Monday, 7 July 2025

बांधकामापूर्वी रक्कम अदा केल्याप्रकरणी शाखा अभियंता आणि कार्यकारी अभियंत्याचे निलंबन

 विधिमंडळ अधिवेशन कामकाज

दिनांक ७ जुलै २०२५

वृत्त क्र. ९३

विधानपरिषद प्रश्नोत्तरे :

 

बांधकामापूर्वी रक्कम अदा केल्याप्रकरणी शाखा अभियंता आणि

कार्यकारी अभियंत्याचे निलंबन

ग्रामविकास मंत्री जयकुमार गोरे

 

मुंबईदि. ७ : छत्रपती संभाजीनगर जिल्ह्यातील मौजे लासूर येथील शाळा बांधकाम आणि मौजे गुरुधानोरा येथील प्राथमिक आरोग्य केंद्र बांधकामाच्या पूर्वीच १४७ लाख रुपये ठेकेदाराला अदा करण्यात आले. या प्रकरणाची प्राथमिक चौकशीअंती संबंधित जिल्हा परिषद बांधकाम विभागातील शाखा अभियंता तसेच कार्यकारी अभियंता यांचे निलंबन करण्यात आले आहे. या अधिकाऱ्यांची खातेनिहाय चौकशी पुढील दोन महिन्यात करण्यात येणार असून यात जे तथ्य आढळेल त्यानुसार कार्यवाही करण्यात येईलअशी माहिती ग्रामविकास मंत्री जयकुमार गोरे यांनी विधानपरिषदेत प्रश्नोत्तराच्या तासात दिली.

 

विधानपरिषद सदस्य सतीश चव्हाण यांनी याबाबतचा प्रश्न विचारला होता. यात विरोधी पक्ष नेते अंबादास दानवेसदस्य ॲड.अनिल परबभाई जगताप यांनीही उपप्रश्न विचारला.

 

मंत्री श्री.गोरे म्हणाले कीया बांधकामांदर्भात चौकशी करण्यात आली असून प्रत्यक्षात झालेल्या कामापेक्षा अधिकचे मूल्यांकन मोजमाप पुस्तिकेत नोंदविण्यात आले आहे. कामाचे फोटोटेस्ट रिपोर्ट नसतानाही देयके मंजूर करण्यात आली आहे. यासंदर्भात आदर्श कार्यपद्धती असूनही त्यानुसार ही देयके अदा केली असल्याचे त्यांनी आपल्या उत्तरात सांगितले आहे.

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उत्तन-विरार सागरी मार्ग का सुधारित, किफायती खाका 'एमएमआरडीए' द्वारा प्रस्तुत वाधवण बंदरगाह और वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेस वे से जोड़ा जाए प्रस्तावित

 उत्तन-विरार सागरी मार्ग का सुधारितकिफायती खाका 'एमएमआरडीएद्वारा प्रस्तुत

वाधवण बंदरगाह और वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेस वे से जोड़ा जाए प्रस्तावित मार्ग

– मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 

मुंबईदिनांक 26 : मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने उत्तन-विरार सागरी मार्ग (यूव्हीएसएल) का सुधारित और आर्थिक दृष्टि से किफायती प्रस्ताव मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने निर्देश दिए कि प्रस्तावित उत्तन-विरार मार्ग को वाधवण बंदरगाह और समृद्धि महामार्ग (एक्सप्रेसवे) से जोड़ा जाए। यह सागरी मार्ग परियोजना मुंबई को महत्वाकांक्षी वाधवण बंदरगाह परियोजना से जोड़ने वाली एक अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधान भवन स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में आयोजित बैठक में इस परियोजना की समीक्षा की। बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदेमुख्य सचिव सुजाता सौनिकबृहन्मुंबई महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगरानीएमएमआरडीए महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जीअतिरिक्त महानगर आयुक्त अश्विन मुदगल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


बोरीवली से ठाणे डबल टनल परियोजना की समीक्षा बैठक में निर्देश

 राज्य में अब कोई भी आधारभूत सुविधा परियोजना नहीं रुकेगी,

 तीन वर्षों में पूर्ण करें

- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

बोरीवली से ठाणे डबल टनल परियोजना की समीक्षा बैठक में निर्देश

 

मुंबई, 26 जून: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में अब से कोई भी आधारभूत सुविधा परियोजना लंबित नहीं रहनी चाहिए और सभी परियोजनाएं आगामी तीन वर्षों में पूरी की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री आज विधान भवन स्थित कैबिनेट कक्ष में बोरीवली से ठाणे डबल टनल परियोजना की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इस डबल टनल परियोजना में प्रभावित नागरिकों का स्थायी पुनर्वास अनिवार्य हैऔर परियोजना को दिसंबर 2028 तक हर हाल में पूरा किया जाए।

उन्होंने बताया कि यह डबल टनल 11.84 किलोमीटर लंबा होगा और इसके भीतर वायु संचार की व्यवस्था बनी रहनी चाहिए। इसके लिए संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान से अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने की कार्यवाही तुरंत की जाए। परियोजना निर्माण हेतु वन विभाग की द्वितीय चरण की अनुमति तथा रात्रिकालीन कार्य की अनुमति भी प्राप्त की जाए।

बोरीवली की ओर कार्य में तेजी लाने और वहां के परियोजना प्रभावितों के पुनर्वसन के लिए एक विशेष अभियान चलाकर एक माह में कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए।

प्रभावित नागरिकों को किराया देकर अथवा अन्य गृहनिर्माण परियोजनाओं में पुनर्वसित करने के लिए संबंधित अधिकारी की नियुक्ति की जाए और वह अधिकारी एक महीने के भीतर कार्यवाही पूरी करेंऐसा स्पष्ट निर्देश दिया गया।

बोरीवली की ओर अदानी व टाटा पावर की जिन जमीनों की आवश्यकता हैउनका शीघ्र अधिग्रहण किया जाए। इसके साथ ही भूमिगत विद्युत लाइनों के लिए अदानी पावर कंपनी को अंतिम सड़क योजना की अनुमति भी प्रदान की जाए।

बैठक में मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) के महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी ने प्रेजेंटेशन दिया। इस बैठक में मुख्य सचिव सुजाता सौनिकमुंबई मनपा आयुक्त भूषण गगराणीअतिरिक्त महानगर आयुक्त अश्विन मुदगलअतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक रामरावसंजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान की संचालक अनीता पाटिलम्हाडा के सीईओ संजय जायसवालठाणे जिलाधिकारी अशोक शिंगारे और ठाणे मनपा आयुक्त सौरभ राव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

डबल टनल परियोजना की मुख्य जानकारी :

लंबाई: 11.84 किलोमीटर (दो पैकेजों में निर्माण)

पैकेज-1: 5.75 किमी (बोरीवली पक्ष) – लागत ₹6,178 करोड़

पैकेज-2: 6.09 किमी (ठाणे पक्ष) – लागत ₹5,879 करोड़

कुल अनुमानित खर्च: ₹12,057 करोड़

पर्यावरण लाभ: हर वर्ष 1.4 लाख मैट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन में कमी

यात्रा समय में कमी: वर्तमान में ठाणे से बोरीवली की यात्रा में 1 से 1.25 घंटे लगते हैंटनल बनने के बाद यह समय घटकर सिर्फ 15 मिनट हो जाएगा ईंधन की बचत: बड़ी मात्रा में इंधन की भी बचत होगी.

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Borivali to Thane Twin Tunnel Project to be Completed in Three Years

 Borivali to Thane Twin Tunnel Project to be Completed

in Three Years: CM Devendra Fadnavis

Mumbai, June 26: Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis has directed that henceforth, no infrastructure project in the state should be delayed, and every such project must be completed within three years. He was speaking during a review meeting of the Borivali-Thane Twin Tunnel Project held at the Cabinet Hall in Vidhan Bhavan today. Deputy Chief Minister Eknath Shinde was also present at the meeting.

CM Fadnavis emphasized that permanent rehabilitation of affected persons under the Borivali-Thane tunnel project must be ensured. He instructed that the entire project should be completed by December 2028.

He stated that the twin tunnel will be 11.84 kilometers long, and proper air circulation must be maintained within it. For this, immediate steps should be taken to make additional land available from the Sanjay Gandhi National Park. He also directed that necessary second-phase forest department permissions and night-time work permissions must be obtained.

To expedite the work on the Borivali side and to complete the rehabilitation of affected people there, a special drive should be conducted and completed within a month, said the CM.

He further instructed that agencies should work in coordination to rehabilitate project-affected people either by providing rent or through other housing projects. A dedicated officer should be appointed to ensure this work is completed within a month.

Land acquisition from Adani and Tata Power projects on the Borivali side should be carried out, and final road planning permissions must be given to Adani Power Company for laying underground electric lines.

During the meeting, MMRDA Metropolitan Commissioner Dr. Sanjay Mukherjee gave a detailed presentation. Other attendees included Chief Secretary Sujata Saunik, Mumbai Municipal Commissioner Bhushan Gagrani, Additional Metropolitan Commissioner Ashwin Mudgal, Additional Principal Chief Conservator of Forests Ramrao, SGNP Director Anita Patil, MHADA CEO Sanjay Jaiswal, Thane District Collector Ashok Shingare, and Thane Municipal Commissioner Saurabh Rao.

Quick Overview of the Twin Tunnel Project:

  • Total Length: 11.84 km (to be constructed in two packages)
  • Package 1: 5.75 km (Borivali side) with an estimated cost of ₹6,178 crore
  • Package 2: 6.09 km (Thane side) with an estimated cost of ₹5,879 crore
  • Total Estimated Cost: ₹12,057 crore
  • Environmental Impact: Reduction of 1.4 lakh metric tonnes of carbon emissions annually
  • Travel Time Saving: Current travel time between Borivali and Thane is 1 to 1.25 hours; it will be reduced to just 15 minutes after project completion
  • Fuel Savings: Significant reduction in fuel consumption expected

The project, once completed, is expected to greatly improve connectivity between Mumbai and Thane while contributing to environmental sustainability and reduced traffic congestion.

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Revised, Economical Plan for Uttan-Virar Sea Link Submitted by MMRDA To be Connected with Vadhavan Port and Vadodara-Mumbai Expressway

 Revised, Economical Plan for Uttan-Virar Sea Link Submitted by MMRDA

To be Connected with Vadhavan Port and Vadodara-Mumbai Expressway

– Chief Minister Devendra Fadnavis

 

Mumbai, June 26 : The Mumbai Metropolitan Region Development Authority (MMRDA) presented a revised and economically viable plan for the Uttan-Virar Sea Link (UVSL) project to Chief Minister Devendra Fadnavis and Deputy Chief Minister Eknath Shinde. During the review meeting, CM Fadnavis directed that the proposed UVSL should be connected to the upcoming Vadhavan Port and the Samruddhi Mahamarg (Expressway), making it a crucial link connecting Mumbai to the ambitious Vadhavan Port project.

CM Fadnavis reviewed the UVSL project in a meeting held at the Cabinet Hall in Mantralaya. Deputy CM Eknath Shinde, Chief Secretary Sujata Saunik, BMC Commissioner Bhushan Gagrani, MMRDA Metropolitan Commissioner Dr. Sanjay Mukherjee, Additional Commissioner Ashwin Mudgal, and other senior officials were present. Dr. Mukherjee gave a presentation detailing the project.

The project will be directly connected to the Vadodara-Mumbai Expressway through the Virar connector, significantly improving freight and passenger movement between the northern suburbs and the western coastal corridor. CM Fadnavis emphasized that the project will not only create economic opportunities but also strengthen India’s port-led development vision.

Economical Alternative Finalized from Six Proposals

After detailed technical and engineering evaluations, MMRDA presented six cost variants ranging from ₹87,427 crore to ₹52,652 crore. The state leadership selected the ₹52,652 crore alternative as it was financially more viable, efficient, and environmentally friendly. The revised design has successfully brought down the cost from ₹87,427.17 crore to ₹52,652 crore.

Key Reasons for Cost Reduction :

Optimized Lane Design : Earlier plans included 4+4 lanes with emergency lanes. The revised plan includes 3+3 lanes for the main carriageway and 2+2 lanes for connectors, significantly reducing civil and structural costs.

Future Integration Planning : Budgeting was done keeping in mind inflation and the current road network, avoiding unnecessary costs.

Reduced Land Acquisition : Narrower lane widths and optimized alignment reduced the Right of Way (RoW), thereby lowering land acquisition and rehabilitation expenses.

Connector Structure Improvements : Earlier double-pillar designs were replaced with single-pillar structures, making the construction more cost-effective and eco-friendly.

Reduced Preliminary & Consultancy Costs : Cuts in temporary expenses, consultant fees, and other initial costs helped bring down the total budget significantly.

Project Overview :

Total Length: 55.12 km

Main Sea Link: 24.35 km

Connectors: 30.77 km

Uttan Connector (9.32 km) – to link with Dahisar-Bhayandar Link Road

Vasai Connector (2.5 km) – fully elevated

Virar Connector (18.95 km) – connecting to Vadodara-Mumbai Expressway

The main sea link will have a 3+3 lane configuration (25.1 meters wide), and connectors will have a 2+2 lane setup (18.55 meters wide), ensuring smooth transportation for the next three decades.

Funding Plan :

₹37,998 crore (72.17%) – To be raised through JICA/multilateral agencies (repayable via toll revenue), ₹14,654 crore (27.83%) – To be provided as equity by the Maharashtra Government/MMRDA, CM Fadnavis directed MMRDA to submit the updated Detailed Project Report (DPR) and Preliminary Project Report (PPR) to the government.

Strategic Importance :

The Uttan-Virar Sea Link will be a key component of MMR’s future transport network, directly linking Mumbai’s northern suburbs with Vadhavan Port and the Delhi-Mumbai Industrial Corridor. It is expected to unlock significant new economic and connectivity potential across the region.

CM Fadnavis also instructed the creation of a Special Purpose Vehicle (SPV) for the project's implementation and called for fast-tracking the required approvals for the proposed alignment.

Senior officials including Additional Chief Secretary Vikas Kharge, Principal Secretary Ashwini Bhide, Secretary Dr. Shrikanth Pardeshi, Urban Development ACS Asimkumar Gupta, Forest ACS Milind Mhaiskar, Additional Principal Chief Conservator of Forests Ramrao, and commissioners of Mira-Bhayandar and Vasai-Virar Municipal

१०० मिमीपेक्षा जास्त पावसाच्या पाण्याचा निचरा करणारा

 १०० मिमीपेक्षा जास्त पावसाच्या पाण्याचा निचरा करणारा

मुंबईचा आराखडा तयार करा

- पालकमंत्री ॲड.आशिष शेलार यांचे निर्देश

मुंबईत लहान मोठी चार नवी पंपिंग स्टेशन उभारणार

केंद्र सरकारच्या नॅशनल डिझास्टर मॅनेजमेंट ॲथॉरिटीकडून

मुंबईला स्वतंत्र निधी मिळणार

 

मुंबईदि. २६ : मुंबईची सध्याची पावसाळी पाण्याचा निचरा करणारी यंत्रणा ५५ मि. मी प्रत्यक्ष तासाची क्षमता असलेली आहे. त्यामध्ये वाढ करुन १०० मि.मी पेक्षा जास्त पाऊस पडला तर पाण्याचा निचरा होईलया दृष्टीने एक स्वतंत्र आराखडा तयार करायाबाबत केंद्रीय गृह खात्याच्या नॅशनल डिझास्टर  मॅनेजमेंट ॲथॉरिटीकडून मुंबईला अधिकचा निधी मिळणार आहेअशी माहिती सांस्कृतिक कार्यमाहिती तंत्रज्ञान तथा मुंबई उपनगरचे पालकमंत्री ॲड.आशिष शेलार यांनी दिली.

मुंबईत उद्भवणारी पूर परिस्थिती आणि पाण्याचा निचरा याबाबतच्या उपाय योजनांबाबत मुंबई उपनगर पालकमंत्री ॲड. शेलार यांच्या दालनात बैठक झाली. या बैठकीला बृहन्मुंबई महानगरपालिकेचे अतिरिक्त आयुक्त विपीन शर्माअमित सैनीअभिजित बांगर यांच्यासह सबंधित अधिकारी उपस्थित होते.

मुंबईत २०१७ मध्ये एकूण २६ दिवस तर सन २०२४ मध्ये २१  दिवस पाऊस पडला होता.  यावरुन असे लक्षात येते कीमुंबईत सरासरी दरवर्षी १६ ते २० दिवस पाऊस पडतो. हा पाऊस एका तासाला १०० मि. मी. पेक्षा जास्त असतोअसेही पालिकेच्या अभ्यासातून समोर आले आहे. सन २०१४ ते २०१९ या कालखंडात तासाला १३१ मि. मी तर १९ मे ला जो पाऊस झाला तो एका तासाला १८२ मि. मी एवढा होता. २६ जुलै २००५ ला जो जलप्रलय झाला त्यावेळी मुंबईत सुमारे १ हजार मि. मी पाऊस १६ तासात झाला होता तर तासाला १३९ मि. मी पावसाची नोंद झाली होती.  त्याचवेळी समुद्राला भरती असल्याने प्रचंड पुराचा फटका मुंबईला बसला होता. आताही १०० मि. मी. पेक्षा जास्त पाऊस एका तासाला होत असून त्याचवेळी भरती असेल पाण्याचा निचरा होत नाही व पूर परिस्थितीचा सामना  मुंबईला करावा लागतो. २६ जुलै २००५ पुर्वी मुंबईत पावसाचा पाण्याचा निचरा करणारी जी गटारे होती त्यांची क्षमता ताशी २५ मि. मी पाऊस झाल्यावर पाण्याचा ‍निचरा करणारी होती. त्यानंतर गठीत केलेल्या चितळे समितीने शिफारस केल्यानुसार त्यामध्ये वाढ करुन आता ५५ मि. मी. प्रत्येक तासाला पाऊस झाला तर पाणी वाहून नेणारी यंत्रणा उभारण्यात आली आहे. मात्र आता तासाला आता १०० मि. मी. पेक्षा जास्त पाऊस होत असल्याने ही क्षमता वाढवण्याची आवश्यकता आहे. याबाबत मुंबई महापालिका ज्या उपाययोजना करीत आहे त्यामध्ये लहान मोठ्या चार पंपिंग स्टेशनची नव्याने उभारणी करण्यात येणार आहे.

सध्या मुंबईत ९ छोटी पंपिंग स्टेशन असून यामध्ये वाढ करुन महाराष्ट्र नगर व धारावी टी जंक्शन येथे दोन नवीन छोटी पंपिंग स्टेशन उभारण्यात येणार आहेत. तसेच सध्या ६ मोठी पंपिंग स्टेशन असून त्यामध्ये वाढ करुन मोगरा व माहुल येथे दोन नवीन स्टेशन उभारण्यात येणार आहेत. यामुळे कुर्ला आणि अंधेरी येथे साचणाऱ्या पाण्याचा निचरा होण्यास मदत होणार आहे

            दरम्यानमुंबईच्या पुरपरिस्थितीची दखल केंद्रीय गृह खात्याच्या अखत्यारित येणाऱ्या राष्ट्रीय नॅशनल डिझास्टर मॅनेजमेंट ॲथॉरिटीकडून घेण्यात आली असून पहिल्या टप्प्यात उपाययोजनांसाठी ५०० कोटींचा निधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांच्या सरकारने मुंबई महानगरपालिकेला उपलब्ध करुन दिला आहे. तसेच शहरातील पूरपरिस्थितीचा अभ्यास करुन एक कृती आराखडा तयार करण्यासही सांगितले असून या कामी मुंबई महापालिकेने जो आराखडा तयार केला त्याचा अभ्यास आयआयटीची तज्ज्ञ समिती करीत आहे.

ज्या भागात पाणी तुंबते अशी ठिकाणे निवडून त्या भागातील पावसाळी पाण्याचा  निचरा करणारी यंत्रणा ही तासाला १०० मि. मी. पेक्षा जास्त पाऊस झाला तरी पाण्याचा निचरा करु शकेलअशी उभारण्यात येणार आहे. याबाबतचा हा अहवाल आयआयटीच्या मदतीने तयार करण्यात येणार असून यासाठी सुमारे ५ हजार कोटींचा खर्च येईलअसा प्राथमिक अंदाज आहे. यासाठी नॅशनल डिझास्टर मॅनेजमेंट ॲथॉरिटीकडून मुंबई महापालिकेला मोठया प्रमाणात निधी उपलब्ध होणार आहे.

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हे जपान दौऱ्यावर असताना त्यांनी तेथील तंत्रज्ञानाचा वापर मुंबईतील पाण्याचा निचरा करण्यासाठी  करण्यात येणार असल्याचे जाहीर केले होते. त्याचाही विचार करुन मुंबई महापालिका हा नवा आराखडा तयार करीत आहे. हा आराखडा तयार करताना मुंबईतील रेल्वेमेट्रोएमएमआरडीए सह सर्व प्राधिकरणांचा समन्वय व चर्चा करुन हा अहवाल तयार करण्यात यावाअसे निर्देशही यावेळी मंत्री शेलार यांनी अधिकाऱ्यांना दिले. हा आराखडा येत्या एक  महिन्यात तयार करावाअसे निर्देशही मंत्री ॲड.शेलार यांनी यावेळी दिले.

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वाहतूक व्यावसायिकांच्या समस्या निराकरणासाठी समिती गठीत करुन महिन्याच्या आत अहवाल सादर करावा

 वाहतूक व्यावसायिकांच्या समस्या निराकरणासाठी

समिती गठीत करुन महिन्याच्या आत अहवाल सादर करावा

- परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक

 

मुंबई, दि. २६ : वाहतूक व्यावसायिकांच्या ई-चलन विषयक समस्यांचे निराकरण करण्याची शासनाची भूमिका असून त्यासाठी परिवहन विभागांने संबंधितांची समिती गठीत करावी व एका महिन्याच्या आत समितीने अहवाल सादर करावाअसे निर्देश परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक यांनी दिले.

मंत्रालयात ई-चलन प्रक्रिया सुधारणासंदर्भात आयोजित बैठकीत मंत्री श्री.सरनाईक यांनी संबंधितांना मार्गदर्शन केले. बैठकीस उद्योग मंत्री उदय सामंत, यांच्यासह अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) गृह विभाग संजय सेठीपरिवहन आयुक्त विवेक भीमनवार यांच्यासह संबंधित विभागांचे अधिकारी, विविध वाहतूक संघटनांचे प्रतिनिधी उपस्थित होते.

मंत्री श्री.सरनाईक म्हणाले कीई- चलन प्रणालीत सुधारणा करताना प्राधान्याने वाहनचालक व  मालक  यांना नियमांचे पालन करण्यास प्रोत्साहन देणारे निकष असावेत्यात कुठेही जाचक अटी लादू नये.  एकाच दिवसात एका कारणासाठी वेगवेगळी चलन वसूल करु नये. त्यासाठी चलनाचा  ग्राह्यता कालावधी निश्चित करावाव्यावसायिक वाहनांना पार्किंग सुविधा उपलब्ध करुन द्यावी. मुंबईमध्ये जड़ वाहतूक वाहनांना प्राधान्याने पार्किंग सुविधा उपलब्ध करून देण्यात याव्यात. वाहतूक संघटनांच्या समस्या सोडवण्यासाठी परिवहन विभागपोलीस आणि संबंधित क्षेत्रातील तज्ज्ञांची सयुंक्त समिती गठीत करावीत्यामध्ये वाहतूक संघटनांच्या प्रतिनिधींचा  सहभाग घ्यावाजेणेकरुन समितीच्या कामात पारदर्शकता व सर्वसमावेशकता येईल. तसेच पोलिस विभागमार्फत करण्यात येणाऱ्या कारवाईत सध्याच्या ई-चलन निकषात शिथिलता आणावी. परिवहन विभागाच्या परित्रकाच्या निकषानुसार पोलिसांनी देखील आवश्यक तिथेच कार्यवाही करावी. चलन लावताना लाईव्ह फोटो अपलोड करावेरिअल टाइम फोटो घ्यावेत. अनावश्यक कारवाई करणे थांबवावे. संपूर्ण चलन प्रक्रिया ही सहिष्णूपारदर्शक आणि सुव्यवस्थितरित्या राबविण्याच्या दृष्टीने समितीने अभ्यास करावा. ई-चलनाचे जे निकष जाचक ठरणारे असतील त्यात सुयोग्य बदल करण्यात यावे. वाहनांसाठीची गती मर्यादापार्किंग नियमावली यासर्वांचा अभ्यास करुन समितीने अहवाल द्यावा. वाहतूक संघटनांच्या मागण्यांना न्याय देण्याची विभागाची भूमिका असल्याचे मंत्री श्री.सरनाईक यांनी सांगितले.   

उद्योग मंत्री उदय सामंत  यांनी  चलन प्रक्रियेतील जाचक अटी नियमांत बदलण करणे  आवश्यक असून  पार्किंग माफीयाच्या वाढत्या समस्येबाबत गांर्भियाने प्रतिबंधात्मक उपाय योजना कराव्यात. तसेच  वाहतूक पोलिसांनी जूने फोटो अपलोड करुन चलन वसूली करण्याचे प्रकार थांबवण्याचे सूचित केले. त्याचप्रमाणे मुख्यमंत्री रोजगार योजनेत वाहतूक व्यवसायाला  समाविष्ट करून घेण्यासाठी प्रयत्न करण्यात येतील असेही मंत्री श्री.सामंत यांनी आश्वासित केले. 

बैठकीत वाहतूक संघटानांच्या प्रतिनिधींनी आपल्या  मागण्या व समस्या   मांडल्या.

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