Sunday, 16 March 2025

सेल्को फाउंडेशन' के सहयोग से 18 जिलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का सौर ऊर्जा से विद्युतीकरण

 सेल्को फाउंडेशनके सहयोग से 18 जिलों के

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का सौर ऊर्जा से विद्युतीकरण

सौर ऊर्जा के उपयोग से गुणवत्तापूर्ण

 स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 

मुंबई15 मार्च: पारंपरिक ऊर्जा स्रोत सीमित होने के कारण भविष्य में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर अधिक ध्यान देना आवश्यक होगा। सरकार नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देने और अधिक ऊर्जा उत्पादन करने के लिए प्रतिबद्ध है। महाराष्ट्र में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सेल्को फाउंडेशन कार्यरत है।

फाउंडेशन के सहयोग से राज्य के 18 जिलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का सौर ऊर्जा से विद्युतीकरण किया जा रहा है। इनमें से आठ जिलों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का सौर विद्युतीकरण पूरा हो चुका हैजबकि दस अन्य जिलों में यह परियोजना जारी है। यह सौर ऊर्जा परियोजना दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में 250 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का सौर ऊर्जा से विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया है और जून 2026 तक 2,000 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सौर ऊर्जा से संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विश्वास व्यक्त किया कि सौर ऊर्जा के उपयोग से राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

राज्य के नासिकअहिल्यानगरजलगांवबुलढाणागढ़चिरौलीनागपुरलातूर और वर्धा जिलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का सौर विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। इसके अलावादस अन्य जिलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी फाउंडेशन के सहयोग से सौर ऊर्जा से संचालित किया जाएगाजिससे वे ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनेंगे। इस पहल से बिजली बिल में भी भारी बचत होगी। इस सौर ऊर्जा परियोजना के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगीजिससे स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगीऐसा मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सौर ऊर्जा के उपयोग से स्थानीय स्तर पर पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ेगी और रोगियों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। सौर ऊर्जा के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और प्रदूषण नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। सेल्को फाउंडेशन एक अग्रणी संगठन है जो नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। इससे पहलेआईकिया कंपनी के सहयोग सेफाउंडेशन ने आठ जिलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का सौर ऊर्जा से विद्युतीकरण सफलतापूर्वक पूरा किया था ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया जा सके और सतत ऊर्जा समाधान को बढ़ावा दिया जा सके।

इस परियोजना के लिए सेल्को फाउंडेशन और आईकिया कंपनी राज्य सरकार को 50 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेंगे। इसके अलावाप्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मचारियों को सौर ऊर्जा प्रणाली के उपयोग और रखरखाव के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगाऐसा मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया।

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रेडियो क्लब में नई जेट्टी का भूमि पूजन,

 रेडियो क्लब में नई जेट्टी का भूमि पूजन,

मंत्री नितेश राणे ने किया भूमीपूजन

 

मुंबई, 13 मार्च : महाराष्ट्र के बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने रेडियो क्लब में नई यात्री जेट्टी और टर्मिनल इमारत के निर्माण हेतु भूमि पूजन किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. प्रदीपमुख्य अभियंता सुरेंद्र टोपलेवरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी प्रदीप बढीयेअधीक्षक अभियंता सुधीर देवरे और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

गेटवे ऑफ इंडिया पर स्थित वर्तमान जेट्टी यात्रियों की बढ़ती संख्या के लिए अपर्याप्त साबित हो रही हैजिससे बुजुर्गोंमहिलाओं और छोटे बच्चों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। प्रस्तावित जेट्टी के निर्माण से गेटवे ऑफ इंडिया की मौजूदा जेट्टी पर दबाव कम होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

जेट्टी टर्मिनल इमारत की विशेषताएँ

आकार: 80 मीटर × 80 मीटर

एम्फीथिएटर: 350 लोगों की बैठने की क्षमता

बर्थिंग जेट्टी एवं अप्रोच जेट्टी

अग्नि सुरक्षा प्रणाली

सीसीटीवी निगरानी प्रणाली

उद्यान और सौंदर्यीकरण

इसके अलावापरियोजना स्थल पर भूगर्भीय परीक्षण किया गया है ताकि निर्माण की व्यवहार्यता सुनिश्चित की जा सके।


Minister Nitesh Rane Performs Bhoomi Pujan for New Jetty at Radio Club

 Minister Nitesh Rane Performs Bhoomi Pujan for New Jetty at Radio Club

 

Mumbai, March 13: Maharashtra’s Minister for Ports, Nitesh Rane, performed the Bhoomi Pujan (groundbreaking ceremony) for the construction of a new passenger jetty and terminal building at the Radio Club. Present on this occasion were Maharashtra Maritime Board’s Chief Executive Officer P. Pradeep, Chief Engineer Surendra Topale, Senior Administrative Officer Pradeep Badiye, Superintendent Engineer Sudhir Devre, and other officials.

           

The existing jetty at the Gateway of India is proving insufficient to handle passenger traffic, creating difficulties for elderly individuals, women, and children. The proposed jetty will help reduce congestion at the existing Gateway of India jetty and improve convenience for passengers.

 


राज्यात खाणपट्टे लिलाव प्रक्रियेला गती द्यावी

 राज्यात खाणपट्टे लिलाव प्रक्रियेला गती द्यावी

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 

         मुंबईदि. 8 :- राज्यातील जे खाणपट्टे लिलावात गेलेले आहेत, ते त्वरीत सुरु झाले पाहिजेत. ज्या संबंधित शासकीय यंत्रणा आहेत त्यांनी यासाठी तत्काळ कार्यवाही करावी. नवीन खाणपट्टे मंजुरी प्रक्रियेत "गती शक्ती" प्लॅटफॉर्मचा प्रभावी वापर करावा. राज्यातील खाणपट्टे कार्यान्वित करण्यासाठी लिलाव प्रक्रियेला गती द्यावी, असे निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी दिले.

 मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्या अध्यक्षतेखाली महाराष्ट्रातील प्रमुख खनिजांच्या 40 खाणपट्ट्यांच्या कार्यान्वयनाच्या अनुषंगाने सह्याद्री अतिथीगृह येथे झालेल्या बैठकीत उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदेखनिकर्म मंत्री शंभूराज देसाईराज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर उपस्थित होते.

 मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस म्हणालेखनिकर्म क्षेत्रातील उद्योजकांना विविध परवानग्यांसाठी लागणारा वेळ कमीत कमी असावा, यामुळे उत्खनन आणि वाहतुकीच्या प्रक्रियेत वेग येईल आणि शासनाला महसूल वाढीस मदत होईल. खनिकर्म विभागातील कामात अत्याधुनिक तंत्रज्ञानाचा वापर करावा. राज्यातील खनिकर्म क्षेत्रातील उद्योजकांनी दिलेल्या सूचनांवर विचार करून त्याबाबत सकारात्मक निर्णय घ्यावा. खनिकर्म विभागासाठी पर्यावरणमहसूलभूसंपादन व वन विभागातील प्रलंबित कामे तातडीने करावी. ही कामे गतीने होण्यासाठी मार्गदर्शक सूचना तयार कराव्यात. तसेच सगळ्या विभागाचा एक शासन निर्णय काढून विभागाची जबाबदारी निश्चित करावी.

  मुख्यमंत्री फडणवीस यांनी खाणपट्ट्यांशी संबंधित सुनावण्या तातडीने पूर्ण कराव्यात आणि नियमांची पूर्तता करणाऱ्या उद्योगांना मुदतवाढ देण्यात यावी असे सांगितले. खनिकर्म विभागराज्य खनिकर्म महामंडळ आणि केंद्र-राज्य समन्वय आवश्यक आहे. खनिजनिहाय खाणपट्ट्यांचा आढावा घेऊन सुरूबंद आणि लिलावयोग्य खाणपट्ट्यांवर कार्यवाही करावी. राज्यातील खनिज अन्वेषण वाढवून जास्तीत जास्त खाणपट्टे लिलावासाठी खुले करावेत. तसेचएकात्मिक खाणपट्टा व्यवस्थापन संगणकीय प्रणाली 2.0 लागू करावीअसे निर्देश यावेळी देण्यात आले.

    राज्य खनिकर्म महामंडळ व खनिकर्म विभागखनिकर्म विभागांतर्गत हाताळण्यात येणारे विषयखनिजक्षेत्राची ई-लिलाव प्रक्रिया आदींबाबत सविस्तर आढावा बैठकीत घेण्यात आला.

  या बैठकीस खनिकर्म विभागाचे अपर मुख्य सचिव डॉ.इकबाल सिंह चहलअपर मुख्य सचिव मिलिंद म्हैसकरअपर मुख्य सचिव राजेशकुमारउपमुख्यमंत्र्यांचे अपर मुख्य सचिव असीम गुप्ताप्रधान सचिव विनिता वेद सिंगलमुख्यमंत्र्यांचे सचिव डॉ.श्रीकर परदेशी तसेच विभागातील वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित होते.

 

बेघर होवून बाहेर गेलेल्या मुंबईकरांना मुंबईतच हक्काचे घर मिळवून देणार

 बेघर होवून बाहेर गेलेल्या मुंबईकरांना

मुंबईतच हक्काचे घर मिळवून देणार

- उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

 

मुंबईदि. : रखडलेले गृहनिर्माण प्रकल्प पूर्ण करून बाहेर गेलेल्या नागरिकांना मुंबईतच हक्काचे घर मिळवून देण्यात येईलअसे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी विधानसभेत लक्षवेधी सूचनेच्या उत्तरात सांगितले.

मुंबईतील खार (पूर्व) येथील पुनर्विकास प्रकल्पबाबत सदस्य वरुण सरदेसाई यांनी लक्षवेधी सूचना उपस्थित केली. यावेळी चर्चेत सदस्य अमित देशमुख यांनीही सहभाग घेतला.

उपमुख्यमंत्री शिंदे म्हणाले, सामान्य रहिवाशाला केंद्रबिंदू मानून गृहनिर्माण प्रकल्पबाबत शासन निर्णय घेत आहे. गोळीबारखार (पूर्व ) भागात रखडलेले गृहनिर्माण प्रकल्प पूर्ण करण्यात येतील. शिवालिक वेंचर्स प्रायव्हेट लिमिटेड या विकासकाने डिसेंबर 2030 पर्यंत योजनेतील उर्वरित 5281 सदनिकांचे काम पूर्ण करण्याचा स्तंभालेख (बार चार्ट) दिला आहे. त्यानुसार विकासाचे काम पुढील पाच वर्षात पूर्ण करून घेण्यात येईल.

या बार चार्टनुसार काम पूर्ण न झाल्यास संबंधित विकासकावर नियमानुसार दंडात्मक कारवाई करण्यात येईल. झोपडपट्टी पुनर्वसन प्रकल्पातील अभय योजनारखडलेल्या गृहनिर्माण प्रकल्पातील भाड्याबाबत आणि बार चार्टप्रमाणे काम करण्यासाठी संयुक्त बैठक घेण्यात येईल. खार (पूर्व) मधील झोपडपट्टीधारकांवर दाखल पोलीस गुन्हे कमी करण्याबाबत पडताळणी करून कार्यवाही करण्यात येईलअसेही उपमुख्यमंत्री शिंदे यांनी सांगितले.

पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई म्हणालेझोपडपट्टी पुनर्वसन प्रकल्पांमध्ये पात्र अधिकृत झोपडपट्टी धारकांच्या गृहनिर्माण प्रकल्पात पार्किंगची तरतूद करण्यात आलेली आहे. विकासकाने पुनर्वसन योजनेतील झोपडपट्टीधारकांना फेब्रुवारी 2024 पर्यंतचे एकूण 20.50 कोटी रुपयांचे भाडे अदा केलेले आहेत. तसेच विकासकाने 1226 झोपडपट्टी धारकांच्या भाड्यापोटी एकूण 18.81 कोटी रुपयांची रक्कम प्राधिकरणाकडे जमा केली आहे. न्यायालयासमोर बारा चार्ट प्रमाणे प्रकल्प पूर्ण करण्याचे सांगितले आहे. हा प्रकल्प मुदतीत पूर्ण करून देण्याची विकासकाची जबाबदारी आहे. यामध्ये दिरंगाई झाल्यास निश्चित कारवाई करण्यात येईल असेही देसाई यांनी सांगितले.

लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता आवश्यक

 लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता आवश्यक

– उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़

मुंबई, 6 मार्च: निरंतर टकराव की राजनीति लोकतंत्र के मूलभूत सिद्धांतों के खिलाफ है। यह एक शाश्वत सत्य है जो शासन की दिशा तय करने वाला सिद्धांत होना चाहिएजिससे वर्तमान और भविष्य के नेताओं को मार्गदर्शन मिलेगा। यदि भारत लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेतो वह गौरव के सर्वोच्च शिखर पर पहुंच सकता हैऐसा विचार उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने व्यक्त किया।

वे मुरली देवरा मेमोरियल डायलॉग्स के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थेजो कि पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली देवरा की स्मृति में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णनउपराष्ट्रपति की पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदेसांसद मिलिंद देवरा और अशोक चव्हाणअमृता फडणवीसहेमा देवराकोटक बैंक के राघवेंद्र सिंहऔर विभिन्न क्षेत्रों के अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

मुरली देवरा मेमोरियल डायलॉग्स का उद्देश्य सार्वजनिक नीतिसामाजिक न्याय और आर्थिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करना है। इस वर्ष की चर्चा का मुख्य विषय "नेतृत्व और सुशासन" रखा गया है। नेतृत्व और सुशासन पर बोलते हुएउपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि नागरिकों को अपने जनप्रतिनिधियों को जवाबदेह ठहराना चाहिएक्योंकि जागरूकता लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने बताया कि शासन कार्यकारी तंत्र (Executive) का विशेषाधिकार हैक्योंकि यह जनता और विधायिका के प्रति उत्तरदायी होता है। साथ हीउन्होंने यह भी कहा कि नेतृत्व केवल एक पद से परिभाषित नहीं होताबल्कि यह उद्देश्य और विचारधारा से प्रेरित होता है।

उपनिषदों का संदर्भ देते हुएउन्होंने बताया कि "त्याग के माध्यम से ही सच्चे आनंद की प्राप्ति होती है"और नेताओं को इस दर्शन को अपनाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि "सत्यमेव जयते" (सत्य की ही विजय होती है)जो मुण्डकोपनिषद का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत हैशासन व्यवस्था का मार्गदर्शक होना चाहिए। वेदों में उल्लिखित "सभी को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए" का संदेश भी उन्होंने दिया।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुरली देवरा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने संवाद और समन्वय के साथ काम करते हुए नगरसेवक से लेकर केंद्रीय मंत्री तक का सफर तय किया। उनके कार्य हमेशा समाजसेवा की भावना से प्रेरित थे। उन्होंने यह भी कहा कि मुरली देवरा मेमोरियल डायलॉग्स द्वारा नेतृत्व और सुशासन जैसे महत्वपूर्ण विषय को केंद्र में रखने के लिए वे आयोजकों की सराहना करते हैं।

छत्रपति शिवाजी महाराज का नेतृत्व सुशासन का सर्वोत्तम उदाहरण हैऔर हम उनके आदर्शों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं। यह सरकार आम लोगों की सरकार हैऔर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुशासन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाया हैऐसा उपमुख्यमंत्री ने कहा।

इस कार्यक्रम की प्रस्तावना सांसद मिलिंद देवरा ने रखी और उन्होंने इस संवाद श्रृंखला को सार्थक दिशा देने की पहल की।

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Commitment to Democratic Values is Essential

 Commitment to Democratic Values is Essential

– Vice President Jagdeep Dhankhar

Mumbai, March 6: A perpetual confrontational approach contradicts the fundamental principles of democracy. This eternal principle should serve as a guiding doctrine for governance, providing direction to both current and future leaders. If India remains committed to democratic values, it will achieve the highest levels of prestige and success, said Vice President Jagdeep Dhankhar.

He was speaking at the inauguration of the Murli Deora Memorial Dialogues, an event organized in memory of former Union Minister Murli Deora. The event was attended by Governor C.P. Radhakrishnan, Vice President’s wife Dr. Sudesh Dhankhar, Deputy Chief Minister Eknath Shinde, Members of Parliament Milind Deora and Ashok Chavan, Amruta Fadnavis, Hema Deora, Raghavendra Singh from Kotak Bank, and other distinguished dignitaries.

The Murli Deora Memorial Dialogues aim to encourage discussions on crucial topics such as public policy, social justice, and economic development, with this year's central theme being "Leadership and Good Governance." Speaking on leadership and governance, Vice President Dhankhar emphasized that citizens must hold their elected representatives accountable, as awareness is key to a functioning democracy. He highlighted that governance is the responsibility of the executive branch, which is answerable to both the people and the legislature. Leadership, he stressed, is not merely defined by a position but by vision and purpose. Citing the Upanishads, he stated that true happiness comes from sacrifice and that leaders must embrace this philosophy. He also reiterated the principle of "Satyameva Jayate" (Truth Alone Triumphs) from the Mundaka Upanishad, emphasizing that Vedic wisdom encourages collective action for the greater good.

Deputy Chief Minister Eknath Shinde paid tribute to Murli Deora, describing him as a leader who maintained dialogue with all and worked his way up from a municipal corporator to a Union Minister through positive and dedicated efforts. He lauded the Memorial Dialogues for focusing on leadership and governance, stressing that Chhatrapati Shivaji Maharaj’s leadership serves as an inspiration for governance today. He further stated that the government is dedicated to serving the common people and credited Prime Minister Narendra Modi for enhancing India's global reputation through good governance.

The event’s introductory remarks were delivered by MP Milind Deora, setting the stage for insightful discussions on leadership and democratic governance

– Vice President Jagdeep Dhankhar

Mumbai, March 6: A perpetual confrontational approach contradicts the fundamental principles of democracy. This eternal principle should serve as a guiding doctrine for governance, providing direction to both current and future leaders. If India remains committed to democratic values, it will achieve the highest levels of prestige and success, said Vice President Jagdeep Dhankhar.

He was speaking at the inauguration of the Murli Deora Memorial Dialogues, an event organized in memory of former Union Minister Murli Deora. The event was attended by Governor C.P. Radhakrishnan, Vice President’s wife Dr. Sudesh Dhankhar, Deputy Chief Minister Eknath Shinde, Members of Parliament Milind Deora and Ashok Chavan, Amruta Fadnavis, Hema Deora, Raghavendra Singh from Kotak Bank, and other distinguished dignitaries.

The Murli Deora Memorial Dialogues aim to encourage discussions on crucial topics such as public policy, social justice, and economic development, with this year's central theme being "Leadership and Good Governance." Speaking on leadership and governance, Vice President Dhankhar emphasized that citizens must hold their elected representatives accountable, as awareness is key to a functioning democracy. He highlighted that governance is the responsibility of the executive branch, which is answerable to both the people and the legislature. Leadership, he stressed, is not merely defined by a position but by vision and purpose. Citing the Upanishads, he stated that true happiness comes from sacrifice and that leaders must embrace this philosophy. He also reiterated the principle of "Satyameva Jayate" (Truth Alone Triumphs) from the Mundaka Upanishad, emphasizing that Vedic wisdom encourages collective action for the greater good.

Deputy Chief Minister Eknath Shinde paid tribute to Murli Deora, describing him as a leader who maintained dialogue with all and worked his way up from a municipal corporator to a Union Minister through positive and dedicated efforts. He lauded the Memorial Dialogues for focusing on leadership and governance, stressing that Chhatrapati Shivaji Maharaj’s leadership serves as an inspiration for governance today. He further stated that the government is dedicated to serving the common people and credited Prime Minister Narendra Modi for enhancing India's global reputation through good governance.

The event’s introductory remarks were delivered by MP Milind Deora, setting the stage for insightful discussions on leadership and democratic governance

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