हाल ही में नाशिक स्थित एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में यौन उत्पीड़न और प्रताड़ना का मामला सामने आने के बाद सरकार ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए कड़ा कदम उठाया है। शासन का मानना है कि मजबूत शिकायत निवारण प्रणाली के अभाव में ऐसी घटनाओं को रोकना मुश्किल हो जाता है।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और संवेदनशील कार्यस्थल उपलब्ध कराने के लिए POSH कानून का प्रभावी क्रियान्वयन अब प्राथमिकता रहेगा।
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