Sunday, 14 September 2025

सीओईपीसारख्या संस्था जागतिक स्तरावर भागीदारी करू शकतील, तंत्रज्ञान देवाण-घेवाण व सहयोगी संशोधन

 मुख्यमंत्री फडणवीस म्हणालेस्वायतत्ता मिळाल्यामुळे सीओईपीसारख्या संस्था जागतिक स्तरावर भागीदारी करू शकतीलतंत्रज्ञान देवाण-घेवाण व सहयोगी संशोधन करू शकतील. यामुळे महाराष्ट्राची ३ ट्रिलियन आणि भारताची ५ ट्रिलियन अर्थव्यवस्थेकडे वाटचाल करताना सक्षम मानव संसाधनाचा सेतू उभा राहील. आगामी काळात अधिकाधिक संस्थांना स्वायतत्ता देण्याचा राज्य शासनाचा धोरणात्मक निर्णय आहे,असे मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस यांनी स्पष्ट केले.

 

            ते म्हणालेसीओईपी तंत्रज्ञान विद्यापीठाच्या विस्तारासाठी चिखली येथे २८ एकर जागा दिली आहे. अशा संस्थांना अधिक सक्षम करण्यासाठी शासन स्तरावरून मदत केली जाईल. तसेच संशोधन उभारण्यासाठी आवश्यक निधी उपलब्ध करून दिला जाईल. भारतातील प्रतिष्ठित आणि ज्येष्ठ संस्था म्हणून सीओईपीकडे बघितले जाते. या संस्थेला १७२ वर्षांचा इतिहास असून २०२८ मध्ये संस्थेला १७५ वर्षे पूर्ण होणार आहेत. हा भारताच्या शैक्षणिक इतिहासातील विलक्षण प्रवास आहे. सीओईपीमधून शिक्षण घेऊन आज विविध क्षेत्रात माजी विद्यार्थी कार्यरत असून समाजातील सर्व क्षेत्रांना समृद्ध करण्याचे कार्य ते करत आहेत.

मुख्यमंत्र्यांच्या हस्ते सीओईपी तंत्रज्ञान विद्यापीठाच्या ग्रंथालय व संगणक अभियांत्रिकी विभागाच्या नूतन इमारतीचे उद्घाटन

 मुख्यमंत्र्यांच्या हस्ते सीओईपी तंत्रज्ञान विद्यापीठाच्या ग्रंथालय व संगणक

अभियांत्रिकी विभागाच्या नूतन इमारतीचे उद्घाटन

 

नव संशोधनासाठी उच्च व तंत्रशिक्षण देणाऱ्या संस्थेला स्वायतत्ता देणे ही काळाची गरज

– मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 

सीओईपी जीवन गौरव व अभिमान पुरस्कारांचे वितरण

 

पुणेदि. १४ सप्टेंबर (जिमाका वृत्तसेवा): देशातील उच्च व तंत्रशिक्षण देणाऱ्या संस्थांना नव संशोधन आणि सक्षम मनुष्यबळ निर्माण करण्यासाठी स्वायतत्ता देणे ही काळाची गरज असून त्यादृष्टीने केंद्र व राज्य पातळीवर शासनातर्फे प्रयत्न सुरू असल्याचे प्रतिपादन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी केले.

 

            सीओईपी तंत्रज्ञान विद्यापीठात ग्रंथालय व संगणक अभियांत्रिकीच्या नूतन इमारतीचे उद्घाटन व अभियांत्रिकी दिनानिमित्त आयोजित सीओईपी अभिमान पुरस्कार’ सोहळ्याप्रसंगी मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस बोलत होते. यावेळी उच्च व तंत्रशिक्षण मंत्री चंद्रकांतदादा पाटीलसीओईपी तंत्रज्ञान विद्यापीठाचे कुलगुरू सुनील भरुडकुलसचिव डॉ. दयाराम सोनवणेमाजी संचालक शैलेश सहस्त्रबुद्धेमाजी विद्यार्थी संघटनेचे अध्यक्ष भरत गीतेसचिव सुजीत परदेशी आदी उपस्थित होते.

 

मुख्यमंत्री फडणवीस म्हणालेस्वायतत्ता मिळाल्यामुळे सीओईपीसारख्या संस्था जागतिक स्तरावर भागीदारी करू शकतीलतंत्रज्ञान देवाण-घेवाण व सहयोगी संशोधन करू शकतील. यामुळे महाराष्ट्राची ३ ट्रिलियन आणि भारताची ५ ट्रिलियन अर्थव्यवस्थेकडे वाटचाल करताना सक्षम मानव संसाधनाचा सेतू उभा राहील. आगामी काळात अधिकाधिक संस्थांना स्वायतत्ता देण्याचा राज्य शासनाचा धोरणात्मक निर्णय आहे,असे मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस यांनी स्पष्ट केले.

“It is an honor to partner with one of India’s most dynamic states

 Governor Kim Reynolds expressed optimism, saying, “It is an honor to partner with one of India’s most dynamic states, Maharashtra. This agreement is a strategic step towards promoting innovation, economic growth, and global cooperation. Both states will collaborate on industrial, educational, and agricultural projects, with delegations exchanging visits annually.”

Expected Benefits of the Partnership:

  • Adoption of Iowa’s advanced agri-tech in Maharashtra to boost productivity
  • Growth of food processing industries and increased export opportunities
  • Digital governance, e-services, and smart farming initiatives
  • Enhanced healthcare services through research and training collaborations
  • Skill development and job creation via vocational training and industrial partnerships
  • Expansion of renewable energy projects, reducing pollution and ensuring sustainable growth
  • Promotion of tourism, cultural exchanges, and sports collaborations
  • Increased U.S.–India investments, industrial growth, and direct business partnerships
  • Global exposure for students and researchers through academic linkages
  • Strengthened global reputation of Maharashtra as an industrial and technology partner

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Maharashtra–Iowa (USA) Partnership Opens New Doors of Cooperation in Multiple Sectors

 Maharashtra–Iowa (USA) Partnership

Opens New Doors of Cooperation in Multiple Sectors

- CM Devendra Fadnavis

 

Mumbai, Sept 12: Maharashtra has signed a historic Memorandum of Understanding (MoU) with the U.S. state of Iowa, paving the way for collaboration in agriculture, biotechnology, financial services, infrastructure, renewable energy, and technology. Chief Minister Devendra Fadnavis announced that this partnership will create new opportunities for innovation and exchange between the two states.

Key Areas of Cooperation:

  • Growth in investment and economic exchanges
  • Collaboration in agriculture, food processing, healthcare, tourism, sports, and renewable energy
  • Academic and research linkages between universities and institutions

The MoU was signed in the presence of Maharashtra CM Devendra Fadnavis and Iowa Governor Kim Reynolds at the Taj Palace Hotel, Mumbai. The event was also attended by Chief Secretary Rajesh Kumar, Additional Chief Secretary for Higher and Technical Education Venugopal Reddy, Principal Secretary to the CM Ashwini Bhide, Nanaji Krishi Sanjivani Project Director Parimal Singh, Investment Advisor to the CM Kaustubh Dhavse, and from Iowa, Agriculture Secretary Mike Naig, Development Authority Director Debi Durham, along with other dignitaries.

Speaking at the press conference, CM Fadnavis said, “Iowa is a leading state in agricultural production and agri-technology. This partnership offers Maharashtra a tremendous opportunity in agriculture, technology, and industry. Advanced technologies in AI-driven farming, digitization, healthcare, vocational training, biotechnology, renewable energy, and infrastructure will be introduced to Maharashtra through joint initiatives with Iowa universities and institutions.”

The CM further noted that India’s remarkable progress in renewable energy will gain new momentum through this cooperation. He added, “Maharashtra has previously signed sister-state agreements with Japan and Germany, which boosted trade, industry, and cultural exchanges. This is the first such agreement with a U.S. state, and it will strengthen India–U.S. relations.” Both sides have agreed on regular delegation visits to enhance collaboration.

दीर्घकालीन साझेदारी का आश्वासन इस करार से होने वाले लाभ :

 दीर्घकालीन साझेदारी का आश्वासन – राज्यपाल किम रेनॉल्ड्स

आयोवा की राज्यपाल किम रेनॉल्ड्स ने कहाभारत के सबसे गतिशील राज्यों में से एक महाराष्ट्र के साथ भागीदारी करना हमारे लिए गर्व की बात है। यह समझौता नवाचार को बढ़ावा देने वालाआर्थिक समृद्धि लाने वाला और वैश्विक सहयोग को प्रोत्साहित करने वाला रणनीतिक निर्णय है। दोनों राज्य औद्योगिकशैक्षणिक और कृषि क्षेत्रों में नए प्रोजेक्ट शुरू करेंगे। प्रतिवर्ष दोनों राज्यों के प्रतिनिधिमंडल परस्पर यात्रा कर इस सहयोग को और गहरा करेंगे।

 

 

इस करार से होने वाले लाभ :

 

·         कृषि तकनीक का उपयोग – आयोवा की आधुनिक कृषि तकनीकमशीनरी और अनुसंधान महाराष्ट्र की उत्पादकता बढ़ाएँगे।

·         खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का विकास – किसानों की फसल की पैदावार को बेहतर मूल्य मिलेगानिर्यात अवसर बढ़ेंगे।

·         डिजिटलीकरण और तकनीक में सहयोग – स्मार्ट गवर्नेंसई-सेवाओं और आधुनिक स्मार्ट खेती के नए उपाय लागू होंगे।

·         स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार – आयोवा की स्वास्थ्य प्रणाली और प्रशिक्षण से ग्रामीण व शहरी स्वास्थ्य सेवाएँ मजबूत होंगी।

·         कौशल विकास और रोजगार – व्यावसायिक प्रशिक्षण और औद्योगिक सहयोग से नई नौकरियों का सृजन होगा।

·         नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण – स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं से प्रदूषण घटेगा और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।

·         पर्यटन और खेल विकास – सांस्कृतिक आदान-प्रदानपर्यटन व्यवसाय और खेल प्रतिस्पर्धाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।

·         आर्थिक निवेश और औद्योगिक वृद्धि – अमेरिका व भारत की कंपनियों के बीच प्रत्यक्ष निवेश और व्यापार में वृद्धि होगी।

·         शिक्षा और अनुसंधान सहयोग – विश्वविद्यालयों के संयुक्त प्रोजेक्ट छात्रों को वैश्विक अनुभव दिलाएँगे।

·         अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा – महाराष्ट्र की पहचान एक अग्रणी औद्योगिक और तकनीकी भागीदार के रूप में वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगी।

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दीर्घकालीन साझेदारी का आश्वासन – राज्यपाल किम रेनॉल्ड्स

 दीर्घकालीन साझेदारी का आश्वासन – राज्यपाल किम रेनॉल्ड्स

आयोवा की राज्यपाल किम रेनॉल्ड्स ने कहाभारत के सबसे गतिशील राज्यों में से एक महाराष्ट्र के साथ भागीदारी करना हमारे लिए गर्व की बात है। यह समझौता नवाचार को बढ़ावा देने वालाआर्थिक समृद्धि लाने वाला और वैश्विक सहयोग को प्रोत्साहित करने वाला रणनीतिक निर्णय है। दोनों राज्य औद्योगिकशैक्षणिक और कृषि क्षेत्रों में नए प्रोजेक्ट शुरू करेंगे। प्रतिवर्ष दोनों राज्यों के प्रतिनिधिमंडल परस्पर यात्रा कर इस सहयोग को और गहरा करेंगे।

 

महाराष्ट्र–आयोवा (अमेरिका) भागीदारी से अनेक क्षेत्रों में सहयोग के नए द्वार खुलेंगे

 महाराष्ट्र–आयोवा (अमेरिका) भागीदारी से

अनेक क्षेत्रों में सहयोग के नए द्वार खुलेंगे

- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

मुंबई, १२ सितम्बर: महाराष्ट्र ने अमेरिका के कृषिप्रधान राज्य आयोवा के साथ ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस करार से कृषि, जैव-प्रौद्योगिकी, वित्तीय सेवाएँ, पायाभूत संरचना, नवीकरणीय ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस साझेदारी से दोनों राज्यों के बीच नवाचार और आपसी आदान-प्रदान को नई दिशा मिलेगी।


 


सहयोग के प्रमुख क्षेत्र:


निवेश और आर्थिक आदान-प्रदान में वृद्धि


कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य, पर्यटन, खेल और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग


विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के बीच शैक्षणिक और अनुसंधान संबंध


 


मुंबई के ताज पैलेस होटल में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और आयोवा की राज्यपाल किम रेनॉल्ड्स की उपस्थिति में यह समझौता हुआ। इस अवसर पर मुख्य सचिव राजेश कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव वेणुगोपाल रेड्डी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अश्विनी भिड़े, नानाजी कृषि संजीवनी परियोजना के निदेशक परिमल सिंह, मुख्यमंत्री के निवेश सलाहकार कौस्तुभ धवसे, तथा आयोवा के कृषि सचिव माइक नैग, विकास प्राधिकरण निदेशक डेबी डरहम सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


 


पत्रकार परिषद में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, “आयोवा उत्पादन और कृषि-तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी है। उनके साथ यह समझौता महाराष्ट्र की कृषि, तकनीक और उद्योग के लिए एक बड़ा अवसर है। आयोवा विश्वविद्यालय और कृषि विश्वविद्यालयों के संयुक्त सहयोग से अत्याधुनिक तकनीक महाराष्ट्र तक लाई जाएगी। नवीकरणीय ऊर्जा में भारत ने जो प्रगति की है, इस करार से उसमें और तेजी आएगी।”


 


उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र ने इससे पहले जापान और जर्मनी के साथ ‘सिस्टर-स्टेट’ करार कर व्यापार, उद्योग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को गति दी है। किसी अमेरिकी राज्य के साथ यह पहला करार है और यह भारत–अमेरिका संबंधों को और मजबूत करेगा। आयोवा की राज्यपाल किम रेनॉल्ड्स ने दीर्घकालिक साझेदारी की इच्छा जताई है। इसके तहत हर साल आयोवा और महाराष्ट्र के प्रतिनिधिमंडल परस्पर यात्राएँ करेंगे और विभिन्न क्षेत्रों के ज्ञान का आदान-प्रदान कर विकास को गति देंगे।”


 


मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि यह करार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘वैश्विक सहयोग और राज्यों की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी’ की दृष्टि के अनुरूप है। इससे राज्य के किसानों, विद्यार्थियों, उद्यमियों और शोधकर्ताओं के लिए नए अवसर खुलेंगे और महाराष्ट्र की प्रगति को नई ऊर्जा मिलेगी।

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