आप भले ही करोड़ों की जायदाद के मालिक हो पर जब तक शाम को चार दोस्त आपका इंतजार न कर रहे हो आप गरीब हो।
*दोस्ती* शब्द का अर्थ
बड़ा ही मस्त होता है .., ( दो+हस्ती )
जब दो हस्ती मिलती हैं ..,
तब दोस्ती होती है ... ...
*समुंदर* _ _ ना हो तो _ _*कश्ती* _ _ किस काम कीं ..._
*मजाक*_ _ना हो , तो _ _ *मस्ती* _ _ किस काम की ... _
*दोस्तों* _ _ के लिए तो कुर्बान है, ये *जिंदगी...*
अगर _ _ *दोस्त* _ _ ही ना हो, तो फिर ये _ _ *जिंदगी* _ _ किस काम कीं ...
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💞🙏 जिंदगी मे न जाने कौन सी रात आखिरी होंगी,
न जाने कौन सी बात आखिरी होंगी,
मिलते जुलते रहो सभी से न जाने कौन सी मुलाक़ात आखिरी होंगी।
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