राज्यपाल के पहल पर राजभवन नागपुर में सौर ऊर्जा परियोजना का उद्घाटन
नागपूर, 17 अप्रैल : पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने गुरुवार को लोकभवन, नागपुर में अत्याधुनिक सौर ऊर्जा परियोजना का उद्घाटन किया। इस परियोजना की क्षमता 90 किलोवाट है और इससे प्रतिवर्ष लगभग 1,15,200 यूनिट स्वच्छ बिजली उत्पादन होने की अपेक्षा है।
सौर ऊर्जा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने कहा कि हरित ऊर्जा ही भविष्य की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकल्प न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक हैं, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नागपुर जैसे महत्वपूर्ण शहर में इस प्रकार की परियोजनाएं अन्य संस्थानों और नागरिकों को भी नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी।
इस परियोजना के माध्यम से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी तथा कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही, बिजली के बिल में कमी के कारण दीर्घकालीन आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा।
इस परियोजना का कार्यान्वयन राज्यपाल के अतिरिक्त परिवार प्रबंधक रमेश येवले के साथ मेडा (एमईडीए) के अधिकारियों तथा सार्वजनिक निर्माण (विद्युत) विभाग के अभियंताओं द्वारा किया गया।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे, राज्यपाल के परिवार प्रबंधक डॉ. निशिकांत देशपांडे, राज्यपाल के निजी सचिव पवन सिंह, अतिरिक्त परिवार प्रबंधक रमेश येवले, विभागीय महाप्रबंधक (महाऊर्जा) सारंग महाजन तथा अन्य अभियंता, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
परियोजना की विशेषताएं
अत्याधुनिक तकनीक: SolarEdge (DC Power Optimizer) तकनीक का उपयोग, जिससे प्रत्येक सोलर पैनल की स्वतंत्र निगरानी संभव है।
उच्च दक्षता: छाया, धूल या किसी एक पैनल में खराबी आने पर भी पूरी प्रणाली प्रभावित नहीं होती।
रियल-टाइम मॉनिटरिंग: बिजली उत्पादन की वास्तविक समय में निगरानी की सुविधा उपलब्ध है।
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