Saturday, 9 August 2025

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्या हस्ते ‘मिशन बाल भरारी’ एआय अंगणवाडीचा शुभारंभ,नागपूर जिल्हा परिषदेचा अभिनव उपक्रम

 मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्या हस्ते मिशन बाल भरारी’ एआय अंगणवाडीचा शुभारंभ

मिशन बाल भरारी’ उपक्रमातून जिल्ह्यातील 40 बालवाडींचा होणार कायपालट

नागपूर जिल्हा परिषदेचा अभिनव उपक्रम

 

नागपूरदि. 27: नागपूर जिल्हा परिषदेअंतर्गत बालवाडीच्या माध्यमातून लहानपणीच बालमनावर एआय तंत्रज्ञानाच्या माध्यमातून त्यांच्या कल्पनाशक्तीला चालना मिळावीमहानगरातील मुलांना ज्या सेवासुविधांच्या माध्यमातून घरच्याघरीच जो विश्वास मिळतो तो विश्वास ग्रामीण भागातील अंगणवाड्यांमध्ये शिकणाऱ्या मुलांनाही मिळावा यादृष्टीने मिशन बाल भरारी’ उपक्रमाचा आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्या हस्ते शुभारंभ करण्यात आला.

मेट्रो भवन येथे भारतातील पहिल्या एआय अंगणवाडी उपक्रमाच्या शुभारंभ प्रसंगी केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरीपालकमंत्री तथा राज्याचे महसूल मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळेकृषी राज्यमंत्री ॲड आशिष जयस्वालआमदार सर्वश्री कृष्णा खोपडेप्रविण दटकेसंजय मेश्रामविभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरीजिल्हाधिकारी डॉ. विपीन इटनकरजिल्हा परिषदेचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनायक महामुनी व मान्यवर उपस्थित होते.

ही भारतामधील पहिली आगळीवेगळी पायलट योजना असूनअंगणवाडी ताईंना या स्मार्ट साधनांचा प्रभावी वापर करण्यासाठी विशेष प्रशिक्षण देण्यात आले आहे. मिशन बाल भरारी’ अंतर्गत जिल्हा परिषदेचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनायक महामुनी यांच्या नेतृत्वाखाली नागपूर जिल्ह्यात आणखी 41 एआय अंगणवाड्या सुरू करण्याचा संकल्प करण्यात आला आहे. ग्रामीण आणि शहरी शिक्षणातील दरी मिटवून प्रत्येक मुलाचा उत्साह वाढावाआनंद आणि कुतूहलाने त्याला शिकता यावेहा या उपक्रमामागील भावनिक संकल्प आहे. हा संकल्प महाराष्ट्रातील बालशिक्षणामध्ये ऐतिहासिक बदल घडवेल असा विश्वास विनायक महामुनी यांनी व्यक्त केला.


 

भारताची पहिली एआय-सक्षम अंगणवाडी म्हणून गणना होणाऱ्या  हिंगणा तालुक्यातील वडधामना येथे सुरू करण्यात आलेल्या मुलांना यातून कवितागाणी आणि अभ्यासक्रम शिकविण्यासाठी व्हिआर हेडसेट्सएआय-संलग्न स्मार्ट डॅशबोर्ड्स आणि इंटरॅक्टिव्ह डिजिटल कंटेंट यांसारख्या अत्याधुनिक तंत्रज्ञानाचा वापर केला जात आहे. ही सोय प्रीमियम खासगी बालवाड्यांमध्येही उपलब्ध नाहीअसे वैशिष्ट्य या प्रकल्पात आहे.

 

क्लेफ्ट विकार एक जन्मजात स्थिति है जिसमें होंठ और तालु फटे हुए होते हैं। अनुमानतः हर 700 बच्चों में

 क्लेफ्ट विकार एक जन्मजात स्थिति है जिसमें होंठ और तालु फटे हुए होते हैं। अनुमानतः हर 700 बच्चों में से एक को यह विकार होता है। इसका एकमात्र इलाज शल्यचिकित्सा है। यदि समय पर उपचार न किया जाएतो बच्चों को सुनने में कठिनाईबोलने में परेशानी और सामाजिक बहिष्कार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकिइस पर पूरी तरह काबू पाया जा सकता है – आमतौर पर 6-7 सर्जरी के बाद। ये सर्जरी महंगी होती हैंजिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए उपचार कराना कठिन हो जाता है। इसी कारण मुख्यमंत्री फडणवीस ने पूरी तरह मुफ्त इलाज की यह विशेष पहल शुरू की है।

यदि क्लेफ्ट विकार से ग्रस्त बच्चों को समय पर इलाज मिलेतो वे सामान्य जीवन जी सकते हैं। इसलिए सिर्फ इलाज नहींबल्कि जनजागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है। यही कारण है कि महा स्माइल्स’ अभियान विदर्भ के बच्चों के लिए स्वास्थ्यदूत साबित होने जा रहा है। यह अभियान ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के हजारों परिवारों के लिए नई आशा की किरण बनकर उभरेगा। अब तक जानकारी के अभाव में उपेक्षित इस समस्या का समाधान विशेषज्ञों की मदद से संभव होगा।

मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस ने विश्वास व्यक्त किया है कि स्माइल ट्रेन और बजाज फिनसर्व के सहयोग से महाराष्ट्र के 11 जिलों में जन्मजात फटे होंठ और तालु की समस्या से जूझ रहे बच्चों के जीवन में आशा और मुस्कान लौटेगी।

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बच्चों के चेहरे पर जन्म से होने वाले विकार जैसे फटे होंठ (क्लेफ्ट) और तालु (पैलेट) की सर्जरी व जनजागरण के माध्यम से

 महा स्माइल्स’ अभियान से विदर्भ के मासूम चेहरों पर फिर खिलेगी मुस्कान

– मुख्यमंत्री के संवेदनशील पहल से यह संभव

मुंबईदिनांक 27 : बच्चों के चेहरे पर जन्म से होने वाले विकार जैसे फटे होंठ (क्लेफ्ट) और तालु (पैलेट) की सर्जरी व जनजागरण के माध्यम से मासूम चेहरों पर मुस्कान लौटाने का कार्य महा स्माइल्स’ अभियान और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संवेदनशील पहल के कारण संभव हो पाया है। मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस का यह एक महत्वपूर्ण लक्ष्य हैऔर इसी उद्देश्य से उन्होंने विदर्भ के ऐसे बच्चों के इलाज व जागरूकता अभियान के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं से सहयोग की अपील की थी।

मुख्यमंत्री फडणवीस की इस अपील पर 'स्माइल ट्रेन इंडियानामक अंतरराष्ट्रीय स्वयंसेवी संस्था और बजाज फिनसर्व की शेफाली बजाज ने सकारात्मक प्रतिसाद दिया। इसके चलते यह सपना अब मिशन मोड में साकार होता दिखाई दे रहा है।

स्माइल ट्रेन इंडिया’ और बजाज फिनसर्व की सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) की भावना से यह अभियान पूरी तरह से नि:शुल्क चलाया जाएगा। महा स्माइल्स – क्लेफ्ट जागरूकता और उपचार अभियान’ केवल एक चिकित्सा योजना नहींबल्कि हजारों बच्चों को नया जीवन देने वाली एक आशावादी सामाजिक मुहिम बनने जा रही है। इस विशेष अभियान का शुभारंभ नागपुर में 31 जुलाई 2025 को प्रातः 11 से दोपहर 12:30 बजे तक स्वामी विवेकानंद मेडिकल मिशन हॉस्पिटलखापरी में किया जाएगा। इस पहले चरण में आगामी 90 दिनों के दौरान तीन विशेष मोबाइल वैन विदर्भ के 11 जिलों में भ्रमण कर लोगों को क्लेफ्ट विकार के बारे में जानकारी देंगी। इसमें प्रारंभिक निदानउपचार की सिफारिश और ज़रूरतमंद बच्चों के लिए मुफ्त शल्यचिकित्सा की पंजीकरण सुविधा जैसे उपक्रम शामिल होंगे। सर्जरी नागपुरगोंदियाअकोला और वर्धा के अस्पतालों में की जाएगी।

डायग्नोस्टिक सेंटर व्यापार नहीं, सेवा का माध्यम है –

 डायग्नोस्टिक सेंटर व्यापार नहींसेवा का माध्यम है – केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि समाज के वंचितों और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति की सेवा करने का अंत्योदय का विचार पं. दीनदयाल उपाध्याय ने दिया था। उसी मार्ग पर मैं लगातार कार्य कर रहा हूं। राष्ट्र निर्माणसमाजसेवा और जनसेवा – यही राजनीति का सच्चा अर्थ है। अपने कार्यों के माध्यम से गरीबों का जीवन कैसे बदल सकता हैइस पर मैं विचार करता हूं। इसी प्रेरणा से और अनेक लोगों के सहयोग से स्व. भानुताई गडकरी मेमोरियल डायग्नोस्टिक सेंटर की स्थापना संभव हो पाई। जिस मां ने जन्म दियाउसके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का यह अवसर मुझे मिला – इसका संतोष मुझे है। यह केंद्र व्यापार का नहींबल्कि सेवा का माध्यम है – यह बात भी उन्होंने विशेष रूप से कही।

 

नितिनजी को समाजसेवा की प्रेरणा स्व. भानुताई गडकरी से मिली। इसी प्रेरणा से वे देश में बड़े

 मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि नितिनजी को समाजसेवा की प्रेरणा स्व. भानुताई गडकरी से मिली। इसी प्रेरणा से वे देश में बड़े पैमाने पर कार्य कर पा रहे हैं। समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण को ही उन्होंने अपने कार्य का केंद्रबिंदु बनाया है। उपेक्षितों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए वे निरंतर कार्यरत हैं। उद्योगकृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में उनका विशिष्ट योगदान रहा है। इसी श्रृंखला में डायग्नोस्टिक सेंटर भी जुड़ता है।

उन्होंने आगे कहा कि एक ओर जहां चिकित्सा क्षेत्र में उन्नत तकनीक का उपयोग बढ़ रहा हैवहीं सेवाओं की कीमतें भी बढ़ रही हैं। ऐसे में यदि एमआरआई और सीटी स्कैन की मशीनें भारतीय निर्मित होंतो सेवाओं की लागत भी कम रहेगी। साथ ही भविष्य में महात्मा फुले जन आरोग्य योजना की प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अस्पतालों की संख्या भी बढ़ानी पड़ेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करते समय सेवा-भाव और संवेदनशीलता जरूरी हैं। अगले चार वर्षों में महाराष्ट्र में देश की सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार की जाएगी और सिकल सेलथैलेसीमिया व एनीमिया के उपचार के लिए नई योजना बनाई जाएगी।

 

सिकल सेल, थैलेसीमिया और एनीमिया के उपचार के लिए नई योजना बनाई जाएगी pl share

 अगले चार वर्षों में महाराष्ट्र में देश की सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य व्यवस्था का निर्माण करेंगे

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 

सिकल सेलथैलेसीमिया और एनीमिया के उपचार के लिए नई योजना बनाई जाएगी

स्व. भानुताई गडकरी मेमोरियल डायग्नोस्टिक सेंटर का उद्घाटन

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरीपालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की उपस्थिति

 

नागपुर, 27 जुलाई – प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से हर तीन किलोमीटर पर स्वास्थ्य सेवाओं का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। अगले चार वर्षों में महाराष्ट्र में देश की सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित की जाएगी। इस दिशा में स्वयंसेवी संस्थाओं और नागरिकों की सहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। आगामी समय में सिकल सेलथैलेसीमिया और एनीमिया जैसे गंभीर और महंगे इलाजों के लिए एक नई योजना बनाई जाएगी। यह जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज यहां दी।

लष्करीबाग स्थित कमाल चौक पर स्व. भानुताई गडकरी ग्रामीण विकास संस्था द्वारा संचालित स्व. भानुताई गडकरी मेमोरियल डायग्नोस्टिक सेंटर का उद्घाटन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी अध्यक्षता मेंराज्य के राजस्व मंत्री एवं जिल्हा पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुलेसंस्था की अध्यक्ष कंचनताई गडकरी विशेष रूप से उपस्थित थीं।

विधानसभा सदस्य संदीप जोशीप्रवीण दटकेआशीष देशमुखबेंगलुरु स्थित महाबोधि सोसाइटी के महासचिव पूज्य भंते आनंद थेरानागपुर स्थित रामकृष्ण मठ के अध्यक्ष राघवेंद्र स्वामीपूर्व मंत्री अॅड. सुलेखा कुंभारेराजेश लोयाविशाखापट्टनम स्थित AMTZ के प्रबंध निदेशक डॉ. जितेंद्र शर्मापूर्व महापौर दयाशंकर तिवारीपूर्व सांसद डॉ. विकास महात्मेपूर्व विधायक गिरीश व्यास और टेकचंद सावरकर समेत अनेक मान्यवर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सेवा के साथ संवेदनशीलता भी उतनी ही जरूरी है। नितिनजी के पास सेवा और संवेदना दोनों ही गुण हैं। इसलिए उन्होंने अपनी माता के नाम से डायग्नोस्टिक सेंटर शुरू कर गरीबों की सेवा का संकल्प लिया और उसे साकार भी किया। यह केंद्र स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगाऐसा विश्वास मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने इस अवसर पर व्यक्त किया।

 

डायग्नोस्टिक सेंटर हे व्यवसायाचे नव्हे तर सेवेचे माध्यम - केंद्रीय मंत्री

 डायग्नोस्टिक सेंटर हे व्यवसायाचे नव्हे तर सेवेचे माध्यम -  केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी

समाजातील वंचितांचीशेवटच्याच्या माणसाची सेवा करण्याचेत्यांचे जीवन सुसह्य करण्याचा अंत्योदयाचा विचार पं. दीनदयाल उपाध्याय यांनी दिला. त्या मार्गावर सातत्याने कार्य करीत आहे. राष्ट्रकारणसमाजकारण आणि सेवाकारणहाच राजकारणाचा खरा अर्थ आहे. त्यामुळे आपल्या कार्यातून गरिबांचे जीवन कसे बदलू शकतोयाचा विचार मी करत असतो. त्याच प्रेरणेतून अनेकांच्या सहकार्याने स्व. भानुताई गडकरी मेमोरियल डायग्नोस्टिक सेंटरची स्थापना होऊ शकली आहे. ज्या आईने जन्म दिला तिच्याप्रती कृतज्ञता व्यक्त करू शकलो याचे समाधान आहेअशी भावना केंद्रीय रस्ते वाहतूक व महामार्ग मंत्री नितीन गडकरी यांनी व्यक्त केली व्यक्त केली. हे केंद्र व्यवसायाचे नव्हे तर सेवेचे माध्यम आहेयाचाही त्यांनी आवर्जून उल्लेख केला.प्रास्ताविक कांचनताई गडकरी यांनी केले. तर संचालन डॉ. रिचा सुगंध यांनी केले.

स्व. भानुताई गडकरी मेमोरियल डायग्नोस्टिक सेंटरची वैशिष्ट्ये

•          6000 चौरस फूटांचे बांधकाम

•          वेटिंग एरियासह संपूर्ण वातानुकूलित यंत्रणा

•          पूर्णपणे पेपरलेस कार्यप्रणाली

•          उच्च क्षमतेचे सर्व्हर्स

•          तांत्रिकदृष्ट्या पात्र व प्रशिक्षित कर्मचारी

एमआरआय (MRI)

•          मेड इन इंडिया मशिन्स

•          1.5 टेस्ला हाय-एंड इमेजिंग, 16 चॅनल

•          MUSIC तंत्रज्ञानामुळे जलद स्कॅन शक्यइमेज क्वालिटीमध्ये कोणतीही तडजोड नाही

सीटी स्कॅन (CT Scan)

•          मेड इन इंडिया मशिन्स

•          मोठी शरीरयष्टी असलेल्या रुग्णांसाठी मोठे बोअर

•          कमी वेळात स्कॅन – संपूर्ण छातीचे स्कॅन फक्त 6 सेकंदांत

•          BIS, AERB, CDSCO मान्यताप्राप्त

डिजिटल एक्स-रे (Digital X-Ray)

•          उच्च दर्जाची डिजिटल एक्स-रे सेवा

डायलिसिस (Dialysis)

•          5 उच्च दर्जाच्या डायलिसिस मशिन्स

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