Saturday, 4 July 2026

दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। वर्ष 2016 में पारित दिव्यांगजन

 राज्यपाल ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री ने दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। वर्ष 2016 में पारित दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम ने विभिन्न प्रकार की दिव्यांगताओं से ग्रसित नागरिकों को उनके अधिकारों की प्रभावी कानूनी सुरक्षा प्रदान की है। उन्होंने बताया कि देश में लगभग 2.68 करोड़ तथा महाराष्ट्र में लगभग 30 लाख दिव्यांगजन हैं। राज्य सरकार द्वारा स्वरोजगार, पुनर्वास, सामाजिक सुरक्षा तथा 'सुगम' पोर्टल के माध्यम से दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए अनेक उपयोगी पहल की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों का समावेशी विकास केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की नैतिक जिम्मेदारी है।

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