Wednesday, 21 January 2026

दावोस में ‘मैग्नेटिक महाराष्ट्र’पवेलियन बना आकर्षण का केंद्र

 दावोस में मैग्नेटिक महाराष्ट्रपवेलियन बना आकर्षण का केंद्र

दावोस में स्थापित मैग्नेटिक महाराष्ट्र पवेलियन उद्योगपतियोंनिवेशकों और प्रतिष्ठित अतिथियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीसउद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत तथा राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने आगंतुकों का स्वागत किया।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी इंडिया पवेलियन में मुख्यमंत्री ने भेंट की।


रायगढ़–पेण ग्रोथ सेंटर: नए बिजनेस डिस्ट्रिक्ट का निर्माण

 रायगढ़पेण ग्रोथ सेंटर: नए बिजनेस डिस्ट्रिक्ट का निर्माण

यह ग्रोथ सेंटर नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 1520 किलोमीटर की दूरी पर विकसित किया जाएगा। पिछले तीनचार वर्षों से आवश्यक अनुमतियां प्राप्त की जा रही थींजिनके बाद दावोस में इस परियोजना की घोषणा की गई। यह तीसरी मुंबई की पहली नगरी होगी।

यह परियोजना प्लग एंड प्ले तथा रेडी-टू-स्टार्ट मॉडल पर आधारित होगी। यह एक सार्वजनिकनिजी भागीदारी (PPP) परियोजना होगीजिसमें राज्य सरकारएमएमआरडीए और निजी भागीदार शामिल होंगे।

बीकेसी की तर्ज पर यहां एक नया बिजनेस डिस्ट्रिक्ट विकसित किया जाएगाजहां उच्च वेतन वाली नौकरियांग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) और फिनटेक इकोसिस्टम विकसित होगा। वॉक-टू-वर्क अवधारणा के तहत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

इस घोषणा के बाद लगभग ₹1 लाख करोड़ के निवेश से जुड़े समझौता ज्ञापन हुए हैं। कोरिया गणराज्य का हवाना ग्रुपस्विट्ज़रलैंड का एसएसबी ग्रुपएन्सारअमेरिका की फेडेक्सफिनलैंड का रिवर रिसायकलदुबई का एमजीएसए ग्रुपसिंगापुर की मैपलट्री और स्पेसेसजीएनवीइंडोस्पेस पार्क्स तथा अमेरिका की ट्रिबेका डेवलपर्स जैसी वैश्विक कंपनियों ने इसमें रुचि दिखाई है।

अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने हेतु मेडटेक सहयोग

 अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने हेतु मेडटेक सहयोग

राज्य के अंतिम नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दिशा में दावोस में मेडिकल टेक्नोलॉजी पर एक सत्र में सकारात्मक चर्चा हुईजिससे महाराष्ट्र की स्वास्थ्य सेवाओं का रोडमैप तय किया गया है।

राज्य में मेडटेक स्टार्टअप्स की मजबूत इकोसिस्टम विकसित करने के लिए विश्व की अग्रणी कंपनियों के साथ सहयोग समझौते किए गए हैं।

दावोस दौरे का उद्देश्य ज्ञान, प्रौद्योगिकी और विदेशी निवेश प्राप्त करना,तीसरी मुंबई में रायगढ़–पेण ग्रोथ सेंटर की घोषणा; ₹1 लाख करोड़ के निवेश की संभावना

 दावोस दौरे का उद्देश्य ज्ञानप्रौद्योगिकी और विदेशी निवेश प्राप्त करना

 मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

तीसरी मुंबई में रायगढ़पेण ग्रोथ सेंटर की घोषणा;

1 लाख करोड़ के निवेश की संभावना

 

दावोस21 जनवरी : स्विट्ज़रलैंड में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक के अवसर पर किया गया दावोस दौरा भारत तथा विशेष रूप से महाराष्ट्र में ज्ञानप्रौद्योगिकी और विदेशी निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास हैऐसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा। दौरे के दूसरे दिन तीसरी मुंबई की पहली नगरी के रूप में रायगढ़पेण ग्रोथ सेंटर की घोषणा की गई।

आज मुख्य रूप से रणनीतिक स्वरूप के समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्नियायूनिवर्सिटी ऑफ बर्कलेटेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिखअर्बन फ्यूचर्स कलेक्टिव (लंदन)आईसीसीआई (इटली)आलॉन्ग ट्यूनिंग इंस्टीट्यूटनॉर्वेजियन जियो-टेक्निकल इंस्टीट्यूट तथा सिंगापुर की सुबाना जुरॉन्ग के साथ तकनीकी सहयोग समझौते शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समझौतों से केवल निवेश ही नहींबल्कि ज्ञान और तकनीक के माध्यम से बड़े पैमाने पर उद्योगों को आकर्षित किया जा सकेगा। शहरी नियोजन और परिवहन से जुड़े समझौतों के कारण शहरों में यातायात अवसंरचना को बेहतर ढंग से विकसित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि दावोस से ज्ञान (Knowledge), तकनीक (Technology) और एफडीआई (Foreign Direct Investment) प्राप्त करने के अवसर मिलते हैंजिसका देश और राज्य को बड़ा लाभ होता है। इस वर्ष शहरी नियोजन और परिवहन प्रबंधन के क्षेत्र में वैश्विक दिग्गजों के साथ सार्थक संवाद और समन्वय संभव हुआ है।

फिनलंड,इस्रायलहॅवलेट पॅकर्डच्या,अँटोरा एनर्जीचे उद्योग निर्मिती

 एपी मोलर मर्सेकचे सीईओ विन्सेंट क्लार्क यांनीही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांची भेट घेत महाराष्ट्रात 2.5 बिलियन डॉलर्स टर्मिनल संधीचे सूतोवाच केले. भारत आणि युरोपियन युनियन सप्लाय चेन कॉरिडॉर याबाबत सुद्धा चर्चा केली.

फिनलंडचे परराष्ट्र व्यापार व्यवहार आणि विकास मंत्री विले त्याविओ यांचीही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी भेट घेत भारत आणि फिनलंडमधील सहकार्यांबाबत चर्चा केली. मुंबई येथे मे-जून महिन्यात सर्क्युलर इकॉनॉमीसंदर्भात एक परिषद आयोजित करण्याबाबत सुद्धा यावेळी चर्चा झाली.

इस्रायल इनोव्हेशन अथॉरिटीचे अध्यक्ष अलोन स्टोपेल यांच्याशी विविध नाविन्यपूर्ण संशोधन क्षेत्रात भागीदारीबाबत सविस्तर चर्चा झाली.

हॅवलेट पॅकर्डच्या अध्यक्ष पॅट्रिका रुसो आणि वरिष्ठ उपाध्यक्ष भावना अग्रवाल यांचीही देवेंद्र फडणवीस यांनी भेट घेतली. सुरक्षाविषयक बाबींमध्ये आर्टिफिशियल इंटेलिजन्सचा वापर आणि डिजिटायझेशन इत्यादी बाबत अधिक सहकार्य वाढवण्याबाबत यावेळी चर्चा झाली.

अँटोरा एनर्जीचे सीईओ अँड्र्यू पॉनेक यांच्याशी थर्मल एनर्जी साठवणूक सोल्यूशन्सझिरो कार्बन इंडस्ट्रियल हीट इत्यादींबाबत चर्चा झाली. एमआयटी मीडिया लॅबच्या कार्यकारी संचालक जेसिका रोसेनवर्सेल यांचीही त्यांनी भेट घेतली.

जेबीआयसीचे गव्हर्नर हयाशी नोबुमित्सू यांनी भारत–जपान सहकार्य संबंधात

 जेबीआयसीचे गव्हर्नर हयाशी नोबुमित्सू यांनी भारतजपान सहकार्य संबंधात महाराष्ट्रासोबत ईव्ही बसेसअर्बन मोबॅलिटी या क्षेत्रात एकप्रकारे हरित गुंतवणूकीच्या मोठ्या संधी असल्याचे नमूद केले.

एपी मोलर मर्सेकचे सीईओ विन्सेंट क्लार्क यांनीही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांची भेट घेत महाराष्ट्रात 2.5 बिलियन डॉलर्स टर्मिनल संधीचे सूतोवाच केले. भारत आणि युरोपियन युनियन सप्लाय चेन कॉरिडॉर याबाबत सुद्धा चर्चा केली.

ह्युंदाईचे महाराष्ट्रात असणे हे आमच्यासाठी आनंददायी आहे, अशी प्रतिक्रिया त्यांनी दिली

 ह्युंदाईचे अध्यक्ष सुंग किम यांनी मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस यांची भेट घेतली. महाराष्ट्रात असणे हे आमच्यासाठी आनंददायी आहेअशी प्रतिक्रिया त्यांनी दिली. राज्य सरकारने जाहीर केलेले ईव्ही धोरण अतिशय चांगले असून येणाऱ्या काळात 5 नवीन ईव्ही मॉडेल्स आणणार असल्याचे त्यांनी सांगितले. ह्युंदाई सीएसआर क्षेत्रात सुद्धा मोठे काम करीत असून शिक्षणप्रशिक्षण आणि कौशल्य विकास या क्षेत्रात अधिक सहकार्य करण्याबाबत यावेळी चर्चा झाली. ह्युंदाईच्या पुणे येथील प्रकल्पाच्या उद्घाटनाचे निमंत्रण सुद्धा यावेळी त्यांनी देवेंद्र फडणवीस यांना दिले.


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