Wednesday, 23 October 2024

२८८ विधानसभा मतदारसंघासाठी केंद्रीय निरीक्षकांची नियुक्ती ‘सी-व्हिजिल ॲप’वर आचारसंहिता भंगाच्या १०११ तक्रारी प्राप्त; यापैकी ९९५ निकाली

 २८८ विधानसभा मतदारसंघासाठी केंद्रीय निरीक्षकांची नियुक्ती

‘सी-व्हिजिल ॲप’वर आचारसंहिता भंगाच्या

१०११ तक्रारी प्राप्तयापैकी ९९५ निकाली

 

 मुंबईदि. २३ : राज्यात विधानसभा सार्वत्रिक निवडणूक - २०२४ साठी १५ ऑक्टोबर २०२४ पासून आदर्श आचारसंहिता लागू झाली आहे. निवडणूक प्रक्रियेवर लक्ष ठेवण्यासाठी भारत निवडणूक आयोगाकडून केंद्र निरीक्षक (Central Observer) यांची नियुक्ती करण्यात आले आहेत. राज्यातील २८८ विधानसभा मतदारसंघासाठी १३९ सामान्य निरीक्षक (General Observer), ४१ पोलीस निरीक्षक (Police Observer) व ७१ खर्च निरीक्षक (Expenditure Observer) यांची नियुक्ती केली असल्याची माहिती मुख्य निवडणूक कार्यालयामार्फत देण्यात आली आहे.

‘सी-व्हिजिल’ ॲपवर आचारसंहिता भंगाच्या ९८ टक्के तक्रारी निकाली

१५ ते २३ ऑक्टोबर २०२४ पर्यंत राज्यभरात ‘सी-व्हिजिल ॲप’(C-Vigil app)वर एकूण १०११ तक्रारी प्राप्त झाल्या असून त्यापैकी ९९५ तक्रारी निवडणूक आयोगाकडून निकाली काढण्यात आल्या आहेत. म्हणजे एकूण ९८ टक्के तक्रारी निकाली काढण्यात आल्या आहेत.

सजग नागरिकांना आचारसंहिता पालनासाठी सहकार्य करणारे ‘सी-व्हिजिल ॲप’ (C-Vigil app) हे कोणत्याही ॲपस्टोअरमधून करता येते. या ॲपव्दारे नागरिकांना आचारसंहिता भंगाबाबत तक्रार करता येते. तक्रार दाखल झाल्यानंतर संबंधित पथकाव्दारे चौकशी करुन योग्य ती कारवाई करण्यात येते.

४४ कोटी ८० लाख रुपयांची मालमत्ता जप्त

राज्य शासनाच्या व केंद्र शासनाच्या विविध अंमलबजावणी यंत्रणांद्वारे करण्यात आलेल्या कारवाईत बेकायदा पैसेदारूड्रग्ज व मौल्यवान धातू इत्यादी बाबतीत एकूण ४४ कोटी ८० लाख रुपयांची मालमत्ता जप्त करण्यात आली आहे. आचारसंहितेची राज्यात प्रभावी अंमलबजावणी सुरु असल्याचे मुख्य निवडणूक कार्यालयामार्फत सांगण्यात आले आहे.

 

आचारसंहिता भंगाच्या तक्रारींचा जिल्हानिहाय तपशील :

अ.क्र.

जिल्हा

एकूण दाखल तक्रारी

निवडणूक अधिकारी यांनी निकाली काढलेल्या तक्रारी

1.                   

अहमदनगर

३९

३९

2.                   

अकोला

3.                   

अमरावती

३२

३१

4.                 

औरंगाबाद

२१

१९

5.                  

बीड

6.                   

भंडारा

११

११

7.                  

बुलडाणा

8.                  

चंद्रपूर

२६

२६

9.                   

धुळे

१८

१२

10.               

गडचिरोली

००

००

11.               

गोंदिया

12.               

हिंगोली

१४

१३

13.               

जळगाव

१३

१३

14.             

जालना

१२

१२

15.              

कोल्हापूर

16.               

लातूर

17.              

मुंबई शहर

१९

१८

18.              

मुंबई उपनगर

१२७

१२६

19.               

नागपूर

२९

२९

20.              

नांदेड

२८

२८

21.               

नंदुरबार

22.              

नाशिक

23.              

उस्मानाबाद

24.             

पालघर

25.              

परभणी

26.              

पुणे

२१४

२११

27.             

रायगड

१०

१०

28.              

रत्नागिरी

29.              

सांगली

००

००

30.              

सातारा

२५

२५

31.               

सिंधुदुर्ग

००

००

32.              

सोलापूर

३९

३९

33.              

ठाणे

२१८

२१७

34.             

वर्धा

35.              

वाशिम

36.              

यवतमाळ

५१

५१

 

एकूण

१०११

९९५

 

लोकसभा निवडणूक २०२४ मध्ये एकूण ३६६ दखलपात्र गुन्हे दाखल झाले आहे. सदर दखलपात्र गुन्ह्यांमध्ये मतदान कर्मचारी, निवडणूक साहित्य (EVM/VVPAT), आचारसंहिता, सोशल मीडिया/फेक न्यूज व इतर बाबींशी संबंधित आहे. या ३६६ गुन्ह्यांपैकी ३६ गुन्हे अंतिम झाले असून ३०६ गुन्हे न्यायप्रविष्ट आहेत, तसेच १६ गुन्हे तपासाधीन असल्याची माहिती मुख्य निवडणूक कार्यालयामार्फत देण्यात आली आहे.

आज़ से हेमंत ऋतु आरम्भ।* आओ हम इस मौसम की विशेषताएं जानें।*

 *🚩🌺आज़ से हेमंत ऋतु आरम्भ।* 

*🚩🌺आओ हम इस मौसम की विशेषताएं जानें।*


🚩🌺🚩🌺🚩🌺🚩🌺🚩

*🚩🌺हेमंत ऋतु  गर्म चाय के मग के साथ बिस्तर में आराम करने का मौसम है , और हम सभी इसके लिए तैयार हैं।* 


*🚩🌺आज़ हम आधिकारिक तौर पर हेमंत ऋतु में प्रवेश कर चुके हैं , जिसे प्री-विंटर सीज़न के रूप में भी जाना जाता है, जो पारंपरिक आयुर्वेदिक कैलेंडर में छह ऋतुओं में से एक है। यह आमतौर पर नवंबर और दिसंबर के महीनों से जुड़ा हुआ है।*


*🚩🌺आयुर्वेद का मानना ​​है कि इस अवधि के दौरान शरीर स्वाभाविक रूप से सूखापन, ठंड और जमाव के प्रति अधिक संवेदनशील होता है, और शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा का समर्थन करना महत्वपूर्ण है।  इसलिए हम यहाँ कुछ समग्र आयुर्वेदिक अभ्यास लेकर आए हैं जो हेमंत ऋतु  के दौरान संतुलन और सेहत को बढ़ावा देने का एक शक्तिशाली तरीका हो सकता है ।*


*🚩🌺इस दौरान एक प्रभावी आयुर्वेदिक अभ्यास गर्म, पौष्टिक खाद्य पदार्थों और मसालों का उपयोग है। इसमें अदरक, हल्दी और दालचीनी जैसे गर्म मसालों के साथ-साथ जड़ वाली सब्जियाँ और पौष्टिक अनाज से बने सूप और स्टू शामिल हो सकते हैं। ये खाद्य पदार्थ सर्दियों की ठंड और शुष्कता के खिलाफ शरीर की प्राकृतिक रक्षा का समर्थन करने में मदद कर सकते हैं।*


*🚩🌺यहां कुछ व्यंजन दिए गए हैं जिनका आप आनंद ले सकते हैं:*


*🚩🌺1. हल्दी वाला दूध:*


*🚩🌺यह गर्म और पौष्टिक पेय दूध को हल्दी, अदरक और शहद या मेपल सिरप जैसे स्वीटनर के साथ उबालकर बनाया जाता है। हल्दी एक गर्म मसाला है जो प्रतिरक्षा प्रणाली का समर्थन कर सकता है और समग्र कल्याण को बढ़ावा दे सकता है।*


*🚩🌺2. गरम मसालों के साथ सब्जी का सूप:*


*🚩🌺यह स्वादिष्ट सूप आलू, गाजर जैसी कई तरह की सब्जियों से बनाया जाता है, जिसे अदरक, जीरा और धनिया जैसे गर्म मसालों के साथ पकाया जाता है। यह सूप एक गर्म और पौष्टिक भोजन है जो ठंड के महीनों में शरीर को सहारा दे सकता है।*


*🚩🌺3. खिचड़ी:*


*🚩🌺यह पारंपरिक आयुर्वेदिक व्यंजन चावल और दाल के मिश्रण से बनाया जाता है, और इसमें जीरा, धनिया और हल्दी जैसे कई तरह के गर्म मसाले डाले जा सकते हैं। खिचड़ी एक सरल और पौष्टिक भोजन है जिसे आसानी से पचाया जा सकता है, जो इसे उन लोगों के लिए एक बढ़िया विकल्प बनाता है जो सर्दियों के दौरान सुस्त महसूस कर रहे हैं।*


*🚩🌺4. अदरक की चाय:*


*🚩🌺अदरक एक गर्म और स्फूर्तिदायक मसाला है जो प्रतिरक्षा प्रणाली और पाचन का समर्थन कर सकता है। अदरक की चाय बनाने के लिए, बस एक बर्तन में पानी उबालें, उसमें कटा हुआ अदरक डालें और 10-15 मिनट तक उबलने दें। छान लें और चाहें तो शहद डालकर मीठा करें।*


*🚩🌺आहार संबंधी विचारों के अतिरिक्त, आयुर्वेद दैनिक स्व-देखभाल प्रथाओं को शामिल करने की भी सिफारिश करता है जैसे:* 


*🚩🌺1. तेल मालिश या अभ्यंग*


*🚩🌺अभ्यंग हमारी त्वचा को पोषण और नमी प्रदान करने में मदद कर सकता है क्योंकि हमारी त्वचा शुष्क हो जाती है। अभ्यंग करने के लिए यहाँ एक सामान्य मार्गदर्शिका दी गई है :*


*🚩🌺ऐसा तेल चुनें जो आपके दोष या आयुर्वेदिक शरीर के प्रकार के लिए उपयुक्त हो। उदाहरण के लिए, तिल का तेल पौष्टिक और ग्राउंडिंग है, और वात और कफ प्रकारों के लिए अच्छा है। नारियल का तेल ठंडा और चिकनाई देने वाला है, और पित्त प्रकारों के लिए अच्छा है।*


*🚩🌺तेल को बोतल या जार में डालकर गर्म पानी के कटोरे में डालकर गर्म करें। जब आप इसे अपनी त्वचा पर लगाएँ तो तेल गर्म होना चाहिए, लेकिन बहुत ज़्यादा नहीं।*


*🚩🌺अपनी उंगलियों से गोलाकार स्ट्रोक का उपयोग करके अपने स्कैल्प में तेल की मालिश करके शुरू करें। लंबे, कोमल स्ट्रोक का उपयोग करके अपने चेहरे, गर्दन और कंधों तक नीचे की ओर बढ़ें।*


*🚩🌺इसके बाद, अपनी बाहों और पैरों पर जाएं और अपने जोड़ों और मांसपेशियों में तेल की गोलाकार गति से मालिश करें।*


*-🚩🌺 अंत में, अपने पैरों के तलवों और उंगलियों के बीच थोड़ा सा तेल रगड़ें।*


*🚩🌺नहाने से पहले तेल को कम से कम 10-15 मिनट तक अपनी त्वचा में लगा रहने दें।*


*🚩🌺अभ्यंग को रात में सोने से पहले करना सबसे अच्छा होता है, क्योंकि यह मन और शरीर को आराम देने और आरामदायक नींद को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। इसे सुबह के समय भी किया जा सकता है ताकि त्वचा और इंद्रियों को स्फूर्ति और पोषण मिले।*


*🚩🌺हमारे  पोषक की मसाज तेल से खुद को पोषित करें, जो अभ्यंग के लिए एक आयुर्वेदिक मिश्रण है*


*🚩🌺2. गर्म जल चिकित्सा या स्वेदन*


*🚩🌺स्वेदन एक पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचार है जिसमें रोमछिद्रों को खोलने, रक्तसंचार में सुधार लाने और शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने के लिए गर्म पानी का उपयोग किया जाता है।* 


*🚩🌺यहां बताया गया है कि आप घर पर स्वेदन कैसे कर सकते हैं:*


 *- 🚩🌺सबसे पहले एक बर्तन में पानी गर्म करें जब तक कि वह आरामदायक रूप से गर्म न हो जाए, लेकिन बहुत ज़्यादा गर्म न हो। पानी का तापमान ऐसा होना चाहिए जो आपके शरीर को उसमें डुबाने के लिए आरामदायक हो।*


- *🚩🌺एक बड़े टब या बेसिन में गर्म पानी भरें और उसमें अपनी पसंद की जड़ी-बूटियाँ या आवश्यक तेल डालें। स्वेदना में इस्तेमाल की जाने वाली कुछ आम जड़ी-बूटियों में अदरक, सौंफ़ और हल्दी शामिल हैं।*


- *🚩🌺टब या बेसिन में बैठें और गर्म पानी को अपने शरीर से गर्दन तक ढकने दें।* 


*🚩🌺यदि आप टब का उपयोग कर रहे हैं, तो आप कंट्रास्ट प्रभाव पैदा करने के लिए ऊपर से कुछ इंच ठंडा पानी भी डाल सकते हैं।*


*🚩🌺15-30 मिनट तक पानी में रहें, ताकि गर्मी आपकी त्वचा और मांसपेशियों में प्रवेश कर सके। आप अपनी त्वचा की अशुद्धियों को दूर करने के लिए लूफा या स्पोंज का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।*


*🚩🌺जब आपका काम पूरा हो जाए, तो टब को खाली कर दें और अपने शरीर को ठंडे पानी से धो लें, इससे आपके छिद्र बंद हो जाएंगे और रक्त संचार बढ़ेगा।*


*🚩🌺अगर आपको असहजता या ज़्यादा गर्मी महसूस होने लगे तो अपने शरीर की आवाज़ सुनना और ज़्यादा देर तक पानी में न रहना ज़रूरी है।* 


*🚩🌺स्वेदना शाम को करना सबसे अच्छा है, क्योंकि यह मन और शरीर को आराम देने और आरामदायक नींद को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। अपने शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करने के लिए उपचार के बाद बहुत सारा पानी पीना भी महत्वपूर्ण है।*


*🚩🌺हेमंत ऋतु के दौरान आयुर्वेदिक देखभाल का एक और महत्वपूर्ण पहलू शरीर की प्राकृतिक रक्षा तंत्र का समर्थन करने के लिए हर्बल उपचार का उपयोग है। इसमें अश्वगंधा जैसी प्रतिरक्षा-बढ़ाने वाली जड़ी-बूटियों के साथ-साथ श्वसन स्वास्थ्य का समर्थन करने वाली जड़ी-बूटियाँ, जैसे मुलेठी की जड़ और तुलसी का उपयोग शामिल हो सकता है।*


*🚩🌺अमृतम के लोजेंज माल्ट के गुणों का आनंद लें,  यह एक आयुर्वेदिक औषधीय नुस्खा है जो तुलसी, वासा, मुलेठी, पुष्करमूल और त्रिभुवन कीर्ति रस के गुणों से तैयार किया गया है, जो  श्वसन स्वास्थ्य में मदद करता है।*


*🚩🌺कुल मिलाकर, समग्र आयुर्वेदिक प्रथाओं को शामिल करना सर्दियों के मौसम में संतुलन और सेहत को बनाए रखने का एक शक्तिशाली तरीका हो सकता है। शरीर को गर्म, पौष्टिक खाद्य पदार्थों से पोषण देकर, स्व-देखभाल प्रथाओं को शामिल करके और सहायक जड़ी-बूटियों का उपयोग करके, व्यक्ति इस मौसम में अपने समग्र स्वास्थ्य और सेहत को बढ़ावा दे सकते हैं।*


*🚩🌺हम आशा करते हैं कि हेमंत ऋतु का मौसम आपको आनंदमय और खुशनुमा बनाएंगे !*


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राज्यपालांच्या दूरस्थ उपस्थित राष्ट्रीय शैक्षणिक धोरण या विषयावरील चर्चासत्र संपन्न

 राज्यपालांच्या दूरस्थ उपस्थित राष्ट्रीय शैक्षणिक धोरण

या विषयावरील चर्चासत्र संपन्न

 

मुंबई, दि. २३ : नागपूर येथील भारतीय व्यवस्थापन संस्था (आयआयएम नागपूर) यांनी आयोजित केलेल्या 'राष्ट्रीय शैक्षणिक धोरण २०२०या विषयावरील एक दिवसीय पश्चिम विभागीय परिषदेचे उद्घाटन राज्यपाल तथा कुलपती सी. पी. राधाकृष्णन यांच्या दूरस्थ उपस्थितीत आज संपन्न झाले.

या परिषदेला आयआयएम नागपूरचे संचालक डॉ. भीमराया मेत्रीविद्यापीठ अनुदान आयोगाचे अध्यक्ष एम. जगदीश कुमारविविध विद्यापीठांचे कुलगुरूप्राचार्य तसेच शिक्षण क्षेत्राशी निगडित मान्यवर उपस्थित होते.

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Governor addresses Conference on NEP

 

Mumbai, 23 : Maharashtra Governor and Chancellor of State Universities C. P. Radhakrishnan today inaugurated the One-Day Western Zone Conference for Autonomous Colleges on "Implementation of NEP 2020' through online mode.

This Conference was organized by IIM Nagpur. Director, IIM Nagpur Dr. Bhimaraya Metri, Chairman of University Grants Commission M. Jagadesh Kumar, Vice Chancellors, Directors, Principals, Academic Experts, Students were present.

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संगीतभूषण पं. राम मराठे* *जन्मदिनाची* ⚜️⚜️💐⚜️⚜️

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     🌻 *-li.आनंदी°पहाट.il-* 🌻


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        *संगीतभूषण पं. राम मराठे*

                  *जन्मदिनाची*

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         *आपल्या मुलाचे सुप्तगुण वडिलांनी ओळखले. त्याची गायनाची आणि अभिनयाची आवड, क्षमता हेरुन कलागुणाला प्रोत्साहन दिले. मुलानेही त्याचे चिज केले. संगीतभूषण ठरले. कुणी रागांचा बादशहा म्हणून गौरविले.*   

        *श्री रामचंद्र पुरुषोत्तम मराठे अर्थात पं. राम मराठे. जन्म पुणे (१९२४-१९८९). हे चित्रपट.. नाट्य.. संगीत क्षेत्रातील गायक.. नट.. अभिनेते असे चतुरस्त्र व्यक्तीमत्व. त्यांची जन्मशताब्दी साजरी होत आहे.*

        *हिन्दी मराठी चित्रपटात बालकलावंत म्हणून नावलौकिक प्राप्त केला. मनमोहन, जहागीरदार, वतन (हिन्दी) सह १६ चित्रपटात भूमिका केल्या. व्ही. शांताराम यांच्या 'गोपालकृष्ण' मध्ये कृष्णाची मध्यवर्ती भूमिका केली. तर प्रभातच्याच 'माणूस' (आदमी-हिंदी) मध्येही भूमिका केली. पूढे अभिनेते म्हणून यशस्वी होणे सहज शक्य होते. पण शास्त्रीय संगीताकडे त्यांचा ओढा होता. त्यांनी अनेक गुरुंकडे शास्त्रीय संगीताचे धडे घेतले.* 

        *त्यांनी सगळ्या संगीत घराण्यातील उत्तम ते आत्मसात करुन शास्त्रीय गायक म्हणून ओळख निर्माण केली. देशभरातील संगीत महोत्सवात त्यांच्या गायकीला दाद मिळाली. ख्याल गायक म्हणून विशेष ओळख मिळाली. त्यांचे वैशिष्ट म्हणजे वेगवेगळ्या दिग्गज गायकांची गाणी ते मैफिलीत त्यांच्या लकबीसह एवढे हुबेहूब गायचे की श्रोत्यांना मूळ गायकच ऐकतोय असे वाटायचे. यामध्ये पं. राम मराठेंचा अभिनयही दिसायचा.*

        *त्यांच्या गाण्याचे वैशिष्ट्य म्हणजे गळ्याची उत्तम फिरत, खुला दमदार आवाज, तानेतील स्पष्टता, दाणेदारपणा व समेवर हमखास येण्याचे कौशल्य होते. त्यांना शेकडो बंदिशी अवगत होत्या. गणपतराव बोडस यांनी त्यांना संगीत रंगभूमीवर आणले. बालगंधर्वा सह दिग्गज गायकासह भूमिका करताना ठसा उमटवला. त्यांनी 'मदनाची मंजिरी', 'संगीत मंदार-माला', 'मेघमल्हार' इ. नाटकाला संगीतही दिले.. अभिनयही केला.*

        *आकाशवाणी तसेच अनेक विद्यापीठाच्या मंडळावर कार्य केले. संगीत नाटक अकादमीसह अनेक पुरस्कार प्राप्त झाले. पं. राम मराठे यांच्या गायनात अनेक गायक भेटल्याचा आनंद श्रोत्यांना व्हायचा.. ते संतृप्त व्हायचे. त्यांनी पं. उल्हास कशाळकर, विश्वनाथ बागुल सारखे अनेक शिष्य घडविले. त्यांचा वारसा मुले, मुली, नातवंडे चालवत आहेत. त्यांच्या ध्वनीमुद्रिका म्हणजे संगीत क्षेत्राचा मोठा ठेवा आहे.*

        *हिन्दुस्थानी संगीत समृद्ध करणाऱ्या या चतुरस्त्र व्यक्तीमत्व पं. राम मराठे यांना जन्मशताब्दी वर्षात विनम्र अभिवादन.*


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  *जयोस्तुते हे उषादेवते*

  *देवि दयावति महन्मंगले*


  *रुचिर-यौवना रूप-सुंदरा*

  *जगन्मोहिनी अरुण-रंजिते*


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  *गीत : विद्याधर गोखले*  ✍️

  *संगीत : पं. राम मराठे*

  *स्वर : पं. राम मराठे*

  *नाटक : मंदार-माला*


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    *🌹🙏सुमंगल प्रभात🙏🌹*

              *-२३.१०.२०२४-*


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सी-व्हिजिल ॲपवर आचारसंहिता भंगाच्या ९१० तक्रारी प्राप्त; यापैकी ८९९ निकाली ३४ कोटी ६२ लाख रुपयांची मालमत्ता जप्त

 सी-व्हिजिल ॲपवर आचारसंहिता भंगाच्या

९१० तक्रारी प्राप्तयापैकी ८९९ निकाली

३४ कोटी ६२ लाख रुपयांची मालमत्ता जप्त

 

 मुंबईदि. २२ : राज्यात विधानसभा सार्वत्रिक निवडणूक - २०२४ साठी १५ ऑक्टोबर २०२४ पासून आदर्श आचारसंहिता लागू झाली आहे. १५ ते २२ ऑक्टोबर २०२४ पर्यंत राज्यभरात सी-व्हिजिल (C-Vigil app) ॲपवर एकूण ९१० तक्रारी प्राप्त झाल्या असून त्यापैकी ८९९ तक्रारी निवडणूक आयोगाकडून निकाली काढण्यात आल्या आहेत. म्हणजे एकूण ९९ टक्के तक्रारी निकाली काढण्यात आल्या आहेत अशी माहिती राज्याचे अतिरिक्त मुख्य निवडणूक अधिकारी डॉ. किरण कुलकर्णी यांनी दिली आहे.

सजग नागरिकांना  आचारसंहिता पालनासाठी सहकार्य करणारे सी-व्हिजिल (C-Vigil app) ॲप हे कोणत्याही ॲपस्टोअरमधून करता येते. या ॲपव्दारे नागरिकांना आचारसंहिता भंगाबाबत तक्रार करता येते. तक्रार दाखल झाल्यानंतर संबंधित पथकाव्दारे चौकशी करुन योग्य ती कारवाई करण्यात येते.

राज्य शासनाच्या व केंद्र शासनाच्या विविध अंमलबजावणी यंत्रणांद्वारे करण्यात आलेल्या कारवाईत बेकायदा पैसेदारूड्रग्ज व मौल्यवान धातू इत्यादी बाबतीत एकूण ३४ कोटी ६२ लाख रुपयांची मालमत्ता जप्त करण्यात आली आहे, आचारसंहितेची राज्यात प्रभावी अंमलबजावणी सुरु असल्याचेही डॉ. कुलकर्णी यांनी सांगितले.

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मतदारांच्या माहितीसाठी

 मतदारांच्या माहितीसाठी

https://voters.eci.gov.in/ या संकेतस्थळावरुन मतदार यादीतील नावासंदर्भात माहिती उपलब्ध आहे या संकेत स्थळाला भेट द्यावीतसेच अधिक माहितीसाठी  हेल्पलाईन क्र. 1950 (टोल फ्री) वर संपर्क साधावा.

Voter helpline App – मतदारांना आपले नाव मतदार यादीत तपासता येईल व नवीन मतदार नोंदणी या ॲपद्वारे करता येईल. KYC App-  उमेदवारांबाबत माहिती या app वर उपलब्ध होऊ शकेल. C vigil ॲपच्या मदतीने आचारसंहिता उल्लंघन संदर्भातील तक्रार करता येते त्यानंतर त्यावर केलेल्या कारवाईची माहिती  100 मिनिटांत तुमच्यापर्यंत पोहोचते. जिल्हाधिकारी मुंबई शहर यांचे कार्यालय- नियंत्रण कक्ष क्र.-  022-2082 2781, निवडणूक नियंत्रण कक्ष - 7977363304

सुविधा पोर्टल

उमेदवारांना ऑनलाईन पध्दतीने नामनिर्देशन पत्र व शपथपत्र भरण्याकरता व निवडणूकीच्या अनुषंगाने विविध परवानग्या मिळणेसाठी अर्ज करण्याकरिता सुविधा या पोर्टलवर सर्व माहिती उपलब्ध आहे.

C-Vigil app

दि.15 ते 22 ऑक्टोबर 2024 पर्यंत  सी-व्हिजिल (C-Vigil app) ॲपवर एकूण 14 तक्रारी प्राप्त झाल्या असून या तक्रारी निकाली काढण्यात आल्या आहेत. तर NGSP पोर्टलवर 101 तक्रारी प्राप्त झाल्या असून 67 तक्रारी निकाली काढण्यात आल्या असून उर्वरित तक्रारींवर कार्यवाही सुरु आहे.

मतदान केंद्रांवर सुविधा

प्रत्येक मतदान केंद्रांवर पिण्याचे पाणीकचरापेटीस्वच्छतागृहदिव्यांगांसाठी व्हिलचेअर तसेच रॅम्पची व्यवस्थारांगांमध्ये गर्दी झाल्यास मतदारांना बसण्यासाठी खुर्ची किंवा बाकडेमोकळ्या ठिकाणी मतदान केंद्र असल्यास मंडपाची उभारणी,पंखे आदी निश्चित किमान सुविधा यादृष्टीने नियोजन करण्यात येत आहे. मतदान केंद्रावर ठळक अक्षरात येथील सुविधांचा फलक मतदार केंद्र क्रमांकदिशादर्शक  फलक लावण्यात येणार आहेत.

मनुष्यबळ

मुंबई शहर जिल्हयात 10 विधानसभा मतदार संघ असून एकूण 2537 मतदान केंद्र आहेत. ह्या मतदार केंद्राला प्रत्येकी एक असे 2537 बीएलओ आहेत. एकूण 364 क्षेत्रीय अधिकारी (Z.O) आहेत. जवळपास 12 हजार 500 पेक्षा अधिक मनुष्यबळ निवडणूक कामकाजासाठी उपलब्ध आहे.

मतदारांना आवाहन

प्रत्येक मतदाराला सुलभपणे मतदान करता यावे यासाठी मतदार चिठ्ठ्यांचे वितरण करण्यात येत आहे. नागरिकांना मतदान केंद्राविषयी माहिती उपलब्ध करुन द्यावी. ज्या मतदारांचा संपर्क होत नाही त्यांना दूरध्वनी, एसएमएस, व्हाट्सअप अशा माध्यमातून संपर्क करण्यात येवून मतदार केंद्राची माहिती देण्यात येत आहे. कोणत्याही प्रकारची मतदारांची गैरसोय होऊ नये. यासाठी दक्षता घेण्यात येत आहे.

मुंबई शहर जिल्ह्याबाबत माहिती

 मुंबई शहर जिल्ह्याबाबत माहिती

 एकूण मतदान केंद्र - 2 हजार 537 

 उत्तुंग इमारतीमधील (Highrise Building) मतदान केंद्र - 156

 सहकारी गृहनिर्माण सोसायटी मधील मतदान केंद्र 100,  

झोपडपटटी परिसरात मतदान केंद्र 313

मुंबई शहर जिल्हयात मंडपातील मतदान केंद्र 75

विधानसभा मतदार संघ निहाय मतदार संख्या

धारावी-  2 लाख 61 हजार 012

सायन-कोळीवाडा- 2 लाख 81 हजार 462

वडाळा -  2 लाख 05 हजार 12

माहिम- 2 लाख 25 हजार 415

वरळी -  2 लाख 63 हजार 697

शिवडी-  2 लाख 74 हजार 472

भायखळा- 2 लाख 58 हजार 12

मलबार हिल - 2 लाख 60 हजार 672

मुंबादेवी -   2 लाख 41 हजार 454

कुलाबा - 2 लाख 64 हजार 931

अशी एकूण 25 लाख 36 हजार 139 मतदार संख्या आहे 

 महिला – 11 लाख 72 हजार 944

पुरुष- 13 लाख 62 हजार 951

तृतीयपंथी 244

ज्येष्ठ नागरिक (85+)  54 हजार 033

नवमतदार संख्या (18-19 वर्ष)  38 हजार 325

दिव्यांग मतदार – 6 हजार 344

सर्व्हीस वोटर – 392

अनिवासी भारतीय मतदार - 406

 

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