मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्योतिर्लिंग स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत सशक्त होनी चाहिए। एआय और अत्याधुनिक तकनीक की मदद से एकीकृत सुरक्षा प्रणाली तैयार की जाए, जिससे आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध हो सके। मंदिर प्रबंधन के लिए सख्त नियम आवश्यक हैं। पर्यटन विभाग को पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन के दृष्टिकोण से प्रस्तावित कार्यों को शीघ्रता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि उच्चस्तरीय समिति की मंजूरी के बाद विकास योजनाओं को निधि प्राप्त होगी। पुरातत्व विभाग से मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ अलग बैठक आयोजित की जाएगी।
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