Saturday, 14 March 2026

अत्यावश्यक सेवाओं को एलपीजी आपूर्ति में प्राथमिकता

 अत्यावश्यक सेवाओं को एलपीजी आपूर्ति में प्राथमिकता

अस्पतालसरकारी छात्रावाससरकारी स्कूलों और कॉलेजों के मेसमध्याह्न भोजन योजनासरकारी आश्रमशालाएं आदि जैसी अत्यावश्यक सेवाएं देने वाली संस्थाओं को घरेलू और व्यावसायिक गैस की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। ऐसी संस्थाओं की सूची भी जारी की जाएगी तथा इनके लिए अलग प्राथमिकता क्रम तय किया जाएगा।

गैस आपूर्ति को लेकर अफवाहें न फैलेंइसके लिए प्रतिदिन रेडियोएफएमदूरदर्शन तथा प्रिंट मीडिया के माध्यम से जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में सूचना एवं जनसंपर्क महासंचालनालय तथा जिला समितियां जिम्मेदारी निभाएंगी। सोशल मीडिया पर फैलने वाली झूठी और भ्रामक खबरों पर भी कार्रवाई की जाएगी।


जिला स्तर पर विशेष समितियों का गठन

 जिला स्तर पर विशेष समितियों का गठन

घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में बाधा न आए और संभावित कमी की स्थिति में समन्वय सुनिश्चित हो सकेइसके लिए जिला स्तर पर विशेष समितियां गठित की जाएंगी। इन समितियों में जिलाधिकारीपुलिस अधीक्षकजिला आपूर्ति अधिकारी तथा सभी सरकारी गैस कंपनियों के अधिकारी शामिल होंगे।

इन समितियों की मुख्य जिम्मेदारी गैस आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी करनाकानून-व्यवस्था बनाए रखना तथा प्रतिदिन स्थिति की समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करना होगी।

मुंबईठाणे राशनिंग क्षेत्र में नियंत्रक (रेशनिंग) के अधीन एक समिति गठित की जाएगीजिसमें पुलिस उप आयुक्त और उपनियंत्रक (रेशनिंग) शामिल होंगे। मुंबई और ठाणे शहर के सभी उपायुक्तों के साथ समन्वय सह-पुलिस आयुक्त (प्रशासन) द्वारा किया जाएगा।

प्रशासन ने वैकल्पिक ईंधन के उपयोग की संभावनाओं की जांच करने के निर्देश भी दिए हैं। इसमें कोयलामिट्टी का तेल आदि विकल्पों पर विचार किया जाएगाहालांकि महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के नियमों का कड़ाई से पालन अनिवार्य रहेगा। जिला स्तरीय समितियों को होटल और रेस्टोरेंट संगठनों के साथ बैठक कर वैकल्पिक ईंधन के

राज्यभर में एलपीजी आपूर्ति सुचारु रखने तथा वितरण पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम

 खाद्यनागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अपर मुख्य सचिव अनिल डिग्गीकर ने संबंधित सभी एजेंसियों को राज्यभर में एलपीजी आपूर्ति सुचारु रखने तथा वितरण पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

विभाग ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति नियमित रूप से जारी रहेगी और किसी प्रकार की चिंता की आवश्यकता नहीं है।

मार्च महीने में पिछले छह महीनों की तुलना में अधिक मात्रा में घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं। युद्ध की पृष्ठभूमि में घरेलू गैस की आपूर्ति प्रभावित न होइसके लिए सभी संबंधित एजेंसियों को आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुचारु रखने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा राज्य में नियंत्रण कक्ष

 गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुचारु रखने के लिए खाद्यनागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा राज्य में नियंत्रण कक्षजिला स्तरीय समितियों का गठन

 

• पिछले छह महीनों की तुलना में अधिक मात्रा में घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध

• अत्यावश्यक सेवाओं को एलपीजी आपूर्ति में प्राथमिकता

• राज्य में घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं

• सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों के खिलाफ कार्रवाई

• अफवाहों पर विश्वास न करने की नागरिकों से अपील

 

मुंबई, 13 मार्च : ईरानइज़राइल युद्ध की पृष्ठभूमि में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने विभिन्न उपाय शुरू किए हैं। घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए और संभावित कमी की स्थिति में बेहतर समन्वय हो सकेइसके लिए राज्य सरकार ने जिला स्तर पर विशेष समितियां गठित करने का निर्णय लिया है।

घरगुती वापरासाठीच्या पाइप्ड नॅचरल गॅस (पीएनजी) चा

 घरगुती वापरासाठीच्या पाइप्ड नॅचरल गॅस (पीएनजीचा देखील पुरेसा साठा उपलब्ध आहे. इंधनाच्या बाबतीतही राज्यात पेट्रोल आणि डिझेलचा पुरेसा साठा उपलब्ध आहे. बाजारातील मागणी पूर्ण करण्यासाठी राज्यातील रिफायनरी पूर्ण क्षमतेने कार्यरत असून दररोज सुमारे १५,००० किलो लिटर पेट्रोल आणि ३८,००० किलो लिटर डिझेल या मागणीची पूर्तता केली जात आहे. त्यामुळे इंधन पुरवठ्याबाबत नागरिकांनी  काळजी करू नये असे आवाहन विभागामार्फत करण्यात आले आहे.

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राज्यात घरगुती एलपीजीचा तुटवडा नाही

 राज्यात घरगुती एलपीजीचा तुटवडा नाही

महाराष्ट्र राज्यात दररोज सरासरी सुमारे ९,००० मेट्रिक टन एलपीजी ची मागणी असते. ही मागणी पूर्ण करण्यासाठी रिफायनरीमधील एलपीजी उत्पादन वाढविण्यात आले असूनगेल्या दोन दिवसांत दैनिक उत्पादन ९,००० मेट्रिक टनांवरून ११,००० मेट्रिक टनांपर्यंत वाढविण्यात आले आहे.  त्यामुळे राज्यात घरगुती एलपीजीचा कोणताही तुटवडा नसल्याचे स्पष्ट करण्यात आले आहे. घरगुती गॅसची मागणी पूर्ण करण्याइतके पुरेसे उत्पादन आणि साठा उपलब्ध आहे.

व्यावसायिक एलपीजीच्या बाबतीत केंद्र सरकारच्या मार्गदर्शक सूचनांनुसार प्राधान्यक्रम निश्चित करण्यात आले आहेत. त्यानुसार रुग्णालयेशाळांमधील मध्यान्ह भोजन योजनाशासकीय आश्रमशाळासामुदायिक स्वयंपाकगृहे (कम्युनिटी किचन)तसेच शासकीय शाळा व महाविद्यालयांच्या मेस यांसारख्या अत्यावश्यक सेवांना प्राधान्य देण्यात येत आहे.  उपलब्ध उत्पादनातून या सर्व गरजा पूर्ण होऊ शकतात.

आगामी धार्मिक सण व उत्सवांचा विचार करून सार्वजनिक संस्थांना एलपीजी सिलिंडरचा पुरवठा अखंड

 आगामी धार्मिक सण व उत्सवांचा विचार करून सार्वजनिक संस्थांना एलपीजी सिलिंडरचा पुरवठा अखंड ठेवण्यासाठी प्राधान्य राहील.

गॅस सिलिंडर पुरवठ्या संदर्भात नागरिकांमध्ये घबराट निर्माण होऊ नयेयासाठी स्थानिक लोकप्रतिनिधी आणि ग्रामपंचायत सदस्यांची मदत घेण्याचेही निर्देश देण्यात आले आहेत.  एलपीजी वाहतूक करणाऱ्या वाहनांना तसेच गॅस एजन्सींना आवश्यक पोलीस संरक्षण देण्याची जबाबदारी पोलिस प्रशासनावर सोपविण्यात आली आहे.

जिल्हा प्रशासनरेशनिंग नियंत्रक आणि तेल कंपन्यांनी दररोज  साठा स्थिती व अद्ययावत अहवाल राज्यस्तरीय नियंत्रण कक्षाला सादर करणे बंधनकारक करण्यात आले आहे.

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