Tuesday, 7 July 2026

नासिक और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरती जाए

 नासिक और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरती जाए

 

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि अरब सागर में बन रहे गहरे निम्न दबाव क्षेत्र के कारण कल नासिक जिले के अधिकांश हिस्सों में बादल फटने जैसी अत्यधिक वर्षा होने की प्रबल संभावना है। विशेष रूप से त्र्यंबकेश्वर तथा आसपास के क्षेत्रों में लगभग 300 मिमी वर्षा होने का अनुमान है। ऐसी स्थिति में नासिक जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे तथा निचले इलाकों में जलभराव न हो, इसके लिए आवश्यक उपाय करे। साथ ही कहीं भी जनहानि न हो, इसके लिए भी विशेष सतर्कता बरती जाए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए नासिक एवं त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में मौजूद पर्यटकों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरती जाए। जिन मार्गों के बंद होने अथवा भूस्खलन की आशंका है, उन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने पर्यटकों से भी अगले कुछ दिनों तक त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र की यात्रा न करने की अपील की।

उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को अत्यधिक सतर्क रहते हुए फंसे हुए नागरिकों के बचाव के लिए तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अगले 48 घंटे तक शून्य जनहानिका लक्ष्य रखते हुए अधिकतम सतर्कता बरती जाए।

 

मुंबई शहर में मात्र चार दिनों के भीतर पूरे एक महीने की औसत वर्षा दर्ज की गई है। विशेष रूप से उच्च ज्वार के दौरान ऐसी स्थिति बड़े पैमाने पर आपदा का रूप ले सकती है। हालांकि संबंधित एजेंसियों के प्रयासों से जलभराव की स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में रही है। कल मुंबई में लगभग 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिसके कारण शहर में बड़ी संख्या में पेड़ गिरने की घटनाएं हुईं। सामान्यतः पूरे चार महीने के मानसून में जितने पेड़ गिरते हैं, उनमें से लगभग 300 पेड़ केवल एक ही दिन में गिर गए, ऐसा मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया।

अगले तीन दिनों अर्थात 8 जुलाई की रात तक मौसम की तीव्रता बनी रहने का अनुमान है। सभी जिला प्रशासनों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आई हैं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भी बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ है, जिससे सड़क पर भारी मात्रा में मिट्टी और पत्थर आ गए हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए मार्ग को शीघ्र साफ कर यातायात बहाल करने के निर्देश दिए।

ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने नागरिकों से एहतियात के तौर पर वर्क फ्रॉम होमअपनाने की अपील की। उन्होंने निजी संस्थानों से भी मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने का आग्रह किया तथा चेतावनी दी कि ऐसा न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न मंडलों के मंडलायुक्तों से संबंधित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, अपर मुख्य सचिव (गृह) मनीषा म्हैसकर, पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते, अपर मुख्य सचिव (लोक निर्माण) मिलिंद म्हैसकर, अपर मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खारगे, बृहन्मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे, प्रधान सचिव (नगर विकास) के.एच. गोविंदराज, प्रधान सचिव (जल संसाधन) एकनाथ डवले, राहत एवं पुनर्वास विभाग की प्रधान सचिव विनिता वेद सिंगल, प्रधान सचिव तथा महानिदेशक बृजेश सिंह, सचिव (स्वास्थ्य) ई. रविंद्रन, निदेशक श्री चव्हाण सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

No comments:

Post a Comment

Featured post

Lakshvedhi