Monday, 6 April 2026

तब भी भारतीय संस्कृति जीवित रही। यह प्राचीन होने के साथ-साथ नित नई भी है, यही इसकी विशेषता है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि संत शक्ति ही सज्जन शक्ति है और साधु-संतों ने भारतीय संस्कृति को बनाए रखा है। जब दुनिया की कई संस्कृतियां समाप्त हो गईंतब भी भारतीय संस्कृति जीवित रही। यह प्राचीन होने के साथ-साथ नित नई भी हैयही इसकी विशेषता है। संतों ने इस प्रवाह में आई बुराइयों को दूर कर संस्कृति की निरंतरता बनाए रखी है। महाराष्ट्र के वारकरी संप्रदाय ने भी अनेक आक्रमणों का सामना करते हुए वारी की परंपरा को जीवित रखाजिसका प्रतिबिंब कुंभ मेले में दिखाई देता है।

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