायखळादक्षिण विभागातील नागपाडा येथे प्रत्येकी एक व्हॅन उपलब्ध करून देण्यात आली आहे. तर मुंबई उपायुक्त रेल्वे स्टेशन मध्य परिमंडळात एक व्हॅन देण्यात आली आहे. तसेच नवी मुंबई उपयुक्त परिमंडळात तीननागपूर उपायुक्त परिमंडळात पाचठाणे उपायुक्त परिमंडळात १मीरा भाईंदर मध्ये १पुणे १पिंपरी चिंचवड १सोलापूर १नाशिक १छ. संभाजीनगर १अमरावती १ व्हॅनची सुविधा देण्यात आली आहे. उपविभागीय पोलीस अधिकारी कार्यालय अंतर्गत जळगांव जिल्ह्यात ८पालघर १अलिबाग १रत्नागिरी १कोल्हापूर १सांगली १सातारा १हवेली (जि.पुणे) १सोलापूर ग्रामीण १अहिल्यानगर ग्रामीण १नाशिक ग्रामीण १धुळे शहर १नंदूरबार १. संभाजीनगर १जालना १लातूर शहर १धाराशिव १हिंगोली ग्रामीण १नांदेड शहर १परभणी १बीड १अकोला १बुलढाणा १नागपूर ग्रामीण १भंडारा १वाशिम १अमरावती ग्रामीण १वर्धा १यवतमाळ उपविभागीय पोलीस अधिकारी कार्यालय येथे १ व्हॅन उपलब्ध करून देण्यात आली आहे.          

मिशन वात्सल्य योजने’चा सर्व विधवा व एकल महिलांना मिळणार लाभ

 ‘मिशन वात्सल्य योजने’चा सर्व विधवा व 

एकल महिलांना मिळणार लाभ

महिला व बालविकास मंत्री आदिती तटकरे

 

मुंबई, दि. १२ : कोविड १९ या संसर्गजन्य आजारामुळे दोन्ही पालकांचे निधन होऊन अनाथ झालेल्या बालकांना तसेच विधवा महिलांना शासकीय योजनांचा लाभ मिळण्यासाठी आवश्यक प्रमाणपत्रांची पूर्तता करून देण्याच्या उद्देशाने शासनाने ‘मिशन वात्सल्य योजना’ यशस्वीपणे राबविली. या योजनेची व्याप्ती वाढवून राज्यातील सर्व विधवाएकलपरित्यक्त्या महिलांना 'शासन आपल्या दारीया संकल्पनेनुसार या योजनेचा लाभ देण्यात येणार असल्याची माहिती महिला व बालविकास मंत्री आदिती तटकरे यांनी दिली आहे.

कोविड काळात सुरू केलेल्या ‘मिशन वात्सल्य योजने’ची अंमलबजावणी करण्यासाठी तालुका स्तरावर तहसिलदारांच्या अध्यक्षतेखाली समिती स्थापन करण्यात आली. अनाथ मुलेविधवा व एकल महिलांना त्यांना लागू होणाऱ्या योजनांचा लाभ मिळवून देण्यात आला. या योजनेअंतर्गत दोन्ही पालकांचे निधन झालेल्या अनाथ मुलांना शासकीय मदतमृत्यू दाखलाउत्पन्न दाखलाजातीचा दाखलाविधवा पेन्शनरेशनकार्डनिवारा व इतर सामाजिक सुरक्षा योजनांचा लाभअत्यावश्यक कागदपत्रे शिबिरांच्या माध्यमातून उपलब्ध करून देण्यात येत असल्याची माहितीही महिला व बालविकास मंत्री तटकरे यांनी दिली.

आता याच योजनेत सर्व विधवा महिलांचा समोवश करण्यात आला असूनजिल्हास्तरावर विविध शिबीरे व मेळावे आयोजित करून समितीच्या माध्यमातून महिलांच्या सामाजिक व आर्थिक सुरक्षेच्या दृष्टीने त्यांना शासकीय योजनांचा लाभ मिळणार आहे. राज्यातील सर्व एकल महिलांना यामुळे दिलासा मिळणार आहे.

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