Sunday, 11 January 2026

विधानमंडल के माध्यम से लोकतंत्र का प्रतिबिंब –

 विधानमंडल के माध्यम से लोकतंत्र का प्रतिबिंब – सभापति प्रो. राम शिंदे

          सभापति प्रो. राम शिंदे ने कहा कि भारत गणराज्य के 75 वर्ष पूरे होने के समय 51वां संसदीय अध्ययन वर्ग आयोजित किया जा रहा है। हमारे देश में संसदीय लोकतंत्र को अद्वितीय महत्व है। विधानमंडल के माध्यम से लोकतंत्र का प्रतिबिंब दिखाई देता है। विधानमंडल के सदनों के माध्यम से आम नागरिकों तक योजनाएँ पहुँचती हैं और राज्य को विकास की दिशा मिलती है। अध्ययन वर्ग से लोकतंत्र पर आधारित संवादशिक्षाजागरूकता और अनुशासन सदैव सीखा जा सकता हैऐसा भी सभापति प्रो. शिंदे ने कहा।

राज्य की छोटी से छोटी घटना का असर भी विधानमंडल में

 राज्य की छोटी से छोटी घटना का असर भी विधानमंडल में दिखाई देता है। विधानमंडल के कामकाज से लोकतांत्रिक प्रक्रिया जीवंत रहती है। सदन के सभापति और अध्यक्ष हमारे हेडमास्टर होते हैं; उनकी मंजूरी के बिना सदन में कुछ भी नहीं हो सकता है। संसदीय लोकतंत्र में अनेक प्रकार के औज़ार (टूल्स) हैं, जो लोकतंत्र को मजबूत करने के महत्वपूर्ण साधन हैं, ऐसा भी मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने कहा।

विधानमंडल में विभिन्न प्रकार के कानून बनाए जाते हैं, जो जनता की आशाओं और अपेक्षाओं

 मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानमंडल में विभिन्न प्रकार के कानून बनाए जाते हैंजो जनता की आशाओं और अपेक्षाओं को पूरी करने वाले होते हैं। कानून बनते समय सदन में गुणात्मक चर्चा होती है। किसी कानून का राज्य के अंतिम आम नागरिक पर क्या परिणाम होगाइसकी चर्चा भी सदन में की जाती है। विधानमंडल की मंजूरी के बिना राज्य के खजाने का एक रुपया भी खर्च नहीं किया जा सकता। विभागों को अपनी मांगें सदन में पेश करनी होती हैंउन पर चर्चा होती हैफिर मंजूरी के बाद बजट बनता है और उसके बाद कानून तैयार होता है। यह कानून ही राज्य के खजाने की चाबी हैऐसा भी उन्होंने इस अवसर पर कहा।

संसदीय अध्ययन वर्ग लोकतंत्र की पहचान कराने वाला मंच

 मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने कहा कि संसदीय अध्ययन वर्ग लोकतंत्र की पहचान कराने वाला मंच है। पुस्तकों के पाठ्यक्रम में हम लोकतंत्र के मूल्य और प्रक्रियाओं को पढ़ते हैंलेकिन इस वर्ग में इन प्रक्रियाओं को निकट से देखने का अवसर मिलता है। राज्य का कामकाज कैसे किया जाना चाहिएइसका नियम संविधान में दिया गया है। विधानसभा और विधान परिषदइन दोनों सदनों के नियम और उसमें दिए गए एक-एक शब्दप्रावधान संविधान पर आधारित हैं। विधानमंडल के कार्यों की सुंदर रचना भी संविधान ने की है।

संसदीय अध्ययन वर्ग से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समझने का अवसर

 संसदीय अध्ययन वर्ग से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समझने का अवसर

– मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

विधानमंडल में 51वें संसदीय अध्ययन वर्ग का उद्घाटन

 

          नागपुरदि. 9 :- भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने संविधान की रचना की है। इस संविधान में ऐसी व्यवस्था की गई हैजिससे नागरिकों की आशाएँआकांक्षाएँ और अपेक्षाएँ पूरी हो सकें। अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए हमारा लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाएँ परिपक्व हुई हैं। संसदीय लोकतंत्र की सुंदर संरचना भी संविधान ने ही बनाई है। संसदीय अध्ययन वर्ग से लोकतंत्र की प्रक्रिया को करीब से समझने का अवसर मिलता है,उक्त उद्गार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त किए।

संसदीय अभ्यासवर्ग सर्वांना उपयुक्त

 संसदीय अभ्यासवर्ग सर्वांना उपयुक्त

- उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

भारतीय लोकशाही देशाची खरी ताकद आहे. विविध जाती धर्माचे नागरिक देशात एकत्र नांदतातही आपल्या लोकशाहीची किमया आहे. राज्यघटनेने दिलेली संसदीय लोकशाही देशाच्या धोरणांना दिशा देण्याचे काम करते. भारतीय राज्यघटना सर्वोत्तम घटना आहे. त्या आधारेच देश चालतोलोकशाही कर्तव्याची जाणीव घटना करून देते. संसदीय अभ्यासवर्गातून विद्यार्थ्यांना प्रत्यक्षपणे या सर्व गोष्टी अनुभवायला मिळणार आहे. संसदीय अभ्यासवर्ग केवळ विद्यार्थीच नाही तर लोकप्रतिनिधी आणि अधिकाऱ्यांसाठी देखील उपयुक्त आहेअसे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी सांगितले.

 

संचलन सांस्कृतिक कार्यमंत्री तथा राष्ट्रकुल संसदीय मंडळाचे कोषाध्यक्ष ॲड.आशिष शेलार यांनी केलेतर आभार उपसभापती डॉ.नीलम गोऱ्हे यांनी मानले. अभ्यासवर्गात राज्यभरातील विविध १२ विद्यापीठांतील राज्यशास्त्र अभ्यासक्रमाच्या विषयाचे विद्यार्थी सहभागी झाले आहेत.

संसदीय अभ्यासवर्ग सर्वांना उपयुक्त

 संसदीय अभ्यासवर्ग सर्वांना उपयुक्त

- उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

भारतीय लोकशाही देशाची खरी ताकद आहे. विविध जाती धर्माचे नागरिक देशात एकत्र नांदतातही आपल्या लोकशाहीची किमया आहे. राज्यघटनेने दिलेली संसदीय लोकशाही देशाच्या धोरणांना दिशा देण्याचे काम करते. भारतीय राज्यघटना सर्वोत्तम घटना आहे. त्या आधारेच देश चालतोलोकशाही कर्तव्याची जाणीव घटना करून देते. संसदीय अभ्यासवर्गातून विद्यार्थ्यांना प्रत्यक्षपणे या सर्व गोष्टी अनुभवायला मिळणार आहे. संसदीय अभ्यासवर्ग केवळ विद्यार्थीच नाही तर लोकप्रतिनिधी आणि अधिकाऱ्यांसाठी देखील उपयुक्त आहेअसे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी सांगितले.

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