कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा पर सरकार सख्त
‘POSH’ कानून लागू न करने वाले संस्थानों पर होगी कार्रवाई
मुंबई, १६ मई: राज्य में कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महिला एवं बाल विकास आयुक्तालय ने सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी और निजी प्रतिष्ठानों में ‘कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, २०१३’ यानी POSH कानून का सख्ती से पालन करने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में आयुक्तालय की ओर से एक महत्वपूर्ण परिपत्र जारी किया गया है।
नए निर्देशों के अनुसार, जिन संस्थानों में १० या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां ‘आंतरिक समिति’ (Internal Committee - IC) का गठन अनिवार्य रहेगा। साथ ही, इन समितियों का पंजीकरण केंद्र सरकार के ‘SHE-Box’ पोर्टल पर करना भी जरूरी होगा। प्रशासन के अनुसार कई निजी संस्थानों में अब तक ऐसी समितियां गठित नहीं की गई हैं और पोर्टल पर पंजीकरण की संख्या भी बेहद कम पाई गई है।
हाल ही में नाशिक स्थित एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में यौन उत्पीड़न और प्रताड़ना का मामला सामने आने के बाद सरकार ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए कड़ा कदम उठाया है। शासन का मानना है कि मजबूत शिकायत निवारण प्रणाली के अभाव में ऐसी घटनाओं को रोकना मुश्किल हो जाता है
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