Sunday, 11 January 2026

Revised Alignment of Nagpur–Chandrapur Expressway Approved

 Revised Alignment of Nagpur–Chandrapur Expressway Approved

– Chief Minister Devendra Fadnavis

• Measures to be taken to ease traffic congestion on Hadapsar–Yavat Road

• Meeting of the Cabinet Infrastructure Committee

 

Nagpur, Dec 9: The Cabinet Infrastructure Committee chaired by Chief Minister Devendra Fadnavis has approved the revised alignment of the 204-km Nagpur–Chandrapur Expressway. The decision was taken after considering the instructions received from the Government of India’s Gati Shakti Portal under the Nagpur–Chandrapur High-Speed Corridor. The committee also granted an extension for the redevelopment of land parcels at Ghatkopar (East), Chembur and Andheri (West) Ambivali Mudran Kamgar Nagar and Chunabhatti in Mumbai through privatization.

संसदीय अध्ययन वर्ग सभी के लिए है उपयोगी –

 संसदीय अध्ययन वर्ग सभी के लिए है उपयोगी – उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

          भारतीय लोकतंत्र इस देश की वास्तविक ताकत है। विभिन्न जाति और धर्मों के लोग एक साथ रहते हैंयही हमारे लोकतंत्र की विशेषता है। संविधान द्वारा दी गई हमारी संसदीय लोकतंत्र की व्यवस्था देश की नीतियों को दिशा देती है। भारतीय संविधान सर्वोत्तम है और उसी आधार पर देश चलता है। संविधान नागरिकों को उनके कर्तव्यों की याद दिलाता है। अध्ययन वर्ग में विद्यार्थियों को यह सब प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर मिलेगा। यह संसदीय वर्ग विद्यार्थियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिए भी उपयोगी हैऐसा भी उपमुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कहा।

          इस कार्यक्रम का संचालन सांस्कृतिक कार्य मंत्री तथा राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के कोषाध्यक्ष एड. आशिष शेलार ने किया। तो वहीं आभार प्रदर्शन उपसभापति डॉ. नीलम गोऱ्हे ने किया। इस अध्ययन वर्ग में राज्य के अलग-अलग 12 विश्वविद्यालयों से राजनीति विज्ञान के विद्यार्थी शामिल हुए हैं।

0000

संसदीय अध्ययन वर्ग लोकतंत्र को मजबूत करने वाली

 संसदीय अध्ययन वर्ग लोकतंत्र को मजबूत करने वाली उपक्रम – अध्यक्ष एड. राहुल नार्वेकर

          एड. राहुल नार्वेकर ने कहा कि राष्ट्रमंडल संसदीय संघ द्वारा आयोजित अध्ययन वर्ग सबसे पुराना और महत्वपूर्ण उपक्रम (पहल) हैजिसका उद्देश्य संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करना है। अगर संसदीय लोकतंत्र को ज्यादा मजबूत करना है तो जनता को उसकी गहरी समझ और जानकारी होनी जरूरी है। इस अध्ययन वर्ग से सदन के कार्य और संविधान में निहित प्रावधानों का पालन कैसे होता हैइसकी जानकारी मिलेगीऐसा श्री नार्वेकर ने कहा।

विधानमंडल के माध्यम से लोकतंत्र का प्रतिबिंब –

 विधानमंडल के माध्यम से लोकतंत्र का प्रतिबिंब – सभापति प्रो. राम शिंदे

          सभापति प्रो. राम शिंदे ने कहा कि भारत गणराज्य के 75 वर्ष पूरे होने के समय 51वां संसदीय अध्ययन वर्ग आयोजित किया जा रहा है। हमारे देश में संसदीय लोकतंत्र को अद्वितीय महत्व है। विधानमंडल के माध्यम से लोकतंत्र का प्रतिबिंब दिखाई देता है। विधानमंडल के सदनों के माध्यम से आम नागरिकों तक योजनाएँ पहुँचती हैं और राज्य को विकास की दिशा मिलती है। अध्ययन वर्ग से लोकतंत्र पर आधारित संवादशिक्षाजागरूकता और अनुशासन सदैव सीखा जा सकता हैऐसा भी सभापति प्रो. शिंदे ने कहा।

राज्य की छोटी से छोटी घटना का असर भी विधानमंडल में

 राज्य की छोटी से छोटी घटना का असर भी विधानमंडल में दिखाई देता है। विधानमंडल के कामकाज से लोकतांत्रिक प्रक्रिया जीवंत रहती है। सदन के सभापति और अध्यक्ष हमारे हेडमास्टर होते हैं; उनकी मंजूरी के बिना सदन में कुछ भी नहीं हो सकता है। संसदीय लोकतंत्र में अनेक प्रकार के औज़ार (टूल्स) हैं, जो लोकतंत्र को मजबूत करने के महत्वपूर्ण साधन हैं, ऐसा भी मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने कहा।

विधानमंडल में विभिन्न प्रकार के कानून बनाए जाते हैं, जो जनता की आशाओं और अपेक्षाओं

 मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानमंडल में विभिन्न प्रकार के कानून बनाए जाते हैंजो जनता की आशाओं और अपेक्षाओं को पूरी करने वाले होते हैं। कानून बनते समय सदन में गुणात्मक चर्चा होती है। किसी कानून का राज्य के अंतिम आम नागरिक पर क्या परिणाम होगाइसकी चर्चा भी सदन में की जाती है। विधानमंडल की मंजूरी के बिना राज्य के खजाने का एक रुपया भी खर्च नहीं किया जा सकता। विभागों को अपनी मांगें सदन में पेश करनी होती हैंउन पर चर्चा होती हैफिर मंजूरी के बाद बजट बनता है और उसके बाद कानून तैयार होता है। यह कानून ही राज्य के खजाने की चाबी हैऐसा भी उन्होंने इस अवसर पर कहा।

संसदीय अध्ययन वर्ग लोकतंत्र की पहचान कराने वाला मंच

 मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने कहा कि संसदीय अध्ययन वर्ग लोकतंत्र की पहचान कराने वाला मंच है। पुस्तकों के पाठ्यक्रम में हम लोकतंत्र के मूल्य और प्रक्रियाओं को पढ़ते हैंलेकिन इस वर्ग में इन प्रक्रियाओं को निकट से देखने का अवसर मिलता है। राज्य का कामकाज कैसे किया जाना चाहिएइसका नियम संविधान में दिया गया है। विधानसभा और विधान परिषदइन दोनों सदनों के नियम और उसमें दिए गए एक-एक शब्दप्रावधान संविधान पर आधारित हैं। विधानमंडल के कार्यों की सुंदर रचना भी संविधान ने की है।

Featured post

Lakshvedhi