Tuesday, 5 September 2023

Maa तुझे सलाम, भावपुर्ण श्रध्दांजली चांद्रयान 3 मिशन, सिंहाचा वाटा


 🙏 भावपूर्ण श्रद्धांजली 🙏


भारताच्या चांद्रयान ३ या मिशनमध्ये सिंहाचा वाटा उचलणाऱ्या इस्त्रोच्या शास्त्रज्ञा एन वलारमथी यांचं आज ह्रदयविकाराच्या झटक्याने निधन झालं आहे. चेन्नईतील एका रुग्णालयात त्यांनी अखेरचा श्वास घेतला आहे. चांद्रयान ३ च्या उड्डाणापूर्वी एन वलारमथी यांनीच त्याचं उलटं टायमर लावलं होतं. तसेच चांद्रयान चंद्राच्या दक्षिण ध्रुवावर लँड होताच त्यांनी सहकाऱ्यांसह देशाला आनंदाची बातमी दिली होती. त्यामुळं आता इस्त्रोच्या शास्त्रज्ञा एन वलारमथी यांच्या निधनामुळं भारतासह जगभरात शोक व्यक्त केला जात आहे. काही दिवसांपूर्वी चांद्रयान ३ चंद्रावर उतरवून आनंद साजरा करणाऱ्या इस्त्रोच्या शास्त्रज्ञांवर दुखाचा डोंगर कोसळला आहे.

अमृत कलश' यात्रा से घर-घर में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत होगी

 अमृत कलशयात्रा से घर-घर में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत होगी

– मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

राज्य से 387 अमृत कलश दिल्ली की अमृत वाटिका में भेजेंगे

 

          मुंबई  :  मेरी माटी मेरा देश अभियान के तहत अमृत कलश यात्रा को कर्तव्य भावना के साथ सफल बनाया जाए. राज्य के हर परिवार और हर घर में देशभक्ति की भावना जागृत होऐसा नियोजन इस यात्रा के माध्यम से किया जाएऐसे निर्देश  मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिए.

          भारतीय स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के समापन के अवसर पर नई दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम के लिए राज्य से कुल 387 कलश भेजे जाएंगे. इसमें ग्रामीण क्षेत्रों से 351 और शहरी क्षेत्रों से प्रत्येक जिले से 36 कलश भेजे जाएंगे.

          इस कलश के लिए मिट्टी या चावल इकट्ठा करने का अभियान 30 सितंबर तक चलाया जाएगा. बैठक में इस अमृत कलश यात्रा के बारे में जानकारी दी गई. बैठक में मुख्य सचिव मनोज सौनिक समेत विभिन्न विभागों के सचिव उपस्थित थे. सांस्कृतिक कार्य विभाग के प्रधान सचिव और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव विकास खड़गे ने अमृत कलश यात्रा की योजना को लेकर प्रस्तुतिकरण दिया. उन्होंने यात्रा के विभिन्न पड़ावों के बारे में भी जानकारी दी.

          मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कहा कि हमने मेरी मिट्टी-मेरा देश का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. इसमें वीरों के नाम की शीला फलक लगाए गए हैंवसुधा वंदन के तहत पौधे लगाए गए हैंपंचप्राण शपथ भी ली गई है. अमृत कलश यात्रा चार चरणों में निकाली जाएगी. यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि सभी चार चरण हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं और सभी प्रशासनों में सभी विभागों द्वारा उसके अनुसार योजना बनानी चाहिए. यह आयोजन न केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम हैबल्कि हमें अमृत कलश यात्रा में अपनी भागीदारी को बहुत गंभीरता से और देशभक्ति की भावना के साथ लेना होगा. हम अपने संभागजिलातालुका और यहां तक कि ग्राम पंचायत स्तर तक इस यात्रा में पूरे दिल से और उस्फुर्तता से काम करना चाहिए. ग्रामीण हो या शहरीअमृत कलश यात्रा को लेकर अपने क्षेत्र के सभी प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उचित जिम्मेदारी देकर काम करें. हर घरहर नागरिकहर छात्र की भागीदारी के लिए एक योजना बनाई जानी चाहिए. मंत्रालय के सांस्कृतिक मामलों के विभाग के साथ-साथ मेरे सचिवालय द्वारा इसपर बारीकी से निगरानी की जाएगीऐसा मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने बताया.

          मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कहा किअब पर्व और त्योहारों के दिन आने वाले हैं.  इनका उपयोग कर जनभागीदारी बढ़ाने के प्रयास किया जाए. उन्होंने आगे कहा कि देश की आजादी के अमृत महोत्सव की यह अवधारणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर क्रियान्वित की जा रही है. प्रधानमंत्री मोदीजी ने वैश्विक स्तर पर भी हमारे देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने का काम किया है. उसी के एक भाग के रूप मेंअब हमारे स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम करने का अवसर है. उन्होंने कहाइसलिए अमृत कलश यात्रा की योजना में महाराष्ट्र का नाम सबसे आगे  लिया जाना चाहिए.

          इस बैठक में मुंबई महानगरपालिका के प्रशासक एवं आयुक्त डॉ. आई. एस. चहलमुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ब्रिजेश सिंहग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव एकनाथ डवलेनगर विकास विभाग के प्रधान सचिव के. एच. गोविंदराजस्कूली शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव रणजीतसिंह देवल आदि उपस्थित थे. विभागीय आयुक्तजिलाधिकारीमुख्य कार्यकारी अधिकारीमहानगर पालिका आयुक्तगुट विकास अधिकारीमुख्य अधिकारी आदि ने ऑडियो विजुअल प्रणाली के माध्यम से बैठक में सहभाग लिया.

अमृत कलश यात्रा के बारे में...

          अमृत कलश यात्रा का शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों किया गया है. 

          पहला चरण : पहले चरण में 1 से 30 सितंबर तक प्रत्येक घरवार्ड और गांव से कलश में मिट्टी या चावल एकत्र करना है. ऐसा करते समय खुशी और उत्साह का माहौल होना चाहिए. यह मिट्टी बडे़ उत्साह के साथ एकत्रित की जाएगी. इस कलश में ग्रामीण क्षेत्रों की मिट्टी और शहरी क्षेत्रों से चावल एकत्रित किया जाएगा.

 

             1 से 13 अक्टूबर तक तालुका स्तर पर और पालिकानगर पंचायतनगर परिषद के स्तर पर इन सभी एकत्रित की गई मिट्टी और चावल को एक साथ लाकर एक बड़े कलश में रखा जाएगा. इस समजय भी हमारे जिले या शहर की सांस्कृतिक संस्थाएंएनसीसीएनएसएसस्काउट गाइड के छात्र-छात्राओं को इकट्ठा कर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. यहां उन सैनिकोंपुलिसकर्मियोंस्वतंत्रता सेनानियों या शहीदों के परिवारों का सम्मान करेगा जिन्होंने देश के लिए लड़ाई लड़ी और संबंधित क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं है.

            22 से 27 अक्टूबर के  दौरान तालुका स्तर के कलशों को मुंबई में एक साथ लाया जाएगा. ये कलश 27 अक्टूबर को मुंबई से विशेष ट्रेन से दिल्ली भेजे जाएंगे. उस समय एक बड़ा सांस्कृतिक एवं देशभक्तिपूर्ण कार्यक्रम भी आयोजित किया जायेगा.

             28 से 30 अक्टूबर तक ये कलश रेल के जरिए देश की राजधानी भेजे जाएंगे. इन कलशों की मिट्टी 1 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों हुतात्मा स्मारक के पास देश के वीरों के स्मृति में बनाई गई "अमृत वाटिका" में विसर्जित की जाएगी.

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दही हांडीगणेशोत्सव को लेकर मुख्यमंत्री ने समीक्षा की

राज्य भर में आगमनविसर्जन वाले रास्तों का तत्काल कराए दुरुस्त

त्योहारों को शांतिपूर्वक मनाते समय कानून और व्यवस्था को बनाए रखने में करें सहयोग

- मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

            मुंबईदिनांक- 04 अगस्त: आने वाले दहीहांडीगणेशोत्सव को हर्षोल्लास और शांतिपूर्वक मनाते समय कानून और व्यवस्था बनाए रखने में सभी लोग सहयोग करेंऐसा आवाहन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किया है। जिला अधिकारीमहानगर पालिका के आयुक्तों को राज्य के सभी आगमन और विसर्जन वाले रास्तों की मरम्मत के लिए तत्काल कार्रवाई करने का भी मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने निर्देश दिया है।  मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने यह भी आवाहन किया है कि गणपति मंडल सामाजिक जागरूकता का संदेश देने के साथ ही पर्यावरण अनुकूल त्योहार मनाने में भी सहयोग करें।

          दही हांडी एवं सार्वजनिक गणेशोत्सव को लेकर मुख्यमंत्री श्री शिंदे की अध्यक्षता में आज सह्याद्रि गेस्टहाउस में समीक्षा बैठक बुलाई गई। इस बैठक में मुंबई शहर के पालक मंत्री दीपक केसरकरमुंबई उपनगर के पालक मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ाराज्य के मुख्य सचिव मनोज सौनिकराज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रजनीश सेठगृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुजाता सौनिकमुख्यमंत्री के प्रधान सचिव विकास खारगेमुख्यमंत्री के प्रधान सचिव मंत्री ब्रिजेश सिंहमुंबई के पुलिस आयुक्त विवेक फणसलकरविभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिवप्रधान सचिवसचिव सहित मुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समितिदही हांडी एसोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित थे। इसके अलावा सभी जिला अधिकारीमहानगर पालिका के आयुक्तोंजिला के पुलिस प्रमुखों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से इस बैठक में हिस्सा लिया।

          जिला अधिकारीमहानगर पालिका के आयुक्तपुलिस अधिकारी दहीहांडीगणेशोत्सव मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक करें और उनकी समस्याओं को समझेंइसके साथ ही उनकी समस्याओं पर सकारात्मक तरीके से हल निकालेंऐसा निर्देश भी मुख्यमंत्री ने इस बैठक में दिया है।

         राज्य में सभी स्थानों के आगमन एवं विसर्जन वाले रास्तों के गड्ढों को तत्काल भरकर उन्हें दुरुस्त किया जाएसाथ ही सड़कों की मरम्मत कराए। गणेश मंडलों को बिजली कनेक्शन में कोई दिक्कत न होने पाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि आगमन और विसर्जन वाले रास्तों पर आने वाले पेड़ों की शाखाओं की छंटाई करें और साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि रास्तों में केबल न आए। इस बैठक में मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त को मुंबई की सभी सड़कों और गलियों को साफ-सुथरा रखने के निर्देश दिये गये हैं।

           इस वर्ष राज्य सरकार के माध्यम से लगभग 75 हजार गोविंदाओं को बीमा कवर दिया गया है और शेष गोविंदाओं को भी बीमा कवर प्रदान करने के लिए भी इस बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कई वर्षों से लगातार गणेशोत्सव का आयोजन कर रहे मंडलों को एक बार में ही पांच साल की अनुमति के संबंध में कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस बैठक में पुणेनागपुरनासिकऔरंगाबादठाणे के अधिकारियों से जानकारी ली गई है।

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रांजणगाव येथे 'इलेक्ट्रॉनिक्स मॅन्युफॅक्चरिंग क्लस्टर';

 रांजणगाव येथे 'इलेक्ट्रॉनिक्स मॅन्युफॅक्चरिंग क्लस्टर';

केंद्राकडून पहिल्या टप्प्यात ६२ कोटींचा निधी वर्ग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आणि केंद्र शासनाचे मुख्यमंत्र्यांनी मानले आभार

            मुंबई, दि. ४ : राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स धोरणानुसार पुण्याजवळील रांजणगाव येथे महाराष्ट्रातील पहिला 'इलेक्ट्रॉनिक्स मॅन्युफॅक्चरिंग क्लस्टर (EMC) प्रकल्प उभारण्यात येत आहे. या प्रकल्पासाठी केंद्र सरकारने पहिल्या टप्प्यातील ६२ कोटी ३९ लाख रुपयांचा निधी एमआयडीसीकडे वर्ग केला आहे. त्याबद्दल मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आणि केंद्र शासनाचे आभार मानले आहेत.


            देशात इलेक्ट्रॉनिक वस्तूंच्या उत्पादनांना चालना देण्यासाठी केंद्र सरकारने देशात सुधारित इलेक्ट्रॉनिक्स मॅन्युफॅक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी २.०) अंमलबजावणी सुरु केली आहे. देशात नोएडा, कर्नाटक, तमिळनाडू या राज्यात इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन केंद्रे असून तेथे विविध बहुराष्ट्रीय कंपन्या आणि भारतीय यांनी स्टार्ट अप्स युनिट सुरू केले आहेत. रांजणगाव येथे २९७.११ एकर जागेवर 'इलेक्ट्रॉनिक्स मॅन्युफॅक्चरिंग क्लस्टर' उभारणीस ३१ ऑक्टोबर २०२२ रोजी केंद्राने मान्यता दिली आहे. या प्रकल्पाची किंमत ४९२ कोटी ८५ लाख १९ हजार रुपये असून त्यात केंद्र शासनाकडून २०७ कोटी ९८ लाख रुपये वित्तीय सहाय्य उपलब्ध होणार आहे. यातील ६२ कोटी ३९ लाख रुपयांचा पहिला हप्ता केंद्र शासनाच्या इलेक्ट्रॉनिक्स आणि माहिती तंत्रज्ञान मंत्रालयाने एमआयडीसीकडे वर्ग केला आहे.


            रांजणगाव येथे उभारण्यात येणाऱ्या या प्रकल्पात आयएफबी. एलजी आणि गोगोरो ईव्ही स्कूटर यासारख्या कंपन्यांचा सहभाग असेल. या प्रकल्पामुळे हा परिसर 'इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर' म्हणून नावारूपास येईल, अधिक उद्योजक, कंपन्या तेथे आकर्षित होऊन त्यातून रोजगाराच्या संधी उपलब्ध होतील, असा विश्वासही मुख्यमंत्री श्री. शिंदे यांनी व्यक्त केला आहे. हा इलेक्ट्रॉनिक्स मॅन्युफॅक्चरिंग क्लस्टर प्रकल्प कार्यान्वित करण्यासाठी उद्योग मंत्री उदय सामंत आणि एमआयडीसीने विशेष परिश्रम घेतले असून त्यांचेही मुख्यमंत्र्यांनी अभिनंदन केले आहे.


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भाजपा महिला मोर्चा सोशल मिडिया राष्ट्रीय कार्यकारिणी आज नवी दिल्ली येथे संपन्न झाली .

 भाजपा महिला मोर्चा सोशल मिडिया राष्ट्रीय कार्यकारिणी आज नवी दिल्ली येथे संपन्न झाली .


 या कार्यक्रमाला भाजपा महिला मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष Vanathi Srinivasan अक्का, राष्ट्रीय सोशल मीडिया इन्चार्ज Priti Gandhi जी, राष्ट्रीय IT इन्चार्ज Amit Malviya जी, राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजिका Sujata Padhy जी प्रामुख्याने उपस्थित होत्या.


 येणार वर्ष हे सोशल मीडियासाठी खूप महत्त्वाचे आहे. लोकसभा 2024 या पार्श्वभूमीवर महिला मोर्चा सोशल मीडिया यांचा रोल किती महत्त्वाचा आहे आणि त्यांना कशाप्रकारे उत्तम रीतीने पार पाडायचा आहे याची आज विस्तृतपणे माहिती देण्यात आली.

भाजप महिला मोर्चा महाराष्ट्र तर्फे महाराष्ट्र प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक महिला मोर्चा सौ. राजवीताई नाईक , महाराष्ट्र प्रदेश सोशल मीडिया सहसंयोजक महिला मोर्चा सौ जान्हवीताई पारेख अंजारा ,महाराष्ट्र प्रदेश सोशल मीडिया सहसंयोजक महिला मोर्चा सौ. सोनालीताई जाधव

BJP National

Social Media Meet Delhi

BJP Mahila Morcha Maharashtra

व्यापाऱ्यांना थकबाकीतून मुक्ती देणारीराज्यकर विभागाची अभय योजना २०२३

 व्यापाऱ्यांना थकबाकीतून मुक्ती देणारीराज्यकर विभागाची अभय योजना २०२३

            राज्य शासनाने व्यापाऱ्यांच्या जुन्या थकबाकीच्या परतफेडीसाठी मागील वर्षी २०२२ अधिनियम क्र.२९ द्वारा जीएसटी पूर्वीच्या कायद्यासाठी अभय योजना जाहीर केली होती. तिचे सर्व स्तरांतुन उस्फुर्त स्वागत झाले, कारण व्यापा-यांसाठी ही योजना उपयुक्त ठरली होती. जीएसटी पूर्व कायद्यांमधील निर्धारणेचे काम आता बहुतांशी संपलेले असले, तरी थकबाकी अजूनही आहे. या पार्श्वभूमीवरच राज्य सरकारने या वर्षी अजून एक अभय योजना जाहीर केली आहे.


            जीएसटीच्या प्रभावी अंमलबजावणी सोबतच व्यापार व उद्योग क्षेत्राच्या हिताला सर्वोच्च प्राधान्य देऊन ही योजना आणण्यात आली आहे आणि तरतुदीही सुटसुटीत आणि सोप्या आहेत.


            या योजनेचे नांव ‘महाराष्ट्र कर व्याज शास्ती किंवा विलंबशुल्क यांच्या थकबाची तडजोड’ असे आहे. या अभय योजनेंतर्गत आवश्यक रकमेचा भरणा करण्याचा कालावधी दिनांक १ मे ते दिनांक ३१ ऑक्टोबर २०२३ असा आहे.


वैशिष्ट्ये :


            यावर्षी रुपये दोन लाखांपर्यंत थकवाकी पूर्णपणे माफ होणार आहे. ज्या व्यापाऱ्यांची वैधानिक आदेशानुसार थकबाकी पन्नास लाख रुपये किंवा त्यापेक्षा कमी असेल अशा व्यापा-यांना अविवादित कर विवादित कर शास्ती याचा वेगवेगळा हिशेब न करता सरसकट एकूण थकबाकीच्या २० टक्के रक्कम भरण्याचा पर्यायदेखील उपलब्ध आहे अशी ठोक २० टक्के रक्कम भरल्यास उर्वरित ८० टक्के रकमेस माफी देण्यात येईल. या वर्षीच्या अभय योजनेत या सवलतीची व्याप्ती वाढवली आहे. जे व्यापारी अशा प्रकारे ठोक रक्कम भरण्यास पात्र ठरणार नाहीत किंवा हा पर्याय निवडणार नाहीत, अशा व्यापाऱ्यांच्या थकबाकीच्या तडजोडीसाठी योजनेमध्ये अविवादित करास कुठलीही सवलत देण्यात येणार नाही. अविवादित कराचा १०० टक्के भरणा करावा लागेल.


            विवादित करापोटी भरायची रक्कम कालावधीनुसार ठरेल म्हणजे ३१ मार्च २००५ पूर्वीच्या कालावधीसाठी ३० टक्के भरणा करावा लागेल, त्याचबरोबर व्याजापोटी १० टक्के व शास्तीपोटी ५ टक्के भरणा करावा लागेल. ३१ मार्च २००५ नंतरच्या कालावधीसाठी मात्र जोडपत्र-ख नुसार यात बदल आहेत


            एक एप्रिल २००५ रोजी व त्यानंतर सुरु होणा-या व दिनांक ३० जून २०१७ रोजी संपणा-या कालावधीकरता विवादित कराची रक्कम एकरकमी पर्यायात ५० टक्के असेल आणि माफी ५० टक्के असेल तर हप्त्याने प्रदानाचा पर्याय निवडला तर ५६ टक्के भरणा करून ४४ टक्के माफी असेल त्याचप्रमाणे व्याज १५ टक्के भरल्यावर उर्वरित माफी मिळेल आणि शास्ती पाच टक्के भरल्यास उर्वरित माफी मिळेल.


रकमेचा भरणा :


            या सवलतीचा लाभ घेण्यासाठी आवश्यक रकमेचा एकरकमी भरणा विहित कालावधीत करावा लागेल. तो सर्वसाधारणरित्या १ मे ते ३१ ऑक्टोबर २०२३ असा असेल. मात्र ज्या व्यापा-यांची एका आर्थिक वर्षाची थकबाकी ५० लाख रुपयांहून जास्त आहे अशा व्यापा-यांना अभय योजनेंतर्गत भरावयाच्या आवश्यक रकमेसाठी हप्ते सवलतीचा पर्याय देखील याही वर्षी उपलब्ध आहे आणि हप्ते भरण्याची मुदत ३१ ऑक्टोबरनंतरही असेल. ही हप्ते सवलत ४ भागात विभागली असेल. हप्ते भरण्यास विलंब झाल्यास १२ टक्के दराने व्याजाची आकारणी होईल.


            कमी पैसे भरले म्हणून व्यापाऱ्याचा अर्ज फेटाळण्यात येणार नाही. भरलेल्या रकमेच्या प्रमाणात त्याला माफी नक्की मिळेल. आवश्यक रकमेपेक्षा कमी प्रदान असल्यास त्याचे समायोजन प्रथम अविवादित करापोटी करण्यात येईल. शिल्लक रक्कम विवादित कर, व्याज शास्ती व विलंब शुल्क यापोटी करावयाच्या आवश्यक रकमेच्या प्रदानाच्या प्रमाणात समायोजित करण्यात येईल व त्या अनुषंगाने माफीची सवलत अनुज्ञेय राहील.


            महत्त्वाची गोष्ट म्हणजे या थकबाकीसाठी कलम ३२ किंवा ३२ क अन्वये नोटीस देण्यात आलेली असली किंवा नसली तरी या थकबाकीसाठी अर्ज करता येईल.


अभय योजनेमुळे मिळणाऱ्या तडजोडीसाठीची पात्रता


            अर्जदार संबंधित अधिनियमान्वये नोंदणी केलेला असो किंवा नसो. संबंधित कालावधीच्या बाबतीत कर व्याज शास्ती किंवा विलंब शुल्क यांच्या थकबाकीच्या बाबतीत अपिल केलेले असो किंवा नसो, अर्ज करण्यास पात्र असले.


            या अर्जदाराने कोणत्याही शासन निर्णयाद्वारे किंवा २०१६, २०१९, २०२२ च्या अभय योजनेखाली लाभ घेतला असेल असा अर्जदार देखील या योजनेचा लाभ घ्यायला पात्र असेल, मात्र यात एकच अपवाद आहे. अर्जदार २०२२ अंतर्गत लाभ घेतला असेल किंवा घेत असेल त्याला ज्या थकबाकीकरिता तडजोड अधिनियम २०२२ अंतर्गत यापूर्वीच अर्ज केला असेल आणि जिथे आवश्यक रक्कम भरण्याचा देय दिनांक अद्याप उलटून गेलेला नसेल अशा थकबाकीसाठी या अधिनियमाखाली त्याला लाभ घेता येणार नाही. मात्र २०२२ अंतर्गत देय लाभ किंवा त्याशिवाय पारित केलेल्या तडजोडीच्या आदेशांच्या प्रकरणात वरील बाब लागू होणार नाही.


            वस्तू व सेवाकर विभागाने महाराष्ट्र विक्रीकर न्यायाधिकरणामध्ये किंवा न्यायालयांमध्ये संदर्भ किंवा अपील दाखल केलेले असेल त्याबाबतीत कर व्याज शास्ती किंवा विलंब शुल्क यांसह उक्त विभागाच्या विवादित मागण्या अर्जदाराकडून थकबाकीच्या तडजोडीसाठी विचारात घेण्यात येतील आणि त्यानुसार तडजोडीसाठी अर्ज सादर करता येईल. अशा प्रकरणामध्ये उक्त विभागाने एकदा का या अधिनियमान्वये विवादित रकमेची तडजोड केली असेल त्यानंतर या अधिनियमान्वये अशा प्रकारे प्रदान केलेली रक्कम परत करण्यात येणार नाही किंवा समायोजित केली जाणार नाही किंवा अगोदरच माफ केलेल्या रकमेची वसुली करण्यात येणार नाही. जर या योजनेसाठी अर्ज करावयाचा असेल तर अपिली प्राधिका-यासमोर किंवा न्यायाधिकरणासमोर किंवा न्यायालयासमोर प्रलंबित असलेले अपील, अर्जदार पूर्णपणे आणि विनाशर्त मागे घेईल. ही तरतूद २०२२ च्या अभय योजनेप्रमाणे आहे.


            जर मूल्यवर्धित कर अधिनियमाखालील अधिकची वजावट किंवा परतावा, केंद्रीय विक्रीकर अधिनियम १९५६ किंवा प्रवेशावरील कर अधिनियम या खालील दायित्वापोटी समायोजित केली असेल किंवा अशा प्रकारे समायोजित केलेली वजावट किंवा परतावा कमी करण्यात किंवा नाकारण्यात आला असेल तर केंद्रीय विक्रीकर अधिनियम १९५६ किंवा प्रवेशावरील कर अधिनियम या खालील अपीलासोबत मूल्यवर्धित कर अधिनियमान्वये दाखल केलेले अपील देखील पूर्णपणे आणि विनाशर्त मागे घेणे गरजेचे आहे.


            तडजोडीच्या अर्जासोबत अपील मागे घेण्याच्या अर्जाची पोचपावती सादर करणे हा उक्त अपील मागे घेण्याबाबतचा पुरेसा पुरावा असल्याचे समजण्यात येईल.


अर्ज प्रक्रिया


            अर्जदार कलम १० पोट कलम २ मध्ये दिलेल्या तक्त्यातील खंड (क) मध्ये नमूद केलेल्या शेवटच्या दिनांकास दिलेल्या थकबाकीच्या प्रत्येक वित्तीय वर्षांसाठी स्वतंत्रपणे अर्ज करेल, मात्र एखाद्या वित्तीय वर्षाशी संबंधित असणाऱ्या एकापेक्षा अधिक विवरणांच्या किंवा सुधारित विवरणांच्या बाबतीतील विवरणानुसार असलेल्या देण्यांची तडजोड करण्याची इच्छा असेल तर तो एकच अर्ज करू शकेल.


            जर अर्ज अधिनियमाच्या तरतुदीनुसार नसेल तर अर्जदाराला आपले म्हणणे दिल्यानंतर लेखी आदेशाद्वारे अर्ज फेटाळण्यात येईल.


            जर अर्जदाराने कोणतीही महत्वाची माहिती दडवून ठेवून किंवा चुकीची किंवा खोटी माहिती सादर करुन तडजोडीचा लाभ मिळवला असल्याचे दिसून आले असेल वा झडती आणि जप्ती या कार्यवाहीत महत्त्वाची तथ्ये दडवून ठेवलेली किंवा तपशील लपवून ठेवला असल्याचे आढळून आले तर त्याबाबतीत कारणे लेखी नमूद करून व अर्जदाराला त्याचे म्हणणे मांडण्याची वाजवी संधी दिल्यानंतर ज्या वित्तीय वर्षात तडजोडीचा आदेश बजावण्यात आला असेल, त्या वित्तीय वर्षाच्या समाप्तीपासून दोन वर्षाच्या कालावधीत कलम १३ च्या पोट कलम १ अन्वये काढलेला उक्त आदेश रद्द करता येईल.


            जर तडजोडीचा आदेश रद्द करण्यात आला तर तडजोडीच्या आदेशात समाविष्ट असलेले निर्धारणा पुनर्निर्धारणा, दुरुस्ती, पुनरीक्षण, पुनर्विलोकन हे ताबडतोब पुनरुज्जीवित किंवा पुनःस्थापित होईल मात्र जर त्याची कालमर्यादा रद्द केल्याच्या आदेशाच्या तारखेपासून दोन वर्षांच्या आत समाप्त झाली असेल, तर अशा आदेशाच्या दिनांकापासून दोन वर्षांच्या आत याबाबत कार्यवाही करण्यात येईल. याबाबतीत मूळ अपिल संबंधित अपिल प्राधिका-याकडे अर्ज केल्यावर पुनःस्थापित करण्यात येईल


            जीएसटीपूर्व विक्रीकर विभागाने राबवलेले सर्व कर यात समाविष्ट आहेत. थकबाकीचे शक्य ते सर्व प्रकार अंतर्भूत आहेत. BST ते MVAT सर्व कर यात अंतर्भूत असल्याने २०१७ पर्यंतचे सर्व कालावधी यात घेतले आहेत. २ लाखापर्यंत थकबाकीची प्रकरणे निर्लेखित करणे, थकबाकी ५० लाखांहून जास्त असली तरी हप्ते सवलतीचा पर्याय, या नवीन तरतुदीमुळे ही योजना अधिक उदारमतवादी ठरली आहे. या योजनेचा लाभ घेऊन जुन्या कायद्यातील थकबाकीतून व्यापाऱ्यांनी मुक्त व्हावे आणि आताच्या उद्योग व्यवसायावर लक्ष एकाग्र करावे, हाच या योजनेचा हेतू आहे आणि त्याचा लाभ लवकरात लवकर व्यापाऱ्यांनी घ्या

वा.


 


रेश्मा घाणेकर


राज्यकर सहआयुक्त पुणे


 


शिक्षण, कृषी क्षेत्रांतील विकासासाठीऑस्ट्रेलियाचे सहकार्य घेणार

 शिक्षण, कृषी क्षेत्रांतील विकासासाठीऑस्ट्रेलियाचे सहकार्य घेणार


- उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस


 


          मुंबई, दि. ४ :- उच्च शिक्षण आणि कृषी क्षेत्रांतील विकासासाठी ऑस्ट्रेलियाचे सहकार्य घेण्यात येईल, असे उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी सांगितले.


          भारतातील ऑस्ट्रेलियाचे राजदूत फिलीप ग्रीन यांनी उपमुख्यमंत्री श्री. फडणवीस यांची शासकीय निवासस्थानी भेट घेतली. यावेळी शिक्षण, कृषी आणि पर्यटन या विषयांवर चर्चा करताना उपमुख्यमंत्री श्री. फडणवीस बोलत होते. यावेळी ऑस्ट्रेलियाच्या मुंबईतील उच्चायुक्त मॅजेल हिंद तसेच उपमुख्यमंत्री यांचे सचिव डॉ श्रीकर परदेशी उपस्थित होते.


          उपमुख्यमंत्री श्री. फडणवीस म्हणाले की, मुंबई, पुणे, नागपूर येथे विद्यार्थी मोठ्या संख्येने उच्च शिक्षणासाठी येत असतात. पुणे शैक्षणिक केंद्र असून, व्यावसायिक व तंत्रज्ञान शिक्षणक्रमांबरोबरच उच्च कौशल्याधिष्ठित शिक्षण घेणाऱ्या विद्यार्थ्यांची संख्याही अधिक आहे. ऑस्ट्रेलियातील तज्ज्ञांद्वारे तयार करण्यात आलेल्या कौशल्य विकास अभ्यासक्रमाच्या साहाय्याने राज्यातील विद्यापीठात नवीन अभ्यासक्रम सुरू करण्यासाठी करार करण्यासंदर्भात विचार करण्यात येईल.


          विविध क्षेत्रांतील उत्पादन, कृषी आणि सेवा या क्षेत्रांत मनुष्य बळाची मागणी जास्त आहे. तसेच, कृषी क्षेत्रात सौर ऊर्जा आणि त्यासंदर्भातील उत्पादनांची मागणी मोठ्या प्रमाणात आहे. ऑस्ट्रेलियातील अक्षय ऊर्जा निर्मिती आणि आधुनिक तंत्रज्ञानाचा कृषी उद्योगात सहभाग करून अर्थव्यवस्था वाढीसाठी प्रयत्न करणार असल्याचेही उपमुख्यमंत्री श्री. फडणवीस यांनी सांगितले.


          भारतातील विविधता, पर्यटन, व्यावसायिक आणि कौशल्य विकास संदर्भात चर्चा करून, शिक्षण, कृषी, उत्पादन क्षेत्रांत ऑस्ट्रेलियाचा सहभाग वाढवून, ‘मेक इन इंडिया’मध्ये योगदान द्यायला ऑस्ट्रेलियाला आवडेल, असे श्री. ग्रीन यांनी सांगितले.


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श्रद्धा मेश्राम/ससं/

अमृत कलश' यात्रेतून घरा-घरांत राष्ट्रभक्तीची भावना होईल जागृत

 अमृत कलश' यात्रेतून घरा-घरांत राष्ट्रभक्तीची भावना होईल जागृत


– मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे


राज्यातून ३८७ अमृत कलश दिल्लीतील अमृत वाटीकेत पाठवणार


            मुंबई दि. ४ :- 'माझी माती माझा देश' अभियान अंतर्गत 'अमृत कलश' यात्रा कर्तव्य भावनेतून यशस्वी करावी. या यात्रेतून राज्यातील प्रत्येक कुटुंबात,घरा-घरांत राष्ट्रभक्तीची भावना जागृत होईल, असे नियोजन करण्यात यावे, असे निर्देश मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी दिले.


            भारतीय स्वातंत्र्याच्या अमृत महोत्सवाच्या समारोपासाठी आयोजित नवी दिल्लीतील कार्यक्रमासाठी ग्रामीण भागातून ३५१ आणि नागरी क्षेत्रातून प्रत्येक जिल्ह्याचे ३६ असे राज्यातून एकूण ३८७ कलश पाठवण्यात येणार आहेत.


            या कलशासाठी माती किंवा तांदूळ संकलनाची मोहीम ३० सप्टेंबरपर्यंत राबविण्यात येणार आहे. या अमृत कलश यात्रेबाबत बैठकीत माहिती देण्यात आली. बैठकीस मुख्य सचिव मनोज सौनिक, यांच्यासह विविध विभागांचे सचिव उपस्थित होते. सांस्कृतिक कार्य विभागाचे प्रधान सचिव तथा मुख्यमंत्र्यांचे प्रधान सचिव विकास खारगे यांनी या अमृत कलश यात्रेच्या नियोजनाबाबत सादरीकरण केले. तसेच यात्रेतील विविध टप्प्यांची माहिती दिली.


            मुख्यमंत्री श्री. शिंदे म्हणाले की, आपण माझी माती –माझा देशमधील पहिला टप्पा यशस्वी केला आहे. यात वीरांची नावे असलेले शिलाफलक लावले, वसुधा वंदन अंतर्गत वृक्षारोपण केले, पंचप्रण शपथही घेतली आहे. अमृत कलश यात्रा चार टप्प्यांत पार पडणार आहे. चारही टप्पे आपल्यासाठी महत्वाचे आहेत हे लक्षात घ्यावे व त्यादृष्टीने सर्व प्रशासनातील सर्व यंत्रणांनी नियोजन करावे. हा कार्यक्रम केवळ सांस्कृतिक कार्यक्रम नाही, तर अतिशय गांभीर्याने आणि देशभक्तीची भावना घेऊन अमृत कलश यात्रेत आपला सहभाग द्यायचा आहे. आपला विभाग, जिल्हा, तालुका आणि अगदी ग्रामपंचायत पातळीपर्यंत या यात्रेत मनापासून आणि उत्स्फूर्तपणे आपल्याला काम करायचे आहे. ग्रामीण असो किंवा शहरी असो, आपल्या भागातील प्रशासनातील सर्व अधिकारी आणि कर्मचाऱ्यांना अमृत कलश यात्रेबाबत व्यवस्थित जबाबदारी द्या. प्रत्येक घर, प्रत्येक नागरिक, विद्यार्थी या सगळ्यांचा सहभाग कसा मिळेल यासाठी नियोजन करावे. मंत्रालयात सांस्कृतिक कार्य विभाग तसेच माझ्या सचिवालयातून सुद्धा यावर सनियंत्रण ठेवण्यात येणार आहे.


            आता उत्सव आणि सणवारांचे दिवस येणार आहेत. त्यांचा उपयोग करून लोकसहभाग वाढविण्याचा प्रयत्न करण्यात यावा, असे सांगून मुख्यमंत्री म्हणाले की, देशाच्या स्वातंत्र्याचा अमृत महोत्सवाची ही संकल्पना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांच्या पुढाकाराने राबवण्यात येत आहे. प्रधानमंत्र्यांनी जागतिकस्तरावरीही आपल्या देशाचा नावलौकीक वाढेल, असे काम केले आहे. त्याचाच एक भाग म्हणून आता आपल्या स्वातंत्र्यसंग्रामातील हुतात्म्यांना, स्वातंत्र्यसैनिकांना अभिवादनाची ही संधी आहे. त्यामुळे अमृत कलश यात्रेच्या नियोजनातही महाराष्ट्राचे नाव अग्रक्रमाने घेतले पाहिजे, अशा पद्धतीने नियोजन करण्यात यावे, असेही त्यांनी सांगितले.


            बैठकीस मुंबई महानगरपालिकेचे प्रशासक तथा आयुक्त डॉ. आय. एस. चहल, मुख्यमंत्र्यांचे प्रधान सचिव ब्रिजेश सिंह, ग्रामविकास विभागाचे प्रधान सचिव एकनाथ डवले, नगर विकास विभागाचे प्रधान सचिव के. एच. गोविंदराज, शालेय शिक्षण विभागाचे प्रधान सचिव रणजितसिंह देओल आदी उपस्थित होते. विभागीय आयुक्त, जिल्हाधिकारी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, महानगरपालिका आयुक्त, गटविकास अधिकारी, मुख्याधिकारी आदी दृकश्राव्य संवाद प्रणालीच्या माध्यमातून सहभागी झाले होते.


अमृत कलश यात्रेविषयी...


            अमृत कलश यात्रेचा शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शहा यांच्या हस्ते करण्यात आला आहे.


            पहिला टप्पा: १ ते ३० सप्टेंबरपर्यंत प्रत्येक घर, वॉर्ड आणि गावातून माती किंवा तांदूळ कलशांमध्ये गोळा करायचा आहे. हे करताना आनंदी आणि उत्साहाचे वातावरण हवे. वाजत-गाजत ही माती गोळा करण्यात येणार आहे. ग्रामीण भागातून माती आणि शहरी भागातून तांदूळ या कलशात एकत्र करण्यात येईल.


            १ ते १३ ऑक्टोबरपर्यंत तालुकास्तरावर आणि पालिका, नगरपंचायती, नगरपरिषदा यांच्या स्तरावर ही सर्व गोळा केलेली माती आणि तांदूळ एकत्र आणून एका मोठ्या कलशामध्ये एकत्र करण्यात येईल. यावेळी सुद्धा आपल्या जिल्हा किंवा शहरातल्या सांस्कृतिक संस्था, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट गाइडच्या विद्यार्थ्यांना एकत्र करून कार्यक्रम केले जातील. यात या संबंधित परिसरातील देशासाठी लढलेले आणि उल्लेखनीय कामगिरी केलेले जवान, पोलीस, स्वातंत्र्य सैनिक किंवा हुतात्म्यांचे कुटुंबीय यांना बोलवून त्यांचा गौरव करण्यात येईल.


            २२ ते २७ ऑक्टोबर या कालावधीत तालुका पातळीवरचे हे कलश मुंबईत एकत्र आणण्यात येतील. २७ ऑक्टोंबरला मुंबईतून विशेष रेल्वेने हे कलश दिल्लीकडे रवाना करण्यात येतील. त्यावेळीही मोठा सांस्कृतिक आणि देशभक्तीपर कार्यक्रम आयोजित करण्यात येईल.


            28 ते 30 ऑक्टोंबरपर्यंत देशाच्या राजधानीत रेल्वेद्वारे हे कलश वाजत गाजत पाठविण्यात येतील. १ नोव्हेंबर रोजी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांच्या हस्ते हुतात्मा स्मारकाजवळ देशाच्या वीरांच्या स्मरणार्थ उभारलेल्या "अमृत वाटिके"त या कलशांमधील मा

ती विसर्जित करण्यात येईल.


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