Sunday, 9 November 2025

राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती

 राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती

संचार साथी’ पोर्टल के माध्यम से विदेशी नंबरों को भारतीय (+91) नंबर के रूप में दिखाकर की जाने वाली धोखाधड़ी की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

ऐसी शिकायतों पर दूरसंचार विभाग और पुलिस विभाग के समन्वय से तुरंत जांच और कार्रवाई की जाती है तथा संबंधित धोखाधड़ी नेटवर्क को निष्क्रिय किया जाता हैजिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती मिलती है।

नागरिकों से अपील है कि यदि उन्हें किसी अंतरराष्ट्रीय कॉल भारतीय नंबर (+91) से आती हुई दिखाई देतो वे तुरंत टोल-फ्री नंबर 1963 पर इसकी सूचना दें।

मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखें

 मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखें

नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने मोबाइल उपकरण की मूल खरीद रसीद (Invoice) सुरक्षित रखेंक्योंकि उस पर संबंधित उपकरण का IMEI नंबर अंकित होता है।

यदि मोबाइल उपकरण में दो सिम स्लॉट हैंतो उसमें दो अलग-अलग IMEI नंबर होते हैं।
उपयोगकर्ता *#06# डायल करके अपने IMEI नंबर देख सकते हैं और उसका स्क्रीनशॉट ईमेल या किसी सुरक्षित स्थान पर संरक्षित रख सकते हैं।

ऐसा करने सेउपकरण के खो जाने या चोरी होने पर आवश्यक जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी और तत्काल कार्रवाई संभव होगी।

संचार साथी’ के माध्यम से नागरिक अपने गुम मोबाइल का दुरुपयोग रोक सकते हैंऔर धोखाधड़ी या संदिग्ध कॉल की रिपोर्ट दर्ज कर साइबर सुरक्षा की श्रृंखला में सक्रिय योगदान दे सकते हैं।

पोर्टल और ऐप की प्रमुख सुविधाएं ‘संचार साथी’ पोर्टल पर तीन प्रमुख सेवाएं उपलब्ध हैं —

 पोर्टल और ऐप की प्रमुख सुविधाएं

संचार साथी’ पोर्टल पर तीन प्रमुख सेवाएं उपलब्ध हैं 

  • Know Your Mobile Connections (अपने मोबाइल कनेक्शन जानें)
  • Block Your Lost/Stolen Mobile (गुम या चोरी हुए मोबाइल को ब्लॉक करें)
  • Verify IMEI (आईएमईआई की जांच करें)

इन सेवाओं के माध्यम से नागरिक अपने नाम से जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैंगुम या चोरी हुए उपकरण का IMEI ब्लॉक कर सकते हैंऔर उपकरण की प्रामाणिकता की जांच कर सकते हैं। इन सुविधाओं से मोबाइल पहचान प्रबंधन और सुरक्षा को मजबूती मिली है।

इसके अतिरिक्तचक्षु नामक एक विशेष सेवा के माध्यम से नागरिक संदिग्ध कॉलएसएमएस या व्हाट्सएप संदेशों की शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इससे धोखाधड़ीसाइबर अपराधफर्जी पहचान निर्माण और अनचाहे व्यावसायिक संदेशों पर रोक लगाने में सहायता मिलती

दूरसंचार क्षेत्र में पारदर्शिता, सुरक्षा और जनसहभागिता की दिशा में : ‘संचार साथी’ पोर्टल और ऐप

 दूरसंचार क्षेत्र में पारदर्शितासुरक्षा और जनसहभागिता की दिशा में :

संचार साथी’ पोर्टल और ऐप

मुंबईदि. नवंबर: देश के 120 करोड़ से अधिक दूरसंचार उपभोक्ताओंविशेष रूप से मोबाइल उपयोगकर्ताओं की डिजिटल सुरक्षा को सशक्त बनाने के लिए दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications – DoT) ने एक नागरिक-केंद्रित पहल - ‘संचार साथी’ - शुरू की है। मई 2023 में प्रारंभ किए गए इस डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से मोबाइल उपयोगकर्ताओं को अब अपने कनेक्शन पर नियंत्रण रखनेधोखाधड़ी से सुरक्षा प्राप्त करनेऔर सुरक्षा संबंधी खतरों की रिपोर्ट दर्ज करने की सरल और प्रभावी सुविधा उपलब्ध हो गई है।

मुंबई एलएसए दूरसंचार विभाग के निदेशक विनय जांभळी और उपमहानिदेशक (डीडीजी) सुमनेश जोशी ने महाराष्ट्र के नागरिकों से साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की अपील की है।

नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने मोबाइल उपकरणों से अनावश्यक ऐप्स तुरंत हटाएंफोन को हमेशा नवीनतम सुरक्षा ऐप्स के साथ अपडेट रखेंऔर दूरसंचार विभाग का नागरिक-केंद्रित संचार साथी’ ऐप डाउनलोड कर उसकी उपयोगी विशेषताओं का लाभ उठाएं।

*व्हर्टिकल प्रॉपर्टी कार्ड म्हणजे काय?*सहकारी सोसायटी प्रॉपर्टी धारकांसाठी

 *व्हर्टिकल प्रॉपर्टी कार्ड म्हणजे काय?*

महाराष्ट्र सरकारने आज देशातील सर्वात मोठी संपत्ती-क्रांती जाहीर केली. आता प्रत्येक फ्लॅटमालकाला ‘व्हर्टिकल प्रॉपर्टी कार्ड’ मिळणार असून, त्यात फ्लॅटसह खालच्या जमिनीचा वैयक्तिक हिस्सा कायमचा नोंदवला जाणार आहे!“आजपासून फ्लॅट म्हणजे फक्त छत नव्हे, तर जमिनीचा मालक!” असे उद्गार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी काढले.या कार्डमध्ये इमारतीचे एकूण क्षेत्रफळ, तुमचा नेमका हिस्सा (उदा. 1/150 हिस्सा) आणि QR कोडसह डिजिटल स्वाक्षरी असेल. सर्वात महत्त्वाचे म्हणजे सातबारा उताऱ्यावर तुमचे नाव शेतकऱ्याप्रमाणे चढणार आहे. नवीन फ्लॅटना 1 जानेवारी 2026 पासून हे कार्ड सक्तीचे, तर जुन्या 2 कोटी फ्लॅटमालकांना केवळ 500 रुपयांत 2027 पर्यंत मिळेल. बँक लोन, रिडेव्हलपमेंट, वारसाहक्क आता 48 तासांत मिळेल.“60 वर्षांची गुंतागुंत एका कार्डाने संपली. महाराष्ट्राने देशाला नवा आदर्श दिल्याची प्रतिक्रिया राज्याचे महसूलमंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील यांनी दिली.


*नवीन कार्ड काय देणार?*

मुख्य प्रॉपर्टी कार्डसोबतच तुम्हाला वैयक्तिक ‘व्हर्टिकल कार्ड’चे फायदे मिळतील. उदाहरणार्थ इमारतीखालील एकूण चटई क्षेत्रफळ 10 हजार चौ.फूट आहे.   त्यात तुमचा नेमका हिस्सा 99.25 चौ.फूट जमीन अधिक 800 चौ.फूट हवेतला भाग असेल.  यात QR कोडसह डिजिटल स्वाक्षरी असल्याने छेडछाड अशक्य आहे.


https://chat.whatsapp.com/KUXgbl7r8eTHsSl6MIErsq?mode=wwt


*सातबारा उताऱ्यावर नाव*

आता ग्रामीण भागातल्या शेतकऱ्याप्रमाणे मुंबई-पुण्यातल्या फ्लॅटमालकाचाही सातबारा उताऱ्यावर हिस्सा दिसेल! ‘गट नं. 456/2, हिस्सा 1/120’ असे लिहिले जाईल. वारसनोंद, विक्री, गहाण ठेवणे सोपे होणार.


*का आणली ही क्रांती?*

रिडेव्हलपमेंटमध्ये बिल्डर फसवणूक करायचे. बँका लोन देण्यास नकार द्यायच्या. न्यायालयात १५-२० वर्षे खटले चालायचे अशा विविध कारणांमुळे 2 कोटींहून जास्त फ्लॅटमालक हैराण होते 


*कधी मिळणार?*

उच्चस्तरीय समितीचा अहवाल डिसेंबर 2025 पर्यंत येणार. जानेवारी 2026 पासून नवीन फ्लॅटना तरतूद सक्तीची, जुन्या इमारतींना 2 वर्षांत अपडेट करता येणार. अवघ्या ₹500 शुल्कात तुमची जमीन तुमच्या नावावर!आता फ्लॅट म्हणजे खरोखरच ‘माझ्या मालकीची जमीन + त्यावरचे माझे घर’! सरकारने 60 वर्षांची गुंतागुंत एका कार्डाने संपवली आहे.  


*FAQ*

*व्हर्टिकल प्रॉपर्टी कार्ड१. प्रश्न: व्हर्टिकल प्रॉपर्टी कार्ड म्हणजे नेमके काय आहे?*

उत्तर: हे एक स्वतंत्र कायदेशीर कागदपत्र आहे जे तुम्हाला तुमच्या फ्लॅटसह इमारतीखालच्या जमिनीतील तुमचा नेमका हिस्सा (उदा. १/१०० किंवा ९९.५० चौ.फूट) कायमस्वरूपी देते. हे मुख्य प्रॉपर्टी कार्डला जोडलेले असते आणि QR कोडसह डिजिटल स्वाक्षरी असते.


*प्रश्न: माझ्या जुन्या फ्लॅटला हे कार्ड कधी आणि कसे मिळेल?*

उत्तर: जानेवारी २०२६ पासून नवीन इमारतींना हे कार्ड सक्तीचे होईल. जुन्या सोसायट्यांना २ वर्षांत (डिसेंबर २०२७ पर्यंत) फक्त ₹५०० शुल्क भरून सोसायटीमार्फत अर्ज करता येईल. सातबारा उताऱ्यावरही तुमचे नाव आपोआप चढेल.


*प्रश्न: याचा मला काय फायदा होईल?*

उत्तर:  बँक लोन त्वरित मिळेल.रिडेव्हलपमेंटमध्ये बिल्डर फसवू शकणार नाही. विक्री-वारसाहक्क २ दिवसांत पूर्ण होईल.न्यायालयात खटला चालण्याची वेळ १५ वर्षांऐवजी १५ दिवस! तुम्ही खरोखरच “जमिनीचे मालक” व्हाल, फक्त “फ्लॅटचे” नव्हे!

🕉️💐🕉️💐🕉️

A Trusted Companion in the Digital Era

 A Trusted Companion in the Digital Era

Through this initiative, citizens are becoming more secure, aware, and empowered in the digital age. The ‘Sanchar Saathi’ platform is truly living up to its name - becoming the reliable companion of every telecom user and a key step towards transparent, safe, and participative digital governance.

For more information, visit: www.sancharsaathi.gov.in

 Other Useful Services

The “Find Wireline Internet Service Providers (ISPs)” service helps citizens easily identify licensed ISPs in their locality.

The “Trusted Contact Details” feature enables users to verify the authenticity of websites, email IDs, or contact numbers, protecting them from online fraud.

Under this initiative, more than 2.35 crore SIM-related cases have been successfully resolved, 40 lakh mobile handsets blocked (of which 25 lakh have been traced), and action has been taken against over 39 lakh suspicious telecom resources.

To increase public awareness, the Department of Telecommunications is conducting wide-reaching publicity and awareness campaigns.

With the mobile app version now available, these services have become even more convenient and accessible for the general public.

Featured post

Lakshvedhi