उन्होंने आगे कहा कि देश की अर्थव्यवस्था 11वें स्थान से चौथे स्थान पर पहुँच गई है और शीघ्र ही तीसरे स्थान पर पहुँचेगी। भारत की 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की यात्रा में तकनीक और विनिर्माण क्षेत्र का योगदान महत्वपूर्ण रहेगा। इस यात्रा में महाराष्ट्र मजबूती से आगे बढ़ रहा है। दावोस दौरे के दौरान 16 लाख करोड़ रुपये के करार हुए हैं, जिनमें से 75 प्रतिशत करार क्रियान्वयन की दिशा में हैं।
केवल उद्योग स्थापित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका पर्यावरण के अनुकूल होना भी आवश्यक है। इस प्रोजेक्ट में ‘सस्टेनेबल कास्टिंग’ और ‘रीसाइक्लिंग’ पर जोर दिया गया है। राज्य में ‘उद्योग और पर्यावरण’ एक साथ आगे बढ़ेंगे, ऐसा विश्वास उन्होंने व्यक्त किया
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