सामान्यांना निःशुल्क आरोग्य सेवेसाठी मुंबई महानगरपालिकेच्या
रुग्णालयात "झिरो प्रिस्क्रिपशन पॉलिसी" राबवावी
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांचे महानगरपालिका आयुक्तांना निर्देश
"झिरो प्रिस्क्रिपशन पॉलिसी" राबविणारी
मुंबई महानगरपालिका देशातली पहिली महानगरपालिका ठरणार
मुंबई, दि. 23 : मुंबई महानगरपालिकेच्या रुग्णालयात देण्यात येणाऱ्या सर्व वैद्यकीय सुविधा व औषधोपचार नागरिकांना उपलब्ध करुन देण्यासाठी "झिरो प्रिस्क्रिपशन पॉलिसी" राबविण्यासाठी सविस्तर आढावा घेऊन सर्वंकष अहवाल सादर करावा, असे निर्देश मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी मुंबई महानगरपालिका आयुक्त डॉ. इकबालसिंह चहल यांना दिले आहेत. "झिरो प्रिस्क्रिपशन पॉलिसी" राबविणारी मुंबई महानगरपालिका देशातली पहिली महापालिका ठरणार असून त्यामुळे आरोग्य सेवा पूर्णतः लोकाभिमुख व निःशुल्क उपलब्ध होतील.
ही योजना राबविण्यासाठी बृहन्मुंबई महानगरपालिकेमार्फत राबविण्यात येणाऱ्या औषधे व संसाधने खरेदी प्रक्रियेमध्ये सुधारणा करण्याचे निर्देश देखील मुख्यमंत्री श्री. शिंदे यांनी दिले आहेत.
मध्यंतरी मुख्यमंत्री श्री. शिंदे यांनी के.ई.एम रुग्णालयाला भेट दिली होती. त्यावेळी रुग्ण व नागरिकांशी झालेल्या चर्चेदरम्यान काही त्रुटी निदर्शनास आल्या होत्या. महानगरपालिका रुग्णालयात उपलब्ध औषधे व संसाधनां व्यतिरिक्त नातेवाईकांमार्फत रुग्णांच्या उपचारासाठी खर्च केला जातो.
गरीब रुग्णांवर या खर्चाचा अतिरिक्त बोजा पडतो. आरोग्य उपचारावर होणाऱ्या (आऊट ऑफ पॉकेट एक्सपेंडिचर) खर्चामुळे साधारणतः १० टक्के नागरिक दारिद्रयरेषेखाली खेचले जातात. राष्ट्रीय स्तरावर विविध संस्थांनी केलेला अभ्यास व संशोधनातून निदर्शनास आल्याचे महानगरपालिकेचे अतिरीक्त आयुक्त डॉ. सुधाकर शिंदे यांनी सांगितले.
गरीब रुग्णांना महापालिकेच्या रुग्णालयांमार्फत नि:शुल्क सेवा उपलब्ध व्हावी यासाठी "झिरो प्रिस्क्रिपशन पॉलिसी" राबविण्याबाबत महानगरपालिकेला निर्देश दिले आहेत. त्यासाठी यासंदर्भात सविस्तर अभ्यास करून अहवाल सादर करण्याच्या सूचनाही मुख्यमंत्र्यांनी महानगरपालिका आयुक्त यांना दिले आहेत.
मुंबई महानगरपालिकेमार्फत ४ वैद्यकीय महाविद्यालय, १ दंत महाविद्यालय, १६ उपनगरीय रुग्णालये, ५ विशेष रुग्णालये, ३० प्रसुतिगृहे, १९२ दवाखाने सुरू आहेत. याखेरीज २०२ “हिंदुहृदयसम्राट बाळासाहेब ठाकरे आपला दवाखाना" देखील कार्यरत आहेत. या वैद्यकीय व्यवस्थेतील रुग्णालयांमध्ये ७१००, उपनगरीय रुग्णालयामध्ये ४०००, विशेष रुग्णालयात ३००० व इतर अशा एकूण सुमारे १५ हजार रुग्णशय्या आहेत. यामध्ये ५० हजार पेक्षा अधिक रुग्ण दररोज बाह्य रुग्ण सेवेचा लाभ घेतात. तसेच, वार्षिक सरासरी २० लाख पेक्षा अधिक रुग्ण आंतर रुग्ण सेवेचा लाभ घेतात.
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आम लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य देखभाल के लिए मुंबई नगर निगम
अस्पताल में "जीरो प्रिस्क्रिप्शन नीति" लागू की जानी चाहिए
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का नगर निगम आयुक्त को निर्देश
"जीरो प्रिस्क्रिप्शन नीति" लागू करने वाला मुंबई नगर निगम देश का पहला नगर निगम होगा l
मुंबई, दि. 23 : मुंबई नगर निगम अस्पतालों में प्रदान की जाने वाली सभी चिकित्सा सुविधाएं और दवाएं नागरिकों को उपलब्ध कर के "जीरो प्रिस्क्रिप्शन पॉलिसी" को लागू करने के लिए विस्तृत समीक्षा के बाद एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत की जानी चाहिए ऐसे निर्देश मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई नगर निगम आयुक्त डॉ. इकबाल सिंह चहल को दिये है l मुंबई नगर निगम "जीरो प्रिस्क्रिप्शन पॉलिसी" लागू करने वाला देश का पहला नगर निगम होगा। अतः स्वास्थ्य सेवाएँ पूर्णतः जनोन्मुखी एवं निःशुल्क उपलब्ध होंगी।
इस योजना को लागू करने के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम के माध्यम से दवाओं और संसाधनों की खरीद की प्रक्रिया सुधार के निर्देश साथ ही मुख्यमंत्री श्री. शिंदे ने दी है l
बीच में मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने केईएम अस्पताल का दौरा किया l उस समय मरीजों और नागरिकों से चर्चा के दौरान कुछ त्रुटियां बताई गईं। नगर निगम अस्पताल में उपलब्ध दवाएं और संसाधन रिश्तेदारों के माध्यम से मरीजों के इलाज पर खर्च किए जाते हैं।
गरीब मरीजों को इन लागतों का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ता है। स्वास्थ्य देखभाल पर अपनी जेब से खर्च करने के कारण लगभग 10 प्रतिशत नागरिक गरीबी रेखा से नीचे आ गए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न संस्थानों द्वारा कराया गया अध्ययन एवं अनुसंधान से यह पता चला है ऐसा नगर निगम अपर आयुक्त डॉ. सुधाकर शिंदे ने कहा l
नगर निगम को नगर अस्पतालों के माध्यम से गरीब मरीजों को मुफ्त सेवाएं प्रदान करने के लिए "जीरो प्रिस्क्रिप्शन नीति" लागू करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने नगर निगम आयुक्त को इस संबंध में विस्तृत अध्ययन कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश भी दिये हैं l
मुंबई नगर निगम के माध्यम से 4 मेडिकल कॉलेज, 1 डेंटल कॉलेज, 16 उपनगरीय अस्पताल, 5 विशेष अस्पताल, 30 प्रसूति अस्पताल, 192 औषधालय चल रहे हैं। इसके अलावा 202 "हिन्दू हृदयश्रमत बालासाहेब ठाकरे आप दवाखाना" भी कार्यरत हैं। इस चिकित्सा प्रणाली में अस्पतालों में 7100 अस्पताल के बिस्तर, उपनगरीय अस्पतालों में 4000, विशेष अस्पतालों में 3000 और अन्य कुल मिलाकर लगभग 15 हजार अस्पताल के बिस्तर हैं। इसमें प्रतिदिन 50,000 से अधिक मरीज बाह्य रोगी सेवाओं से लाभान्वित होते हैं। साथ ही, सालाना औसतन 20 लाख से अधिक मरीज अंतर-रोगी सेवाओं से लाभान्वित होते हैं।
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Implement ‘Zero Prescription Policy’ in BMC dispensaries for free healthcare to common patients, Chief Minister Eknath Shinde directs Municipal Commissioner
BMC will be the first municipal corporation to implement ‘Zero Prescription Policy’ in the country
Mumbai, Nov 23: Chief Minister Eknath Shinde today issued directives to Mumbai Municipal Corporation Commissioner Dr. Iqbal Singh Chahal to submit a comprehensive report after taking an extensive review of implementing the ‘Zero Prescription Policy’ to provide all medical facilities and treatment to citizens in BMC dispensaries. BMC will be the first municipal corporation in the entire country to implement the ‘Zero Prescription Policy’ which will make the health care services people-oriented and free of cost.
To implement this scheme the Chief Minister also directed to make suitable amendments in the process of purchasing medicines and resources by the BMC.
Earlier, Chief Minister Shinde had paid a visit to the KEM Hospital. He noticed some discrepancies during the discussion with the patients and citizens. The relatives of the patients bear the expenses of their treatment in addition to medicines and resources available in the BMC hospitals.
The poor patients have to bear the cost of these additional expenses. This ‘Out of Pocket Expenditure’ affects nearly 10 percent of citizens who are pushed below the poverty line. This is brought to the fore by the study and research conducted by various institutions at the national level, said additional BMC Commissioner Dr. Sudhakar Shinde.
Therefore, to provide free healthcare to poor patients through the BMC hospitals the ‘Zero Prescription Policy’ should be implemented and directives are issued to this effect to the municipal corporation. The Chief Minister has asked the municipal commissioner to submit a report after conducting a thorough study in this regard.
The BMC runs four medical colleges, 1 dental college, 16 suburban dispensaries, 5 special hospitals, 30 maternity homes, and 192 dispensaries. Besides, the 202 ‘Hinduhruday Samrat Balasaheb Thackeray Apla Dawakhana’ are put to the service of the patients. There are 7100 beds available in the hospitals, 4000 in suburban hospitals, 3000 in special hospitals, and others totaling to 15000 beds approximately. More than 50000 patients take advantage of OPD services while 20 lakh plus patients take advantage annually of the indoor patients’ facility and services.
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