Friday, 20 August 2021

 कोरोना की तीसरी लहर पर काबू पाने पर

टीकाकरण ही एकमात्र विकल्प है

                                                      - मुख्यमंत्री

·       सद्भावना जीवनरथ टीकाकरण वाहनों का हस्तानांतरण

·       नागपुर व अमरावती मंडलों को दो सौ टीकाकरण वाहन

·       मिशन टीकाकरण अभियान का शुभारंभ

            नागपुरदि. 20 :  कोरोना की मौजूदा समय में कोई प्रभावकारी दवा नहीं होने के कारण वैक्सीन ढाल के रूप में काम कर रही है। आने वाले समय में संभावित कोरोना‌ की तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए ज्यादा से ज्यादा नागरिकों का टीकाकरण करना आवश्यक है। कोरोना को शिकस्त देने के लिए हम तैयार हैं। यह बातें मुख्यमंत्री श्री उद्धव ठाकरे ने सद्भावना जीवन रथ के दो सौ टीकाकरण वाहनों के हस्तांतरण कार्यक्रम के अवसर पर कहीं।

             मनकापुर के विभागीय क्रीडा संकुल के प्रांगण में विदर्भ सहायता सोसायटी और महापारेषण के साझे में सद्भावना जीवनरथ के 200 टीकाकरण वाहनों को सौंपेने का कार्यक्रम मुख्यमंत्री श्री ठाकरे की उपस्थिति में सोशल मीडिया प्रणाली के माध्यम से किया गया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मार्गदर्शन कर रहे थे। 

             महापारेषण कंपनी की ओर से टीकाकरण मुहिम को प्रभावी रूप से चलाने के लिए 25 करोड़ रुपए सीएसआर निधि विदर्भ सहायता सोसायटी को उपलब्ध कराई गई है। इस राशि से विदर्भ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 200 टीकाकरण वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इन टीकाकरण वाहनों का हस्तांतरण राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात के हाथों किया गया।

            मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के साथ-साथ भारी बारिश और बाढ़ जैसे संकटों का सामना करते हुए लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। श्री ठाकरे ने आगे कहा कि राज्य में 5 करोड़ से अधिक नागरिकों को कोरोना वैक्सीन की पहली और दूसरी खुराक दी जा चुकी है। एक दिन में 9 लाख से अधिक लोगों को खुराक दी गई है और केंद्र सरकार की ओर से जितनी अधिक खुराक मिलेगी उसके अनुसार सभी का टीकाकरण किया जाएगा। जो लोग टीकाकरण केंद्रों तक नहीं पहुंच सकते ऐसे नागरिकों को दो सौ टीकाकरण वाहन घर-घर जाकर टीका लगाने के काम आएंगे। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि टीकाकरण के लिए पूर्ण सहायता प्रदान की जाएगी और अधिक से अधिक नागरिकों को टीका लगाना आवश्यक है।

              टीकाकरण वाहनों का हस्तांतरण और अभियान की शुरुआत करते हुए राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात ने कहा कि सद्भावना जीवन रथ के माध्यम से विदर्भ के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचने में टीकाकरण वाहन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

              संत गाडगे महाराज के संदेश पर अमल करते हुए मेलघाटगडचिरोली जैसे अ‍तिदुर्गम क्षेत्रों में पहुंचकर टीकाकरण का उद्देश्य पूरा करने की प्राथमिकता होगी।  ऊर्जा विभाग की ओर से दो सौ टीकाकरण वाहन उपलब्ध कराना यह देश और राज्य का पहला उपक्रम है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम राजीव गांधी के जन्म दिवस यानी सद्भावना दिवस पर आयोजित हो रहा है।

            अपने अध्यक्षीय भाषण में ऊर्जा मंत्री तथा पालक मंत्री डॉ. नितिन राऊत ने कहा कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर का सामना करते हुए स्वास्थ्य विभाग को ऑक्सीजन सहित आवश्यक मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी गई है। तीसरी लहर का सामना करते हुए टीकाकरण अति आवश्यक है। इसके चलते महापारेषण कंपनी की ओर से 25 करोड़ रुपए सीएसआर निधि के माध्यम से विदर्भ सहायता समिति को राशि उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से नागपुर और अमरावती विभाग की हर तहसीलों को दो-दो इस हिसाब से कुल 200 वाहन दिए जा रहे हैं। इन वाहनों का सदुपयोग हो और वाहनों की देखभाल करने के लिए जिलाधिकारी द्वारा नियंत्रण अधिकारी को नियुक्त किया जाना चाहिए। इसके अलावा ऊर्जा मंत्री ने विभागीय आयुक्तों को टीकों के उपयोग पर नियमित रिपोर्ट लेने का भी निर्देश दिया है।

            शुरुआत में सद्भावना दिवस के मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनका अभिवादन किया गया। दीप जलाकर दो सौ सद्भावना जीवनरथों का हस्तांतरण किया गया। नागपुर विभाग के लिए 128 टीकाकरण वाहनों का हस्तांतरण विभागीय आयुक्त श्रीमती प्राजक्ता लवंगारे-वर्मा और अमरावती विभाग के लिए 72 टीकाकरण वाहनों का हस्तांतरण महिला एवं बाल कल्याण मंत्री श्रीमती यशोमती ठाकुर को किया गया।

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सूचना प्रोद्योगिकी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करनेवाली संस्थाओं को

राजीव गांधी सूचना प्रोद्योगिकी पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा

सूचना प्रोद्योगिकी राज्य मंत्री सतेज पाटिल

पुरस्कार की कार्यपद्धति और समयसारिणी घोषित

        मुंबई दि.२० : - राज्य के सूचना प्रोद्योगिक क्षेत्र की उपक्रमशीलता बढ़ानेउत्कृष्ट कामकाज करनेवाले सूचना प्रोद्योगिकी समुहों को सन्मानित कर समाज में उनकी पहचान स्थापित करनेसमाज में  सूचना प्रोद्योगिकी का उपयोग गतिमान होने के लिए प्रोत्साहन देनेसूचना प्रोद्योगिकी का उपयोग कर अधिकाधिक रोजगार निर्माण करने पर ज़ोर देनेसूचना प्रोद्योगिकी का उपयोग कर पर्यावरण का संरक्षण एवं संवर्धन करना ऐसे  विविध क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करनेवाली संस्थाओं को राज्य सरकार की ओर से राजीव गांधी सूचना प्रोद्योगिकी पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगायह जानकारी सूचना प्रोद्योगिकी राज्य मंत्री सतेज ऊर्फ बंटी डी पाटिल ने आज पत्रकार परिषद में दी।

             राज्यमंत्री श्री. पाटिल ने जानकारी में बताया कि सूचना प्रोद्योगिकी क्षेत्र के आयटी इंजिनियरींग सर्विस सॉफ्टवेअरआयटी एनेबल्ड सर्विस  (बीपीओ/केपीओ)आयटी इंफ्रास्ट्रक्चर (डेटा सेंटर)मोस्ट प्रॉमिसींग स्टार्टअप और स्पेशल अवार्ड फॉर कॉन्ट्रीब्युशन टु महाराष्ट्र ऐसे  ५ भागों में इस पुरस्कार का चयन होगा।  साथ ही मानचिन्ह व प्रमाणपत्र यह इस पुरस्कार का स्वरूप है।

पुरस्कार की समयसारिणी

            इस साल के पुरस्कार की समयसारिणी इस तरह है - २० अगस्त२०२१ को नामांकन के लिए आवेदन दाखिल करने के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा और १५ सितंबर२०२१ यह  नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख होगी। २७ सितंबर२०२१ को प्राप्त आवेदनों की छानबीन होगी। ३० सितंबर२०२१ को  छाननी समिति की प्राथमिक बैठक होगी और २० अक्टूबर२०२१ को छाननी समिति की अंतिम बैठक होगी।

          अक्टूबर माह के अंतिम में पुरस्कार की  घोषणा की जाएगी और पुरस्कार का वितरण समारोह आयोजित किया जाएगायह जानकारी राज्यमंत्री सतेज पाटिल ने दी।

           देश के  सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए विज्ञान और प्रोद्योगिकी का उपयोग यह आधुनिकीकरण का केंद्रबिंदू है।  स्व. श्री राजीव गांधी ने विज्ञान प्रोद्योगिकीसूचना प्रोद्योगिकी का  प्रसार व राष्ट्रीय विकास में उसका परिणामकारक उपयोग करने पर ज़ोर दिया था। इसी से ही हर साल  २० अगस्त यह दिन पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी का जन्मदिन सूचना प्रोद्योगिकी दिन के रूप में राज्य सरकार की ओर से मनाया जाता है।

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Best performing institutes in Information Technology sector to be honored with Rajiv Gandhi Information Technology Award

– Minister of state for Information Technology Satej Patil

Procedure and Schedule of Award announced

 

      Mumbai, Aug 20: The State Government will honor the best performing institutions with Rajiv Gandhi Information Technology Award that are working towards increasing state initiative in information and technology sector; to establish IT groups in the society by recognizing their contribution in the IT sector; to encourage for speedy use of information technology; to use IT for generating maximum job creation; and to preserve and protect environment by using information technology.

      This information was given by the Minister of State for Information Technology Satej alias Banti D Patil at a press conference here today.

      These awards will be given in five categories in the information technology sector such as IT Engineering Service Software, IT Enabled Service (BPO/KPO), IT Infrastructure (Date Centre), Most Promising Start Up and Special Award for Contribution to Maharashtra, Patil said. The award consists of a memento and citation, he added.

Schedule of Awards:

      The schedule for this year’s award will be as follows. The advertisement inviting nominations for the awards will be issued on August 20, 2021 and nominations can be submitted latest by September 15, 2021. The applications will be scrutinized on September 27, 2021 and first meeting of the scrutiny committee will be held on September 30, 2021 followed by its last meeting to be held on October 20, 2021.

      The announcement of the award will be made in the last week of October and the award distribution function will be organized, said MoS Satej Patil.

      Use of information technology for social and economic development of the country is the pivot of modernization. The Late Rajiv Gandhi had laid emphasis on expansion and use of information technology and its effective utilization in national development. The state government observes August 20 - the birth anniversary of former Prime Minister Rajiv Gandhi as Information Technology Day every year.

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