श्री. सिंह ने कहा कि मानव इतिहास में ज्ञान के प्रसार की प्रक्रिया छपाई तकनीक के आविष्कार के बाद व्यापक रूप से बदली। पहले ज्ञान कुछ सीमित वर्गों तक ही सीमित था, लेकिन छपाई के कारण वह आम जनता तक पहुंचा। इसके बाद प्रसार माध्यमों का विकास हुआ। जब दूरदर्शन शुरू हुआ तो अखबारों को खतरा महसूस हुआ और डिजिटल मीडिया के आने पर टीवी को खतरा लगा। इसके बावजूद समाचार पत्रों ने अपना अस्तित्व बनाए रखा। भविष्य में भी पत्रकारिता बनी रहेगी, हालांकि जो कार्य स्वचालित हो सकते हैं वे एआय के कारण स्वचालित हो जाएंगे।
सोशल मिडिया मार्केटिंग , पर्सनल वेबसाईट डेव्हल्पमेंट, पर्सनल मोबाईल अॅप डेव्हलपमेंट, न्युज पोर्टल स्लोगन डेव्हलपमेंट, पॉलिटीकल डॉक्युमेंटरी फिल्म,जय हो ०१ ब्लॉग, बायोग्राफी, प्रिंट मिडिया, ऑडीओ, व्हिडीओ, फिल्म, टेलिफिल्म, प्रदर्शन, पथनाट्य, जनजागृती, मेळावे, लोककला, महोत्सव, जत्रा, समारंभ, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन केंद्र-अनुदान आर्थिक सहाय्य, कर्ज, कायदा व न्याय विषयक माध्यमातून लक्षवेधी मास मिडिया प्राय. लि. ची वाटचाल राहणार आहे.
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