Monday, 29 June 2026

नियमित भुगतान करने वालों को अतिरिक्त राहत

 नियमित भुगतान करने वालों को अतिरिक्त राहत

महात्मा ज्योतिराव फुले किसान ऋणमुक्ति योजना-2019 के लाभार्थियों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं।


जिन किसानों के 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिए गए पुनर्गठित अथवा पुनर्पुनर्गठित अल्पकालीन फसल ऋणों की 30 सितंबर 2025 तक की बकाया किस्त 50 हजार रुपये तक है, उन्हें पूर्ण ऋणमुक्ति मिलेगी। जिनकी बकाया राशि 50 हजार रुपये से अधिक होगी, उन्हें वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना का लाभ मिलेगा तथा अतिरिक्त राशि जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2027 होगी।


योजना की पात्रता

पात्र किसानों को मूलधन एवं ब्याज सहित प्रति किसान दो लाख रुपये तक की ऋणमुक्ति मिलेगी।

योजना 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिए गए अल्पकालीन फसल ऋणों पर लागू होगी।

30 सितंबर 2025 तक बकाया तथा 31 मार्च 2026 तक अप्रदत्त ऋण इसमें शामिल होंगे।

भूमि धारण की कोई शर्त नहीं है।

मध्यम अवधि के ऋण में पुनर्गठित अथवा पुनर्पुनर्गठित किए गए फसल ऋण भी योजना के अंतर्गत शामिल होंगे।

दो लाख रुपये से अधिक बकाया ऋण वाले किसान अतिरिक्त राशि 31 मार्च 2027 तक जमा कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा।

योजना राष्ट्रीयकृत, निजी, ग्रामीण, जिला सहकारी बैंकों तथा प्राथमिक कृषि साख समितियों से लिए गए ऋणों पर लागू होगी।

कौन पात्र नहीं होंगे

वर्तमान एवं पूर्व मंत्री, राज्य मंत्री, लोकसभा एवं राज्यसभा सदस्य, विधानसभा एवं विधान परिषद सदस्य तथा जिला परिषद, पंचायत समिति और शहरी स्थानीय निकायों (महानगरपालिका, नगरपालिका, नगर पंचायत) के वर्तमान एवं पूर्व सदस्य।

केंद्र एवं राज्य सरकार के वे अधिकारी एवं कर्मचारी जिनका संयुक्त मासिक वेतन 25 हजार रुपये से अधिक है।

राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों (जैसे महावितरण, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल, महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल आदि) तथा अनुदानित संस्थानों के वे अधिकारी एवं कर्मचारी जिनका मासिक वेतन 25 हजार रुपये से अधिक है।

कृषि के अतिरिक्त आय पर आयकर देने वाले व्यक्ति।

25 हजार रुपये से अधिक मासिक पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनभोगी (हालांकि पूर्व सैनिक इस प्रावधान से मुक्त रहेंगे)।

कृषि उपज मंडी समितियों, सहकारी चीनी मिलों, सहकारी सूत मिलों, शहरी सहकारी बैंकों, जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों, महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक तथा सहकारी दुग्ध संघों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, निदेशक मंडल के सदस्य, अधिकारी एवं 25 हजार रुपये से अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारी। हालांकि सहकारी चीनी मिलों के मौसमी श्रमिक इस अपात्रता से बाहर रहेंगे और योजना के पात्र होंगे।

पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी व्यवस्था

इस ऋणमुक्ति योजना की संपूर्ण प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी होगी। योजना का लाभ लगभग 56 लाख किसानों को मिलेगा तथा इसके लिए लगभग 36 हजार 500 करोड़ रुपये वितरित किए जाएंगे।


यह महाराष्ट्र के इतिहास की सबसे बड़ी किसान ऋणमुक्ति योजना होगी। इसका उद्देश्य केवल किसानों का ऋण माफ करना नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना तथा कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा प्रदान करना है।

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