Friday, 7 October 2022

कराड - चिपळूण राष्ट्रीय महामार्ग

 कराड - चिपळूण राष्ट्रीय महामार्गाच्या कामाचा

मंत्री शंभूराज देसाई यांच्याकडून आढावा

 

            मुंबई दि. 6 : कराड ते चिपळूण राष्ट्रीय महामार्गाच्या प्रलंबित कामाबाबत राज्य उत्पादन शुल्क मंत्री शंभूराज देसाई यांनी मंत्रालयात आढावा घेतला.

            मंत्री श्री.देसाई म्हणालेनाडेमल्हारपेठआडूळम्हावशी या गावातील अपूर्ण राहिलेली कामे तत्काळ पूर्ण करावी. हेळवाक ते ढाणकल रस्त्याचे डांबरीकरणाचे काम तातडीने पूर्ण करावे. पाटण ते संगमनगर नव्याने होणाऱ्या रस्त्याच्या काँक्रिटीकरणाचे काम लवकरात लवकर सुरू करण्यात यावे. तसेच कराड ते चिपळूण या राष्ट्रीय महामार्गावरील प्रलंबित रस्त्याची कामे एल अँड टी कंपनीने तातडीने पूर्ण करावीत, अशा सूचना संबंधितांना मंत्री श्री. देसाई यांनी दिल्या.

            या बैठकीस साताऱ्याचे जिल्हाधिकारी रूचेश जयवंशीजिल्हा परिषदेचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय गौडामुख्य अभियंता संतोष शेलारअधीक्षक अभियंता संभाजी धोत्रे तसेच विभागातील वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित होते.

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किसान आत्महत्या रोकने के लिए जैविक खेती को बढ़ावा

 राज्य में किसान आत्महत्या रोकने के लिए जैविक खेती को बढ़ावा

- मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

जैविक खेती को दिया जाएगा जन आंदोलन का रूप

 

             मुंबईदि. 6: किसान आत्महत्या रोकने और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 'डॉ. पंजाबराव देशमुख जैविक जन आंदोलन (मिशन) का स्वरूप देने का प्रयास करने का आश्वासन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती और डिजिटल खेती पर आयोजित कार्यशाला में दिया। 

            नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला मैं मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया। इस अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाहकेंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमरकेंद्रीय रसायन व उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री उपस्थित थे।

राज्य में 10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र जैविक खेती के अंतर्गत

            मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कहा कि राज्य में करीब 5.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्रमाणित जैविक खेती की जाती है। आदिवासी क्षेत्र सहित राज्य का 10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र प्राकृतिक खेती के अधीन है और केंद्र की कृषि विकास योजना तथा भारतीय प्राकृतिक कृषि प्रणाली योजना के माध्यम से जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में रासायनिक दवाओं और उर्वरकों के उपयोग को कम करने के लिए विज्ञान आधारित जैविक खेती के प्रयास चल रहे हैं। रासायनिक खाद और दवा के बिना भूमि संरक्षण करने के लिए राज्य सरकार प्राकृतिक खेती के तरीकों का इस्तेमाल बढ़ाने की अपील किसानों से करती है। इससे लागत कम होगी और अधिक लाभदायक खेती होने में मदद होगी। इससे छोटे किसानों को फायदा होगा।

जैविक खेती और डिजिटल खेती के लिए मास्टर ट्रेनर कार्यक्रम शुरू करेंगे

            राज्य में अब तक 1628 किसान गुटों के 61 हजार किसानों को प्रशिक्षित किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि किसानों को वाजिब कीमत पर प्राकृतिक और जैविक खेती को प्रमाणित करने के लिए राज्य सरकार की स्वतंत्र प्रमाणन संस्था की स्थापना की जा रही है. मुख्यमंत्री श्री. शिंदे ने कहा कि डॉ. पंजाबराव देशमुख जैविक खेती अभियान महाराष्ट्र में स्थापित किया गया है और इसके माध्यम से राज्य के किसान आत्महत्या ग्रस्त क्षेत्रों में जैविक खेती पर जोर दिया जा रहा है।‌ ऐसा भी श्री. शिंदे ने कहा। प्राकृतिक और डिजिटल खेती के संदर्भ में प्रशिक्षण की आवश्यकता है इसके लिए मास्टर्स ट्रेनर कार्यक्रम राज्य मैं शुरू किया जाएगा। ऐसा आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अपील की केंद्र सरकार इसके लिए सहयोग करे।‌

            कृषि व्यवसाय को प्रोत्साहन देने और कृषि उत्पादों की मूल्य श्रृंखला विकसित करने के लिए बालासाहेब ठाकरे स्मार्ट प्रोजेक्ट और एशियन डेवलपमेंट बैंक की मदद से मैग्नेट प्रोजेक्ट कार्यान्वित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से प्राकृतिक कृषि पर भी जोर दिया जा रहा है।

ई-फसल सर्वेक्षण में एक करोड़ हेक्टेयर से अधिक फसलों की जानकारी

            डिजिटल कृषि के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और राज्य में 2 करोड़ 20 लाख 45 हजार 901 किसानों की भूमि अभिलेख की जानकारी का डिजिटलीकरण पूरा कर लिए जाने की जानकारी मुख्यमंत्री श्री. शिंदे ने इस अवसर पर थी। उन्होंने कहा कि किसान ई-हक प्रणाली पर संशोधन पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा है और आवेदन की वर्तमान स्थिति जानने की सुविधा है। ई-फसल निरीक्षण उपक्रम के माध्यम से एक करोड़ हेक्टेयर से अधिक फसलों की जानकारी प्राप्त की गई है। प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना के ऑनलाइन पोर्टल पर 1 करोड़ 12 लाख किसानों का डेटाबेस उपलब्ध है। जमीनों के पंजीयन अनुसार इस डेटाबेस की मरम्मत की प्रक्रिया राज्य में चल रही है। यह डेटाबेस अन्य योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए उपयोगी होगा। ऐसा विश्वास भी मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर व्यक्त किया। ‌

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Emphasis on Organic Farming To Curb Farmer Suicides:

MAHA Chief Minister Eknath Shinde

“Organic farming to transform into a people's movement,” MAHA CM

 

            Mumbai, October 62022: Maharashtra Chief Minister Eknath Shinde today said that the 'Dr. Punjabrao Deshmukh Organic Farming Mission' has been established with the aim of preventing farmer suicides and to promote organic farming in the state. Chief Minister Shri Shinde assured that he will try to make organic farming a people's movement while speaking at a workshop on National Natural Farming and Digital Farming.

            The Maharashtra Chief Minister had participated in the national workshop held in New Delhi via and online interaction. Union Home Minister Amit Shah, Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar, Union Chemicals and Fertilizers Minister Mansukh Mandaviya and Chief Ministers of several other states of India were also present on the occasion.

10 lakh hectare area under organic farming in the state

            Chief Minister Shri. Shinde said that around 5.27 lakh hectares of certified organic farming was practiced in the state of Maharashtra. Ten lakh hectare area of the state, including in the tribal areas, is under natural farming where organic farming is being promoted under the Union Government’s Agricultural Development Scheme as well as the Indian Natural Farming System Scheme. “Efforts are currently underway in the state for a science-based organic farming culture to be established in order to reduce the use of chemicals and fertilizers in agriculture. The state government is appealing to farmers to increase the use of natural farming methods for soil conservation without chemical fertilizers and drugs. This will also lead to lower costs and more profitable farming. Small farmers will benefit from it in a big way,” Shri. Shinde said.

To start Masters Trainer Program for Organic Farming and Digital Farming

            Over 61,000 farmers from 1628 farmer groups have been imparted training in the state. Chief Minister Shri Shinde said that an independent certification body of the state government was being established to certify natural and organic farming at a nominal cost for the farmers. Dr. Panjabrao Deshmukh Organic Farming Campaign has been established in Maharashtra and through that, emphasis is being placed on organic farming in the areas of the state where higher farmer mortalities due to suicides have been registered, Chief Minister Shri. Shinde said.

            The Hinduriday Samrat Balasaheb Thackeray Smart Project and Magnet Project, with assistance of the Asian Development Bank, has been implemented to promote agribusiness and develop the value chain for agricultural products. The Chief Minister said that through these projects an emphasis is also being laid on natural farming.

Information on crops on more than one crore hectares in e-Crop Survey

            Efforts are being made for digital agriculture and the Chief Minister noted that digitization of land records, with information of 22045901 farmers in the state was already completed under this initiative. He said that there is a facility of online application for modification, registration on the Farmers E-Haq system and there is a facility to know the current status of the application. Information on crops on more than one crore hectares has been obtained through the e-crop inspection initiative. The database of 1.12 crore farmers is available on the online portal of Pradhan Mantri Shetkari Bima Yojana. The chief minister also expressed his belief that the process of repairing this database according to land records is going on in the state and this database will be useful for the implementation of other schemes.

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लम्पी चर्म रोग

 राज्यात लम्पी चर्म रोगाचे सुमारे ८०.८६ टक्के गोवंशीय पशुधनाचे लसीकरण पुर्ण;

३१ हजार १७९ पशुधन उपचाराने बरे

-आयुक्त सचिंद्र प्रताप सिंह

 

            मुंबईदि.६ : राज्यात पशुधनास मोफत लम्पी चर्मरोगाचे लसीकरण करण्यात आले आहे.  अकोलाजळगांवकोल्हापूरसांगलीवाशिममुंबई उपनगर आणि सातारा या जिल्ह्यांमधील लसीकरण १०० टक्के झाले आहे. खासगी संस्थासहकारी दूध संघ आणि वैयक्तिक पशुपालकांनी करून घेतलेले लसीकरण यांची आकडेवारी नुसार राज्यात  सुमारे ८०.८६ टक्के गोवंशीय पशुधनाचे लसीकरण झाले असून बाधित पशुधनापैकी एकूण 31 हजार 179 पशुधन उपचाराने बरे झाले असल्याचे पशुसंवर्धन आयुक्त सचिंद्र प्रताप सिंह यांनी सांगितले.

            श्री. सिंह म्हणाले, राज्यामध्ये दि. 6 ऑक्टोबर 2022 अखेर 32 जिल्ह्यांमधील एकूण 2238 गावांमध्ये लम्पी चर्मरोग प्रादुर्भाव दिसून आला आहे. बाधित गावांतील एकूण 59 हजार 865 बाधित पशुधनापैकी एकूण 31 हजार 179 पशुधन उपचाराने बरे झालेले आहे.  उर्वरित बाधित पशुधनावर उपचार सुरु आहेत. राज्यातील विविध जिल्ह्यांमध्ये आज अखेर एकूण 115.11 लक्ष लस  उपलब्ध करून देण्यात आली आहे. त्यामधून एकूण 113.14 लक्ष पशुधनास मोफत लसीकरण करण्यात आले आहे.

            राज्यात दि. 6 ऑक्टोबर 2022 पर्यंत जळगाव जिल्ह्यातील 421अहमदनगर जिल्ह्यातील 252धुळे जिल्ह्यात 35अकोला जिल्ह्यात 393पुणे जिल्ह्यात 136लातूर मध्ये 25औरंगाबाद 77बीड 8सातारा जिल्ह्यात 182बुलडाणा जिल्ह्यात 367अमरावती जिल्ह्यात 296उस्मानाबाद 9कोल्हापूर 117सांगली मध्ये 24,  यवतमाळ 3परभणी - 2सोलापूर 28वाशिम जिल्हयात 37नाशिक 8जालना जिल्ह्यात 15पालघर 2ठाणे 28नांदेड 25नागपूर जिल्ह्यात 6हिंगोली 1रायगड 7नंदुरबार 21,  वर्धा 2  व  गोंदिया - 1 असे एकूण 2 हजार 528 पशुधनाचा मृत्यू झाला असल्याचे श्री. सिंह यांनी सांगितले.

             श्री. सिंह म्हणाले, पशुपालकांनी भीती बाळगण्याचे कारण नसले तरी त्यांनी आवश्यक खबरदारी घ्यावी. संबधीत रोगाचा उपचार लक्षणे दिसल्यानंतर वेळेतच सुरू झाल्यास,  मृत्यूची शक्यता अत्यंत कमी असून बहुतांश पशु उपचाराला चांगला प्रतिसाद देत आहेत. तरी सर्व पशुपालकांनी लम्पी चर्म रोगाच्या संभाव्य  लक्षणांकडे बारकाईने लक्ष ठेवावे व त्वरित नजीकच्या पशुवैद्यकीय दवाखान्याशी संपर्क साधावा. 

Thursday, 6 October 2022

दसरा महोत्सव

 साताऱ्यातील पुढील वर्षाचा दसरा महोत्सव राज्य शासनाच्या सहकार्यातून

 - पालकमंत्री शंभूराज देसाई

 

            मुंबईदि. 6 : सातारा जिल्ह्यालाही राजघराण्याची परंपरा आहे. येथे दरवर्षी दसरा महोत्सव साजरा करण्यात येतो.  पुढील वर्षीपासून हा शाही दसरा महोत्सव राज्य शासनाच्या सहकार्यातून भव्य प्रमाणात   साजरा करण्यात येणार आहे. सातारा येथील दसरा महोत्सवाबाबत मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांच्यासोबत सकारात्मक चर्चा झाली आहे. पुढच्या वर्षीपासून सातारा येथे शाही दसरा महोत्सवाच्या नियोजनाबाबत खासदार छत्रपती उदयनराजे भोसले यांच्यासोबत पालकमंत्री म्हणून आपण स्वतः चर्चा करणार आहोतअशी माहिती राज्य उत्पादन शुल्क मंत्री तथा सातारा जिल्ह्याचे पालकमंत्री शंभूराज देसाई यांनी दिली.

            मंत्री श्री. देसाई म्हणालेसातारा जिल्ह्यास मोठी ऐतिहासिक पार्श्वभूमी आहे. हा जिल्हा शूरांची आणि वीरांची कर्मभूमी म्हणून ओळखला जातो. राज घराण्याची परंपरा सातारा जिल्ह्यास लाभलेली आहे. ही परंपरा  जगासमोर आणण्यासाठी पुढील वर्षापासून सातारा येथे दसरा महोत्सवाचे आयोजन करण्यात येणार आहे. या माध्यमातून साताऱ्याला जागतिक पातळीवर नेण्याचा आमचा प्रयत्न आहे.

गोपाल रत्न पुरस्कार -२०२२” करिता अर्ज करण्याचे आवाहन

 गोपाल रत्न पुरस्कार -२०२२ करिता अर्ज करण्याचे आवाहन

 

            मुंबई दि. ६ : केंद्र सरकारने गोपाल रत्न पुरस्कार - २०२२ राष्ट्रीय पुरस्काराकरिता ऑनलाईन पद्धतीने अर्ज मागविले आहेत. पात्र पशुपालक, कृत्रिम रेतन तंत्रज्ञसहकारी संस्था, दूध उत्पादक कंपनी आणि शेतकरी उत्पादक संस्थांनी https://awards.gov.in ह्या संकेतस्थळावर दि. १० ऑक्टोबर, २०२२ पर्यंत अर्ज करावेत, असे आवाहन पशुसंवर्धन आयुक्त सचिंद्र प्रताप सिंह यांनी केले आहे.

            गोपाल रत्न पुरस्कार - २०२२ पुरस्काराची तीन श्रेणीत विभागणी केली असून प्रत्येक श्रेणीमधून तीन याप्रमाणे एकूण नऊ पुरस्कार देण्यात येणार आहेत.

            पहिल्या श्रेणीत गायींच्या 50 जाती आणि म्हशींच्या 17 जातींपैकी कोणत्याही मान्यताप्राप्त देशी जातीची देखभाल करणारे शेतकरीपशुपालक पुरस्कारासाठी अर्ज करण्यास पात्र असतील.

            दुसऱ्या श्रेणीत राज्य, केंद्रशासित प्रदेश, पशुधन विकास मंडळ, राज्य दूध महासंघ, स्वयंसेवी संस्था आणि इतर खासगी संस्थांचे कृत्रिम रेतन तंत्रज्ञ (AI Technicians)‍ ज्यांनी किमान 90 दिवसांचे कृत्रिम रेतनाचे प्रशिक्षण घेतले आहे ते पुरस्कारासाठी अर्ज करण्यास पात्र असतील.

            तिसऱ्या श्रेणीत सहकारी संस्था, दूध उत्पादक कंपनी (MPC), शेतकरी उत्पादक संस्था (FPO) गावपातळीवर स्थापन केलेल्या दुग्ध व्यवसायात गुंतलेली आणि सहकारी कायद्यांतर्गत नोंदणीकृत असलेली कंपनी जी दररोज किमान 100 लिटर दूध संकलन करते आणि जीचे किमान 50 शेतकरी सदस्य असून दूध उत्पादक सदस्य दुग्ध व्यवसायाशी संबंधित आहे ते याकरिता अर्ज करु शकतात.

            प्रत्येक श्रेणीमध्ये प्रथम क्रमांकाकरिता 5 लाख रु., द्वितीय क्रमांकासाठी 3 लाख रु., तर तृतीय क्रमांकासाठी 2 लाख रु., गुणवत्ता प्रमाणपत्रस्मृतिचिन्ह असे पुरस्काराचे स्वरुप आहे.

संजय गांधी निराधार योजना

 संजय गांधी निराधार योजनेसाठी ६२५ कोटी, श्रावणबाळसेवा राज्य निवृत्तीवेतनसाठी१ हजार १९४ कोटी रुपयांचा निधी सर्व जिल्ह्यांना वितरण

 

            मुंबईदि.६ : संजय गांधी निराधार अनुदान योजनेंतर्गत ६२५ कोटी रुपये तसेच श्रावणबाळ सेवा राज्य निवृत्तीवेतन योजनेंतर्गत  १ हजार १९४ कोटी रुपये निधी सर्व जिल्हाधिकारी कार्यालयांना माहे ऑक्टोबर २०२२ मध्ये वितरीत करण्यात आला आहे.  संजय गांधी निराधार अनुदान योजनेतर्गत किमान १८ ते ६५ वर्षाखालील निराधार पुरुष व महिलाअनाथ मुले, दिव्यांगातील सर्व प्रवर्गक्षयरोगकर्करोगएड्सकुष्ठरोग यासारख्या आजारामुळे स्वतःचा चरितार्थ चालवू न शकणारे पुरुष व महिलानिराधार विधवाघटस्फोट प्रक्रियेतील व घटस्फोट झालेल्या परंतु, पोटगी न मिळालेल्या अत्याचारित व वेश्या व्यवसायातून मुक्त केलेल्या महिला तृतीयपंथी, देवदासी३५ वर्षावरील अविवाहित स्त्री, तुरूंगात शिक्षा भोगत असलेल्या कैद्यांची पत्नीसिकलसेलग्रस्त या सर्वांना लाभ मिळतो.

             या योजनेमध्ये दारिद्र्य रेषेखालील कुटुंबाच्या यादीत नाव असणे अथवा रुपये २१ हजार पर्यंत कौटुंबिक वार्षिक उत्पन्न असणे आवश्यक आहे. या योजनेखाली पात्र लाभार्थींना रुपये १ हजार दरमहा इतके अर्थसहाय्य दिले जाते. तसेच श्रवणबाळ सेवा राज्य निवृत्तीवेतन योजनेमधून दारिद्रय रेषेखालील यादीच्या कुटूंबात नांव असलेल्या व रु.२१,०००/- पेक्षा कमी वार्षिक उत्पन्न असलेल्या ६५ व ६५ वर्षावरील पात्र लाभार्थीस दरमहा रु. १,०००/- अर्थसहाय्य देण्यात येते.

            माहे सप्टेंबर २०२२ अखेरपर्यंत संजय गांधी निराधार अनुदान योजनेतंर्गत रु.५९५ कोटी तसेच श्रावणबाळ सेवा राज्य निवृत्तीवेतन योजनेतंर्गत रु. १०५३ कोटी निधी खर्च झालेला आहे. या दोन्हीही योजनांमधून लाभार्थींना दरमहा नियमित अनुदान देता यावेही बाब विचारात घेऊन संजय गांधी निराधार अनुदान योजनेतंर्गत रु.६२५ कोटी तसेच श्रावणबाळ सेवा राज्य निवृत्तीवेतन योजनेतंर्गत रु. १ हजार १९४ कोटी निधी सर्व जिल्हाधिकारी कार्यालयांना माहे ऑक्टोबर २०२२ मध्ये वितरीत करण्यात आला आहे, अशी माहिती सामाजिक न्याय व विशेष सहाय्य विभागामार्फत प्रसिद्धीस देण्यात आली आहे.


ध्वनी आणि प्रकाश शो

 ध्वनी आणि प्रकाश शोचे काम नियोजित वेळेत पूर्ण करावे

                                                - पर्यटन मंत्री मंगलप्रभात लोढा

 

            मुंबई, दि. ६: पर्यटन विभागइंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लि. (आयओसिएल) आणि बृहन्मुंबई महानगरपालिका यांनी गेट वे ऑफ इंडिया येथील 'ध्वनी आणि प्रकाश शोचे काम नियोजित वेळेत पूर्ण करण्याचे निर्देश पर्यटनमंत्री मंगलप्रभात लोढा यांनी दिले.

             गेट वे ऑफ इंडियाच्या इमारतीवर ध्वनी आणि प्रकाश शो करण्याच्या दृष्टीने पर्यटन विभागाने आयओसिएल आणि बृहन्मुंबई महानगरपालिकेसोबत नुकताच सामंजस्य करार केला असून या कराराच्या अनुषंगाने कामाचा आढावा घेण्यासाठी आयोजित बैठकीत पर्यटन मंत्री श्री. लोढा बोलत होते. यावेळी पर्यटन विभागाचे सचिव सौरभ विजय, पर्यटनचे संचालक बी. एन. पाटील, पर्यटन सहसंचालक डॉ. धनंजय सावळकर, सहसचिव उज्वला दांडेकर, इंडियन ऑयलचे कार्यकारी संचालक यु. पी. सिंह, ब्रॅण्डिंगचे कार्यकारी संचालक संदीप शर्मा, महाव्यवस्थापक अनिल मिश्राउपमहाव्यवस्थापक विजय गवारे, मुंबई महापालिकेच्या पुरातत्व विभागाचे कार्यकारी अभियंता संजय सावंत, सांस्कृतिक कार्य संचालनालयाचे संचालक बिभीषण चवरे, उपसचिव विलास थोरात उपस्थित होते.

          मंत्री श्री. लोढा म्हणालेसामंजस्य करारामुळे गेट वे ऑफ इंडिया येथे भेट देणाऱ्या पर्यटकांच्या संख्येत वाढ होण्याबरोबर स्थानिक संस्कृतीची  देशांतर्गत आणि आंतरराष्ट्रीय पर्यटकांना देखील माहिती  होईल. मुंबई महापालिकेअंतर्गत करण्यात येणारी कामे ऑक्टोबरपूर्वी पूर्ण करण्यात यावीत. सामंजस्य कराराअंतर्गत येणारी कामे नियोजित वेळेत पूर्ण करावीत. यासाठी पर्यटन विभागाने सर्व संबंधित परवानग्या घेवून काम करण्याच्या सूचना त्यांनी यावेळी केल्या.

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