Monday, 11 March 2024

मुंबईकरों की यात्रा को सुखदायी बनाने वाली

 मुंबईकरों की यात्रा को सुखदायी बनाने वाली

कोस्टल रोड

 

             अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुंबई शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी में समय और ईंधन की बचत करना बेहद जरूरी है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा बनाए जा रहे कोस्टल रोड (दक्षिण) का एक हिस्सा यातायात के लिए खोला जा रहा है और यह सड़क समय की बचत के साथ-साथ यातायात की भीड़ और प्रदूषण को कम करके मुंबईकरों की यात्रा को आरामदायक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 

             देश की आर्थिक राजधानी के रूप में जाना जाने वाला मुंबई भारत में अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक प्रमुख शहर है। दक्षिण मुंबई का इलाका व्यापारिक उद्यम की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।  सात द्वीपों से बनी मुंबई की भौगोलिक सीमा उत्तर से दक्षिण तक फैली हुई हैइसलिए देश के मुख्य भाग से जुड़ी दो मुख्य सड़कें भी उत्तर-दक्षिण दिशा में बनाई गईं थी। स्वाभाविक रूप से इन सड़कों पर ट्रैफिक जाम एक नियमित बात थी। हालांकि पिछले कुछ वर्षों से इन सड़कों के पूरक के रूप में बनाई जा रही नई सड़कों के कारण यातायात की गंभीर समस्या कम होने लगी है। हाल ही में शुरू किए गए  'अटल सेतुके बाद अब सोमवार से यातायात के लिए खोली जा रही मुंबई  कोस्टल रोड परियोजना (दक्षिण) इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

परियोजना के लाभ

             कोस्टल रोड  से लगभग 70 प्रतिशत समय और 34 प्रतिशत ईंधन की बचत होगी। ईंधन की बचत से प्रति वर्ष काफी विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी। ध्वनि और वायु प्रदूषण कम होगा। लगभग 70 हेक्टेयर हरित क्षेत्रों के निर्माण से प्रदूषण को कम करने और मुंबईकरों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलेगी। इस हरित क्षेत्र में साइकिल ट्रैकसार्वजनिक पार्कजॉगिंग ट्रैकओपन सभागार आदि प्रस्तावित हैं। यह कोस्टल रोड अन्य सड़कों पर यातायात की भीड़ को कम करने में मदद करेगी और सुरक्षित व गतिशील यात्रा को सक्षम बनाएगी। मुंबईकरों को समुद्र के किनारे एक अतिरिक्त घूमने की जगह मिलेगी।

परियोजना की विशेषताएं

             मुंबई कोस्टल रोड परियोजना (दक्षिण) दक्षिण मुंबई में प्रिंसेस स्ट्रीट फ्लाईओवर से बांद्रा वर्ली सी लिंक के वर्ली छोर तक होगी। इस सड़क की लंबाई 10.58 किमी है। इस सड़क पर दोनों तरफ लेन की संख्या चार होगी। टनल में दोनों तरफ तीन लेन होगी। पक्की सड़कों की लंबाई 4.35 किमी है। पुल की कुल लंबाई 2.19 किमी है। मालाबार हिल के नीचे बनी समांतर दोनों टनल  में से प्रत्येक की लंबाई 2.072 किमी है। इसका आंतरिक व्यास 11 मीटर है। इसका कुल भराव क्षेत्र 111 हेक्टेयर है और इसमें 15.66 किमी की लंबाई के साथ तीन इंटरचेंज होंगे। यहां 7.5 किमी. लंबा नया फुटपाथ है और बस यातायात के लिए एक समर्पित लेन है। समुद्री लहरों से बचाव के लिए 7.47 किमी. लंबी समुद्री तट रक्षक दीवार होगी। इस परियोजना में अमरसंसहाजी अलीवर्ली डेयरीथडानी जंक्शनवर्ली में पार्किंग सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इस परियोजना को मई 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस परियोजना का कार्य प्रगति पथ पर है और 25 फरवरी तक इसकी भौतिक प्रगति 85.91 प्रतिशत और आर्थिक प्रगति 81.19 प्रतिशत हो गई है। टनल की खुदाई का काम 100 प्रतिशत पूरा हो गया है और पुनर्निर्माण (रिक्लेमेशन)  का काम 98 प्रतिशत पूरा हो चुका है। समुद्री दीवार बनाने का काम भी पूरा होने को है और इंटरचेंज का काम 87 फीसदी और पुल का काम 85 प्रतिशत पूरा हो चुका है.

टनल की विशेषताएं

             कोस्टल रोड पर पहली टनल की खुदाई जनवरी 2021 में शुरू की गई थी। टनल का काम जनवरी 2022 में पूरा हुआ। दूसरी टनल की खुदाई अप्रैल 2022 में शुरू हुई और टनल मई 2023 में पूरी हुई। टनल में  375 मिमी. आग से बचाव के उपायों के तहत मोटी कंक्रीट की परत लगाई गई है और उस पर अग्निरोधक फायरबोर्ड लगाए जा रहे हैं। आपातकालीन निकासी के लिए हर 300 मीटर पर छोटे टनल के साथ भारत में पहली बार सैकार्डो वेंटिलेशन सिस्टम की व्यवस्था की गई है। उपयोगिता सेवा के लिए दोनों टनल में युटीलिटी बक्से की व्यवस्था की गई है। समांनतर टनल के लिए एक अद्यतन यातायात प्रबंधन नियंत्रण प्रणाली की व्यवस्था की जा रही है।

परियोजना की लागत

            मुंबई कोस्टल रोड की कुल निर्माण लागत 13983.83 करोड़ रुपए होने की उम्मीद है। इसमें अन्य आकस्मिक लागतों के साथ 9383.74 करोड़ रुपए की वास्तविक निर्माण लागत शामिल है।

अन्य विशेषताएं

            कोस्टल रोड परियोजना की टनल को खोदने वाली बोरिंग मशीन (टीबीएम) द्वारा खोदी गई भारत की सबसे बड़ी व्यास वाली सुरंग (12.19 मीटर व्यास) है। भारत में पहली बार सड़क परिवहन सुरंग में सैकार्डो वेंटिलेशन सिस्टम की योजना बनाई गई है। साथ ही भारत में पहली बार सिंगल कॉलम पाइल फाउंडेशन का उपयोग करके पुलों का निर्माण किया गया है। एक ही प्रोजेक्ट में सड़केंपुलऊंची सड़केंअंडरपासढकी हुई सुरंगेंसमुद्र और पहाड़ी के नीचे सुरंगेंहरित क्षेत्र बनाए गए हैं। परियोजना में कोरल का स्थलांतर और अस्तित्व बनाए रखने का काम सफलतापूर्वक किया गया है।

             कुल मिलाकर समय और ईंधन की बचत के साथ ट्रैफिक समस्या और प्रदूषण को कम करके मुंबईकरों के दैनिक जीवन को बेहतर बनाने में  यह कोस्टल रोड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह सुनिश्चित। 

 

000


The Coastal Road will definitely

make the travelling comfortable

                         for the

Mumbaites

 

1 Travelling time, fuel cost will be saved

1 Pollution will be curbed

1 Traffic congestion will be overcome

1 Mumbaites to heave a sigh of relief

1 Number of ‘First Time’ feature makes it unique

It is obviously a matter of priority for the internationally famed Mumbai Metropolitan to save time and fuel and the Mumbai Coastal Road is going to bring this to reality. One side of the Mumbai Coastal Road (South), constructed by the BrihanMumbai Municipal Corporation is going to be opened for transportation and besides saving the time and fuel, the problem of pollution and the traffic congestion will also be lessened. This will definitely be instrumental in making the travelling of the Mumbaites comfortable and they will heave a sigh of relief.

 

The Mumbai Metropolitan city, considered as the financial capital of the nation is a significant megalopolis of International standard; especially the areas in Southern Mumbai are considered important for trade and business. The geographical extension of Mumbai, formed by seven Island, has disseminated from north to south and the two prime roads connecting many important parts of the nation were also constructed in the north south direction. Obviously inevitable traffic jams had been a regular occurrence on this route. But in the last few years, as the new supplementary roads started coming up, the problem of traffic on this route has declined to a larger extent. The recently started Atal Setu and now the MCRP- Mumbai Coastal Road Project (South,) which is going to be opened on Monday will be playing an important role in many aspects.

 

1 Advantages of the ambitious project

The Coastal Road is going to save an estimated 70 percent of the travelling time in addition to 34 percent of fuel. This will also have a positive effect on foreign currency and at the same time, the noise and air pollution will also be curbed. About 70 hectares of the Green cover will be generated which will help in controlling environmental pollution. This will definitely give a lift in the lifestyle of the Mumbaikars.

Proposals of bicycle tracks, public parts, jogging track and open theatre are on the cards in this Green cover. This road will also help to curtail the traffic on other roads and in turn, people will have a good time travelling with speed and safety. The Coastal Road is also going to make available an additional Promenade to the inhabitants of this metro- city.

 

Salient features of the project

The Mumbai Coastal Road project (South) will be starting from the Princess Street flyover in South Mumbai and reach the Bandra Worli Sea Link- Worli end. The road is 10.58 km long and four lanes are prepared on each side of the road whereas in the tunnel there will be 3 lanes on each side. The length of the paved roads is 4.35 km and the total length of the flyover is 2.19 km. The length of the twin -tunnel passing under the Malabar Hills is 2.072 km each and the internal diameter is 11 meters. The total reclamation area is 111 hectares. There are three interchanges which are 15.66 km long. The new side -walks are 7.5 km long and a dedicated lane has been provided for the commuting of buses. A 7.47 km long sea coast guard wall is constructed for protection against the sea waves. The parking facilities will be available for this project at the Amar sons, Haji Ali, Worli Dairy, Thadani Junction and Worli.

The target of completion of this project is set as May- 2024. The construction work is in progress and the physical progress till 25th February was 85.91 percent whereas the economic progress was 81.19 percent. The excavation of the tunnel was cent percent completed and 98 percent work of reclamation had been done. The work of erection of the protection wall is nearing completion and 87% of the work of interchange is over whereas 85 p.c. of the bridges are completed.

 

Speciality of the tunnel

The excavation of the first tunnel on the Coastal Road started in January 2021 and was completed by January 2022. The work of the second tunnel was taken up in April- 2022 and lasted till 2023. A 375 mm thick concrete lining has been applied in the Tunnel and the fire proof -fire boards have been installed on these lines under the measures of fire prevention. It was for the first time in India that Saccardo nozzles, also known as Saccardo ejectors or impulse nozzles were used and cross tunnels were made after every 300 meters for the emergency exit. Utility boxes are provided in the tunnels. The Advanced Traffic Management Control System is pressed into service for the twin tunnels.

                                      

Huge expenditure makes it

The total construction estimate of Mumbai Coastal Road is 13983.83 crores. This includes 9383.74 crores of construction cost and the incidental expenses.

 

’First Time’ features of the project

The tunnel on the Coastal Road is the largest diameter tunnel (12.19 meters) made using the latest Tunnel Boring Machine (TBM). It was the first time in the nation that Saccardo impulse nozzles were used in the road traffic tunnels. It was again for the first time that the Single Pile Foundation was constructed for erecting the bridge. Similarly, the road bridges, the elevated roads, under passes, the covered tunnels, the under hills and under- sea tunnels and the green covers- all have been created in a single project. The shifting and survival of the corals in the project have all been successfully achieved.

This Coastal Road is going to save a lot of time and fuel and also overcome the traffic congestion problem going on for a number of decades in addition to the reduction of pollution. This will definitely make daily life comfortable for the Mumbaites and the Coastal Road is surely going to be instrumental in providing comfort to Mumbaikars.

 

 

Brij Kishor Jhawar

Regional Relation Officer


Sunday, 10 March 2024

सिंचन साखळीतून हिंगोलीचा औद्योगिक विकास करणार

 सिंचन साखळीतून हिंगोलीचा औद्योगिक विकास करणार

- मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

• हिंगोलीत शासन आपल्या दारी’ उपक्रमाला हजारो लाभार्थ्यांची उपस्थिती

• आतापर्यंत ५ कोटीवर लोकांना मिळाला लाभ

• विविध विकासकामांचे लोकार्पण

 

            हिंगोली दि. 10 : हिंगोली जिल्ह्यामध्ये पूर्णापैनगंगा व अन्य नद्यांवर साखळी बंधाऱ्यांची श्रृंखला उभारून या जिल्ह्याचा सिंचनाचा अनुशेष दूर करण्यात येईल. सिंचन साखळीतून हिंगोलीचा औद्योगिक विकास करण्यासाठी आमचे शासन कटिबद्ध असल्याची ग्वाही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी आज येथे दिली.

            हिंगोली येथील रामलीला मैदानावर शासन आपल्या दारी’ या कार्यक्रमाचे आयोजन करण्यात आले होते. वेगवेगळ्या योजनांचे हजारो लाभार्थी व जिल्हाभरातून मोठ्या संख्येने नागरिक या ठिकाणी उपस्थित होते. राज्यात आतापर्यंत 5 कोटींवर लाभार्थ्यांना शासन आपल्या दारी’ योजनेतून विविध योजनांचा लाभ देण्यात आला आहे. हिंगोली जिल्ह्यामध्ये विविध विभागांच्या शासकीय योजनांमधील 14 लक्ष 52 हजारावर लाभार्थ्यांना जिल्ह्यामध्ये लाभ मिळाला आहे. हा लाभ 774 कोटी रुपयांचा असूनआज या कार्यक्रमाला लाभार्थ्यांची उपस्थिती होती.

            कार्यक्रमाच्या व्यासपीठावर हिंगोलीचे खासदार हेमंत पाटीलसर्वश्री आ. विप्लव बाजोरियातान्हाजी मुटकुळेसंतोष बांगरराजू नवघरेबालाजी कल्याणकरविभागीय आयुक्त मधुकर राजे अर्दडजिल्हाधिकारी जितेंद्र पापळकरपोलीस अधीक्षक जी. श्रीधरअपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुप शेंगुलवार यांच्यासह मान्यवर उपस्थित होते.

            मुख्यमंत्री श्री. शिंदे म्हणाले, हिंगोलीच्या सिंचनाच्या अनुशेषावर भर देण्यात येऊन जिल्ह्यात सिंचनासंदर्भातील अनेक प्रयोग केले जातील. हिंगोलीला रोजगार देण्याच्या दृष्टीने सिंचनाच्या माध्यमातून औद्योगिक विकास साधला जाईल. पूर्णा नदीवर बंधारे व्हावेतयासाठी यापूर्वी आंदोलने झालीत. मात्र हे शासन आल्यावर बंधारे बांधण्याचे काम पूर्ण करीत आहोतज्यातून 20 हजार एकर जमीन ओलिताखाली येणार आहे. जिल्ह्यातील सेनगाव तालुक्यात कयाधू नदीला कालव्याद्वारे जोडले जाणार आहे. लवकरच हा प्रकल्प हाती घेतला जाईल. पैनगंगा नदीवरील सात बंधारे ही पूर्ण केले जातील. त्यातून 50 हजार एकर सिंचनक्षमता निर्माण होणार आहे. हे शासन तातडीने निर्णय घेणारे शासन आहे. 

गतिमान अंमलबजावणी

            गेल्या दीड वर्षांमध्ये अवघ्या 55 ते 60 मंत्रीमंडळ बैठकामध्ये 500 लोकाभिमुख निर्णय या सरकारने घेतले आहेत. हे सर्व निर्णय गोरगरीब जनताशेतकरी व सामान्यांच्या आयुष्यात बदल घडवून आणणारे आहेत. वेगवान अंमलबजावणीचे शासन म्हणून जनतेने शिक्कामोर्तब केले आहे. 885 कोटी रुपये खर्च करून हिंगोलीला वैद्यकीय महाविद्यालय उभे राहत आहे. हळद संशोधन केंद्रासाठी 100 कोटी निधी दिला आहे. आणखीही त्यासाठी निधी उपलब्ध करून दिला जाईलअसे मुख्यमंत्री श्री. शिंदे यांनी यावेळी सांगितले. 

आरक्षणासाठी शासनाच्या पाठीशी उभे राहा

            छत्रपती शिवाजी महाराजांची शपथ घेऊन मराठ्यांना आरक्षणाचा शब्द दिला होता. माझा शब्द मी पाळला आहे. मराठा समाजाला त्याचा नक्कीच लाभ होईल. पोलीस भरतीमध्येसुद्धा हे आरक्षण लागू केले आहे. ओबीसी किंवा इतर कोणत्याही समाजाच्या आरक्षणाला धक्का न देता आरक्षण देण्याचे काम आम्ही केले आहे. टिकणारे आरक्षण देण्यासाठी सर्वेक्षण करून विशेष अधिवेशनात 10 टक्के आरक्षण देण्याचा निर्णय घेतला आहे. 

सीएम म्हणजे कॉमन मॅन

             सामान्य कार्यकर्ताशेतकऱ्याचा मुलगा तुमच्यामुळे मुख्यमंत्री झाला आहे. सीएम म्हणजे मुख्यमंत्री नव्हे तर सीएम म्हणजे तुमच्यासारखे कॉमन मॅन असे सांगून त्यांनी हे सरकार सामान्यांतल्या सामान्यासाठी योजना आणेल व त्याची गतिशील अंमलबजावणी करेल. शासन आपल्या दारी हे त्यापैकीच एक अभियान असूनकॉमन मॅनच्या या अभियानाचेयाला मिळणाऱ्या प्रतिसादामुळे देशभर औत्सुक्य असल्याचे मुख्यमंत्री श्री. शिंदे यावेळी म्हणाले.

            पालकमंत्री अब्दुल सत्तार म्हणाले कीशासन आपल्या दारी उपक्रमांमध्ये हिंगोली तालुक्याने आघाडी घेतली आहे. जिल्हाधिकाऱ्यांच्या मार्गदर्शनात मोठ्या प्रमाणात विविध योजनांचा लाभ देण्यासाठी टीम कार्यरत असल्याचे त्यांनी कौतुक केले. यावेळी त्यांनी जिल्ह्यातील सिंचनाची क्षमता वाढविण्यासाठी प्रलंबित प्रकल्प पूर्ण करण्याबाबत मुख्यमंत्र्यांकडे मागणी केली.

            खासदार हेमंत पाटील यांनी यावेळी पूर्णा नदीवरील बॅरेजेसच्या मान्यतेसाठी मुख्यमंत्र्याचे आभार मानले. उर्वरित सिंचन अनुशेष भरून काढण्याची मागणी केली. हळद संशोधन केंद्रासाठी 100 कोटी रुपये मंजूर केल्याबद्दल त्यांनी आभार मानताना उर्वरित 300 कोटी रुपये आणखी वाढविण्याची मागणी केली.

            आमदार मुटकुळे यांनी यावेळी जिल्ह्यासंदर्भात विविध मागण्या सादर केल्या. पंचवीस वर्ष जिल्हा निर्मितीनंतर मागे राहिलेल्या पायाभूत सुविधा पूर्णत्वास जाव्यातअशी विनंती केली.

            आमदार संतोष बांगर यांनी मराठा समाजाला टिकणारे आरक्षण दिल्याबद्दल व सामान्य जनतेला आरोग्यासाठी मुख्यमंत्री सहायता निधीतून भरीव मदत केल्याबद्दल आभार मानले. तसेच सिंचनाच्या आणखी सुविधा उपलब्ध करण्याची मागणी त्यांनी  केली.

              आमदार राजू नवघरे यांनी यावेळी मार्गदर्शन करताना शिक्षणसिंचनवीजपुरवठ्यातील अनुशेष दूर करण्याची तसेच पूर्णा बॅरेजप्रमाणे अन्य बॅरेज पूर्ण करण्याची मागणी केली.

विविध विकासाचे लोकार्पण व भूमीपूजन

            खाकी बाबा मठ संस्थान परिसराच्या विविध विकास कामाचे भूमीपूजन,  भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांच्या 125 व्या जयंती वर्षानिमित्त सुरु करण्यात आलेल्या नवीन मागासवर्गीय मुलींचे शासकीय वसतिगृह व मागासवर्गीय व आर्थिकदृष्ट्या मागास मुलींचे शासकीय वसतिगृह हिंगोली या दोन्ही प्रत्येकी 100 विद्यार्थी क्षमतेच्या इमारतींसाठी 21 कोटी 29 लक्ष रुपये किमतीच्या इमारतीचे ई- लोकार्पण आणि शासकीय जिल्हा ग्रंथालय इमारत बांधकामासाठी 7.84 कोटी रुपयांची प्रशासकीय मान्यता मिळाली असूनयाचेही भूमीपूजन करण्यात आले.

000

पीएमआरडीए क्षेत्राच्या विकासासाठी राज्य शासन सर्व सहकार्य करेल

 पीएमआरडीए क्षेत्राच्या विकासासाठी राज्य शासन सर्व सहकार्य करेल

-उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

गोरगरिबांच्या समस्या सोडविण्याला प्राधान्य - उपमुख्यमंत्री अजित पवार

वारजे येथे उभारण्यात येणाऱ्या मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटलचे भूमिपूजन

 

       पुणे दि.१०: पुणे महानगरपालिकेतर्फे  नेदरलँड आणि जर्मनीच्या सहकार्याने वारजे येथील प्रभाग क्र. ३० मध्ये उभारण्यात येणाऱ्या  मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटलसह अन्य विकासकामांचे भूमिपूजन व लोकार्पण उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आणि उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांच्या हस्ते व उपस्थितीत करण्यात आले.

            वारजे येथील कै.अरविंद बारटक्के दवाखाना येथे आयोजित या कार्यमक्रमाला उच्च व तंत्रशिक्षण मंत्री चंद्रकांतदादा पाटीलखासदार सुप्रिया सुळेआमदार भीमराव तापकीरआमदार सुनिल कांबळे (दूरदृष्यप्रणालीद्वारे)पुणे महानगरपालिका आयुक्त विक्रम कुमार आदी उपस्थित होते.

            उपमुख्यमंत्री श्री. फडणवीस म्हणालेदेशात प्रथमच जर्मनी आणि नेदरलँडच्या आर्थिक सहकार्याने वारजे येथे मल्टिस्पेशालिटी हॉस्पिटल होत आहे. नेदरलँडच्या विमा कंपनीने जोखिमीची हमी घेतली असल्याने सर्वदृष्टीने फायदेशीर असा हा प्रकल्प आहे. रुग्णालयाच्या खर्चावरील व्याजाचा दर केवळ सव्वा टक्के असल्याने रुग्णालयातील दरही कमी असतील. रुग्णालयात नेदरलँडने मान्य केलेल्या जागतिक दर्जाच्या सुविधा असतील. हा प्रकल्प यशस्वी झाल्यास पुण्यासह महाराष्ट्रात खाजगी भागिदारीतून अशा आरोग्य सुविधा उभारता येतीलअसे उपमुख्यमंत्री श्री. फडणवीस यांनी यावेळी सांगितले.

            वारजे येथे उत्तम दर्जाचे पोलीस स्टेशन उभारण्यात येईलत्यासाठी जागा महानगरपालिकेने उपलब्ध करून द्यावी. नव्याने उभारण्यात येणाऱ्या उड्डाणपूलामुळे वाहतूक कोंडी दूर होईल. पुणेपिंपरी चिंचवड शहरपुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण क्षेत्र हे राज्याच्या विकासाचे ग्रोथ इंजिन असल्याने या भागाच्या विकासासाठी राज्य शासन सर्व सहकार्य करेलअशी ग्वाही उपमुख्यमंत्री श्री. फडणवीस यांनी दिली.

            उपमुख्यमंत्री श्री.पवार म्हणालेकोविड संकटाच्या काळात वैद्यकीय सुविधांचे महत्व लक्षात आले. त्यामुळे गेली दोन वर्षे वैद्यकीय सुविधा वाढविण्यावर भर देण्यात आला. गोरगरिबांच्या समस्या सोडविण्याबाबत शासन संवेदनशील असून त्यासाठी योग्य निर्णय घेण्यात येत आहेत. सामान्य माणसाला चांगली वैद्यकीय सेवा मिळावी म्हणून मल्टिस्पेशालिटी हॉस्पिटलची कल्पना पुढे आली. या रुग्णालयातील १० टक्के खाटा मोफत आणि ६ टक्के खाटा शासकीय दराने देण्याचा निर्णय घेण्यात आला आहे. उत्तम सुविधा असलेले रुग्णालय नागरिकांसाठी उभे राहणार आहे. बाणेर येथे देखील ५५० खाटांचे रुग्णालयही उभारण्यात येत आहे.

            महापालिकेतर्फे करण्यात येणाऱ्या ५०० कोटी रुपयांच्या कामांचे भूमिपूजन आणि लोकार्पण होत आहे.  शास्तीकराच्या वसुलीला स्थगिती दिली असून त्यातून मार्ग काढण्याचा प्रयत्न करण्यात येत आहे. लोकसभा निवडणूकीनंतर त्यासाठी आवश्यक शासन निर्णय काढण्यात येईलअशी ग्वाही त्यांनी दिली.

            खासदार श्रीमती सुळे म्हणाल्यानव्याने उभारण्यात येणाऱ्या रुग्णालयात आधुनिक सुविधा उपलब्ध होणार असल्याने नागरिकांना चांगली वैद्यकीय सेवा मिळेल असा विश्वास व्यक्त करून रुग्णालयात सेवाभावी वृत्तीने वैद्यकीय सेवा दिली जाईलअशी अपेक्षा त्यांनी व्यक्त केली.

            आमदार तापकीर म्हणालेयेथे ३७५ खाटांच्या या रुग्णालयात नागरिकांना चांगल्या वैद्यकीय सुविधा मिळणार आहेत. खडकवासला येथे ऑक्सिजन पार्क उभारण्यात येणार आहे. खडकवासला परिसराच्या नियोजनबद्ध विकासासाठी शासनाचे सहकार्य होत असल्याचे त्यांनी सांगितले.

            प्रास्ताविकात आयुक्त विक्रम कुमार यांनी महानगरपालिकेच्या विकासकामांबाबत माहिती दिली. घोरपडी येथील उड्डाणपुलामुळे वाहतूककोंडी कमी होण्यास मदत होणार असल्याचे त्यांनी सांगितले. यावेळी जर्मनीच्या स्टीफन यांचा संदेश दाखविण्यात आला.

            यावेळी उपमुख्यमंत्री श्री.फडणवीस आणि उपमुख्यमंत्री श्री.पवार यांच्या हस्ते ऑनलाईन पद्धतीने घोरपडी येथे पुणे-सोलापूर रेल्वे लाईनवर उभारण्यात आलेला उड्डाणपूल  आणि  वारजे येथील समान पाणीपुरवठा योजनेअंतर्गत बांधण्यात आलेल्या पाण्याच्या टाकीचे लोकार्पण  करण्यात आले. तसेच घोरपडी येथील पुणे-मिरज रेल्वे लाईनवर नव्याने उभारण्यात येणारा उड्डाणपूल आणि  वारजे येथील २४ मीटर डिपी रस्त्याचे भूमिपूजनही यावेळी करण्यात आले.

०००

पुणे विमानतळाच्या नवीन एकात्मिक टर्मिनल इमारतीचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांच्या हस्ते दुरदृष्यप्रणालीद्वारे उद्घाटन

 पुणे विमानतळाच्या नवीन एकात्मिक टर्मिनल इमारतीचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांच्या हस्ते दुरदृष्यप्रणालीद्वारे उद्घाटन

महाराष्ट्रात विमानसेवेचे जाळे निर्माण करण्याचा शासनाचा प्रयत्न-देवेंद्र फडणवीस

पुणे विमानतळाची धावपट्टी वाढविण्याचा प्रयत्न-अजित पवार

            पुणेदि.१०: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांच्या हस्ते लोहगाव येथील पुणे विमानतळाच्या नवीन एकात्मिक टर्मिनल इमारतीचे दुरदृष्यप्रणालीद्वारे उद्घाटन करण्यात आले. या नव्या टर्मिनलमुळे देशातील सामान्य माणसासाठी विमान प्रवास अधिक सुलभ आणि सुखकर होईलअसे प्रधानमंत्री श्री.मोदी यावेळी म्हणाले.

            कार्यक्रमाला कोल्हापूर येथे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तर पुणे विमानतळ येथे उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीसउपमुख्यमंत्री अजित पवारसहकारमंत्री दिलीप वळसे पाटील आणि उच्च व तंत्रशिक्षण मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील  उपस्थित होते.

            पुणे शहराच्या संस्कृतीची अनुभूती करून देणारे भव्य, अत्याधुनिक टर्मिनल अस्तित्वात आल्याबद्दल केंद्र सरकारला धन्यवाद देऊन उपमुख्यमंत्री श्री.फडणवीस म्हणाले,  पुणे हे एक महत्वाचे शहर आहे. पुणे जिल्हा महाराष्ट्राचे मॅन्युफॅक्चरिंग आणि आयटी हब आहे. देश-विदेशातून अनेक नागरिक पुण्यात येतात. एवढ्या मोठ्या प्रमाणात प्रवाशांना सुविधा देण्यासाठी जुने टर्मिनल अपूरे होते. संरक्षण मंत्रालयाला विनंती करण्यात येऊन नव्या इमारतीसाठी जागा उपलब्ध झाली आणि त्यामुळे भव्य टर्मिनल उभे राहिले आहे.

            महाराष्ट्राचे प्रेरणास्त्रोत असलेल्या छत्रपती शिवाजी महाराजांचा भव्य पुतळा इमारतीच्या बाहेर उभारण्यात आला आहे. श्री विठ्ठलाचे म्युरलवारली कलादेशी  खेळ मल्लखांब आदींचे दर्शन या इमारतीत घडते. आपल्या स्थानिक संस्कृतीला साजेसे वातावरण या  इमारतीत आहे.  तसेच या विमानतळावर स्थानिक उत्पादनांची विक्री करता येणार आहे. एक परिपूर्ण टर्मिनल आपल्याला मिळाले आहे. कोल्हापूरलादेखील मराठा साम्राज्याला साजेसे असे टर्मिनल उभे रहात आहे. महाराष्ट्रातही विमानतळाच्या धावपट्यांना विकसीत करून विमानतळांचे जाळे निर्माण करण्याचा राज्य शासनाचा प्रयत्न आहेअसेही उपमुख्यमंत्री श्री.फडणवीस म्हणाले.

पुरंदर येथील विमानतळ व कार्गो सेंटरसाठी लवकरच भूसंपादन

            पुणे वायुसेनेचे केंद्र असल्याने येथील धावपट्टी अनेकदा बंद ठेवावी लागते. त्यामुळे विमानसेवेच्या विस्ताराची गरज लक्षात घेता  पुणे जिल्ह्यातील पुरंदर येथे नवीन विमानतळ  उभारण्यात येणार आहे. लवकरच त्यासाठीचे भूसंपादन प्रक्रीया सुरू करण्यात येणार आहे. उद्योगांना नवी पुरवठा साखळी विकसित करता येईल आणि रोजगाराला चालना मिळेल असे विमानतळ आणि कार्गो सेंटर पुरंदर येथे उभारण्यात येईल. पुण्याचा वाढता विस्तार लक्षात घेता हे विमानतळ आवश्यक असून त्यामुळे पुण्याच्या जीडीपीमध्ये २ टक्के वाढ होईलअसा विश्वास उपमुख्यमंत्री श्री.फडणवीस यांनी व्यक्त केला.

            प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदींच्या नेतृत्वात विमानसेवा क्षेत्राने मोठी भरारी घेतली आहे. देशात गेल्या दहा वर्षात विमानतळांची संख्या दुप्पट झाली आहे. सामान्य माणसासाठी उडान’ योजनेअंतर्गत हवाई वाहतूक उपलब्ध होत आहे. या विमानतळांचा उद्योगांना लाभ होऊन रोजगारांच्या संधी वाढत आहेत. दळणवळण सेवांच्या विस्तारामुळे उद्योगांनाही चालना मिळते आहेअसेही श्री.फडणवीस म्हणाले.

पुणे विमानतळाची धावपट्टी वाढविण्याचा प्रयत्न-अजित पवार

             उपमुख्यमंत्री श्री.पवार म्हणालेएकाचवेळी १० हजार कोटी रुपये खर्चाच्या १४ विमानतळ प्रकल्पाचे उद्घाटन आणि भूमिपूजन  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांच्या हस्ते होत आहे. बरेच दिवसापासून पुण्याच्या नावाला साजेसे टर्मिनल व्हावे ही पुणेकरांची मागणी होती. स्व.गिरीश बापट यांनी देखील नव्या टर्मिनल इमारतीच्या जागेसाठी केंद्र सरकारकडे पाठपुरावा केला.  एक हजार मोटारी उभे राहू शकतील३४ चेक इन काऊंटर९० लाख वार्षिक प्रवासी क्षमता असलेले हे टर्मिनल आहे.

            छत्रपती शिवाजी महाराजांचा भव्य अश्वारुढ पुतळा या परिसरात उभारण्यात आला आहे. एप्रिलमध्ये नव्या टर्मिनलच्या सुविधा सुरू करण्याच्या सुचना देण्यात आल्या असून पुणे जिल्ह्यात नवे विमानतळ उभारण्यासोबत विद्यमान धावपट्टी वाढविण्याचा विचार करण्यात येत आहे. दूरदृष्टी असणारे प्रधानमंत्री आपल्याला लाभल्यामुळे देशात आमुलाग्र बदल होत आहेत. वंदे भारत रेल्वेनवे विमानतळ आदी बाबी पुर्णत्वास येत आहेतअसेही श्री.पवार म्हणाले.

            डॉ. एच. श्रीनिवास यांनी प्रास्ताविकात पुणे विमानतळाच्या नवीन एकात्मिक टर्मिनल इमारतीतील सुविधांची माहिती दिली. भारतीय विमानतळांना आधुनिक सुविधा देण्यात येत आहे. विमानतळावर स्थानिक संस्कृतीला प्रदर्शित करण्यात येत आहे. पुणे विमानतळाच्या एकात्मिक टर्मिनल इमारतीचे क्षेत्रफळ ५२ हजार चौ.मीटर असून सर्वाधिक व्यस्त वेळेत ३ हजार प्रवासी क्षमता आहेअशी माहिती त्यांनी यावेळी दिली.

            कार्यक्रमाला खासदार मेधा कुलकर्णीआमदार उमा खापरेभीमराव तापकीरमाधुरी मिसाळसुनील कांबळेसुनील टिंगरेसिद्धार्थ शिरोळे,  केंद्रीय नागरी हवाई वाहतूक मंत्रालयाचे सह सचिव असंगबा चुबाभारतीय विमान प्राधिकरणाच्या मानव संसाधन विभागाचे सदस्य डॉ. एच श्रीनिवासविभागीय आयुक्त चंद्रकांत पुलकुंडवारजिल्हाधिकारी डॉ. सुहास दिवसेपीएमआरडीएचे आयुक्त राहुल महिवाल,  पुणे महानगरपालिकेचे आयुक्त विक्रम कुमारअतिरिक्त आयुक्त विकास ढाकणेभारतीय विमानपत्तन प्राधिकरणाचे पुणे विमानतळ व्यवस्थापक संतोष ढोकेमाजी महापौर मुरलीधर मोहोळ आदी उपस्थित होते.

00000

कोल्हापूर विमानतळाच्या नूतन टर्मिनलचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांच्या हस्ते दूरदृश्यप्रणालीव्दारे लोकार्पण कोल्हापूरच्या विकासात आणि पर्यटनाला गती देणाऱ्या विमानतळासाठी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांच्याकडून शुभेच्छा

 कोल्हापूर विमानतळाच्या नूतन टर्मिनलचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांच्या हस्ते दूरदृश्यप्रणालीव्दारे लोकार्पण

कोल्हापूरच्या विकासात आणि पर्यटनाला गती देणाऱ्या विमानतळासाठी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांच्याकडून शुभेच्छा

            कोल्हापूरदि.१०, (जिमाका) : देशात सात राज्येकेंद्रशासित प्रदेशांमधे 9 हजार 800 कोटींहून अधिक खर्चाचे 15 विमानतळ प्रकल्प उभारण्यात आले आहेत. यामध्ये कोल्हापूर विमानतळाच्या नूतन टर्मिनलचा समावेश होता. या नवीन टर्मिनलचे लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांच्या हस्ते दूरदृश्यप्रणालीव्दारे झाले. या कार्यक्रमांतर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी कोल्हापूर विमानतळाच्या या नवीन इमारतीची पाहणी करून हे विमानतळ कोल्हापूर जिल्ह्याच्या पर्यटन विकासात महत्त्वपूर्ण भूमिका पार पाडेल असे मत व्यक्त केले.

       कोल्हापूर येथून या कार्यक्रमासाठी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांच्यासह पालकमंत्री हसन मुश्रीफखासदार संजय मंडलिकखासदार धनंजय महाडिकराज्य नियोजन मंडळाचे अध्यक्ष राजेश क्षीरसागरखासदार धैर्यशील मानेआमदार प्रकाश आवाडेआमदार राजेंद्र पाटील यड्रावकरआमदार प्रकाश आबिटकरमाजी आमदार चंद्रदीप नरके,  जिल्हाधिकारी अमोल येडगेविमानतळ प्राधिकरणाचे पियुष श्रीवास्तवदिलीप सजनानीसंजय शिंदे यांचेसह इतर मान्यवर उपस्थित होते.

           कोल्हापूरसह अलीगडआझमगडचित्रकूटमुरादाबादश्रावस्तीग्वाल्हेरपुणेआदमपूरजबलपूरदिल्ली आणि लखनौ येथे नवीन तसेच सुधारित विमानतळ टर्मिनल इमारतींचे उद्घाटन आणि कडप्पाहुब्बल्लीबेळगावी येथे नवीन टर्मिनल इमारतींची पायाभरणी प्रधानमंत्री श्री. मोदी यांच्या हस्ते झाली. कोल्हापूर येथे या कार्यक्रमावेळी मुख्यमंत्री श्री. शिंदे यांनी कोल्हापूरच्या विकासात आणि पर्यटनाला गती देणाऱ्या विमानतळासाठी शुभेच्छा दिल्या.        

     कोल्हापूर विमानतळाची स्थापना राजाराम महाराजांनी 1939 मध्ये केली होती. आज लोकर्पण केलेल्या नूतन इमारतीतून कोल्हापूर जिल्हयाची संस्कृती आणि वारसा दृश्य स्वरूपात प्रवाशांना पाहता येणार आहे. अतिशय सुंदर आणि दिमाखात बांधकाम केलेल्या इमारतीचा कोल्हापूर जिल्हयाला पर्यटन आणि विकासासाठी हातभार लागणार असल्याचे सर्वच मान्यवरांनी या कार्यक्रमावेळी सांगितले. पालकमंत्री हसन मुश्रीफखासदार संजय मंडलिकखासदार धनंजय महाडिकखासदार धैर्यशील माने यांनीही यावेळी आपले मनोगत व्यक्त केले. कार्यक्रमानंतर मुख्यमंत्री श्री. शिंदे यांनी नूतन टर्मिनलची सर्वत्र फिरून बारकाईने पाहणी केली.

कोल्हापूर विमानतळाची संक्षिप्त माहिती

      दक्षिण महाराष्ट्रातील कोल्हापूर हे शतकानुशतके समृद्ध ऐतिहासिकधार्मिक आणि सांस्कृतिक उपक्रमांचे केंद्र राहिले आहेज्यामुळे ते विविधता आणि एकतेचे खरे प्रतिनिधित्व करते. याला "दक्षिण काशी किंवा "महातीर्थ असे संबोधले जाते. कोल्हापूर हे पूर्वीच्या राजघराण्यांचे किल्लेमंदिरे आणि राजवाडे यासाठी देखील ओळखले जाते आणि महाराष्ट्रातील कृषी क्षेत्रात प्रगत जिल्ह्यांपैकी एक आहे. तसेच कृषी आधारित उद्योगात अग्रगण्य जिल्हा म्हणूनही कोल्हापूर ओळखला जातो.

        कोल्हापूर विमानतळावर रात्रीची हवाई सेवा सुरु केल्याने कोल्हापूर विमानतळावरील प्रवासी वाहतूक वाढली आहे. विद्यमान टर्मिनल इमारतीची प्रवासी हाताळणी क्षमता 150 प्रवाशांपर्यंत होतीजी मागणीच्या तुलनेत खूपच कमी आहे. त्यानुसारभविष्यातील वाहतूक वाढ लक्षात घेऊन एटीसी टॉवर कम टेक्निकल ब्लॉक आणि एअरसाइड वाढीसह नवीन टर्मिनल बिल्डिंगचे नियोजन करण्यात आले. भारतीय विमानतळ प्राधिकरणाने 255 कोटी खर्चुन A-320 प्रकारच्या विमानांच्या संचालनासाठी विमानतळ विकसित करण्याचा निर्णय घेतला आहे. दोन टप्यात धावपट्टी आणि संबंधित कामांच्या विस्तारासाठी राज्य सरकारकडून 65 एकर जागेची मागणी करण्यात आली आहे. सध्या उपलब्ध असलेल्या जागेत पहिल्या टप्प्यातील विकासकामे पूर्ण झाली आहेत.

            कोल्हापूर विमानतळाचे टर्मिनल भवन स्थानिक संस्कृती आणि वारसा लक्षात घेऊन तयार करण्यात आले आहेजेणेकरून त्याचे सार आतील आणि बाहेरील दोन्हींमध्ये प्रतिबिंबित होईलनवीन टर्मिनल इमारतीच्या दर्शनी भागावरील मोठे तोरण हे सामान्यतः कोल्हापूर शहरातील महाराजांच्या राजवाड्यात वापरल्या जाणाऱ्या वास्तू किंवा नवीन राजवाडाभवानी मंडप इत्यादी वारसा वास्तूंद्वारे प्रभावित आणि प्रेरित आहेत.

       त्याप्रमाणेच टर्मिनल भवनाच्या आत बसवलेल्या कलाकृती कोल्हापूर शहरातील समृद्ध कलास्थापत्य आणि संस्कृतीचे वैभव दर्शवतात. पर्यटकांना या ठिकाणाची जाणीव करून देण्यासाठीत्यांना स्थानिक संस्कृतीवारसाउपजत परंपराधार्मिक श्रद्धासामाजिक जीवन आणि विविध पर्यटनस्थळांची चित्रेचर्मकला (लेदर वर्क) आणि कोल्हापुरी साजच्या कलाकृ‌ती प्रदर्शित केल्या आहेत. येथील धावपट्टीचा विस्तार 1370 मीटर ते 1780 मीटरचा आहे, 03 पार्किंग वे (1 A-320+2 ATR-72 प्रकारच्या विमानांसाठी आहे.

       नवीन टर्मिनल इमारतीचे क्षेत्रफळ  3900 चौ.मी असून तासी प्रवाशी क्षमता  500 आहे. वार्षिक क्षमता  5 लाख प्रवाशी आहे. वाढीव हवाई कनेक्टिव्हिटी पर्यटनव्यवसायशिक्षण आणि रोजगार निर्मितीला चालना देवून कोल्हापूरच्या आर्थिक समृ‌द्धीसाठी आवश्यक आहे. कोल्हापूर विमानतळाच्या विकासामुळे या भागातील हस्तकला उद्योगाच्या वाढीस मदत होईल ज्यात कापडचांदीमणी आणि पेस्ट दागिन्यांची हस्तकलामातीची भांडीलाकूड कोरीव काम आणि लाखेची भांडीपितळी पत्रे आणि ऑक्सिडाइज्ड सिल्व्हर आर्टवर्क आणि लेस आणि भरतकाम यांचा समावेश आहे.

मुंबईकरांचा प्रवास सुखकर करणारा सागरी किनारा मार्ग

 मुंबईकरांचा प्रवास सुखकर करणारा सागरी किनारा मार्ग

 

            आंतरराष्ट्रीय दर्जाच्या मुंबई शहरातील धकाधकीच्या जीवनात वेळ आणि इंधन बचतीला आत्यंतिक महत्त्व आहे. बृहन्मुंबई महानगरपालिकेच्या वतीने उभारण्यात येत असलेल्या सागरी किनारा मार्ग (दक्षिण) ची एक बाजू वाहतुकीसाठी खुली होत असून वेळ आणि इंधन बचतीबरोबरच वाहतूक कोंडी आणि प्रदूषण कमी होऊन मुंबईकरांचा प्रवास सुखकर करण्यामध्ये हा मार्ग महत्त्वपूर्ण भूमिका बजावणार आहे.

            देशाची आर्थिक राजधानी म्हणून ओळख असलेले मुंबई हे भारतातील आंतरराष्ट्रीय दर्जाचे एक प्रमुख शहर आहे. दक्षिण मुंबईतील परिसर व्यापार उदिमाच्या दृष्टीने महत्त्वपूर्ण मानला जातो. सात बेटांनी तयार झालेल्या मुंबईचा भौगोलिक विस्तार उत्तर दक्षिण असा पसरलेला असल्याने येथील देशाच्या मुख्य भागाशी जोडलेले दोन मुख्य रस्ते देखील उत्तर दक्षिण असेच बांधलेले होते. साहजिकच या रस्त्यांवर वाहतूक कोंडी ही नित्याची बाब असे. तथापि मागील काही वर्षांत या रस्त्यांना पूरक असे नवीन रस्ते तयार होत असल्याने रहदारीची ही जटील समस्या कमी होऊ लागली आहे. नुकत्याच सुरू झालेल्या अटल सेतू’ नंतर आता सोमवारी वाहतुकीसाठी खुला होत असलेला मुंबई किनारी रस्ता प्रकल्प (दक्षिण) यामध्ये महत्त्वाची भूमिका बजावणार आहे.

प्रकल्पामुळे होणारे फायदे

            सागरी किनारी रस्त्यामुळे अंदाजे 70 टक्के वेळेची बचत होणार असून इंधनामध्ये 34 टक्के बचत होईल. इंधन बचतीमुळे प्रती वर्षी विदेशी चलनाची देखील मोठ्या प्रमाणात बचत होईल. ध्वनी आणि वायू प्रदूषण कमी होईल. सुमारे 70 हेक्टर हरितक्षेत्र निर्मितीमुळे प्रदूषण कमी होण्यास मदत होऊन मुंबईकरांचे जीवनमान सुधारेल. या हरितक्षेत्रात सायकल ट्रॅकसार्वजनिक उद्यानेजॉगिंग ट्रॅकखुले प्रेक्षागृह आदी प्रस्तावित आहेत. या रस्त्यामुळे इतर मार्गावरील वाहतूक कोंडी कमी होण्यास मदत होईल आणि सुरक्षित व जलद प्रवास करता येईल. मुंबईकरांना सागर किनारी अतिरिक्त प्रोमीनेड उपलब्ध होईल.

प्रकल्पाची वैशिष्ट्ये

            मुंबई किनारी रस्ता प्रकल्प (दक्षिण) हा दक्षिण मुंबईतील प्रिन्सेस स्ट्रीट फ्लायओव्हर ते वांद्रे वरळी सी लिंकच्या वरळी टोकापर्यंत असणार आहे. या रस्त्याची लांबी 10.58 कि.मी. असून मार्गिकांची रस्त्यावरील संख्या दोन्ही बाजूला प्रत्येकी चार असेल. तर बोगद्यांमध्ये ती दोन्ही बाजूला प्रत्येकी तीन असेल. भराव टाकून बनविलेल्या रस्त्यांची लांबी 4.35 कि.मी. असून पुलांची एकूण लांबी 2.19 कि.मी.आहे. या मार्गातील मलबार हिल टेकडीच्या खालील दुहेरी बोगद्यांची लांबी प्रत्येकी 2.072 कि.मी. असून त्याचा अंतर्गत व्यास 11 मीटर आहे. याचे एकूण भरावक्षेत्र 111 हेक्टर इतके असून तीन ठिकाणी आंतरबदल असतील ज्यांची लांबी 15.66 कि.मी. इतकी आहे. 7.5 कि.मी. लांबीचे नवीन पदपथ असून बस वाहतूकीसाठी समर्पित मार्गिका ठेवण्यात आली आहे. समुद्री लाटांपासून बचावासाठी 7.47 कि.मी. लांबीची सागरी तटरक्षक भिंत असणार आहे. या प्रकल्पात अमरसन्सहाजी अलीवरळी डेअरीथडाणी जंक्शनवरळी येथे पार्किंगची सुविधा उपलब्ध करण्यात येणार आहे.

            हा प्रकल्‍प मे 2024 पर्यंत पूर्ण करण्याचे उद्दिष्ट आहे. या प्रकल्पाचे काम प्रगतीपथावर असून 25 फेब्रुवारी पर्यंत याची भौतिक प्रगती 85.91 टक्के तर आर्थिक प्रगती 81.19 टक्के इतकी झाली आहे. बोगदा खणन काम 100 टक्के पूर्ण झाले असून पुनःप्रापणाचे (रिक्लेमेशन) चे काम 98 टक्के पूर्ण झाले आहे. समुद्रभिंत उभारण्याचे काम देखील पूर्णत्वास आले असून आंतरबदल 87 टक्के तर पुलांचे काम 85 टक्के पूर्ण झाले आहे.

बोगद्याची वैशिष्ट्ये

            किनारा मार्गावरील पहिला बोगदा खणण्‍याची सुरुवात जानेवारी 2021 मध्‍ये करण्‍यात आली होती. हा बोगदा जानेवारी 2022 मध्‍ये पूर्ण झाला. दुसरा बोगदा खणण्‍याची सुरुवात एप्रिल 2022 मध्‍ये करण्‍यात आली आणि हा बोगदा मे 2023 मध्‍ये पूर्ण झाला. बोगद्याला 375 मि.मी. जाडीचे कॉक्रीटचे अस्‍तर लावण्‍यात आलेले असून त्‍यावर अग्‍नीप्रतिबंधक उपाययोजनेअंतर्गत अग्‍नीरोधक फायरबोर्ड लावण्‍यात येत आहेत. भारतात प्रथमच सकार्डो वायुविजन प्रणालीची व्‍यवस्‍था करण्‍यात आली असून आपत्‍कालिन निर्वासनासाठी प्रत्‍येक 300 मीटरवर छेद बोगदे आहेत. उपयोगिता सेवेसाठी बोगद्यांमध्‍ये युटीलिटी बॉक्‍सची व्‍यवस्‍था करण्‍यात आली आहे. दुहेरी बोगद्यासाठी अद्ययावत वाहतूक व्‍यवस्‍थापन नियंत्रण प्रणालीची व्‍यवस्‍था करण्‍यात येत आहे.

प्रकल्पाचा खर्च

मुंबई किनारी रस्त्यासाठी एकूण बांधकाम खर्च 13983.83 कोटी रुपये अपेक्षित आहे. यामध्ये 9383.74 कोटी रुपयांच्या प्रत्यक्ष बांधकाम खर्चाबरोबरच इतर अनुषंगिक खर्चाचा समावेश आहे.

इतर वैशिष्ट्ये

सागरी रस्ता प्रकल्पातील बोगदा खणणाऱ्या यंत्राने (टीबीएम) खोदण्यात येणारा भारतातील सर्वात मोठ्या व्यासाचा बोगदा (व्यास 12.19 मी.) आहे. भारतात प्रथमच रस्ते वाहतूक बोगद्यामध्ये सकार्डो वायुविजन प्रणालीची योजना करण्यात आली आहे. तसेच भारतामध्ये प्रथमच एकलस्तंभ पाईलचा पाया बांधून पुलांची उभारणी करण्यात आली आहे. एकाच प्रकल्पामध्ये पुनःप्रापण करुन रस्तापूलउन्नत मार्गउतरण मार्गआच्छादित बोगदासमुद्र तसेच टेकडीखालून बोगदाहरितक्षेत्राची निर्मिती करण्यात आली आहे. प्रकल्पातील प्रवाळांचे (कोरल) स्थलांतर व अस्तित्व टिकविण्याचे काम यशस्वीरित्या साध्य करण्यात आले आहे.

            एकूणच वेळ आणि इंधन बचतीबरोबरच वाहतूक कोंडी आणि प्रदूषण कमी करून मुंबईकरांचे दैनंदिन जीवनमान सुखकर करण्यामध्ये हा किनारा मार्ग महत्त्वपूर्ण भूमिका बजावेलहे निश्चित.

पुण्यातील पायाभूत सुविधांच्या विकासाला शासनाचे प्राधान्य-अजित पवार

 पुण्यातील पायाभूत सुविधांच्या विकासाला शासनाचे प्राधान्य-अजित पवार

 

            पुणे दि.१० -पुण्याच्या सर्वांगीण विकासाला चालना देण्यासाठी शहरातील पायाभूत सुविधांच्या विकासाला शासन प्राधान्य देत आहे. मेट्रोरेल्वेविमानसेवा आणि रस्ते विकासाच्या माध्यमातून शहरातील वाहतूक कोंडी दूर करण्याचा प्रयत्न करण्यात येत असून पुणे शहराच्या सर्वांगीण विकासासाठी शासन कटिबद्ध आहेअसे प्रतिपादन उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांनी केले.

            वडगाव शेरी परिसरातील विविध विकासकामांच्या भूमिपूजन प्रसंगी ते बोलत होते. कार्यक्रमाला आमदार सुनिल टिंगरेपुणे महानगरपालिका आयुक्त विक्रम कुमारअतिरिक्त आयुक्त कुणाल खेमनार विकास ढाकणेरविंद्र बिनवडे आदी उपस्थित होते.

            उपमुख्यमंत्री श्री.पवार म्हणालेपुण्यात वाहनांची संख्या अधिक असल्याने रस्ते विकासावर भर देण्यात येत आहे. पुणे विमानतळाची धावपट्टी वाढविण्याच्या प्रयत्नासोबत रिंगरोडचे कामही लवकरच सुरू करण्यात येणार आहे. रिंगरोडमुळे राज्याच्या कुठल्याही भागातून येणारी वाहने पुण्यात प्रवेश न करता इतर जिल्ह्यात जावू शकतील आणि यामुळे वाहतूक कोंडी कमी होण्यास मदत होईल. सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठ परिसरातील वाहतूक कोंडी दूर करण्यासाठी उड्डाणपूल उभारण्यात येत आहे. मेट्रो प्रकल्प पूर्ण झाल्यावर रस्ते वाहतूकीवरील ताण कमी होणार आहे.

             पुणे महानगरपालिकेच्यावतीने करण्यात येणाऱ्या विकासकामांमुळे वडगाव शेरी परिसराचा वेगाने विकास होत आहे. समाजातील प्रत्येक घटकाच्या मनात आपल्या आकांक्षा पुर्ण होत असल्याची भावना निर्माण व्हायला हवी असा शासनाचा प्रयत्न आहे.  विश्रांतीवाडी चौकात उड्डाणपूल आणि ग्रेड सेपरेटरसह १७२ कोटी रुपयांच्या कामांचे भूमिपूजन करण्यात आले आहे. उड्डाणपूलामुळे परिसरातील वाहतूक कोंडी दूर होण्यास मदत होणार आहे.

            पुणे आणि पिंपरी चिंचवड शहरातील एक कोटी नागरिकांना पुरेसा पाणी पुरवठा करण्यासाठी विविध उपाययोजना करण्यात येत आहे. सांडपाणी व्यवस्थापन आणि नदी सुधार कार्यक्रम हाती घेण्यात आला आहे. शहरातील पायाभूत सुविधांना गती देण्यासाठी मंत्रालय स्तरावर नियमित आढावा घेण्यात येत आहे. या बैठकांच्या माध्यमातून विकासकामात येणाऱ्या अडचणी सोडविण्याचे प्रयत्न करण्यात येतातअशी माहिती उपमुख्यमंत्री श्री. पवार यांनी दिली.

            सांस्कृतिक शहर म्हणून पुण्याची ओळख आहे. अनेक महापुरुषांच्या पदस्पर्शाने पावन झालेली ही भूमी असल्याने शहराचा लौकीक कायम रहावा यासाठी गुन्हेगारांविरुद्ध कठोर कारवाई करण्यात येईल. शहरातील कायदा आणि सुव्यवस्था राखण्यासाठी आवश्यक तेथे कठोर कारवाई करण्याचे निर्देश पोलीस आयुक्तांना दिले असल्याचेही उपमुख्यमंत्री श्री.पवार यांनी सांगितले.

 

आमदार श्री.टिंगरे म्हणालेवडगावशेरी विधानसभा मतदार संघात विविध विकासकामे करण्यात आली आहेत. गोरगरिबांना हक्काची घरे देण्यासोबत अण्णा भाऊ साठे स्मारकासाठी जमीन संपादित करण्यात आली आहे. विश्रांतवाडी परिसराला भेडसावणारा वाहतुकीचा प्रश्न नव्याने उभारण्यात येणाऱ्या उड्डाणपुलामुळे सुटेलअसा विश्वास त्यांनी व्यक्त केला

            यावेळी उपमुख्यमंत्री श्री.पवार यांच्या हस्ते एकूण १७२ कोटी ३० लाख रुपयांच्या कामांचे भूमिपूजन करण्यात आले.

000

 

 

 



Featured post

Lakshvedhi