ऐतिहासिक निर्णय : महाराष्ट्र की सबसे बड़ी किसान ऋणमुक्ति योजना
किसान राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। अनियमित वर्षा, ओलावृष्टि, सूखा, अतिवृष्टि तथा बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण आर्थिक संकट में फंसे किसानों को राहत प्रदान करने तथा उन्हें पुनः फसल ऋण उपलब्ध कराकर कृषि क्षेत्र को अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के इतिहास की सबसे बड़ी 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान ऋणमुक्ति योजना-2026' लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर एक कुशल प्रशासक तथा प्रजाहित को समर्पित लोककल्याणकारी शासक थीं। कृषि, सिंचाई, जल संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में उनके योगदान को आज भी आदर्श माना जाता है। किसानों की समस्याओं को समझकर उन्हें न्याय दिलाने का उनका दृष्टिकोण अनुकरणीय था। उनकी 300वीं जयंती वर्ष के अवसर पर किसानों के कल्याण से जुड़ी इस महत्त्वपूर्ण योजना को उनके नाम से समर्पित कर राज्य सरकार ने उनके कार्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
राज्य सरकार इससे पहले भी किसानों के ऋणभार को कम करने के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज शेतकरी सम्मान योजना-2017, महात्मा ज्योतिराव फुले किसान ऋणमुक्ति योजना-2019 तथा महात्मा ज्योतिराव फुले ऋणमुक्ति योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन लाभ योजना-2022 जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को समय-समय पर महत्वपूर्ण राहत प्रदान कर चुकी है।
हालांकि, पूर्व में ऋणमुक्ति मिलने के बावजूद अनेक किसान फिर से बकाया ऋण के दुष्चक्र में फंसते रहे। किसानों को इस चक्र से स्थायी रूप से बाहर निकालने तथा कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधार लाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री के प्रमुख आर्थिक सलाहकार एवं 'मित्र' (MITRA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीण परदेशी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया।
समिति ने यह अध्ययन किया कि किसानों को बार-बार ऋणमाफी की आवश्यकता क्यों पड़ती है, उनकी आय में स्थिरता क्यों नहीं आती तथा भविष्य में उन्हें पुनः ऋण के जाल में फंसने से रोकने के लिए कौन-से अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपाय किए जाने चाहिए। समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने तत्काल राहत प्रदान करने हेतु 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान ऋणमुक्ति योजना' लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया
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