दावोस दौरे का उद्देश्य ज्ञान, प्रौद्योगिकी और विदेशी निवेश प्राप्त करना
– मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
तीसरी मुंबई में रायगढ़–पेण ग्रोथ सेंटर की घोषणा;
₹1 लाख करोड़ के निवेश की संभावना
दावोस, 21 जनवरी : स्विट्ज़रलैंड में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक के अवसर पर किया गया दावोस दौरा भारत तथा विशेष रूप से महाराष्ट्र में ज्ञान, प्रौद्योगिकी और विदेशी निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, ऐसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा। दौरे के दूसरे दिन ‘तीसरी मुंबई’ की पहली नगरी के रूप में रायगढ़–पेण ग्रोथ सेंटर की घोषणा की गई।
आज मुख्य रूप से रणनीतिक स्वरूप के समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, यूनिवर्सिटी ऑफ बर्कले, टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख, अर्बन फ्यूचर्स कलेक्टिव (लंदन), आईसीसीआई (इटली), आलॉन्ग ट्यूनिंग इंस्टीट्यूट, नॉर्वेजियन जियो-टेक्निकल इंस्टीट्यूट तथा सिंगापुर की सुबाना जुरॉन्ग के साथ तकनीकी सहयोग समझौते शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समझौतों से केवल निवेश ही नहीं, बल्कि ज्ञान और तकनीक के माध्यम से बड़े पैमाने पर उद्योगों को आकर्षित किया जा सकेगा। शहरी नियोजन और परिवहन से जुड़े समझौतों के कारण शहरों में यातायात अवसंरचना को बेहतर ढंग से विकसित किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि दावोस से ज्ञान (Knowledge), तकनीक (Technology) और एफडीआई (Foreign Direct Investment) प्राप्त करने के अवसर मिलते हैं, जिसका देश और राज्य को बड़ा लाभ होता है। इस वर्ष शहरी नियोजन और परिवहन प्रबंधन के क्षेत्र में वैश्विक दिग्गजों के साथ सार्थक संवाद और समन्वय संभव हुआ है।
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