Monday, 12 January 2026

प्रस्तावित मुंबई वाटर मेट्रो परियोजना

 प्रस्तावित मुंबई वाटर मेट्रो परियोजना

महाराष्ट्र में वर्तमान में 36 यात्री जलमार्गों के माध्यम से प्रति वर्ष 1.80 करोड़ यात्रियों का आवागमन होता है। मुंबई महानगर क्षेत्र में 21 जलमार्ग कार्यरत हैंजिनसे करीब 1 करोड़ 60 लाख यात्रियों की वार्षिक आवाजाही होती है। प्रस्तावित मुंबई वाटर मेट्रो परियोजना के तहत 21 आधुनिक टर्मिनल बनाए जाएंगे और लगभग 200 नॉटिकल माइल के मार्ग विकसित किए जाएंगे। परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का कार्य प्रगति पर है।

मुंबई वाटर मेट्रो परियोजना के संदर्भ में मुख्यमंत्री फडणवीस

 मुंबई वाटर मेट्रो परियोजना के संदर्भ में मुख्यमंत्री फडणवीस ने निर्देश दिया कि इस परियोजना के लिए बोटें पूरी तरह इलेक्ट्रिक आधारित हों। प्रारम्भिक चरण में हाइब्रिड मॉडल भी अपनाया जा सकता है तथा नई बोटों की खरीद की जाए। कोची से भी बड़ा और बेहतर मुंबई वाटर मेट्रो प्रोजेक्ट होना चाहिए, ऐसा उन्होंने कहा।


महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल द्वारा प्रस्तावित राजमार्ग बनाया

 उन्होंने कहा कि वधावन बंदर से नासिक तक महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल द्वारा प्रस्तावित राजमार्ग बनाया जा रहा है। इस राजमार्ग के दोनों ओर प्रभावित क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए नियोजित विकास किया जाए। बंदरगाह क्षेत्रों के विकास के महत्व को देखते हुए इन स्थानों पर उद्योग स्थापित करने हेतु निवेशकों आकर्षित किया जाए। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआयडीसीऔर बंदरगाह विभाग के समन्वय से एक कंपनी स्थापित की जाए। साथ ही निर्माणाधीन वधावन बंदर और उससे जुड़े क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए विशेष नियोजन प्राधिकरण का गठन किया जाए।

देश का सबसे बड़ा शिपयार्ड महाराष्ट्र में स्थापित किया जाए

 देश का सबसे बड़ा शिपयार्ड महाराष्ट्र में स्थापित किया जाए

– मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

· कोल्हापुर से वैभववाड़ी रेल मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू किया जाए

· बंदरगाह विभाग की समीक्षा बैठक

नागपुर, दि. 11 : महाराष्ट्र को प्राप्त 720 किलोमीटर लंबे समुद्रतट, निर्माणाधीन वधावन बंदर और समुद्री क्षेत्र में उपलब्ध अपार संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2026 में देश का सबसे बड़ा शिपयार्ड महाराष्ट्र में स्थापित किया जाए, ऐसे निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए।


विधान भवन स्थित मंत्री परिषद सभागार में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री फडणवीस ने बंदरगाह विकास विभाग की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर मत्स्य व्यवसाय एवं बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि देश का सबसे बड़ा शिपयार्ड विकसित करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाए तथा इसके लिए भूमि चयन की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए। जयगढ़, आंग्रे, रेडी और विजयवाड़ा बंदरगाहों के विकास के लिए वैभववाड़ी–कोल्हापुर रेल मार्ग तैयार किया जाना आवश्यक है। इस मार्ग के निर्माण में राज्य सरकार का आर्थिक सहभाग सुनिश्चित किया जाए।


उन्होंने कहा कि वधावन बंदर से नासिक तक महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल द्वारा प्रस्तावित राजमार्ग बनाया जा रहा है। इस राजमार्ग के दोनों ओर प्रभावित क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए नियोजित विकास किया जाए। बंदरगाह क्षेत्रों के विकास के महत्व को देखते हुए इन स्थानों पर उद्योग स्थापित करने हेतु निवेशकों आकर्षित किया जाए। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआयडीसी) और बंदरगाह विभाग के समन्वय से एक कंपनी स्थापित की जाए। साथ ही निर्माणाधीन वधावन बंदर और उससे जुड़े क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए विशेष नियोजन प्राधिकरण का गठन किया जाए।

Mumbai Water Metro Must Surpass Kochi Model

 Mumbai Water Metro Must Surpass Kochi Model

CM Fadnavis said that the Mumbai Water Metro Project should operate fully electric boats, initially using a hybrid model. New boats should be procured. He added that the Mumbai Water Metro must be even bigger and more advanced than Kochi’s, and the project should be implemented accordingly.

The meeting was attended by Chief Secretary Rajesh Aggarwal, Additional Chief Secretary (Transport & Ports) Sanjay Sethi, CEO of Maharashtra Maritime Board Pradeep P., and other senior officials.

Industrial Development Around Ports

 Industrial Development Around Ports

Highlighting the importance of developing port-based regions, the Chief Minister said that investors must be attracted to set up industries in these areas. A dedicated company should be formed jointly by the Maharashtra Industrial Development Corporation (MIDC) and the Ports Department for industrial development in these zones.

Considering the emerging Vadhavan Port, a Special Planning Authority (SPA) should be created for the integrated development of major ports and nearby regions.

Detailed Project Report for the Largest Shipyard

 Detailed Project Report for the Largest Shipyard

The Chief Minister said that a Detailed Project Report (DPR) should be prepared for establishing the country’s largest shipyard and that a suitable location must be identified. To facilitate the development of Jaigad, Angre, Redi, and Vijayawada ports, the Vaibhavwadi–Kolhapur railway line must be developed, with provisions made for the State Government’s financial participation.

The Maharashtra State Road Development Corporation (MSRDC) is constructing a highway from Vadhavan Port to Nashik. Development planning should be undertaken along both sides of this highway, keeping in mind the affected regions.

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