Thursday, 9 October 2025

लिविंग ब्रिज': लोगों के बीच चिरस्थायी संबंध

 'लिविंग ब्रिज': लोगों के बीच चिरस्थायी संबंध

रणनीतिक समझौतों और आर्थिक आंकड़ों से परेइस साझेदारी का हृदय 'लोगों से लोगों का जीवंत सेतु' (Living Bridge) है। ब्रिटेन में रहने वाला 18 लाख से अधिक का भारतीय प्रवासी समुदाय (Diaspora) इस रिश्ते की सबसे मजबूत कड़ी है। यह समुदायजो ब्रिटेन की आबादी का लगभग 2.6% है और 65,000 से अधिक व्यवसायों का संचालन करता हैदोनों देशों के बीच एक अमूल्य सामाजिकसांस्कृतिक और आर्थिक बंधन का निर्माण करता है।

वर्ष 2025 में उच्च शिक्षा योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता की पुनः पुष्टि एक और महत्वपूर्ण कदम है। यह भारतीय छात्रों और पेशेवरों के सामने आने वाली बाधाओं को दूर करता हैजिससे प्रतिभा की गतिशीलता (Talent Mobility) और शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलता है। 'विजन 2035के तहत शैक्षणिक विस्तार का एक उत्कृष्ट उदाहरण गुरुग्राम में यूनिवर्सिटी ऑफ साउथम्प्टन के कैंपस का जून 2025 में हुआ उद्घाटन है। यह पहल दूरदर्शी शैक्षणिक सहयोग का एक प्रतीक है। इसके पूरक के रूप मेंभारत-यूके 'ग्रीन स्किल्ससाझेदारी युवाओं को नवीकरणीय ऊर्जा और सतत कृषि जैसे भविष्य के क्षेत्रों में कौशल प्रदान कर रही हैताकि वे आने वाली वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो सकें।

हिंद-प्रशांत में सुरक्षा बंधन को मजबूती

 हिंद-प्रशांत में सुरक्षा बंधन को मजबूती

यह साझेदारी केवल अर्थव्यवस्था और व्यापार तक ही सीमित नहीं हैबल्कि इसका विस्तार रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में भी हो रहा हैजो 'विजन 2035रोडमैप की एक प्रमुख आधारशिला है। हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र आज वैश्विक भू-राजनीति का केंद्र बनता जा रहा हैऔर भारत तथा ब्रिटेन दोनों ने इस क्षेत्र को एक मुक्तखुलेनियम-आधारित और स्थिर क्षेत्र के रूप में बनाए रखने के लिए एक साझा दृष्टिकोण अपनाया है।

यह सहयोग हाल ही में संपन्न हुए नौसैनिक अभ्यास 'कोंकण 2025में स्पष्ट रूप से दिखाई दियाजहाँ भारत के स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत और ब्रिटेन के एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स ने एक साथ मिलकर जटिल युद्धाभ्यास किए। यह दो आधुनिक नौसेनाओं के बीच बढ़ती अंतर-संचालनीयता (Interoperability) और क्षेत्रीय शांति के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक था। इसी तरहभारतीय वायु सेना के साथ किए गए हवाई रक्षा अभ्यासों ने इस सहयोग को और भी गहरा किया है। यह त्रि-सेवा समन्वय इस साझेदारी की गहराई और परिपक्वता का एक दुर्लभ उदाहरण है।

इसके अतिरिक्तजुलाई 2025 में हस्ताक्षरित 'रक्षा औद्योगिक रोडमैपएक मौलिक बदलाव का संकेत है। यह पारंपरिक क्रेता-विक्रेता संबंध से आगे बढ़कर सह-विकास (Co-development) और संयुक्त उत्पादन (Joint Production) के एक नए युग की शुरुआत करता है। प्रधानमंत्री मोदी की 'आत्मनिर्भर भारतकी अवधारणा के अनुरूपयह रोडमैप प्रौद्योगिकी हस्तांतरणसंयुक्त अनुसंधान और भारत की घरेलू रक्षा उत्पादन क्षमता को बढ़ाने पर केंद्रित है। इसका लक्ष्य भारत को वैश्विक रक्षा नवाचार का एक प्रमुख केंद्र बनाना हैजिससे भारत की रणनीतिक स्वायत्तता मजबूत होगी और साथ ही बड़ी संख्या में उच्च-कुशल रोजगार भी पैदा होंगे।

Wednesday, 8 October 2025

आर्थिक विकास और अवसरों का नया इंजन : CETA

 आर्थिक विकास और अवसरों का नया इंजन : CETA

मुंबई में हो रही इन बहुप्रतीक्षित घोषणाओं का आधार इसी वर्ष 24 जुलाई2025 को हस्ताक्षरित 'व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता' (CETA - Comprehensive Economic and Trade Agreement) है। कई वर्षों की गहन वार्ताओं के बाद संपन्न हुआ यह ऐतिहासिक समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार के परिदृश्य को पूरी तरह से बदल देने की क्षमता रखता है। यह भारतीय उपभोक्ताओंउत्पादकों और निर्यातकों के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगाजिससे अनगिनत उद्योगों और करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।

इस समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसके लागू होने के बाद ब्रिटेन के बाजार में प्रवेश करने वाले 99% भारतीय उत्पादों पर सीमा शुल्क (Tariffs) समाप्त हो जाएगा। इससे वस्त्रचमड़ाकृषि उत्पाद और ऑटोमोटिव घटक जैसे पारंपरिक भारतीय निर्यातकों को सीधा लाभ मिलेगाजिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और भारतीय उत्पादों को एक नयाप्रतिष्ठित बाजार मिलेगा। आंकड़ों से परेइस समझौते का मूल उद्देश्य रोजगार के नए अवसर पैदा करनानवाचार (Innovation) को बढ़ावा देना और जमीनी स्तर पर समृद्धि का विस्तार करना है।

यह समझौता प्रभावशाली आंकड़े भी प्रस्तुत करता है। अनुमान है कि द्विपक्षीय व्यापारजो वर्तमान में लगभग 43 बिलियन पाउंड हैमें प्रति वर्ष 25.5 बिलियन पाउंड की वृद्धि होगी। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि इस समझौते से समय के साथ भारत की वार्षिक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 5.1 बिलियन पाउंड (लगभग 53,000 करोड़ रुपये) की वृद्धि हो सकती है। ये आंकड़े केवल संख्याएँ नहीं हैंइनके पीछे भारत के उन करोड़ों कारीगरोंउद्यमियों और पेशेवरों के सपने छिपे हैंजो वैश्विक बाजारों तक अपनी पहुँच बनाना चाहते हैं।

एक ऐतिहासिक मोड़ : 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' का सशक्तिकरण

 एक ऐतिहासिक मोड़ : 'व्यापक रणनीतिक साझेदारीका सशक्तिकरण

वर्ष 2025 भारत और ब्रिटेन के संबंधों के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है। सदियों के उतार-चढ़ाव भरे इतिहास वाले इस रिश्ते को अब एक औपचारिक और सुदृढ़ 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' (Comprehensive Strategic Partnership) का स्वरूप दिया गया है। इस साझेदारी का मार्गदर्शक 'भारत-यूके विजन 2035हैजो एक ऐसा महत्वाकांक्षी रोडमैप है जिसमें दोनों देशों के लिए साझा विकाससुरक्षा और समृद्धि की एक विस्तृत योजना तैयार की गई है। इस रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत दोनों राष्ट्रों के नेतृत्व में मौजूद मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति है। इसी वर्ष जुलाई में प्रधानमंत्री मोदी की सफल ब्रिटेन यात्रा के बादप्रधानमंत्री स्टारमर की यह भारत यात्रा इस साझेदारी को एक नई गति और ठोस आकार प्रदान कर रही है। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के आम नागरिकों के जीवन में महत्वपूर्ण और मूर्त लाभ पहुँचाना है। आज का मुख्य भाषणजिसमें 100 से अधिक देशों के एक लाख से अधिक वैश्विक प्रतिनिधि भाग लेंगेइस साझेदारी की असीम क्षमता को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने वाला एक निर्णायक क्षण होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिएजिनके राजनयिक प्रयासों का केंद्रबिंदु दुनिया भर के रणनीतिक भागीदारों के साथ संबंधों को गहरा करना रहा हैयह क्षण एक वैश्विक महाशक्ति के रूप में भारत के उदय का प्रतीक है। घरेलू स्तर पर साहसिक आर्थिक सुधारों को बढ़ावा देने से लेकर वैश्विक मंच पर समान विचारधारा वाले लोकतांत्रिक भागीदारों के साथ जुड़ने तकप्रधानमंत्री मोदी के अथक प्रयासों ने ब्रिटेन के साथ इस नवीनीकृत अध्याय की नींव रखी है। वहींब्रिटेनजिसका भारत के साथ एक जटिल और बहुआयामी ऐतिहासिक संबंध रहा हैअब औपनिवेशिक अतीत की छाया से बाहर निकलकर एक समान और सम्मानित भागीदार के रूप में उभरा है।

मुंबई की नई सुबह : भारत-ब्रिटेन संबंधों में 'ब्रिस्क' (BRISK) एक नए युग का उदय

 मुंबई की नई सुबह : भारत-ब्रिटेन संबंधों में 'ब्रिस्क' (BRISK) एक नए युग का उदय

भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई आज एक विशेष उत्साह और नई ऊर्जा से स्पंदित है। यूनाइटेड किंगडम (UK) के प्रधानमंत्री केअर स्टारमर की दो दिवसीय यात्रा ने विश्व का ध्यान इस महानगर पर केंद्रित कर दिया है। इस यात्रा का मुख्य आकर्षण 'ग्लोबल फिनटेक फेस्टका भव्य आयोजन हैजो भारत और ब्रिटेन के बीच प्रगाढ़ होते मैत्रीपूर्ण संबंधों का एक जीवंत प्रतीक है। आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री स्टारमर इस वैश्विक मंच से एक साथ मुख्य भाषण देंगेतो यह केवल एक औपचारिक राजनयिक संवाद नहीं होगा। यह सदियों पुराने ऐतिहासिक संबंधों के एक नए शिखर पर पहुँचने और दोनों देशों के बीच सहयोग के एक सुनहरे अध्यायजिसे 'ब्रिस्क' (BRISK - Britain-India Strategic Keystone) का नाम दिया गया हैकी शुरुआत का प्रतीक होगा। यह नाम इस साझेदारी की गतिशीलतामजबूती और रणनीतिक महत्व को रेखांकित करता है।

नव्या युगाची सुरुवात

 नव्या युगाची सुरुवात

प्रधानमंत्री मोदी आणि स्टारमर आज आपले मुख्य भाषण देण्यासाठी सज्ज असतानात्यांचा संयुक्त संदेश सामायिक मूल्ये आणि परस्पर लाभावर आधारित एका परिपक्व भागीदारीचे प्रतीक असेलही युती त्यांची एकत्रित आर्थिक ताकदसुरक्षा सहकार्यसांस्कृतिक संबंध आणि नावीन्यपूर्ण भावना यांचा फायदा घेते.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांच्या अटळ धोरणात्मक दृष्टिकोनाच्या मार्गदर्शनाखालीही भागीदारी केवळ पुनरुज्जीवित झालेली नाहीतर एका नवीन युगासाठी तिची पुनर्कल्पना केली गेली आहेएकत्र येऊनभारत आणि युनायटेड किंगडम समृद्धी देण्यासाठीसुरक्षा वाढवण्यासाठी आणि स्थिर आणि मुक्त जागतिक व्यवस्थेचे (Global Order) आधारस्तंभ टिकवून ठेवण्यासाठी सज्ज आहेतत्यांची नूतनीकृत युती केवळ त्यांच्या लोकांचे भविष्यच नव्हेतर आगामी दशकांमध्ये आंतरराष्ट्रीय संबंधांचा मार्गही निश्चित करण्याचे वचन देते.

तंत्रज्ञान सुरक्षा उपक्रमा’ (Technology Security Initiative) द्वारे, दोन्ही देश दूरसंचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) मध्ये संयुक्त उपक्रम आणि सेमीकंडक्टर

 तंत्रज्ञान सुरक्षा उपक्रमा’ (Technology Security Initiative) द्वारेदोन्ही देश दूरसंचारकृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) मध्ये संयुक्त उपक्रम आणि सेमीकंडक्टर आणि खनिजांसाठी महत्त्वपूर्ण पुरवठा साखळी सुरक्षित करण्यावर भर देतातलवचिकअत्याधुनिक तंत्रज्ञान प्रणाली तयार करणे आता राष्ट्रीय सुरक्षा आणि आर्थिक वाढ जपण्यासाठी केंद्रस्थानी आहे.

हवामान कृती (Climate Action) हा एक मुख्य आधारस्तंभ राहिला आहेदोन्ही देश स्वच्छ ऊर्जा स्वीकार आणि ग्रीन फायनान्स बाजारपेठांना कुशल बनवण्यास गती देतातबीपी (BP) आणि शेल (Shell) यांसारख्या यूकेच्या कंपन्यांची भारतातील स्वच्छ इंधन आणि इलेक्ट्रिक वाहन पायाभूत सुविधांमध्ये केलेली गुंतवणूक या उद्दिष्टांच्या दिशेने उचललेली व्यावहारिक पाऊले दर्शवते.

हवामान आणि नावीन्य यावरील आपल्या अनेक भाषणांमध्येप्रधानमंत्री मोदी यांनी असा दृष्टिकोन मांडला आहे जिथे आर्थिक वाढ आणि शाश्वतता (Sustainability) हातात हात घालून चालतातही द्विपक्षीय भागीदारी त्या दृष्टिकोनाला प्रतिबिंबित करतेज्यामुळे ती जागतिक सहकार्यासाठी एक दीपस्तंभ ठरते.

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