Tuesday, 11 March 2025

मुंबईतील धोकादायक आणि जुन्या इमारतींच्या पुनर्विकासाला गती देणार

 मुंबईतील धोकादायक आणि जुन्या इमारतींच्या 

पुनर्विकासाला गती देणार

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांचे विधानसभेत आश्वासन

 

            मुंबई, दि. ६ : मुंबई शहरातील धोकादायकजुन्या आणि मोडकळीस आलेल्या उपकरप्राप्त इमारतींच्या जलद पुनर्विकासासाठी लोकप्रतिनिधींसोबत बैठक घेऊन इमारतींच्या पुनर्विकासातील अडथळे दूर करून या पुनर्विकासाला गती देण्यात येईलअसे आश्वासन उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी  विधानसभेत दिले.

विधानसभेत सदस्य सर्वश्री अमिन पटेल, पराग आळवणी, अजय चौधरी, योगेश सागर, सुनिल राऊतजयंत पाटीलनाना पटोले, अतुल भातखळकर, छगन भुजबळ यांनी लक्षवेधी सूचना मांडली होती. याला उत्तर देताना उपमुख्यमंत्री  बोलत होते.

उपमुख्यमंत्री श्री. शिंदे म्हणालेबृहन्मुंबई महानगरपालिकेने किंवा सक्षम प्राधिकाऱ्याने इमारत धोकादायक घोषित केलीतर प्रथम इमारत मालकाला पुनर्विकासाची संधी दिली जाते. मालकाने ६ महिन्यांच्या आत प्रस्ताव सादर न केल्यासभोगवटादारांच्या किंवा भाडेकरूंच्या सहकारी गृहनिर्माण संस्थेला ही संधी दिली जाते. जर त्यांनीही ६ महिन्यांच्या आत प्रस्ताव सादर केला नाहीतर मुंबई इमारत दुरुस्ती व पुनर्रचना मंडळामार्फत भूसंपादन करून पुनर्विकास करण्याची तरतूद केली आहे.

या प्रक्रियेनुसारमुंबई इमारत दुरुस्ती व पुनर्रचना मंडळाने ८५४ इमारत मालकांना नोटिसा बजावल्या आहेत. त्यापैकी ६७ मालकांनी पुनर्विकास प्रस्ताव सादर केले,त्यापैकी ३० मालकांना ना-हरकत प्रमाणपत्र (NOC) देण्यात आले आहे.

राज्य शासन नवीन गृहनिर्माण धोरण आणत असूनयामध्ये सर्वसामान्य नागरिकांना परवडणारी घरे उपलब्ध होतील याची सुनिश्चित केली जाणार आहे. रखडलेल्या पुनर्विकासामुळे मुंबईबाहेर गेलेल्या मुंबईकरांना  परत मुंबईत आणणार तसेच मुंबईतील रखडलेल्या गृहनिर्माण प्रकल्पांना गती देण्यासाठी आणि सर्वसामान्य नागरिकांच्या हक्काच्या घरांसाठी सरकार कटिबद्ध आहे. असेही उपमुख्यमंत्रीश्री.शिंदे यांनी यावेळी सांगितले.

लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता आवश्यक

 लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता आवश्यक

– उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़

मुंबई, 6 मार्च: निरंतर टकराव की राजनीति लोकतंत्र के मूलभूत सिद्धांतों के खिलाफ है। यह एक शाश्वत सत्य है जो शासन की दिशा तय करने वाला सिद्धांत होना चाहिएजिससे वर्तमान और भविष्य के नेताओं को मार्गदर्शन मिलेगा। यदि भारत लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेतो वह गौरव के सर्वोच्च शिखर पर पहुंच सकता हैऐसा विचार उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने व्यक्त किया।

वे मुरली देवरा मेमोरियल डायलॉग्स के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थेजो कि पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली देवरा की स्मृति में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णनउपराष्ट्रपति की पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदेसांसद मिलिंद देवरा और अशोक चव्हाणअमृता फडणवीसहेमा देवराकोटक बैंक के राघवेंद्र सिंहऔर विभिन्न क्षेत्रों के अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

मुरली देवरा मेमोरियल डायलॉग्स का उद्देश्य सार्वजनिक नीतिसामाजिक न्याय और आर्थिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करना है। इस वर्ष की चर्चा का मुख्य विषय "नेतृत्व और सुशासन" रखा गया है। नेतृत्व और सुशासन पर बोलते हुएउपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि नागरिकों को अपने जनप्रतिनिधियों को जवाबदेह ठहराना चाहिएक्योंकि जागरूकता लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने बताया कि शासन कार्यकारी तंत्र (Executive) का विशेषाधिकार हैक्योंकि यह जनता और विधायिका के प्रति उत्तरदायी होता है। साथ हीउन्होंने यह भी कहा कि नेतृत्व केवल एक पद से परिभाषित नहीं होताबल्कि यह उद्देश्य और विचारधारा से प्रेरित होता है।

उपनिषदों का संदर्भ देते हुएउन्होंने बताया कि "त्याग के माध्यम से ही सच्चे आनंद की प्राप्ति होती है"और नेताओं को इस दर्शन को अपनाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि "सत्यमेव जयते" (सत्य की ही विजय होती है)जो मुण्डकोपनिषद का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत हैशासन व्यवस्था का मार्गदर्शक होना चाहिए। वेदों में उल्लिखित "सभी को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए" का संदेश भी उन्होंने दिया।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुरली देवरा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने संवाद और समन्वय के साथ काम करते हुए नगरसेवक से लेकर केंद्रीय मंत्री तक का सफर तय किया। उनके कार्य हमेशा समाजसेवा की भावना से प्रेरित थे। उन्होंने यह भी कहा कि मुरली देवरा मेमोरियल डायलॉग्स द्वारा नेतृत्व और सुशासन जैसे महत्वपूर्ण विषय को केंद्र में रखने के लिए वे आयोजकों की सराहना करते हैं।

छत्रपति शिवाजी महाराज का नेतृत्व सुशासन का सर्वोत्तम उदाहरण हैऔर हम उनके आदर्शों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं। यह सरकार आम लोगों की सरकार हैऔर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुशासन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाया हैऐसा उपमुख्यमंत्री ने कहा।

इस कार्यक्रम की प्रस्तावना सांसद मिलिंद देवरा ने रखी और उन्होंने इस संवाद श्रृंखला को सार्थक दिशा देने की पहल की।

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एआई और स्पेस टेक के उपयोग से राज्य को आगे बढ़ाएंगे

 एआई और स्पेस टेक के उपयोग से राज्य को आगे बढ़ाएंगे - मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

ठाणे, 06 मार्च (जिमाका): आने वाला समय स्पेस टेक्नोलॉजी का हैऔर एआई तथा स्पेस टेक के संयुक्त उपयोग से महाराष्ट्र को प्रगति के पथ पर आगे ले जाया जाएगाऐसा विश्वास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त किया।

"स्पेस-टेक फॉर गुड गवर्नेंस" राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनीउत्तन में किया गया। यह कार्यक्रम रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी और स्पेस टेक के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया था।

मुख्य बिंदु:

प्रमुख उपस्थित अतिथि: लेफ्टिनेंट जनरल विनोद खंडारे (सेवानिवृत्त)डॉ. प्रकाश चव्हाण और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे।

स्पेस टेक्नोलॉजी का उपयोग रिमोट सोर्सिंगड्रोन जीपीएस निगरानी और पारदर्शी प्रशासन में किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पेस टेक्नोलॉजी की महत्ता को समझते हुए नीति निर्माण कियाजिससे निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

गतिशक्ति प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्पेस टेक का उपयोगजिससे परियोजनाओं की समय-सीमा में कमी आई है। भविष्य मेंडिजिटल स्पेस टेक प्रणाली अपनाने से लगभग ₹2,500 करोड़ की बचत होगी।

जल संरक्षण योजना "जलयुक्त शिवार" में 20,000 गांवों में स्पेस टेक्नोलॉजी के माध्यम से जल संसाधनों की योजना बनाई गई।

भूस्खलनबाढ़ और भूकंप जैसी आपदाओं के दौरान स्पेस टेक आपदा प्रबंधन में सहायक होगी।

अगले तीन महीनों में "स्पेस टेक पॉलिसी" लागू की जाएगीजिससे स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

भू-स्थानिक (Geospatial) तकनीक ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के निर्माण में प्रभावी होगी।

इस कार्यक्रम में उपग्रह चित्रण और भू-स्थानिक उपकरणों के माध्यम से ग्रामीण चुनौतियों का समाधान खोजने पर चर्चा की गई। इससे सरकारउद्योग और तकनीकी संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ेगाजिससे नवाचार को गति मिलेगी और सार्वजनिक सेवाएं मजबूत होंगी।

इस उद्घाटन सत्र में डॉ. जयंत कुलकर्णी (कार्यकारी निदेशकरामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी) ने प्रस्तावना प्रस्तुत कीजबकि डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे ने अपने विचार साझा किए। इस पूरी परिषद का संचालन गीता कुलकर्णी ने किया।

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AI and Space Tech to Propel the State Forward

 AI and Space Tech to Propel the State Forward

- CM Devendra Fadnavis

Thane, March 6 (JIMAKA): The future belongs to space technology, and by integrating AI and space tech, Maharashtra will take significant strides forward, said Chief Minister Devendra Fadnavis.

Speaking at the "Space-Tech for Good Governance" national conference held at Rambhau Mhalgi Prabodhini, Uttan, CM Fadnavis emphasized the growing role of space technology in various industries and governance. The event was jointly organized by Rambhau Mhalgi Prabodhini and Space-Tech.

Key Highlights:

  • Prominent attendees included Lt. Gen. Vinod Khandare (Retd.), Dr. Prakash Chavan, and former Rajya Sabha MP Dr. Vinay Sahasrabuddhe.
  • Space tech has become integral in industries like remote sourcing, GPS-based drone surveillance, and transparent governance.
  • PM Narendra Modi's vision led to policy formulation encouraging private sector participation in space technology.
  • The Gati Shakti platform utilizes space tech, reducing project timelines significantly. Future government processes will be digitized using space systems, saving approximately ₹2,500 crores.
  • Water conservation initiative “Jalyukt Shivar” used space technology for water resource planning in 20,000 villages.
  • Space tech is crucial for disaster management during landslides, floods, and earthquakes.
  • Maharashtra will introduce a Space Tech Policy within three months, fostering startups and an innovation ecosystem.
  • Geospatial technology will enhance Gram Panchayat Development Plans (GPDP) for rural governance.

The event explored how satellite imagery and geospatial tools can tackle rural challenges, promote government-technology-industry collaboration, and drive sustainable development.

The inaugural session featured an address by Dr. Jayant Kulkarni, Executive Director of Rambhau Mhalgi Prabodhini, while Dr. Vinay Sahasrabuddhe shared his insights. The conference was hosted by Geeta Kulkarni.

000- CM Devendra Fadnavis

Thane, March 6 (JIMAKA): The future belongs to space technology, and by integrating AI and space tech, Maharashtra will take significant strides forward, said Chief Minister Devendra Fadnavis.

Speaking at the "Space-Tech for Good Governance" national conference held at Rambhau Mhalgi Prabodhini, Uttan, CM Fadnavis emphasized the growing role of space technology in various industries and governance. The event was jointly organized by Rambhau Mhalgi Prabodhini and Space-Tech.

Key Highlights:

  • Prominent attendees included Lt. Gen. Vinod Khandare (Retd.), Dr. Prakash Chavan, and former Rajya Sabha MP Dr. Vinay Sahasrabuddhe.
  • Space tech has become integral in industries like remote sourcing, GPS-based drone surveillance, and transparent governance.
  • PM Narendra Modi's vision led to policy formulation encouraging private sector participation in space technology.
  • The Gati Shakti platform utilizes space tech, reducing project timelines significantly. Future government processes will be digitized using space systems, saving approximately ₹2,500 crores.
  • Water conservation initiative “Jalyukt Shivar” used space technology for water resource planning in 20,000 villages.
  • Space tech is crucial for disaster management during landslides, floods, and earthquakes.
  • Maharashtra will introduce a Space Tech Policy within three months, fostering startups and an innovation ecosystem.
  • Geospatial technology will enhance Gram Panchayat Development Plans (GPDP) for rural governance.

The event explored how satellite imagery and geospatial tools can tackle rural challenges, promote government-technology-industry collaboration, and drive sustainable development.

The inaugural session featured an address by Dr. Jayant Kulkarni, Executive Director of Rambhau Mhalgi Prabodhini, while Dr. Vinay Sahasrabuddhe shared his insights. The conference was hosted by Geeta Kulkarni.

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पेट्रोलपंप उभारणीसाठी प्रत्येक जिल्ह्यात 'एक खिडकी'

 पेट्रोलपंप उभारणीसाठी प्रत्येक जिल्ह्यात 'एक खिडकी'

- महसूल मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे

 

मुंबईदि. २८ : राज्यातील १६६० पेट्रोलपंपांच्या परवानग्या देण्यासाठी प्रत्येक जिल्हाधिकारी कार्यालयात एक खिडकी सुरू करण्याचा महत्वाचा निर्णय घेण्यात आला असल्याचे महसूल मंत्री श्री चंद्रशेखर बावनकुळे यांनी सांगितले.

मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस यांनी एक खिडकी सुरू करण्याची महत्त्वपूर्ण सूचना महसूल विभागाला केली आहेअसे सांगून महसूल मंत्री श्री बावनकुळे म्हणाले कीराज्यात याद्वारे मोठ्या प्रमाणात प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार निर्मिती होईल. एका अहवालानुसार ३० हजारांवर रोजगानिर्मिती होऊ शकेल. पेट्रोल पंप सुरू करण्याची प्रक्रिया पुढील तीन महिन्यात पूर्ण व्हावी यादृष्टीने परवानगी देताना अत्यावश्यक आणि कमीत कमी अटी शर्ती ठेवण्याबाबत आदर्श कार्यप्रणाली महसूल विभागाने तयार करावी. विभागीय आयुक्तांनी याबाबत तातडीने सूचना पाठवाव्यात.

दोन हजार पेट्रोल पंपांचे नियोजन

राज्यात दोन हजार पेट्रोल पंप वाढविण्याचे नियोजन असून पंप उभारणीमध्ये इंधन कंपन्यांना महसूल विभागाकडील एनएसह पोलीससार्वजनिक बांधकाम विभागातील विविध ‘ना हरकत’ परवानगीच्या अडचणी दूर करण्यासाठी जिल्हाधिकारी कार्यालयात एक खिडकी सुरू करण्यात येईलअसे महसूल मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे यांनी सांगितले.

केंद्र सरकारने १६६० पंप मंजूर केले. हे पंप सुरू झाल्यानंतर सुमारे ३० हजारांवर तरुणांना रोजगार मिळेल. राज्यात साडेतीन ते चार हजार कोटी रुपयांची गुंतवणूक होणार आहे. रोजगानिर्मिती व गुंतवणूक याला प्राधान्य असल्यानेएक खिडकी योजना सुरू करण्याचा निर्णय घेतला असल्याचे श्री. बावनकुळे यांनी सांगितले.

यावेळी इंधन कंपन्यांच्या अडचणीसमस्यांचा आढावा घेण्यात आला. महसूल विभागाचे अपर मुख्य सचिव राजेश कुमारसह सचिव अजित देशमुखबीपीसीएल चे सुंदर राघवनराज्य प्रमुख राकेश सिन्हामुख्यमंत्र्यांचे सल्लागार डॉ.आनंद बंगसमन्वयक संतोष निरेंदकरएचपीसीएल चे बी.अच्युत कुमारमुकूंद जवंजाळ आदी उपस्थित होते.

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बी.सी.झंवर/विसंअ/

अंत्योदय तसेच प्राधान्य कुटुंब लाभार्थी योजनांचा

 अंत्योदय तसेच प्राधान्य कुटुंब लाभार्थी योजनांचा

अन्न व नागरी पुरवठा मंत्री धनंजय मुंडे यांनी घेतला आढावा

 

 

मुंबई, दि. 28 : अंत्योदय तसेच प्राधान्य कुटुंब लाभार्थी योजनांचा अन्न व नागरी पुरवठा मंत्री धनंजय मुंडे यांनी आढावा घेतला.

मंत्रालयात अन्न, नागरी पुरवठा विभागांतर्गत वितरीत करण्यात येणा-या प्राधान्य कुटुंब लाभार्थी तसेच अंत्योदय योजनेच्या इष्टांक अंमलबजावणीसंदर्भात ऑनलाईन माध्यमाद्वारे जिल्हानिहाय आढावा बैठक श्री.मुंडे यांच्या अध्यक्षतेखाली झाली. बैठकीस सर्व संबंधित अधिकारी, ऑनलाईन प्रणालीद्वारे सर्व जिल्हा पुरवठा अधिकारी उपस्थित होते.

अंत्योदय योजना तसेच प्राधान्य कुटुंब लाभार्थी योजनेअंतर्गत प्रत्येक जिल्हयाला  इष्टांक निर्धारित करुन देण्यात आलेले आहे. ज्या जिल्ह्याने निर्धारित इष्टांक पूर्तता केली आहेत्यांची अतिरिक्त  मागणी असल्यास वाढीव इष्टांक देण्यासंदर्भात विचार करण्यात येईल. तसेच ज्या जिल्ह्यांची  इष्टांक पूर्तता झालेली नाहीत्यांचा उर्वरित इष्टांक इतर इच्छुक जिल्ह्यांना हस्तातंरित करण्याच्या अनुषंगाने जिल्हानिहाय मागणीइष्टांक पूर्तता याची माहिती सादर करण्याच्या सूचना अन्न व नागरी पुरवठा मंत्री धनंजय मुंडे यांनी संबंधितांना दिल्या.  

अंत्योदय योजना तसेच प्राधान्य कुटुंब लाभार्थी योजने अंतर्गत प्रत्येक जिल्ह्याला प्राप्त इष्टांक आणि त्याची आतापर्यंत झालेली अमंलबजावणी याची माहिती घेऊन जिल्ह्यांकडून असलेली वाढीव मागणी याचा सविस्तर आढावा यावेळी घेण्यात आला.

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बालस्नेही पुरस्कार २०२४

 बालस्नेही पुरस्कार २०२४

उत्कृष्ट जिल्हाधिकारी :

नाशिक विभाग - श्री. जलज शर्मा, नाशिक. श्री. आयुष प्रसाद, जळगाव.

नागपूर विभाग- डॉ. विपिन इटनकर, नागूपर. श्री.जी.सी. विनय गौडा, चंद्रपूर.

पुणे विभाग - श्री. अमोल येडगे,कोल्हापूर. श्री. सुहास दिवसे, पुणे.

अमरावती विभाग - श्री. सौरभ कटीयार, अमरावती. अजित कुंभार, अकोला.

छत्रपती संभाजी नगर विभाग - दिलीप स्वामी, छत्रपती संभाजी नगर. डॉ. सचिन ओंबासे, धाराशीव.

उत्कृष्ट मुख्य कार्यकारी अधिकारी :

पुणे विभाग- श्री. रमेश चव्हाण,जिल्हा परिषद पुणे.

नाशिक विभाग -            श्रीमती आशिमा मित्तल,जिल्हा परिषद नाशिक. श्री. विशाल नरवाडे, जिल्हा परिषद धुळे.

अमरावती विभाग - श्रीमती संजिता मोहपात्रा,जिल्हा परिषद अमरावती.

नागपूर विभाग- श्रीमती आयुषी सिंह, जिल्हा परिषद गडचिरोली.

उत्कृष्ट विभागीय उपायुक्त :

पुणे विभाग- श्री. राहुल मोरे,पुणे.

नागपूर विभाग - श्रीममी अपर्णा कोल्हे,नागपूर.

छत्रपती संभाजी नगर विभाग- श्रीमती हर्षा देशमुख, छत्रपती संभाजी नगर

कोकण विभाग- श्रीमती सुवर्णा पवार, कोकण

 उत्कृष्ट जिल्हा महिला व बाल विकास अधिकारी :

अमरावती विभाग - श्री. गिरीष पुसदकर, अकोला

नागपूर विभाग - श्री. दिपक बानाईत,चंद्रपूर.

छत्रपती संभाजी नगर विभाग- श्री. कैलास तिडके,परभणी. श्री. जावेद शेख, लातूर.

पुणे विभाग- श्री. विजय तावरे, सातारा.

कोकण विभाग -श्रीमती शोभा शेलार, मुंबई शहर. श्री. विनीत म्हात्रे, रायगड.

नाशिक विभाग-श्री. सुनिल दुसाने, नाशिक.

उत्कृष्ट जिल्हा बाल संरक्षण कक्ष

कोकण विभाग- ठाणे, रत्नागिरी

नाशिक विभाग- नंदुरबार.

नागपूर विभाग- चंद्रपूर, नागपूर.

छत्रपती संभाजी नगर विभाग- छत्रपती संभाजी नगर, परभणी

अमरावती विभाग-अमरावती, बुलढाणा.

पुणे विभाग- कोल्हापूर.

उत्कृष्ट जिल्हा महिला व बाल विकास कार्यालय :

कोकण विभाग- मुंबई उपनगर, पालघर

नाशिक विभाग- धुळे

अमरावती विभाग- बुलढाणा

नागपूर विभाग- गडचिरोली

पुणे विभाग- पुणे, कोल्हापूर

छत्रपती संभाजी नगर विभाग- छत्रपती संभाजी नगर,  धाराशीव.

उत्कृष्ट खुले निवारागृह :

नाशिक विभाग-आस्था    नाशिक,  कोकण विभाग- CCDT मुंबई आश्रय, मुंबई आणि आशा किरण, मुंबई


 

उत्कृष्ट परिविक्षा अधिकारी :

छत्रपती संभाजी नगर विभाग- मंगेश जाधव, बीड. श्रीमती मनीषा तांदळे,       परभणी.

अमरावती विभाग- वैशाली चौरे,अमरावती

कोकण विभाग- योगीराज जाधव, रायगड

नाशिक विभाग- रविकिरण अहिरराव, जळगाव.

उत्कृष्ट काळजी वाहक :

नाशिक विभाग- संजय अहिरे,जळगाव. अश्विनी देवरे, नाशिक

पुणे विभाग- रंजना देवकाते, भगिनी निवेदिता विशेष मुलींचे बालगृहसांगली .

छत्रपती संभाजी नगर विभाग- सुरेश वाघमारे,परभणी.

उत्कृष्ट समुपदेशक : अनिता निकम,ठाणे.

उत्कृष्ट बाल कल्याण समिती :

नागपूर विभाग - चंद्रपूर, अमरावती विभाग - यवतमाळ, कोकण विभाग - रायगड, सिंधुदुर्ग. नाशिक विभाग -  धुळे, छत्रपती संभाजी नगर विभाग - छत्रपती संभाजी नगर, लातूर, परभणी.  पुणे विभाग -  पुणे CWC-2, सातारा.

उत्कृष्ट बालगृह :

नाशिक विभाग- आशिर्वाद गार्डा बालसदन, नाशिक. नागपूर विभाग- श्री. श्रध्दानंद अनाथालय,  नागपूर

छत्रपती संभाजीनगर विभाग- जयकिशन (मुलींचे बालगृह), छत्रपती संभाजी नगर.

अमरावती विभाग- अधीक्षक शासकीय बालगृह कनिष्ठ मुलांचे बालगृह, अमरावती

पुणे विभाग- प्रादेशिक अनुरक्षण संघटना मुलांचे निरीक्षणगृह / बालगृहकराड, सातारा. नवरंगे संस्था, सोलापूर. कागल एज्युकेशन संस्था कोल्हापूर

कोकण विभाग- शासकीय मुलांचे कनिष्ठ बालगृह कुर्ला कँम्पउल्हासनगर क्र. ४ ठाणे, समतोल फाऊंडेशन ठाणे.

उत्कृष्ट विशेषगृह :

छत्रपती संभाजी नगर विभाग- आपले सेवक, लातूर. तुळजाई प्रतिष्ठान, धाराशीव.

अमरावती विभाग- सुर्योद्य बालगृह, अकोला.

नागपूर विभाग- एकवीरा मतीमंद मुलांचे बालगृह रामटेक, नागपूर.

पुणे विभाग- मानव्य संस्था,पुणे. पालवी निवासी  संस्था, पंढरपूर

कोकण विभाग- MDC  होम मानखुर्द, मुंबई उपनगर.

उत्कृष्ट निरीक्षणगृह / बालगूह :

नागपूर विभाग-  शासकीय मुलांचे निरीक्षणगृह / बालगृह,नागपूर.

नाशिक विभाग- मुलीचे निरीक्षणगृह / बालगृह, नाशिक.

छत्रपती संभाजी नगर विभाग-  जिल्हा परिवीक्षा आणि अनुरक्षण संघटना निरीक्षणगृह, छत्रपती संभाजी नगर

पुणे विभाग-  दादुकाका भीडे मुलांचे निरीक्षणगृह / बालगृह, सांगली

कोकण विभाग-             निरीक्षणगृह / बालगृहलांजा, रत्नागिरी.

उत्कृष्ट विशेष दत्तक एजन्सी :

कोकण विभाग - भारतीय समाज सेवा केंद्र, रत्नागिरी. बालआशा ट्रस्ट, मुंबई.

नाशिक विभाग - आधार आश्रम, नाशिक

छत्रपती संभाजी नगर विभाग - जीवन आशा ट्रस्ट ,परभणी

पुणे विभाग - जिल्हा परिवीक्षा व अनुरक्षण संस्था शिशुगृह, कोल्हापूर, सोफोश संस्था, पुणे.    


 

उत्कृष्ट स्वयंप्रेरणेने बालकांच्या सुरक्षिततेसाठी राबविलेले उपक्रम :

१. होप फाँर चिल्ड्रन फाऊंडेशनपुणेश्री. नागनाथ यमपल्लेजिल्हा शल्य चिकित्सकऔंध पुणे


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