पत्रकार ‘एआय’ को कौशल-वृद्धि का अवसर समझें
- प्रधान सचिव एवं महासंचालक ब्रिजेश सिंह
मुंबई, 14 मार्च : पत्रकारिता में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआय) का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन यह ध्यान रखना आवश्यक है कि एआय को वास्तविकता समझने की क्षमता नहीं होती। सत्य की खोज और समाज का विश्वास ही पत्रकारिता की सबसे बड़ी ताकत है, इसलिए बदलती तकनीक के दौर में भी पत्रकारिता की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी, ऐसा मत महाराष्ट्र शासन के सूचना एवं जनसंपर्क महासंचालनालय के प्रधान सचिव एवं महासंचालक ब्रिजेश सिंह ने व्यक्त किया। उन्होंने पत्रकारों से एआय को खतरे के रूप में नहीं, बल्कि कौशल-वृद्धि के अवसर के रूप में देखने का आग्रह किया।
वे मुंबई मराठी पत्रकार संघ में आयोजित “एआय परिषद 2026” के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में एआय के कारण हो रहे बदलाव, अवसर और चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में संघ के अध्यक्ष संदीप चव्हाण, उपाध्यक्ष स्वाती घोसालकर और राजेंद्र हुंजे, ट्रस्टी देवदास मटाले, अजय वैद्य तथा कार्यवाह शैलेन्द्र शिर्के सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
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