एक्यूपंक्चर चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध
- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
नागपुर, 11: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि एक्यूपंक्चर उपचार पद्धति से असंख्य मरीजों को विभिन्न बीमारियों से राहत मिली है। उन्होंने स्वयं का अनुभव साझा करते हुए बताया कि लगभग 23-24 वर्ष पूर्व जब वे पीठ दर्द से पीड़ित थे, तब इसी उपचार पद्धति से उन्हें स्वास्थ्य लाभ मिला। उन्होंने कहा कि इस ज्ञान शाखा के विस्तार तथा एक्यूपंक्चर शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और शासन स्तर पर किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन एक्यूपंक्चर – एक्युकॉन 2026 के उद्घाटन समारोह को मुख्यमंत्री संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर महाराष्ट्र काउंसिल ऑफ एक्यूपंक्चर के डॉ. रूमी बेरामजी, इंडियन सोसायटी ऑफ मेडिकल एक्यूपंक्चर के अध्यक्ष डॉ. रमण कपूर, डॉ. नारायण नवले तथा डॉ. प्रदीप गुहा सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि "देखना ही विश्वास करना है" और एक्यूपंक्चर ऐसी उपचार पद्धति है, जिस पर प्रत्यक्ष अनुभव के आधार पर लोगों का विश्वास मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि यह एक समग्र चिकित्सा प्रणाली है तथा सरकार इस क्षेत्र के समक्ष मौजूद चुनौतियों से भली-भांति परिचित है। राज्य सरकार इन्हें दूर करने के लिए अपनी पूरी क्षमता से कार्य करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्यूपंक्चर को प्रतिष्ठा और शैक्षणिक मान्यता दिलाने की दिशा में सरकार निरंतर प्रयासरत है ताकि इस चिकित्सा प्रणाली का अधिक से अधिक विस्तार हो सके।
महाराष्ट्र काउंसिल ऑफ एक्यूपंक्चर के डॉ. रूमी बेरामजी ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का इस चिकित्सा पद्धति को संस्थागत पहचान और शैक्षणिक मान्यता दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने समय-समय पर शासन स्तर की बाधाओं को दूर करने में सहयोग किया, जिसके परिणामस्वरूप आज महाराष्ट्र में 4,500 से अधिक पंजीकृत विशेषज्ञ एक्यूपंक्चर सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि इनमें लगभग 60 प्रतिशत विशेषज्ञ महिलाएं हैं, जो गर्व का विषय है। डॉ. रमण कपूर ने भी अपने संबोधन में राज्य सरकार के सहयोग की सराहना की।
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