Tuesday, 6 January 2026

पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता

 पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता

 

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि परियोजना से प्रभावित किसानों और नागरिकों के उचित पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। किसानों और उनकी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षा मिलेइस दृष्टि से रेडी रेकनर से अधिक दर देने पर विचार किया जाएगा। इसी कारण राज्य सरकार ने बातचीत के माध्यम से भूमि अधिग्रहण दर तय करने का निर्णय लिया है। सिडको परियोजना में पहले साढ़े बाईस प्रतिशत लाभ दिया गया था और पुरंदर विमानतल परियोजना में उससे अधिक लाभ देने का प्रयास किया जाएगा।

 

परियोजना-प्रभावित परिवारों के पुनर्वास में परिवार संरचना को ध्यान में रखा जाएगा तथा सज्ञान बच्चों के लिए अतिरिक्त स्थान दिया जाएगा। बहनों के हिस्से से संबंधित मामलों में भी उचित समाधान निकाला जाएगा। अल्पभूधारक और भूमिहीन किसानों के लिए विशेष उपायों पर भी विचार किया जाएगा। यह राज्य का पहला ऐसा प्रकल्प होगाजिसमें मुआवजे के साथ-साथ वैकल्पिक भूमि भी दी जाएगी।

भूमि अधिग्रहण के लिए अधिकतम मुआवजा

 भूमि अधिग्रहण के लिए अधिकतम मुआवजा

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरंदर विमानतल महाराष्ट्र और पुणे के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। परियोजना को व्यवहार्य बनाने के लिए सभी पहलुओं पर विचार कर किसानों को उनकी भूमि के लिए अधिकतम मुआवजा देने का निर्णय लिया जाएगा। पुरंदर की एरोसिटी परियोजना में टीडीआर से जुड़े सभी लाभ दिए जाएंगे। परियोजना-प्रभावित किसानों के बच्चों को 100 प्रतिशत नौकरी में प्राथमिकता दी जाएगी। भूमि अधिग्रहण का अंतिम दर तय होने के बाद स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास केंद्र शुरू कर उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ हीपरियोजना से जुड़े पूर्व आंदोलनों में दर्ज मामलों को वापस लिया जाएगा।

 

पुरंदर विमानतल परियोजना से प्रभावित सात गांवों के ग्रामीणों से संवाद साधा

 मुख्यमंत्री फडणवीस ने पुरंदर विमानतल परियोजना से प्रभावित सात गांवों के ग्रामीणों से संवाद साधा। इस अवसर पर पूर्व मंत्री विजय शिवतारेअपर मुख्य सचिव (वित्त) ओ. पी. गुप्तापरिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय सेठीउद्योग विभाग के प्रधान सचिव पी. अन्बलगनमहाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. वेलरासूपुणे जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी तथा परियोजना-प्रभावित गांवों के नागरिक उपस्थित थे।

पुरंदर विमानतल से पुणे क्षेत्र के औद्योगिक विकास को बढ़ावा

 पुरंदर विमानतल से पुणे क्षेत्र के औद्योगिक विकास को बढ़ावा

– मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

विमानतल परियोजना से प्रभावित गांवों के प्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री का संवाद

 

• पुरंदर विमानतल के लिए भूमि अधिग्रहण में अधिकतम दर देने पर विचार

• विमानतल परिसर में छत्रपति संभाजी महाराज की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी

• परियोजना-प्रभावित किसानों के बच्चों के लिए कौशल विकास केंद्रनौकरियों में प्राथमिकता

• परियोजना-प्रभावितों को विशेष रूप से परियोजना-ग्रस्त प्रमाणपत्र दिया जाएगा

 

मुंबई23 दिसंबर:पुणे में अनेक उद्योग आने के लिए इच्छुक हैं और इसके लिए पुरंदर विमानतल अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। इस विमानतल से पुणे और आसपास के क्षेत्र के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। यह केवल यात्री विमानतल नहीं बल्कि कार्गो विमानतल भी होगाजिससे नाशवान (परिशेबल) वस्तुओं के व्यापार को विशेष लाभ मिलेगा। इस परियोजना से पुरंदर और आसपास के नागरिकों को बड़ा फायदा होगा तथा पुणे के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में कम से कम 2 प्रतिशत की वृद्धि होगीऐसा प्रतिपादन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया।

सोलापूर जिल्ह्यातील अरण (ता. माढा) येथे असलेल्या श्री संत शिरोमणी सावता महाराज स्मारकाच्या विकासासाठी

 सोलापूर जिल्ह्यातील अरण (ता. माढा) येथे असलेल्या श्री संत शिरोमणी सावता महाराज स्मारकाच्या विकासासाठी देखील स्वतंत्र आढावा  घेण्यात आला. या बैठकीत तीर्थक्षेत्र विकासासाठी आवश्यक भूसंपादनाची प्रक्रिया कालमर्यादेत पूर्ण करावीतसेच विकास आराखड्यातील कामांना गती देण्याच्या सूचना मंत्री गोरे यांनी अधिकाऱ्यांना दिल्या.

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ज्ञानज्योती सावित्रीबाई फुले व संत सावता महाराज स्मारकांच्या विकासासाठी भूसंपादन प्रक्रिया तत्काळ पूर्ण करावी

 ज्ञानज्योती सावित्रीबाई फुले व संत सावता महाराज स्मारकांच्या विकासासाठी

 भूसंपादन प्रक्रिया तत्काळ पूर्ण करावी

- ग्रामविकास मंत्री जयकुमार गोरे

 

मुंबई, दि. २३ : ज्ञानज्योती सावित्रीबाई फुले व संत सावता महाराज स्मारकांच्या भूसंपादनाची प्रक्रिया कोणत्याही अडथळ्याविना पूर्ण करुन त्यानंतर कार्यादेश लवकरात लवकर जारी करण्यात यावाअशा सूचना ग्रामविकास व पंचायतराज मंत्री तथा सोलापूरचे पालकमंत्री जयकुमार गोरे यांनी दिल्या.

 

राज्यातील महापुरुषांच्या स्मारकांच्या विकासाला गती देण्यासाठी मंत्रालयात आयोजित आढावा बैठकीत ते बोलत होते. यावेळी ग्रामविकास विभागाचे प्रधान सचिव एकनाथ डवले, सातारा व सोलापूर जिल्हा परिषदेचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी उपस्थित होते.

 

मंत्री जयकुमार गोरे म्हणाले, सातारा जिल्ह्यातील नायगाव (ता. खंडाळा) येथे उभारण्यात येणाऱ्या ज्ञानज्योती सावित्रीबाई फुले स्मारकासाठी आवश्यक असलेली जमीन तत्काळ संपादित करावी. सावित्रीबाई फुले यांचे कार्य समाजाला दिशा देणारे असूनत्यांच्या स्मृती जपणारे स्मारक भव्य व दिव्य स्वरूपाचे असावेयासाठी सर्व संबंधित विभागांनी व यंत्रणांनी या कामाला सर्वोच्च प्राधान्य द्यावे.

सोलापूर जिल्ह्यातील अरण (ता. माढा) येथे असलेल्या श्री संत शिरोमणी सावता महाराज स्मारकाच्या विकासासाठी देखील स्वतंत्र आढावा  घेण्यात आला. या बैठकीत तीर्थक्षेत्र विकासासाठी आवश्यक भूसंपादनाची प्रक्रिया कालमर्यादेत पूर्ण करावीतसेच विकास आराखड्यातील कामांना गती देण्याच्या सूचना मंत्री गोरे यांनी अधिकाऱ्यांना 

मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायतराज अभियान हा केवळ प्रशासकीय उपक्रम नसून गावांच्या सर्वांगीण विकासासाठी

 मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायतराज अभियान हा केवळ प्रशासकीय उपक्रम नसून गावांच्या सर्वांगीण विकासासाठी एक लोकचळवळ आहे. त्यामुळे सर्व अधिकारीकर्मचारी आणि लोकप्रतिनिधींनी एकत्रितपणे प्राधान्य देऊन काम केल्यास गाव विकासाच्या प्रक्रियेला गती मिळेल आणि राज्यातील पंचायतराज व्यवस्था अधिक सक्षम बनेलअसा विश्वास मंत्री जयकुमार गोरे यांनी व्यक्त केला.

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