Sunday, 30 March 2025

मुंबई में गृहसंकुल पुनर्विकास के लिए महाप्रीत और एनबीसीसी के बीच समझौता

 

मुंबई में गृहसंकुल पुनर्विकास के लिए महाप्रीत और एनबीसीसी के बीच समझौता

मुंबई, 27 मार्च: महात्मा फुले नवनीकरणीय ऊर्जा एवं अधोसंरचना प्रौद्योगिकी लिमिटेड (महाप्रीत) और एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेडनई दिल्लीजो कि भारत सरकार के आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के अंतर्गत एक नवरत्न कंपनी हैने मुंबई में विभिन्न अधोसंरचना परियोजनाओं को लागू करने के लिए सहमति ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।

एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड बड़े आवासीय परियोजनाओंआईटी इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माणऔर देश-विदेश में अधोसंरचना परियोजनाओं की योजना और कार्यान्वयन में विशेषज्ञता रखती हैजिसमें परियोजना वित्तपोषण भी शामिल है।

महाप्रीत वर्तमान में ठाणे क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोजेक्टभिवंडी महानगरपालिका और चंद्रपुर महानगरपालिका जैसी प्रमुख परियोजनाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) और सस्ती आवास योजनाओं के तहत लागू कर रही है। मुंबई मेंमहाप्रीत लगभग 56 एसआरए (स्लम पुनर्वास प्राधिकरण) परियोजनाओं को लागू करेगी। एमएमआर (मुंबई महानगर क्षेत्र) और मुंबई के कई निजी सहकारी गृहसंकुलों ने अपने पुनर्विकास के लिए महाप्रीत के साथ चर्चा की है। इस समझौते के तहतमहाप्रीत और एनबीसीसी मिलकर मुंबई की आवास पुनर्विकास आवश्यकताओं को पूरा करेंगे।

महाप्रीत ईएसजी अनुपालनस्वच्छ और हरित ऊर्जा मानकोंकचरा पुनर्चक्रणडीकार्बोनाइज्ड सामग्रीनवीनतम पर्यावरण-अनुकूल निर्माण तकनीकों और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित परियोजना निगरानी पर ध्यान केंद्रित कर रही है। दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता को ध्यान में रखते हुएवे पीएमसी (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी) और ईपीसी (इंजीनियरिंगप्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) आधार पर परियोजनाओं को लागू करेंगे।

महाप्रीत के प्रबंध निदेशक बिपिन श्रीमाली ने कहा कि एनबीसीसी के साथ इस सहयोग से पुनर्विकास परियोजनाओं में मदद मिलेगीऔर गृहसंकुलों को पुनर्विकास का अवसर मिलेगा। चूंकि केंद्र सरकार की एजेंसियों को अब विकासकर्ताओं के चयन के विकल्प उपलब्ध होंगेपुनर्विकास परियोजनाएं राज्य सरकार के नियमों के अनुसार पूरी की जाएंगी।

एनबीसीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के. पी. महादेवस्वामी ने कहा कि एनबीसीसी (इंडिया) और महाप्रीत के संयुक्त प्रयासों से मुंबई और उसके आसपास पुनर्विकास परियोजनाएं लागू की जाएंगी। इसी तरह की परियोजनाएं नई दिल्ली और अन्य राज्यों में भी संयुक्त रूप से चलाई जाएंगी।

इस अवसर पर महाप्रीत के निदेशक पुरुषोत्तम जाधवकार्यकारी निदेशक सुभाष नागेपरियोजना निदेशक पी. आर. के. मूर्तिकार्यकारी निदेशक सुनील पोटेतथा एनबीसीसी (इंडिया) के कार्यकारी निदेशक प्रदीप शर्माप्रविण डोईफोडे और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


How to Register on ‘DigiPravesh’ App

 How to Register on ‘DigiPravesh’ App

The ‘DigiPravesh’ app is available for Android and iOS users. Visitors can download it for free by searching "Digi Pravesh" on the Google Play Store (for Android) and Apple Store (for iOS).

Registration is required only once. The system verifies the visitor’s identity using Aadhaar-based facial recognition. After successful verification, visitors can book a slot for their designated department, allowing hassle-free entry without waiting in long queues. The entire process takes less than three minutes.

0000


DigiPravesh’ App-Based Entry System Introduced at Mantralaya

 DigiPravesh’ App-Based Entry System Introduced at Mantralaya

Mumbai, March 27: The Mantralaya Security Project is being implemented to enhance security and streamline visitor entry. In its first phase, a facial recognition-based entry system was introduced. Now, in Phase 2, a Visitor Management System (VMS) has been developed. From now on, officials, employees, and visitors needing access to Mantralaya must obtain entry through the ‘DigiPravesh’ online app-based system.

Visitors will be allowed access only to the designated floors and departments as per their approved appointment. Unauthorized access to restricted floors will lead to penalty actions. After completing their work, visitors must exit within the allotted time. To ease the process for senior citizens and differently-abled visitors, they will be given priority access at 12 PM and a separate queue will be arranged post 12 PM. They must carry valid identity proof to avail of this facility.

All general visitors will be allowed entry after 2 PM through the DigiPravesh app-based system. Visitors must present a government-approved ID such as an Aadhaar Card, Driving License, or PAN Card to obtain the Mantralaya entry pass. A help desk and registration counter will be set up at the Garden Gate for those without smartphones or literacy limitations.

Once registered through the ‘DigiPravesh’ app, a QR code will be generated, which must be scanned at the Mantralaya entry counter. Visitors will then receive an RFID access card for security verification. Wearing the RFID card inside Mantralaya is mandatory, and visitors must return it at the security counter while exiting.


Mumbai Housing Redevelopment: MoU Signed Between Mahapreet and NBCC

 Mumbai Housing Redevelopment: MoU Signed Between Mahapreet and NBCC

Mumbai, March 27: Mahatma Phule Renewable Energy and Infrastructure Technology Limited (Mahapreet) and NBCC (India) Limited, New Delhi, a Navratna company under the Ministry of Housing and Urban Affairs, Government of India, have signed a Memorandum of Understanding (MoU) in Mumbai to implement various infrastructure projects.

NBCC (India) Limited specializes in large housing projects, IT infrastructure, and conceptualization and execution of infrastructure projects both domestically and internationally, including project funding.

Mahapreet is currently executing major projects such as the Thane Cluster Development Project, Bhiwandi Municipal Corporation, and Chandrapur Municipal Corporation under the Pradhan Mantri Awas Yojana (PMAY) and affordable housing schemes. In Mumbai, Mahapreet will implement around 56 SRA (Slum Rehabilitation Authority) projects. Several private cooperative housing societies in Mumbai and MMR have also approached Mahapreet for redevelopment discussions. Under this MoU, Mahapreet and NBCC will collaborate to meet Mumbai’s housing redevelopment needs.

Mahapreet focuses on ESG compliance, clean and green energy standards, waste recycling, decarbonized materials, modern eco-friendly construction technologies, and international standards for project monitoring. Considering the expertise and capabilities of both organizations, they have agreed to undertake PMC (Project Management Consultancy) and EPC (Engineering, Procurement & Construction)-based projects.

Mahapreet’s Managing Director Bipin Shrimali stated that the collaboration with NBCC will facilitate housing redevelopment and provide opportunities for societies to undergo transformation. As central government agencies will now have the option to select developers, redevelopment projects will be executed as per state government regulations.

NBCC Chairman and Managing Director K.P. Mahadevaswamy mentioned that the joint efforts of NBCC (India) and Mahapreet will drive redevelopment projects in Mumbai and surrounding regions. Similar projects will also be jointly executed in New Delhi and other states.

Present at the event were Mahapreet’s Director Purushottam Jadhav, Executive Director Subhash Nage, Project Director P.R.K. Murthy, Executive Director Sunil Pote, and NBCC’s Executive Directors Pradeep Sharma, Pravin Doifode, along with other officials.

0000

मुंबईतील गृहसंकुल पुनर्विकासासाठी महाप्रीत - एनबीसीसी यांच्यात सामंजस्य करारमी

 मुंबईतील गृहसंकुल पुनर्विकासासाठी महाप्रीत - एनबीसीसी यांच्यात सामंजस्य करार

 

         मुंबईदि. 27 : महात्मा फुले नविनीकरणीय उर्जा व पायाभूत प्रौद्योगिकी मर्यादित (महाप्रीत) व एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेडनवी दिल्ली गृहनिर्माण आणि शहरी व्यवहार मंत्रालयाच्या अंतर्गत भारत सरकारची नवरत्न कंपनी  यामध्ये विविध पायाभूत सुविधांचे प्रकल्प राबविण्याकरिता मुंबई येथे सामंजस्य करार करण्यात आला.

            एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड या कंपनीची मोठे गृहनिर्माण प्रकल्पआयटी इमारतींचे बांधकाम तसेच स्वदेशात आणि परदेशात पायाभूत सुविधा प्रकल्पांची संकल्पना व अंमलबजावणी करणे आणि अशा प्रकल्पांना निधी देण्याच्या क्षेत्रात कार्यरत आहे.

     ठाणे क्लस्टर डेव्हलपमेंट प्रोजेक्टभिवंडी महानगरपालिका आणि चंद्रपूर महानगरपालिका या प्रमुख प्रकल्पांमध्ये पीएमएवाय आणि परवडणाऱ्या गृहनिर्माण प्रकल्पांची अंमलबजावणी महाप्रीत करत आहे. मुंबईत सुमारे 56 एसआरए प्रकल्प महाप्रित राबविणार आहे. एमएमआर आणि विशेषतः मुंबई शहरातील विविध खाजगी सहकारी गृहसंकुल संस्थांनी त्यांच्या परिसराचा पुनर्विकासासाठी महाप्रितसोबत चर्चा केली आहे. या सामंजस्य कराराअंतर्गत मुंबई शहरातील गृहसंकुलाची गरज पूर्ण करण्याकरिता महाप्रित आणि एनबीसीसी या कंपन्या सहकार्य करणार आहेत.

     महाप्रीत ईएसजी अनुपालनस्वच्छ आणि हरित ऊर्जा निकषांचा अवलंबकचरा पुनर्वापरडीकार्बोनाइज्ड साहित्यनवीनतम आणि पर्यावरणपुरक लवचिक बांधकाम तंत्रज्ञानराष्ट्रीय पर्यावरणपूरक मानकेराज्यातील दुर्बल घटकांसाठी रोजगाराच्या संधी निर्माण करणे आणि प्रकल्प देखरेखीसाठी आंतरराष्ट्रीय मानके यावर लक्ष केंद्रित करीत आहे. प्रकल्पांच्या अंमलबजावणीकरिता  महाप्रित कंपनी अग्रस्थानी आहे. तसेच महाप्रित आणि एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेडची तज्ज्ञता व कौशल्यामुळे होणारे फायदे लक्षात घेतादोन्ही सरकारी संस्थांनी समान हितांच्या प्रकल्पांवर पीएमसी अथवा ईपीसी तत्वावर प्रकल्प राबविण्याचे ठरविले आहे.

  यावेळी महाप्रीतचे व्यवस्थापकीय संचालक बिपिन श्रीमाळी म्हणालेएनबीसीसी आणि महाप्रित यांच्यातील सहकार्यामुळे पुनर्विकास कार्य करण्यास मदत होईल व गृहसंकुलांना पुनर्विकास करण्याची संधी प्राप्त होईल. तसेच केंद्र सरकारच्या संस्थांना विकासकांची निवड करण्याचे पर्याय उपलब्ध होत असल्यामुळेपुनर्विकासांची कामे राज्य शासनाच्या नियमानुसार करण्यात येईल.

    एनबीसीसीचे अध्यक्ष तथा व्यवस्थापकीय संचालक के. पी. महादेवस्वामी म्हणालेएनबीसीसी (इंडिया) मुंबई आणि महाप्रित यांच्या संयुक्त सहकार्यामुळे मुंबई व मुंबई परिसरातील पुनर्विकासांची प्रकल्प राबविण्यात येतील. तसेच अशाच प्रकारचे प्रकल्प नवी दिल्ली व  इतर राज्यांमध्ये संयुक्तपणे राबविण्यात येतील.

  यावेळी महाप्रीतचे संचालक पुरुषोत्तम जाधवकार्यकारी संचालक सुभाष नागे,  प्रकल्प संचालक पी. आर.के. मुर्तीकार्यकारी संचालक सुनील पोटे तसेच एनबीसीसी (इंडिया) नवी दिल्लीचे कार्यकारी संचालक प्रदिप शर्माकार्यकारी संचालक प्रविण डोईफोडे व इतर अधिकारी उपस्थित होते.

माधव नेत्रालयाने जनतेच्या जीवनात प्रकाश आणण्याचे महत्तम कार्य केले

 माधव नेत्रालयाने जनतेच्या जीवनात प्रकाश आणण्याचे महत्तम कार्य केले

माधव नेत्रालय मध्य भारतातील आरोग्य क्षेत्रात महत्वाची नेत्र संस्था ठरेल

– मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

      माधव नेत्रालयाच्या प्रीमियम सेंटरचे भूमिपूजन

केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी यांची उपस्थिती

 

नागपूरदि. 30 : संघटनसमर्पण आणि सेवेची त्रिवेणी भारत देशाला पुढे घेऊन जाण्यासाठी महत्वाचे सूत्र ठरणार असून विकसित भारताचा संकल्प पूर्ण करण्यासाठी समाजातील सर्व घटकांनी याचा अवलंब करावाअसे आवाहन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांनी केलेगोरगरिबांपर्यंत आरोग्य सेवा पोहोचविण्यासाठी केंद्र शासन कसोशीने कार्य करीत आहेमाधव नेत्रालयानेही या कार्यात योगदान देत गेल्या तीन दशकांपासून लोकांच्या जीवनात प्रकाश आणण्याचे मोलाचे कार्य केल्याचे गौरवोद्गारत्यांनी काढले

        नागपूर येथील हिंगणा रोडवरील माधव नेत्रालयाच्या प्रीमियम सेंटरचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांच्या हस्ते डिजिटल पद्धतीने भूमिपूजन करण्यात आलेत्यावेळी ते बोलत होतेकेंद्रीय रस्ते वाहतूक  महामार्ग मंत्री नितीन गडकरीमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीसराष्ट्रीय स्वंयसेवक संघाचे सरसंघचालक डॉमोहन भागवतस्वामी अवधेशानंद गिरीस्वामी गोविंद देव गिरीमाधव नेत्रालय चॅरिटेबल ट्रस्टचे सरचिटणीस डॉअविनाशचंद्र अग्निहोत्री यावेळी उपस्थित होते.

      प्रधानमंत्री श्रीमोदी म्हणाले कीगेल्या दशकात ग्रामीण भागात लाखो आयुष्मान भारत केंद्रे उभारण्यात आलीकोट्यवधी लोकांना आरोग्य सेवा पुरविण्यात आल्याटेलिमेडिसिनद्वारे उपचार  आरोग्य सेवा सशक्त करण्यात आल्याएम्ससारख्या संस्थांची संख्या तिपटीने वाढविण्यात आलीस्वातंत्र्यप्राप्तीनंतर प्रथमच देशात वैद्यकीय शिक्षण मातृभाषेत उपलब्ध करून दिलेवैद्यकीय अभ्यासक्रमाच्या जागा वाढविण्यात आल्या आहेतयोग आणि आयुर्वेदालाही जगात मानाचे स्थान मिळाले आहेआरोग्य सेवेपासून कुणी वंचित राहू नये असे शासनाचे धोरण असून त्यानुसार सक्षमपणे कार्य सुरू असल्याने त्यांनी सांगितले. 

     आरोग्य सेवांचे जाळे निर्माण करण्यात आलेआरोग्य क्षेत्रातील सुधारणांचा हाच वसा माधव नेत्रालय पुढे घेऊन जात आहे.  द्वितीय सरसंघचालक माधवराव गोळवलकर गुरुजी यांच्या आदर्शावर मार्गक्रमण करत नेत्रालयाने अंध:कार दूर करीत लोकांच्या जीवनात प्रकाश आणला आहेप्रीमियम सेंटरमुळे या नेत्रालयाच्या कार्याचा विस्तार होऊन त्यास गती मिळेलतसेच देशातील आरोग्य क्षेत्राच्या प्रगतीतही या संस्थेचे भरीव योगदान राहील.

विदर्भातील थोर संत प्रज्ञाचक्षू गुलाबराव महाराज हे जन्मतः अंध होतेमात्र अंधत्वावर मात करीत त्यांनी ज्ञानाची दृष्टी विकसित केलीदृष्टी बोधातून येते  विवेकातून प्रगट होते याचा आदर्श वस्तुपाठच त्यांनी घालून दिला आहेसंत ज्ञानेश्वरसंत तुकारामसंत नामदेवसंत एकनाथ अशा देशातील संतांनी भारताला एकसंध ठेवत उत्तम शिकवण दिलीमाधव नेत्रालयानेही त्यांच्या विचारांची कास धरत कार्य केले आहेसमाजसेवेचे हे कार्य अव्याहत पुढे जावेअशा भावनाही त्यांनी व्यक्त केल्या.

 

 

माधव नेत्रालय मध्य भारतातील आरोग्य क्षेत्रात महत्वाची नेत्र संस्था ठरेल

 माधव नेत्रालय मध्य भारतातील आरोग्य क्षेत्रात महत्वाची नेत्र संस्था ठरेल

                                                            – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 

            दृष्टी ही ईश्वराने मानवाला दिलेला मौल्यवान ठेवा आहे.  ज्यांच्याकडे दुर्देवाने ही दृष्टी नाही त्यांच्या जीवनात प्रकाश आणण्याचे कार्य माधव नेत्रालय गत तीन दशकांपासून करीत आहेदेशात  राज्यात नेत्र आरोग्य क्षेत्रात भरीव सेवा देण्याची आवश्यकता आहेमाधव नेत्रालयासारख्या संस्था सातत्यपूर्ण सेवा कार्य करीत या क्षेत्रामध्ये भरीव योगदान देत आहेतनेत्रालयाचे प्रीमियम सेंटर अस्तित्वात आल्याने मध्य भारतातील नेत्र आरोग्य क्षेत्रात सेवा देणारी माधव नेत्रालय ही महत्वाची संस्था ठरणार असल्याचेही मुख्यमंत्री म्हणाले.

Featured post

Lakshvedhi